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07-05-2021
श्मशान घाट की संख्या में यहां हुआ इजाफा, नहीं रुक रहा मौतों का सिलसिला

वड़ोदरा/रायपुर। वड़ोदरा में पिछले दो दिनों से कोरोना से मृत्यु का मामला लगातार बढ़ रहा है। बता दें कि यहां संदिग्ध और कोविड मरीजों के शवों को जलाने के लिए जगह की कमी पड़ रही है। गुजरात के वड़ोदरा जिले में प्रशासन ने कोविड मरीजों के शवों के अंतिम संस्कार में तेजी लाने के लिए तीन खुले मैदानों को श्मशान घाट में बदलने का फैसला किया है। जिला प्रशासन अधिकारी किरण जावेरी ने जानकारी दी कि कोटली, अंखोल और पिपरिया गांव में अस्थायी श्मशान घाट बनाए गए हैं।

07-05-2021
कोरोना पर ममता बनर्जी की दो टूक, कहा- केंद्रीय मंत्री को भी बंगाल में एंट्री से पहले देना होगा निगेटिव सर्टिफिकेट

पश्चिम बंगाल/रायपुर। शानदार जीत के बाद सत्ता संभालते ही ममता बनर्जी एक्शन मोड में आ गईं हैं। ममता ने कोरोना महामारी नियंत्रित करने को लेकर सख्त पाबंदियों का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के बिना किसी को भी राज्य में प्रवेश नहीं मिलेगा, फिर चाहे वह केंद्रीय मंत्री ही क्यों न हों। बता दें कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी को भारी जीत मिली है। ममता तीसरी बार मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की कमान संभाल रही हैं।

07-05-2021
Breaking : इस राज्य में किसी भी अस्पताल में कराएं कोरोना का इलाज, सरकार उठाएगी खर्च 

गोवा/रायपुर। गोवा सरकार ने कोविड-19 मरीजों के लिए अहम फैसला लिया है। गोवा सरकार निजी अस्पताल में इलाज कराने वाले कोरोना मरीजों के बिल का भुगतान करेगी। बता दें कि गोवा सरकार ने कोरोना वायरस के इलाज को अपनी प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल कर लिया है, जिसके अंतर्गत राज्य के सभी लोग आते हैं। गोवा के एडिशनल सेक्रेटरी (स्वास्थ्य) विकास गौनेकर ने बताया कि गोवा के लोग कोरोना का इलाज कराने के दौरान दीन दयाल स्वास्थ्य सेवा योजना के अंतर्गत आने वाली सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

06-05-2021
उपजेल में कोरोना का प्रकोप, कैदियों का उपचार जारी

राजनांदगांव/खैरागढ़। विगत दिनों विचाराधीन बंदियों व कैदियों में कोरोना संक्रमण की जानकारी लगातार मिल रही थी। इसी दौरान कैदी नुकुल निषाद निवासी मुढ़ीपार थाना गातापार की संक्रमण से मौत हो गई थी । गुरुवार को अनुविभागीय दंडाधिकारी निष्ठा पाण्डे तिवारी, जी.सी.पति, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर विवेक बिसेन,मेडिकल ऑफिसर पंकज वैष्णव व अन्य अधिकारियों ने कोविड नियमों का पालन करते हुए उप जेल पहुंचे। जेलर रेणु ध्रुव की उपस्थिति में अलग-अलग दो बैरक में रखे गए कोरोना संक्रमित बंदियों से मुलाकात व मेडिकल ऑफिसर द्वारा उनका हाल पूछा। वहीँ उन सभी बंदियों को कोविड नियमों का पालन करने की समझाइश भी दी गई। एसडीएम द्वारा पूरे परिसर में साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन करने कहा गया।उल्लेखनीय है कि 19 बंदी उपचार के लिए पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती हैं वहीं 58 कैदियों के इलाज उपजेल सलोनी में जारी है। 

 

06-05-2021
Breaking: छत्तीसगढ़ में आज मिले 13846 कोरोना मरीज, 10894 स्वस्थ, 212 की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज 13846 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है वही 10894 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए गए। जबकि 212 मरीजों के इलाज के दौरान मौत हो गई। देखें मेडिकल बुलेटिन

06-05-2021
कोरोना से लड़ाई में महिला समूह बने प्रशासन के सहभागी, दवाई किट बनाकर दे रहे सहयोग

कोरबा। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण की रफ्तार थामने के लिए जिला प्रशासन का सहयोग करने में महिला स्वसहायता समूह की सदस्य भी पीछे नहीं हैं। अपनी क्षमता के अनुसार जिले के स्वसहायता समूह कोरोना से लड़ाई में प्रशासन के सहभागी बन रहे हैं। ऐसे ही महिला समूहों की 48 महिलाएं पिछले छह दिनों से कोविड के ईलाज में दी जाने वाली दवाइयों के किट बनाने में लगी हैं। पूरी तरह से कोविड से लड़ाई में सेवा भाव से भागीदारी सुनिश्चित करने वाली इन महिलाओं ने पिछले छह दिनों में ही 40 हजार दवाई किट तैयार कर ली है। दवाइयों के किट बनाने के इस महत्वपूर्ण काम में जिला पंचायत की आजीविका मिशन शाखा से जुड़े महिला समूह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार लगे हैं। महिलाओं द्वारा बनाई गई दवाई किटों में से लगभग 35 हजार दवा किटों का वितरण कोविड के सामान्य लक्षण वाले मरीजों और लक्षणात्मक संदिग्ध लोगों को वितरित भी की जा चुकी हैं। ओम गायत्री स्वसहायता समूह बुंदेली और सरस्वती स्वसहायता समूह बुंदेली की महिलाएं महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला समूहों की दूसरी सदस्यों के साथ दवाई किट बनाने के काम में लगातार लगी हैं।


कलेक्टर किरण कौशल ने जिला पंचायत के संसाधन केंद्र में बनी दवाई किट निर्माण ईकाई का अवलोकन किया। ग्रामीण परिवेश से आईं स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा पूरी सजगता से दवाइयों के पैकेट बनाते देख कलेक्टर ने भी आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने इन महिलाओं से बात की और उनके इस सेवाभावी काम के लिए उनकी सराहना की। कलेक्टर ने कोरोना महामारी के दौर में जिला प्रशासन का सहयोग करने के लिए महिला समूहों का आभार जताया। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण परिवेश से आई इन महिलाओं ने बड़ी तेजी से इंग्लिश में लिखे दवाओं के नाम आदि को जान-पहचान लिया है। महिलाएं पूरी सजगता से निर्धारित दवाई और उसकी बताई गई संख्या ही पैकेट में डाल रही हैं। किसी भी पैकेट में किसी भी दवाई के निर्धारित संख्या से अधिक पत्ते नहीं मिले हैं। यह काम महिलाओं की नैसर्गिक सेवा भावना और प्रवृत्ति को दर्शाता है। कलेक्टर ने सभी महिलाओं का इस पुनीत काम के लिए धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुंदन कुमार, नगर निगम आयुक्त एस.जयवर्धन भी मौजूद रहे।

 

06-05-2021
कोरोना से जंग: मरीजों की जान बचाने विधायक ने शुरू की प्लाज्मा एक्सप्रेस, एक कॉल पर मिलेगी सहायता

भिलाई। कोरोना संकटकाल में विधायक देवेंन्द्र यादव मरीजों की मदद कर रहे हैं। बेहतर इलाज से लेकर, एम्बुलेंस,भोजन आदि जरूरत और मांग के अनुसार मरीजों की लगातार सेवा कर रहे हैं। इसी कड़ी में एक और सेवा अध्याय जोड़ते हुए विधायक यादव ने प्लाज्मा एक्सप्रेस का गुरुवार को शुभारम्भ किया। अब एक कॉल करते ही लोगों को प्लाज्मा उपलब्ध कराया जाएगा। सेक्टर 5 स्थित विधायक कार्यालय से विधायक देवेंद्र यादव ने प्लाज्मा एक्सप्रेस (एम्बुलेंस) को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। यह प्लाज्मा एक्सप्रेस प्लाज्मा डोनेट करने वाले को घर तक लेने जाएगा और डोनेट करने के बाद सुरक्षित सम्मान सहित घर वापस पहुंचाएगा। विधायक यादव ने कहा कि वे प्लाज्मा ब्लड डोनेट कैम्पेन चला रहे हैं। कैम्पेन के तहत वे युवाओं को प्लाज्मा डोनेट करने प्रेरित करते रहे हैं। साथ ही डोनेट करने वालों को आने जाने में कोई समस्या ना हो इस लिए एक्सप्रेस की शुरुआत की है। विधायक यादव ने कहा कि कोविड मरीजों के लिए सबसे ज्यादा आवश्यकता है प्लाज्मा ब्लड की। इस लिए हमने प्लाज्मा ब्लड डोनेशन कैम्पेन शुरू किया है। बहुत सी संस्थाए इस सेवा कार्य मे जुटी है और कई हमारे युवा साथी भी जरूरतमंद लोगों की मदद कर अपना फर्ज निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैम्पेन के साथ युवा साथी आगे आये और प्लाज्मा ब्लड डोनेट करें। इसके लिए विधायक यादव ने मोबाइल 9009166655 जारी किया है। प्लाज्मा की आवश्यकता हो या कोई दान करना चाहता है तो वे इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं। एक फोन पर उन्हें मदद मिलेगी।

 

06-05-2021
Video: कोरोना से सुरक्षित रहे शहरवासी, पालिका अध्यक्ष मशीन लेकर गली मोहल्लों में कर सैनिटाइज

गरियाबंद। इन दिनों गरियाबंद नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत बढ़ते कोविड-19 मरीजों की संख्या को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फू मेमन एवं अनेक पार्षदों ने निर्णय लिया कि पूरे नगर को सैनिटाइज किया जाए। इसी के तहत एक विशेष वाहन के माध्यम से पूरे नगर को गफ्फू मेमन के नेतृत्व में सैनिटाइज किया जा रहा है। गली मोहल्ले में पहुंचने वाले सैनिटाइज मशीन को स्वयं गफ्फू मेमन प्रत्येक घरों में सैनिटाइज कर रहे हैं। इस संबंध में गफ्फू मेमन से चर्चा करने पर वे कहते हैं कि उनका प्रयास है कि नगरपालिका से यह खतरा टल जाए,जिसके लिए वे स्वयं आगे आकर मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी गली मोहल्ला बचे ना, और वायरस खत्म हो जाए। इससे गरियाबंद के लोगों को राहत मिल सके। इस अवसर पर प्रमुख रूप से नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन, मुख्य नगरपालिका अधिकारी संध्या वर्मा,सभापति आसिफ मेमन,प्रहलाद, टिंकू ठाकुर,नीतू देवदास, वंशगोपाल सिन्हा, छगन यादव, नगरपालिका के कर्मचारी अश्विन वर्मा,जितेन्द्र जागडे,केशनाथ साहू, मंजुला मिश्रा, दुष्यंत साहू, आकाश तिवारी, भूपेंद्र कश्यप, पुष्पक जगत, सोनू लहरे, नीलिमा यादव,गुलशन,फिरोज खान, अख्तर अली का सहयोग रहा। मोहन कश्यप, धर्मेंद्र यादव,त्रिलोकी साहू, बसंत साहू, यशवंत साहू, मनीष कश्यप आदि अनेक जन नगर को कोविड-19 से बचाने के लिए जुटे हुए थे।

06-05-2021
नींबू की दो बूंद कोरोना से राहत दिलाने में मददगार, संक्रमित हुई अध्यापिका ने बताया अपना अनुभव

रायपुर। कोरोना महामारी से राहत दिलाने में नींबू काफी असरदार होता है। यह नुस्खा रामबाण साबित हो रहा है। ऐसा दावा इन दिनों सोशल मीडिया पर सामने आ रहा है। मुजफ्फरपुर की एक कोरोना संक्रमित अध्यापिका ने भी नींबू से काफी राहत मिलने का अपना अनुभव शेयर किया है। रशिम मिश्रा ने कहा है कि वे कोविड से ग्रस्त थीं। 10 दिनों तक कोविड से ग्रस्त रहीं। इस दौरान लगातार मेडिसीन भी ली। पहले कोई परेशानी नहीं हो रही थी, लेकिन ये इंफेक्शन काफी हेवी था। मेरी बहुत बुरी स्थिति थी। गला छील गया था। ऐसा लग रहा था कि कांटे चुब रहे थे। तीनों टाइम लगातार दवाई खा रही थी। दवाई नहीं छोड़ी। 30 अप्रैल की रात से खांसी आनी शुरू हुई। सुबह उठकर एक दो गिलास गरम पानी पी। नींबू डालकर एक गिलास पानी पी। इसके बाद नार्मल लगा। कुछ देर बाद कमजोरी फील होने लगी,कपकपाहट महसूस होने लगी। थकान महसूस होने के कारण आराम किया। कोई फर्क नहीं पड़ने पर प्राणायाम करने की कोशिश की। इस दौरान छाती के बाएं तरफ तकलीफ हो रही थी। ऑक्सीजन लेवल बहुत अच्छा था लेकिन पल्स रेट कम था। लखनऊ राममनोहर लोहिया अस्पताल में पीजीआई में कार्यरत बहन को फोन किया। उन्होंने डॉक्टर से बात करके बताने की बात कही। इससे पहले उसके बताए अनुसार अपने दोनों नाक में चार-चार बूंद नींबू की डाली।  ऐसा बहन के साथ कार्यरत एक नर्स ने भी किया था तब उनका भी कफ बाहर आया था और राहत मिली थी। मैंने भी बहन के कहने पर ऐसा किया। जल्द ही बहुत सारा कफ निकला। कफ में काले-काले डॉट्स थे। तीन-चार बार ऐसा हुआ। बहुत आराम मिला और नार्मल महसूस किया। ऑक्सीजन लेवल और प्लस बेहतर हुआ।

05-05-2021
Breaking: छत्तीसगढ़ में आज मिले 15157 कोरोना संक्रमित, 9674 स्वस्थ, 253 की मौत

रायपुर। प्रदेश में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम ही नहीं ले रही है। आज 15157 मरीजों की पहचान हुई है। वहीं 9674 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए गए है। जबकि 253 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई। देखे मेडिकल बुलेटिन

05-05-2021
मितानिन गांवों में कोरोना के लक्षण वालों तक पहुंचाएं किट : कलेक्टर

धमतरी। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मितानिन किट एक कारगर उपाय साबित हो रहा है। इसके मद्देनजर कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने मितानिन किट, उसके उपयोग, वितरण और जागरूकता के संबंध में जिले की मितानिन दीदीयों से अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मितानिन दीदी को पर्याप्त मात्रा में मितानिन किट उपलब्ध कराए गए हैं। इस किट में कुल छः प्रकार की दवाइयां रखी गई हैं। इन दवाओं में पहली इन्वरमेक्टिन जो प्रोफाइलेक्टिक दवा है, दूसरी डायसोसाक्लिन दवा जो एंटीवायरस और एंटीबैक्टीरियल है, तीसरी सेट्रिजिन जो गले में खराश के लिए है, चौथी दवा पेरासिटामोल जो बुखार आने पर समय-समय पर दी जाती हैं। पांचवीं विटामिन सी तथा छठवीं विटामिन डी की दवा भी शामिल है। इन छः दवाओं को मिलाकर मितानिन किट तैयार किया गया है।
इन दवाओं का उपयोग और सेवन के तरीके के बारे में कलेक्टर ने बताया कि मितानिन किट में दवाओं के उपयोग के बारे में लिखा गया है। अगर नहीं लिखा है तो ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से दवाओं को लेने की विधि के बारे मितानिन दीदी जानकारी ले सकतीं हैं। उन्होंने ए-4 साईज के पेपर में प्रिंट आउट लेकर, जिस लिफाफे में किट मरीज को दी जाएगी, उसमें एक पॉम्पलेट भी रखने का सुझाव दिया है, जिसमें दवा का सेवन कैसे किए जाने संबंधी जानकारी हो। उन्होंने यह सुझाव भी दिया है कि इस पाम्पलेट में दवाइयों के संबंध में हिन्दी में लिखा जाए, ताकि कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी इसे पढ़कर दवा का सेवन सही तरीके से कर सके। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि मितानिन किट में जो भी दवाइयां दी गई है, वह ऐसे व्यक्तियों को प्रदाय की जानी है, जिनका कोरोना जांच पॉजिटिव अथवा जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के लक्षण में सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द, पतला दस्त, सांस लेने में तकलीफ आदि सम्मिलित हैं। इसके अलावा ऐसे व्यक्ति जिनका ऑक्सीजन लेवल 93 प्रतिशत से कम है तो उन्हें मितानिन किट की दवाई दी जानी चाहिए। सिम्टोमेटिक अथवा लक्षण वाले व्यक्ति, मरीज के क्लोज फैमिली कॉन्टेक्ट में आने वाला उसका रिश्तेदार को भी यह दवाई दी जा सकती है। इस तरह मितानिन किट की दवाइयां कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति, होम आइसोलेटेड तथा होम आइसोलेशन में मरीज की देखभाल करने वाले व्यक्ति, कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले व्यक्ति को दी जा सकती है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत में यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, बुखार अथवा कोरोना संबंधी कोई भी लक्षण दिखे, तो उसे मितानिन किट की दवा दी जा सकती है। कलेक्टर ने मितानिन दीदीयों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमण फैल चुका है तो मितानिन किट लक्षण वाले घरों में पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच एवं सचिव की सहायता ली जा सकती है। 

 

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