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17-04-2021
टीएस सिंहदेव ने दी जानकारी, 90 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन का दिया गया ऑर्डर 

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट किया है। उन्होंने जानकारी दी है  कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने 90000 रेमडेसिविर इंजेक्शन का ऑर्डर दिया है। इसमें से 2000 इंजेक्शन 2 दिनों के भीतर और अगले 28000 इंजेक्शन एक हफ्ते के भीतर प्रदेश को मिल जाएंगे। इसके बाद प्रति सप्ताह 30000 इंजेक्शन राज्य को प्राप्त होंगे। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को उनके कार्यों और कठिन समय में लिए गए फैसलों के लिए बधाई भी दी है।

11-01-2021
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने दिया 'कोविशील्ड' की 1.1 करोड़ खुराकों का ऑर्डर, यह होगी कीमत

पुणे। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की कोरोना वायरस वैक्सीन कोविशील्ड का निर्माण करने वाली महाराष्ट्र के पुणे स्थित सीरम संस्थान ने वैक्सीन की कीमत का खुलासा कर दिया है। संस्थान ने सोमवार को बताया कि कोविशील्ड की कीमत 200 रुपये प्रति खुराक होगी। सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके की 1.1 करोड़ खुराक खरीदने का आर्डर भी दे दिया है। ऐसे में साफ है कि प्रत्येक टीके पर जीएसटी समेत 210 रुपये की लागत आएगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सोमवार देर शाम तक टीका भेजने की शुरुआत होगी। दिए गए ऑर्डर के मुताबिक प्रत्येक टीके पर 200 रुपये और 10 रुपये जीएसटी मिलाकर 210 रुपये की लागत आएगी। सार्वजनिक उपक्रम एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त निदेशक प्रकाश कुमार सिंह के नाम सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के लिए आपूर्ति का ऑर्डर जारी किया। सूत्रों ने बताया कि कोविशील्ड टीके की खुराक 60 स्थानों पर खेप के जरिए पहुंचाई जाएगी,जहां से यह आगे वितरण के लिए भेजी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना वायरस से बचाव के लिए एक और टीका ‘कोवैक्सीन’ की खरीदारी के ऑर्डर पर भी हस्ताक्षर करने वाला है। कोवैक्सीन स्वदेशी टीका है जिसे भारत बायोटेक ने विकसित किया है। इसके लिए बैठकें चल रही हैं।

बता दें कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान को लेकर देश में तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। महाराष्ट्र के पुणे स्थित भारतीय सीरम संस्थान से वैक्सीनों को देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने के लिए कूल-एक्स कोल्ड चेन लिमिटेड पूरी तरह से तैयार हो गई है। वैक्सीनों को ले जाने के लिए वाहन तैयार हैं। उल्लेखनीय है कि भारत में 16 जनवरी से कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होगा। इसका फैसला शनिवार को देश में कोरोना महामारी की वर्तमान स्थिति और टीकाकरण के मद्देनजर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तैयारियों का जायजा लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक में किया था।नई दिल्ली समेत अधिकतर राज्यों में गुरुवार तक वैक्सीन पहुंच जाएगी। अधिकांश राज्यों में सीरम संस्थान की वैक्सीन कोविशील्ड उपलब्ध होगी। पुणे से 80 फीसदी वैक्सीनों को उड़ानों और विशेष विमानों के माध्यम से भेजा जाएगा। उधर, पंजाब और छत्तीसगढ़ ने कोवैक्सीन की खुराक लगाने से इनकार किया है। इन दोनों कांग्रेस शासित राज्यों ने कहा है कि वे कोवैक्सीन के उपयोग पर फैसला इसके तीसरे चरण के ट्रायल के परिणाम आने पर ही करेंगे। बता दें कि औषधि नियामक ने फेज-1 और फेज-2 के नतीजों के आधार पर कोवैक्सीन को आपात मंजूरी दी है। इसके फेज-3 ट्रायल्स पूरे देश में स्थानों पर चल रहे हैं।

 

 

   
12-07-2020
सेना की ताकत में होगा इजाफा, अमेरिका से मंगवाएगी 72 हजार असॉल्ट रायफल्स

नई दिल्ली। चीन के साथ सीमा मुद्दे को लेकर जारी विवाद के बीच भारतीय सेना एक बार फिर से 72 हजार एसआईजी 716 असॉल्ट रायफल्स अमेरिका से मंगाने जा रही है। असॉल्ट रायफल्स की दूसरी खेप के लिए ऑर्डर दिया जा रहा है। पहली खेप में 72 हजार रायफल्स का ऑर्डर पहले ही अमेरिका की तरफ से भारत को भेजा जा चुका है और उसे सेना की तरफ से नॉर्दर्न कमांड और अन्य ऑपरेशनल इलाकों में इस्तेमाल किया जा रहा है।रक्षा सूत्रों ने बताया, "आर्म्ड फोर्सेज को दी गई फाइनेंशियल पावर के तहत हम 72 हजार और रायफल्स का ऑर्डर देने जा रहे हैं।" आतंकवाद निरोधी अभियान को धार देने के लिए भारतीय सेना को असॉल्ट रायफल्स की पहली खेप मिल चुकी है। भारत ने फास्ट ट्रैक प्रोक्योरमेंट (एफटीपी) कार्यक्रम के तहत रायफल्स की खरीददारी की है।नई रायफल्स वर्तमान में सुरक्षाबलों की तरफ से इस्तेमाल किए जा रहे इंडियन स्मॉल आर्म्स सिस्टम (इन्सास) 5.56x45mm रायफल्स की जगह लेगी। इन्सास का प्रोडक्शन स्थानीय तौर पर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड में ही किया जा रहा था।

योजना के मुताबिक, करीब डेढ लाख आयातित रायफल्स का इस्तेमाल आतंकवाद विरोधी अभियान और नियंत्रण रेखा पर फ्रंट लाइन ड्यूटी में होना था। जबकि, बाकी बलों को एके-203 रायफल्स दी जाएंगी, जिसे भारत और रूस ने अमेठी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में तैयार किया जाना है।दोनों पक्षों की तरफ से कई प्रक्रियागत मुद्दों को चलते इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होना अभी बाकी है। भारतीय सेना पिछले कई समय से INSAS असॉल्ट रायफल्स को रिप्लेस करने की कोशिश कर रही थी लेकिन एक के बाद दूसरे कारणों के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा था।हाल में इन बंदूकों की कमी के चलते रक्षा मंत्रालय ने लाइन मशीन गन (एलएमजी) को इजरायल से मंगाने का ऑर्डर दिया था। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में आमने-सामने हैं और चीनी की सेना ने मई के पहले हफ्ते से ही बिना किसी उत्तेजना के करीब 20 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात कर रखा है।

04-07-2020
चीन को बड़ा झटका, अब हीरो साइकिल ने रद्द किए 900 करोड़ के ऑर्डर

नई दिल्ली। हीरो साइकिल ने चीन को झटका देते हुए 900 करोड़ रुपये का आर्डर रद्द कर दिया है। हीरो साइकिल के एमडी पंकज मुंजाल की इस घोषणा को सीधे चीन पर ट्रेड स्ट्राइक माना जा रहा है। चीन को बायकॉट के लिए हीरो साइकिल ने एक अहम फैसला लेते हुए आने वाले 3 महीने में चीन के साथ 900 करोड़ का व्यापार करना था, वह अब रद्द कर दिया गया है। लुधियाना में काफी तादाद में साइकिल के पुर्जे बनाने वाली कई छोटी कंपनियां हैं, जिनकी मदद के लिए अब हीरो साइकिल आगे आई है। छोटी कंपनियों को हीरो साइकिल अपने में मर्ज करने का ऑफर दे रही हैं।एमडी पंकज मुंजाल ने बताया कि चीन से हर साल हम 300 करोड़ रुपये का कारोबार करते हैं, उन्हें तीन या चार साल का एक साथ कांट्रैक्ट देते हैं। इस समय 900 करोड़ के ऑर्डर चीन को दिए गए थे, जिन्हें हीरो ने रद्द कर दिया है। इन पार्ट्स को जर्मनी में तैयार किया जाएगा।

कोविड-19 के दौरान जर्मनी में इनके डिजाइन तैयार हो चुके हैं।उन्होंने कहा, कोरोना के चलते जिम बंद हैं जिसके चलते बीते दिनों साइकिल की डिमांड बढ़ी है और हीरो साइकिल की तरफ से अपनी कैपेसिटी भी बढ़ाई गई है। मुंजाल ने कहा कि हीरो साइकिल अब जर्मनी में अपना प्लांट लगाने जा रही। इस प्लांट से पूरे यूरोप में हीरो की साइकिल सप्लाई की जाएंगी। पंकज मुंजाल ने यह भी बताया कि उन्होंने बताया कि हालांकि इस दौरान छोटी कंपनियों का बहुत नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए हीरो साइकिल तैयार है। लुधियाना में बनने वाली साइकिल वैली के साथ हीरो साइकिल ग्लोबल लीडर बन जाएगा।  

04-05-2020
शराब की होम डिलीवरी शुरू, भीड़ से बचने शहर के लोगों ने दिया ऑर्डर

 राजनांदगांव। प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार से मदिरा प्रेमियों के लिए शराब दुकान खोल दी गई हैं। यहां लोगों की लंबी कतार सुबह से ही देखने को मिली। इसके साथ ही मदिरा प्रेमियों ने सरकार की नई पहल होम डिलीवरी का भी सहारा लिया और भीड़ से बचने घर पहुंच सेवा के तहत शराब मंगाई। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज से सरकार द्वारा शराब की होम डिलीवरी की सुविधा उन लोगों के लिए शुरू की है,जो लोग शराब दुकान के काउंटर में जाने से परहेज करते हैं। ऐसे लोग सरकार की घर पहुंच सेवा का लाभ ले रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार आज राजनांदगांव में होम डिलीवरी के लिए लगभग 395 लोगों ने आर्डर किया है। इससे मदिरा प्रेमियों के समय की बचत हो रही है और लंबी कतार में घंटों खड़े होने की झंझट से भी उन्हें छुटकारा भी मिल रहा है।

16-04-2020
अब फल,सब्जी मिलेगी घर बैठे,'सीजीहाट' ऑनलाइन ऑर्डर पोर्टल का सीएम ने किया लोकार्पण

रायपुर। लाॅक डाउन की अवधि में लोगों को फल-सब्जी घर बैठे ही आसानी से उपलब्ध हो सके इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में फल-सब्जी ऑनलाइन डिलीवरी वेबसाइट सीजीहाट का लोकार्पण किया। लोकार्पण के मौके पर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.आलोक शुक्ला और मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चैरसिया उपस्थित थीं। छत्तीसगढ़ शासन की एजेंसी चिप्स ने फल तथा सब्जी की घर पहुंच सेवा देने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है,जिसे सीजीहाट नाम दिया गया है,जो http://cghaat.in  पर उपलब्ध है। फल-सब्जी के वेंडर, जो इस पोर्टल के माध्यम से सेवा देना चाहते हैं, वे इस पर ऑनलाइन अपना पंजीयन कर सकते हैं। कलेक्टर से अनुमोदन के बाद वे इस पोर्टल के माध्यम से आर्डर लेकर घर पहुंच सेवा देना प्रारंभ कर सकते हैं। वेडरों के लिए यह सुविधा निःशुल्क प्रदाय की जा रही है। फल-सब्जी खरीदने के इच्छुक ग्राहक इस पोर्टल पर पंजीयन करके अपने पसंद के वेंडर को ऑनलाइन आर्डर दे सकते हैं।

ग्राहकों के लिए भी पंजीयन निःशुल्क है। इसमें फल एवं सब्जी का मूल्य ग्राहकोें को ऑनलाइन दिखाई पड़ेगा। 150 रूपए से अधिक मूल्य की खरीदी पर कोई डिलीवरी शुल्क भी नहीं लगेगा। वेबसाइट में एसएमएस नोटिफिकेशन तथा आर्डर ट्रैकिंग की व्यवस्था भी की गई है। इसके अतिरिक्त किसी प्रकार की शिकायत होने पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। वर्तमान में इसकी सेवाएं रायपुर शहर में उपलब्ध हैं, 1-2 दिन के भीतर प्रदेश के सभी बड़े शहरों में इस ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। शीघ्र ही यह सेवा अन्य सामग्रियों जैसे दूध, किराना सामान, कपड़े, शहद, वनोपज, अण्डे आदि के लिए भी उपलब्ध होगी।

13-08-2019
ईकामर्स स्टार्ट-अप डीलशेयर ने पहले वर्ष में हासिल किए 1 मिलियन से अधिक ऑर्डर 

जयपुर। जयपुर स्थित ई-कॉमर्स रिटेल स्टार्ट-अप, डीलशेयर ने अपनी स्थापना के सिर्फ  एक वर्ष के भीतर 1 मिलियन से अधिक ऑर्डर हासिल किए हैं और उल्लेखनीय बात यह है कि इसके 80 फीसदी ऑर्डर टियर 2 शहरों और मुख्य रूप से औसत और मध्यम-आय वाले समूहों से आए हैं। जयपुर, कोटा, अजमेर, सीकर, अहमदाबाद जैसे प्रमुख केंद्रों में एक मजबूत ग्राहक आधार ने किराने और सामान्य घरेलू चीजों पर ध्यान केंद्रित किया। इस शानदार कामयाबी पर डीलेशेयर के संस्थापक और सीईओ विनीत राव का कहना है कि हम इस कामयाबी और भरोसे से रोमांचित हैं जो लोग हमारे प्लेटफार्म पर दिखा रहे हैं। डीलशेयर ने कम लागत, अत्यधिक कुशल और एक नया इन-हाउस लॉजिस्टिक मॉडल बनाया है जो बड़े पैमाने पर लोगों के लिए लाभ का सृजन करता है। इंटरफेस के बारे में बात करते हुए डीलशेयर के संस्थापक और सीबीओ सोरज्येंदु मेद्दा कहते हैं कि हमने सुनिश्चित किया कि हमारा इंटरफेस बहुत सरल हो। हमारे पास एक सरल इंटरफेस है और हमने भाषा की बाधा को कम करने की कोशिश की है जिसके कारण हमारे पास अंग्रेजी, हिंदी और गुजराती में हमारे ऐप हैं और मेरा मानना है कि यह एक बड़ी वजह है कि हम टियर 2 की आबादी में बहुत अधिक लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। इसके साथ ही हम डीलशेयर व्हाट्सऐप ग्रुप से भी अधिक से अधिक यूजर्स जोड़ रहे हैं जहां हम नियमित रूप से बेहतरीन ऑफर भेजते हैं। हम भविष्य में भी अपने उपभोक्ताओं के लिए अद्भुत डील और छूट पाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विनीत ने बताया कि कंपनी ने हमारे मॉडल में विश्वास करने वाले मैट्रिक्स पार्टनर्स, फाल्कन एज, ओमिडयार नेटवर्क और एंजेल निवेशकों से 3.4 मिलियन डॉलर जुटाए हैं और अब हम जयपुर के बाहर आक्रामक रूप से विस्तार कर रहे हैं। बता दें कि डीलशेयर की स्थापना पिछले साल सितंबर में हुई, इसकी अनुभवी संस्थापक टीम में विनीत राव, पूर्व माइक्रोसॉफ्ट तकनीकी विशेषज्ञ, सुरजेंदु मेद्दा, पूर्व बिक्री प्रमुख, मेट्रो कैश एंड कैरी, शंकर बोरा, पूर्व सह-संस्थापक और वीपी संचालन, मंत्रा शामिल थे। बाद में दो नए अतिरिक्त सदस्य  ऋषव देव, पूर्व संस्थापक टीम सदस्य, ग्रोफर्स,  रजतशेखर, मुख्य उत्पाद अधिकारी, फूडपांडा और प्रोडक्ट लीडर जबोंग भी शामिल हुए।

 

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