GLIBS

भगवान विष्णु को समर्पित होती है ज्येष्ठ पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा के बाद सर्वाधिक महत्वपूर्ण

यामिनी दुबे  | 24 Jun , 2021 10:24 AM
भगवान विष्णु को समर्पित होती है ज्येष्ठ पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा के बाद सर्वाधिक महत्वपूर्ण

रायपुर। शरद पूर्णिमा के बाद ज्‍येष्‍ठ मास की पूर्णिता बेहद खास होती है। इसको लेकर कई पौराणिक मान्‍यताएं चली आ रही है। आम बोलचाल की भाषा में इसे जेठ पूर्णिमा या जेठ पूर्णमासी भी कहा जाता है। वर्ष भर में पड़ने वाली 12 पूर्णिमा तिथि में से ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। पूर्णिमा तिथि को चंद्र पूजन के साथ भगवान विष्णु की पूजा के लिए भी बहुत खास माना जाता है। इसी के साथ गुरुवार का दिन भी भगवान विष्णु के समर्पित किया जाता है, इसलिए गुरुवार के दिन ज्येष्ठ पूर्णिमा पड़ने के कारण यह तिथि और भी ज्यादा खास मानी जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह ज्येष्ठ मास की अंतिम तिथि होती है। इसके बाद आषाढ़ महीना लग जाता है। मान्यता है कि इस पूर्णिमा के दिन सत्यवान को वट वृक्ष के नीचे जीवनदान मिला था इसलिए इस दिन को वट पूर्णिमा भी कहा जाता है।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.