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12-08-2020
टीआई रोहित मालेकर ने पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना की साझा की जानकारी

गुंडरदेही। थाना प्रभारी गुंडरदेही रोहित मालेकर ने पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के लिए जारी की है। रोहित मालेकर ने बताया कि पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना की जानकारी सभी को होनी चाहिए। इस योजना में ऐसे व्यक्ति जिसे किसी अपराध के कारण नुकसान हुआ हो जिसमें उस परिवार के आश्रित जन भी शामिल हो पीड़ित की श्रेणी में आएंगे। पीड़ित व्यक्ति को किसी अपराध के कारण ऐसी क्षति हुई हो जिससे उसके परिवार के आय में पर्याप्त कमी आई हो जिसके कारण बिना आर्थिक सहायता के जीवन यापन करना कठिन हो पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकता है।

क्षतिपूर्ति योजना के लिए प्रक्रिया के बारे में उन्होंने बताया कि विधि और उसके परिजन की ओर से ऐसे अपराध की रिपोर्ट अभिलंब उस क्षेत्र के थाना प्रभारी तहसीलदार को देनी होती है। पीड़ित व्यक्ति अथवा उसके आश्रित को स्वयं अथवा थाने या तहसील के माध्यम से आवेदन विधिक सेवा प्राधिकरण तक प्रस्तुत करना होता है ध्यान रहे इस बता के चोट या दुर्घटना की स्थिति में आवेदन 1 वर्ष के बाद नहीं लिया जाता। उक्त योजना के तहत पीड़ित क्षतिपूर्ति अपराधिक प्रकरण में जीवन की क्षति अर्थात मृत्यु के केस में 1 लाख रुपए, एसिड अटैक से 50 हजार, शरीर का कोई अंग विकलांग हो गया हो 25 हजार, नाबालिग से आना चार 50,000 साधारण क्षति या बच्चों को चोट 10 हजार इस योजना के तहत देने का प्रावधान है।

20-05-2020
फैज़ल सिद्दीकी का टिक-टॉक अकाउंट बैन, ‘एसिड अटैक’ को बढ़ावा देते हुए बनाया था वीडियो

मुंबई। सोशल मीडिया एप्लीकेशन टिक-टॉक का लगातार भारत में विरोध हो रहा है। अपने कंटेंट को लेकर अक्सर ही सुर्खियों में रहने वाला टिकटॉक एक बार फिर अपने आलोचकों के निशाने पर है। टिकटॉक स्टार फैजल सिद्दीकी का एसिड अटैक वाला वीडियो वायरल होने के बाद देश भर में टिकटॉक बैन करने की मांग जोरों शोरों से उठने लगी। ट्विटर पर लोग हैशटैग बैन टिकटॉक के साथ ट्वीट कर रहे हैं और देश भर में ये ट्रें कर रहा है। इन सबसे टिकटॉक की रेटिंग 4.5 से सीधे 3.2 पर आ गिरी है। यह एक बहुत ही बड़ी गिरावट है। टिकटॉक की खुमारी लोगों को ऐसी चढ़ी हैं कि हर कोई स्टार बनना चाहता है, लेकिन स्टार बनने की चाह में विवादित वीडियो बनाकर भी अपलोड कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही करना टिकटॉक के स्‍टार फैज़ल सिद्दीकी को करना बहुत महंगा पड़ा अपने इस नए वीडियो में वह एसिड अटैक करने की एक्टिंग करते नजर आए, जिसके बाद फैज़ल के टिकटॉक अकाउंट को बैन कर दिया गया है।

उन पर आरोप है कि  वीडियो द्वारा उन्होंने कई सामुदायिक दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। फैज़ल सिद्दीकी के टिकटॉक पर 13.4 मिलियन फॉलोअर है। एसिड अटैक वीडियो अपलोड होने के बाद लोगों ने उनका विरोध करना शुरू किया। दरअसल, उन्होंने जो वीडियो पोस्ट किया था ,उसमें वो एक लड़की के चेहरे पर एसिड फेंकते हुए देखा जा सकता था। बाद में उसी क्लिप में वह लड़की विचित्र मेकअप में नजर आती है। इसके बाद वीडियो में एक लाइन आती है, जिसमें फैजल कहते नजर आते हैं कि तुम्हें उसने छोड़ दिया, जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा था। फैजल के इस वीडियो के सामने के बाद सिर्फ यूजर्स ही नहीं बल्कि सेलेब्स से लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग का गुस्सा भी फूटा था। महाराष्ट्र पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग ने टिकटॉक इंडिया को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। मामला बढ़ता देख फैजल ने अपने वीडियो को हटा लिया था और साथ में अपनी सफाई भी पेश की थी।

टिकटॉक के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमने वीडियो को हटा दिया है, साथ ही खाते को निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि अब वो इस मामले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि टिकटॉक के ऐसे ही कई वीडियो क्लिप्स ट्विटर पर सामने आए हैं, जो महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले हैं। ऐसे वीडियोज सामने आने के बाद नेटिजन्स #BanTikTokinIndia के साथ ट्वीट करने लगे और ये ट्रेंड करने लगा। कई ऐसे फोटोज और स्क्रीनशॉट शेयर किए गए हैं, जिसमें उन्होंने लिखा है कि हमने ऐप को केवल निगेटिव रेटिंग देने के लिए ही डाउनलोड किया था। ऐपल ऐप स्टोर और गूगल प्ले स्टोर पर ऐप पर 1-स्टार रिव्यूज की बाढ़ आ गई है। टिकटॉक ऐप 1-स्टार रिव्यूज की सीरीज के बाद गूगल प्ले स्टोर पर कुछ दिनों के भीतर ही रेटिंग 4.5 स्टार्स से घटकर 2 स्टार्स तक पहुंच गया है। इसके अलावा टिकटॉक कंटेंट क्रिएटर्स और यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर्स की नोक-झोंक भी पिछले काफी दिनों से जारी ही है।

10-01-2020
अखिलेश यादव सपा कार्यकर्ताओं को दिखाएंगे 'छपाक', बुक किया सिनेमा हाल

लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को 'छपाक' फिल्म दिखाने के लिए शुक्रवार को गोमतीनगर के मल्टीप्लेक्स का एक शो बुक किया है। सपा ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है। एसिड पीड़ित की जिंदगी पर बनी यह फिल्म शुक्रवार को ही रिलीज हो रही है। सपा नेताओं का कहना है कि अखिलेश यादव की अगुवाई में एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए सर्वाधिक काम किया गया है। गोमतीनगर में एसिड पीड़िताओं के लिए एक कैफे की शुरुआत भी कराई थी। 'छपाक' फिल्म में दीपिका पादुकोन ने एसिड अटैक पीड़िता की भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि दीपिका ने जेएनयू जाकर नकाबपोशों की पिटाई में जख्मी छात्र-छात्राओं से मुलाकात की थी। इसके बाद से कुछ लोग फिल्म का विरोध कर रहे हैं।

कासगंज: दीपिका पादुकोण के पोस्टर जलाकर जताया आक्रोश

जेएनयू में फिल्म का प्रमोशन करने पर भाजपा और हिंदु युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कस्बे के चौदहपोर तिराहे पर एकत्रित होकर फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने दीपिका के पोस्टर जलाए। इस दौरान दस जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म 'छपाक' का विरोध करने का निर्णय लिया गया।

भाजपा सभासद अमित मिश्र के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लोगों से दीपिका पादुकोण की फिल्म 'छपाक' का बहिष्कार करने का आह्वान किया। भाजपा सभासद ने कहा कि जेएनयू में जाकर देशविरोधी नारेबाजी करने वाले टुकडे़-टुकडे़ गैंग के बीच फिल्म प्रमोशन करना भी देशद्रोह की श्रेणी में आता है। इस दौरान भाजपा सभासद मुकेश कटारे, लवकुश निर्भय. प्रवीण निर्भय आदि मौजूद रहे।

 

03-12-2019
और कितनी निर्भया देख कर जागेंगे हम, राजधानी में जली मशाल

रायपुर। निर्भया से रोजा और फिर प्रिंयका तक गैंग रेप और बलात्कार बढ़ते जा रहे हैं । इन सबसे लड़ने के लिए सभी तबकों को अपने स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। बलात्कार महिलाओं के खिलाफ होने वाला सर्वाधिक हिंसक अपराध है, जो उनकी शारीरिक अखंडता को नष्ट करता है, सामाजिक संबंधों के उनकी विकास की क्षमता को बाधित कर उनके जीवन व जीविका को प्रभावित करता है। यह कहना था वीमेन आर ह्यूमन की प्रमुख सदस्य मनप्रीत बग्गा का। साथ ही वीमेन आर ह्यूमन के प्रमुख सदस्य जिया गोस्वामी, आकृति सिंह, प्रियंका शुक्ला,पूनम सहित अन्य युवतियों ने मंगलवार शाम मशाल यात्रा निकाली। 


युवतियों का कहना था कि सम्मान के साथ जीने का अधिकार, जीवन के अधिकार में शामिल है, जिसे भारत का संविधान हर नागरिक के लिए सुनिश्चित करता है। महिलाओं को भी मानव होने की स्वाभाविक गरिमा तथा किसी भी प्रकार की हिंसा से मुक्त बराबरी का जीवन जीने का अधिकार है। पर पितृसत्तात्मक समाज शुरूआत से ही महिलाओं को इस अधिकार से वंचित करता आ रहा है। सरकार, संस्थाएं और समाज सभी महिलाओं के बराबरी के जीवन से भयभीत  हैं। पितृसत्ता की ओर झुकी हुई हैं। जिसका परिणाम भ्रूण हत्या, घरेलू हिंसा, दहेज हत्या , एसिड अटैक और बलात्कार के रूप में हमारे सामने है। महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ते जा रहे हैं। पर इसके ठोस समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है।सबसे पहले तो ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों को दंड देना आवश्यक होता है, वहीं पीड़ित महिला को गरिमा तथा आत्मविश्वास के साथ जीने में मदद करने की आवश्यकता होती है। ताकि वह महिला एक गरिमापूर्ण व सार्थक जीवन जी सके।

युवतियों की मांग है कि स्कूलों में सभी को जेंडर शिक्षा दिलाई जाए, सरकार द्वारा सभी स्कूलों में लड़कियों को सेल्फ प्रोटेक्शन की ट्रेनिंग दी जाए, महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों के लिए राज्य सहित पूरे देश में विशेष कोर्ट बनाए जाएं, शहर के कोने कोने में सुरक्षा के लिए पैनिक बटन  हों, सभी महिलाओं को आॅन लाईन एफआईआर करने का अधिकार मिले, बलात्कर होने पर जिले स्तर में  एसपी और कलेक्टर की जिम्मेदारी तय हो उनके उस पर इसका फर्क पड़े, समाज के स्तर पर अपराधियों की पहचान कर उनका सार्वजनिक बहिष्कार किया जाए।

18-10-2019
जाने किस राज्य में शारीरिक शोषण पीड़िता नाबालिग को मिलेगा दो लाख तक का मुआवजा

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में शारीरिक शोषण होने पर नाबालिग पीड़िता को दो लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। राज्य में एसिड अटैक और दुराचार की पीड़िताओं को हिमाचल सरकार तीन-तीन लाख रुपये देगी। भ्रूण हत्या से हानि पर पीड़िता को 50 हजार रुपये का मुआवजा देय होगा। राज्य सरकार ने इसके लिए मुआवजा योजना लागू कर दी है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने वीरवार को हिमाचल प्रदेश अपराध से पीड़ित व्यक्ति प्रतिकर स्कीम 2019 को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस योजना के अनुसार 11 अक्टूबर 2019 के बाद आए आवेदनों पर यह मुआवजा जारी होगा। यह मामला उन मामलों में दिया जाएगा, जिनका ट्रायल कोर्ट संस्तुति करेगा या जिन मामलों में आवेदन जिला या राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण को किए गए हैं। इनमे एफआईआर दर्ज होगी, उनके पीड़ित भी इस मुआवजे के हकदार होेंगे। पीड़ित का ऐसे मामलों में भी मुआवजे पर हक होगा, जिनमें अपराधी को ट्रेस नहीं किया जा सका है और जहां मुकदमे का ट्रायल नहीं हो पाया है।

मुआवजा नहीं मिला तो कर सकेंगे अपील

आवेदन के बावजूद मुआवजा नहीं मिला तो पीड़ित राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सामने अपील कर सकेंगे। मुआवजा नहीं देने के ऐसे किसी आदेश के 90 दिन के भीतर प्राधिकरण में अपील करनी होगी।

किसको कितना मुआवजा (रुपयों में)
एसिड हमला                              तीन लाख
दुराचार                                     तीन लाख
नाबालिग का शारीरिक शोषण       दो लाख
मानव तस्करी पर पुनर्वास           दो लाख
यौन हमला                               50 हजार
मृत्यु                                        2 लाख
गंभीर चोट                                25 हजार
40 से 80 प्रतिशत निशक्तता       1 लाख
भ्रूण हत्या से हानि                      50 हजार
प्रजनन की हानि                        1.50 लाख
सीमा पार से गोलीबारी महिला की मृत्यु  2 लाख
अश्लील प्रयोजन के लिए बच्चे का उत्पीड़न   50 हजार 

 

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