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19-10-2020
बढ़ी चीन की चिंता, मालाबार युद्धाभ्यास में भारत के साथ पहली बार शामिल होगा ऑस्ट्रेलिया

नई दिल्ली। लद्दाख से सटी एलएसी पर भारत और चीन के बीच विवाद लगातार जारी है। इसी बीच भारत ने हिंद महासागर में अपना एक नया सहयोगी खोज लिया है। नरेंद्र मोदी सरकार ने अगले महीने संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान के साथ होने वाले वार्षिक मालाबार नौसैनिक अभ्यास के लिए ऑस्ट्रेलिया को आमंत्रित किया है। इस कदम से एक तरफ क्वाड (क्वाड्रिलेटरल-सिक्योरिटी डायलॉग) को मजबूती मिलेगी तो चीन की बेचैनी बढ़ेगी। यह पहली बार है जब क्वाड के सभी सदस्य एक साथ सैन्य अभ्यास में शामिल होंगे।
यह पहली बार है जब क्वाड समूह के चारों देश भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया इस तरह के युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। इस युद्धाभ्यास में पहले अमेरिका और भारत ही हिस्सा लेते थे, लेकिन साल 2015 में इसमें जापान को भी जोड़ा गया और अब ऑस्ट्रेलिया के इस युद्धाभ्यास में शामिल हो रहा है। नौ सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, समुद्री क्षेत्र में अन्य देशों के साथ सहयोग बढाने और विशेष रूप से आस्ट्रेलिया के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग को पुख्ता करने की दिशा में आगे बढते हुए इस वर्ष होने वाले मालाबार अभ्यास में आस्ट्रेलियाई नौसेना की भी हिस्सेदारी का निर्णय लिया गया है। यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में होगा। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा,'भारत समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में दूसरे देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है और ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा सहयोग में वृद्धि को देखते हुए मालाबार 2020 में ऑस्ट्रेलियन नेवी की भी सहभागिता होगी। इस बार अभ्यास को 'नॉन कॉन्टैक्ट एट सी' फॉर्मेट में तैयार किया गया है।

अभ्यास से शामिल देशों के नेवी के बीच सहयोग और समन्वय मजबूत होगा। चीन की अपना प्रभुत्व बढाने की रणनीति पर अंकुश लगाने के लिए भारत,अमेरिका,जापान और आस्ट्रेलिया के 'क्वाड' की लामबंदी आज और अधिक मजबूत हो गयी है। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, मालाबार अभ्यास दो हिस्सों में होगा। अभ्यास पहले 3-6 नवंबर और फिर 17-20 नवंबर के बीच होगा। चारों देशों का साझा उद्देश्य मुक्त और स्वतंत्र हिंद प्रशांत क्षेत्र है। भारत और अमेरिका की द्विपक्षीय नौसेना सहयोग के तहत मालाबार युद्धाभ्‍यास वर्ष 1992 में शुरू किया गया था। वर्ष 2018 में यह वार्षिक युद्धाभ्‍यास फिलीपींस की गुआम के तट पर और 2019 में जापान के तट पर हुआ था। हिंद-प्रशांत क्षेत्र महासागर में परेशानी का सबब बने चीन को रोकने के लिए चार बड़ी शक्तियां पहली बार मालाबार में साथ युद्धाभ्यास करती दिखेंगी। इसके साथ ही पहली बार अनौपचारिक रूप से बने क्वॉड ग्रुप को सैन्य मंच पर देखा जाएगा। क्वाड मालाबार पहले एक सीमित नौसैनिक युद्धाभ्यास हुआ करता था लेकिन अब इंडो-पैसिफिक रणनीति का अहम हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य चीन की विस्तार नीति को रोकना है।

 

09-10-2020
फिल्म लक्ष्मी बम का ट्रेलर हुआ रिलीज

मुंबई। अक्षय कुमार और कियारा आडवाणी की फिल्म लक्ष्मी बम का ट्रेलर रिलीज हुआ है। फिल्म में कियारा आडवाणी के साथ अक्षय की जोड़ी अच्छी लग रही है। यह फिल्म 9 नवंबर को डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होगी। खास बात ये है कि अक्षय की ये फिल्म ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूएई के सिनेमाघरों में भी रिलीज होगी। पहले यह फिल्म 22 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होनी थी। लेकिन कोरोना के चलते फिल्म रिलीज नहीं हो पाई।

 

02-10-2020
कनेक्टेड इंडिया ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ का बढ़ा मान, स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों की सराहना

रायपुर। कोरोना संकटकाल में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से शुरू किए गए कार्यक्रमों ने प्रदेश का मान बढ़ाया है। पढ़ई तुंहर दुआर और पढ़ई तुंहर पारा, बुल्टु के गोठ, लाउडस्पीकर स्कूल के जरिए स्कूली बच्चों की शिक्षा फिजिकल और डिजिटल माध्यमों से हो रही पढ़ाई के बारे में कनेक्टेड इंडिया वेब कॉन्फ्रेंस में विशेष तौर पर सराहना की गई। कनेक्टेड इंडिया ग्लोबल वेब कॉन्फ्रेंस का आयोजन 30 सितंबर को किया गया। छत्तीसगढ़ के शिक्षा सलाहकार सत्यराज अय्यर इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्र में भी काफी तेजी से डिजिटल माध्यमों से बैंकिंग व्यवस्था, डिजिटल लेन-देन, ई-शिक्षा, टेली मेडिसिन जैसे नवाचार प्रयोगों को अमल में लाया जा रहा है। ग्लोबल वेब कॉन्फ्रेंस का आयोजन ऑस्ट्रेलिया की एक निजी संस्था की ओर से किया गया।

इस वेब कॉन्फ्रेंस में भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, जापान, यूएस, कनाडा जैसे देश-विदेश के प्रतिष्ठित सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं और स्टार्ट अप इकाईयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ के शिक्षा सलाहकार अय्यर ने कहा कि कोविड-19 की विषम परिस्थितियों को मात देने के लिए सबको एक साथ लेकर काम करना होगा। रोजगार का अवसर प्रदान करना केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि निजी संस्थाओं को भी आगे आकर इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को बेहतर तरीके से अपनाया जाए और स्टार्ट अप कल्चर को कॉलेज स्तर से बढ़ावा दिया जाए। लगभग एक घंटे चले इस वेबिनार में भारत के सामने खड़ी उन सभी डिजिटल चुनौतियों और अवसरों के विषय में विस्तार से चर्चा की गई। कनेक्टेड इंडिया ग्लोबल वेब कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय की सचिव विनिता हरिहरण, अरूणांचल प्रदेश के डिप्टी कलेक्टर प्रविमल अभिषेक, एशियन इंफ्रास्ट्रचर इंवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के स्ट्रैटेजी ऑफिसर पाल लाऊम और वोडाफोन संस्था की प्रतिनिधि रंजिता कनानी ने हिस्सा लिया।

04-06-2020
भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध हुए मजबूत, नौ समझौते पर किए हस्ताक्षर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्ष स्कॉट मॉरिसन के साथ ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने कोरोना संकट के बाद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मॉरिसन को परिवार सहित भारत आने का न्यौता दिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध बढ़ाने पर जोर दिया। इस शिखर सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के साथ कुल नौ समझौते किए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने सैन्य ठिकानों और साजो-सामान तक पहुंच के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।अपने शुरुआती संबोधन में मोदी ने कहा कि उनका मानना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को और सशक्त करने के लिए यह उपयुक्त समय और उपयुक्त मौका है तथा अपनी दोस्ती को और मजबूत बनाने के लिए हमारे पास असीम संभावनाएं हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते कुछ साल में भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध काफी मजबूत हुए हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि जब वह भारत आएंगे तो गुजराती खिचड़ी का आनंद जरूर लेंगे।प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा, 'वैश्विक महामारी के इस काल में हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भूमिका और महत्वपूर्ण रहेगी। विश्व को इस महामारी के आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से जल्दी निकलने के लिए एक समन्वित और सहयोगी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। हमारी सरकार ने कोरोना संकट को एक मौके की तरह देखने का फैसला लिया है।


वैश्विक बेहतरी के लिए करेंगे काम
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कैसे हमारे संबंध अपने क्षेत्र के लिए और विश्व के लिए एक ‘स्थिरता का कारक’ बनें, कैसे हम मिलकर वैश्विक बेहतरी के लिए कार्य करें, इन सभी पहलुओं पर विचार की आवश्यकता है।’ मोदी ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने संबंधों को व्यापक तौर पर और तेज गति से बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह न सिर्फ हमारे दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि हिन्द प्रशांत क्षेत्र और विश्व के लिए भी आवश्यक है।

समग्र सामरिक गठजोड़ जरूरी
उन्होंने कहा, ‘वैश्विक महामारी के इस काल में हमारे समग्र सामरिक गठजोड़ की भूमिका और महत्वपूर्ण रहेगी। विश्व को इस महामारी के आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से जल्दी निकलने के लिए एक समन्वित और एकजुट पहल की आवश्यकता है।

पहला आभासी शिखर सम्मेलन
यह पहला मौका है जब मोदी किसी विदेशी नेता के साथ आभासी शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों देशों के संबंध 2009 में सामरिक गठजोड़ के स्तर पर पहुंचे और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार मिला है। वर्ष 2017 में विदेश नीति पर श्वेत पत्र में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हिन्द महासागर के देशों में महत्वपूर्ण नौवहन शक्ति एवं आस्ट्रेलिया के अग्रिम सहयोगी के रूप में मान्यता दी थी।

दोनों देशों के संबंध हुए प्रगाढ़
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंध पिछले वर्षो में बढ़े हैं। 2018-19 में दोनों देशों के बीच कारोबार 21 अरब डॉलर था। दोनों देश कारोबार और निवेश बढ़ाने को लेकर आशान्वित हैं। भारत में ऑस्ट्र्रेलिया का कुल निवेश 10.74 अरब डॉलर था और ऑस्ट्रेलिया में भारत का निवेश 10.45 अरब डॉलर था।

नौवहन सहयोग पर ध्यान केंद्रित
ऑस्ट्रेलिया के सुपर पेंशन फंड ने भारत में नेशनल इंवेस्टमेंट ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में 1 अरब डॉलर का निवेश किया है। पिछले कुछ वर्षो में भारत और आस्ट्रेलिया ने नौवहन सहयोग बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। ऑस्ट्रेलिया और भरत ने 2015 में पहला द्विपक्षीय नौसेना अभ्यास किया था। साल 2019 में बंगाल की खाड़ी में तीसरा अभ्यास हुआ था। ऑस्ट्रेलिया सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के रुख का समर्थक रहा है।

02-04-2020
विदेशी नागरिक के ठहरने की जानकारी छुपाने वाले होटल संचालक के खिलाफ जुर्म दर्ज

रायपुर/अंबिकारपुर। ऑस्ट्रेलिया के एक व्यक्ति के होटल में लगभग एक माह तक रूकने और चेक आउट कर जाने के मामले में जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने होटल संचालक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। गौरतलब है कि संक्रामक रोग कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए केंद्र व राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला दंडाधिकारी सरगुजा की ओर से नगरीय निकाय अंबिकापुर में धारा 144 लागू किया गया है। सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से जिला दंडाधिकारी की ओर से नगर में सभी अति आवश्यक वस्तुओं एवं संस्थाओं को छोड़कर अन्य सभी निजी, शासकीय संस्थाओं को अनिवार्य रूप से बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन का आदेश जारी किया गया है। इसके बाद स्थानीय होटलों में बाहर से आकर रुके व्यक्तियों पर निगरानी रखी जा रही है। कोतवाली थाना पुलिस ने होटल के संचालक जगदीप सिंह की ओर से अपने होटल में मोहम्मद रेजा जहापना नामक ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति को 25 फरवरी से 23 मार्च तक बतौर ग्राहक ठहराने की सूचना नहीं देने के मामले में एफआईआर दर्ज किया है। संचालक ने चेक इन तथा चेक आउट की सूचना जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग को नहीं दी थी। पुलिस ने होटल संचालक के खिलाफ धारा 188, 269, 270, 202, 203 भारतीय दंड संहिता का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

27-03-2020
चार लाख की जनसंख्या वाले कैनबरा में 62 कोरोना केस होने के बावजूद जनजीवन सामान्य क्यों है

कैनबरा। कैनबरा में गैर-नागरिकों को भी को मिलाकर कुल जनसंख्या लगभग चार लाख है। चार लाख लोगों के शहर-राज्य में यदि 62 लोग कोरोना से ग्रस्त हैं तो बहुत बड़ी संभावना हो जाती है कि जल्द ही संख्या हजारों में हो और पूरी जनसंख्या को चपेट में ले ले। कैनबरा की जनसंख्या का बहुत बड़ा हिस्सा जमकर अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं करता है। कैनबरा की आधी से भी अधिक जनसंख्या साल में कई बार अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं करती है। अंतर्राष्ट्रीय यात्राएं कैनबरा के लोगों के लिए आम-क्रियाकलाप है। इसके बावजूद यदि कैनबरा में अभी तक जनजीवन सामान्य है। जनजीवन सामान्य का मतलब पब्लिक ट्रांसपोर्ट मतलब बसें, मेट्रों व टैक्सी चल रहीं हैं। लोग अपनी कारों या वाहनों से यहां वहां सहजता से जा रहे हैं। आप घर से बाहर निकलिए तो महसूस ही नहीं होता कि पूरी दुनिया कोरोना के चपेट में है। कैनबरा में जनजीवन सामान्य होने के पीछे कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं, आइए देखते समझते हैं कि कारण क्या हैं। कोरोना संक्रमण फैलने के कई माध्यम होते हैं, सभी का मुख्य स्रोत मानव ही होता है।

~ जो कोरोना से संक्रमित हैं (चीन की यात्रा की या चीन से बाहर निकल कर फैलाव होने पर किसी तरह संक्रमित हो गए)
~ जो कोरोना से संक्रमित मानव के संपर्क में आए (क्लोज कांटैक्ट का नाम दिया गया है)
~ जो कोरोना संक्रमित मानव के संपर्क में आए बिना ही संक्रमित हो गए (इसको कम्युनिटी टू कम्युनिटी का नाम दिया गया है)

यह जो तीसरे प्रकार का संक्रमण है, जिसे कम्युनिटी टु कम्युनिटी के रूप में जाना जाता है। यदि यह किसी शहर, राज्य या देश में शुरू हो चुका है तो कोरोना के संक्रमण को अनियंत्रित होने से नहीं रोका जा सकता है। जिन देशों में अनियंत्रण की स्थिति पहुंची है, वह इसी वाले तीसरे प्रकार के कारण ही पहुंची है। यदि किसी शहर, राज्य या देश में कुछ लोग भी कोरोना वाले छुट्टा घूम रहे होते हैं तो पता भी नहीं चलता लेकिन मामला बहुत अधिक फैलना शुरू हो जाता है। पता लगते-लगते देर हो चुकी होती है। इसीलिए टेस्टिंग बहुत जरूरी होती है ताकि कोरोना संक्रमित लोगों को दूसरे लोगों में मिश्रित होने से रोका जा सके। इस पर चर्चा कल करूंगा। आज कैनबरा की बात करते हैं।

अब आते हैं कि कैनबरा के लोगों ने क्या किया। जब कैनबरा में एक भी केस नहीं था तब से ही यहां के लोगों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी। एक भी केस न होने के बावजूद टेस्टिंग शुरू थी। यहां तक कि जो भी लोग कैनबरा के बाहर से आ रहे थे, वे एहतियातन खुद में लक्षण न देखने के बावजूद अपनी स्वेच्छा से ही अपने आपको आइसोलेशन में डाल रहे थे। जिसको भी जरा सा भी लग रहा था, वह अपनी टेस्टिंग कराने पहुंच रहा था। यही कारण रहा कि 62 केस होने के बावजूद अभी तक कैनबरा में एक भी केस ऐसा नहीं है जो कम्युनिटी टु कम्युनिटी हुआ हो।

इन 62 केसों में

56 केस कैनबरा के बाहर से कोरोना संक्रमित होकर आए। 6 केस इन 56 कोरोना संक्रमित लोगों के नजदीक रहने के कारण संक्रमित हुए। केवल इसी बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि 56 लोगों ने अभी तक केवल 6 लोगों को संक्रमित किया। जाहिर है कि लोगों ने स्वतः ही स्व-अनुशासन को जिया। ये लोग यदि सतर्क न होते, स्व-अनुशासित न होते, जागरूक न होते, यहां-वहां घूमते वस्तुओं को छूते लोगों के संपर्क में आते तो इससे पहले की कैनबरा को पता चलता, विस्फोटक स्थिति आ चुकी होती। लोग तो इतने जागरूक व सतर्क रहे कि अपने परिवारों के लोगों में भी संक्रमण न पहुंचने दिया। कैनबरा सरकार भी लगातार सतर्कता व जिम्मेदारी का परिचय दे रही है। हर एक की जानकारी देती आई है। केस का नाम व पता छोड़कर उम्र, लिंग इत्यादि की जानकारियां उपलब्ध होती आई हैं।

चूंकि जब एक केस भी नहीं था तब से ही एहतियातन ही टेस्टिंग होती आई हैं, इसलिए यह पता चलता रहा है कि संक्रमण का स्रोत क्या है। स्रोत को आइसोलेट कर दीजिए, संक्रमण रुक जाता है। भले ही कैनबरा में शुरू से ही बहुत अधिक सतर्कता बरती गई है। जब केवल दो केस थे तब से ही लोगों व सरकार ने घर से ही काम करने के बारे में योजना पर काम शुरू कर दिया। सरकार के बिना कहे ही लोगों ने रेस्टोरेंट जाना बंद कर दिया, स्विमिंग पूल का प्रयोग करना बंद कर दिया। ऐसे क्रियाकलाप बंद कर दिए जहां लोगों की गैदरिंग होती हो। मित्रों ने एक दूसरे के यहां आना-जाना कम कर दिया, धीरे-धीरे बंद कर दिया ताकि संक्रमण की संभावना को भी नियंत्रित किया जा सके। राह चलते घूमते टहलते मिल जाने पर हलो हाय होती है। हसी मजाक होता है लेकिन कोरोना के संक्रमण की संभावनाओं को यह सबकुछ यहां के लोगों ने स्वेच्छा से शुरू कर दिया था।

सरकार व कोरोना संक्रमित व कोरोना संक्रमण की संभावनाओं वाले लोगों की जागरूकता, सामाजिक जवाबदेही की भावना के कारण संक्रमण को स्रोतों पर ही रोक दिया गया। चूंकि कैनबरा ने अपनी सीमाएं बंद नहीं की हैं। वैसे भी जो लोग कैनबरा के निवासी हैं, उनको आने से नहीं रोका जा सकता है, यह लोगों का अधिकार है। इसलिए यह संभव है कि कैनबरा में कोरोना वालों की संख्या कुछ बढ़े, यदि लोग बाहर से कोरोना संक्रमित होकर कैनबरा आएंगे। यह भी संभव है कि जो कोरोना संक्रमित हैं उनके नजदीक रहने वाले लोगों को भी कहीं चूक हो जाने पर कोरोना संक्रमण हो जाए। लेकिन चूंकि कम्युनिटी टु कम्युनिटी संक्रमण नहीं हो रहा है। इसलिए यदि कोई अनहोनी नहीं होती है तो कैनबरा के बाहर से आने वाले लोगों के कारण कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या रूपी आकड़ों में भले ही वृद्धि हो लेकिन स्थिति नियंत्रण में ही रहेगी। जनजीवन सामान्य रहेगा।

जहां कैनबरा के लोग एक केस न होने पर भी सतर्कता व स्वअनुशासन से चलना शुरू कर चुके थे। वहीं सिडनी जैसे बड़े शहरों के लोग क्रूज शिप में न्यूजीलैंड घूमने जा रहे थे, न्यूलैंड से लौट कर इन लोगों ने देश में कोरोना केसों की संख्या दुगुनी से भी अधिक कर दी। कम्युनिटी टु कम्युनिटी संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया। यदि कम्युनिटी टु कम्युनिटी संक्रमण बढ़ता रहा तो संभव है कि कुछ शहरों को लाकडाउन करना पड़े। अभी तक कोरोना मुद्दे पर कैनबरा की समझदारी देखकर यही कहने का मन करता है, कि दुनिया का पहला वास्तविक ग्रीन सिटी बनने की ओर कैनबरा यूं ही नहीं बढ़ रहा है। यह यहां के लोगों की समझ व जागरूकता की देन है। अभी तक तो कैनबरा कम्युनिटी टु कम्युनिटी संक्रमण से बचा हुआ है। लोग सतर्क हैं बावजूद इसके कि यह भय नहीं है कि कहीं घूमने फिरने या कामकाज से जाएंगे तो किसी वस्तु या मनुष्य के संपर्क में आएंगे तो संक्रमण हो सकता है। आशा करता हूं कि यह स्थिति बनी रहेगी, साथ ही यदि कैनबरा के बाहर से आने वाले लोगों के कारण संख्या में बढ़ोत्तरी नहीं होती रहती है, तो कैनबरा में कुछ सप्ताहों बाद संक्रमित लोगों की संख्या शून्य भी पहुंच सकती है। क्योंकि संक्रमित लोग ठीक हो रहे हैं, कई लोग ठीक हो चुके हैं।

कैनबरा ऑस्ट्रेलिया से विवेक उमराव की रिपोर्ट

15-03-2020
भारतीय संस्कृति के मुरीद हुए ग्लेन मैक्सवेल, गर्लफ्रेंड विनी रमन से की सगाई  

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने एक बार फिर से सगाई की है। पिछले महीने अपनी सगाई की जानकारी देने वाले मैक्सवेल ने इस बार भारतीय अंदाज में अपनी मंगेतर विनी रमन से सगाई की है। विनी रमन ने इस सगाई की तस्वीर को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडिल से शेयर किया है। मैक्सवेल ने भारतीय मूल की अपनी गर्लफ्रेंड विनी रमन के साथ कुछ वक्त पहले सगाई की थी और इंस्टाग्राम के जरिए यह खुशखबरी फैन्स के साथ शेयर की थी।

मैक्सवेल और विनी लंबे समय से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। विनी ने भी इंस्टाग्राम पर अपनी सगाई की फोटो शेयर की थी। ग्लेन मैक्सवेल को हाल में दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में चुना गया था, लेकिन फिर वो अपने बाईं कोहनी की सर्जरी कराने के लिए टीम से बाहर हो गए थे। विनी रमन द्वारा शेयर की गई इस तस्वीर में कपल भारतीय परिधान में नजर आ रहा है। विनी रमन जहां लहंगा पहने हुए नजर आ रही हैं तो वहीं ग्लेन मैक्सवेल ट्रेडिशनल अंदाज में शेरवानी पहने हुए नजर आ रहे हैं। विनी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए बताया कि यह उनकी इंडियन स्टाइल की सगाई की तस्वीर है। विनी रमन द्वारा शेयर की गई इस तस्वीर में कपल भारतीय परिधान में नजर आ रहा है।

विनी रमन जहां लहंगा पहने हुए नजर आ रही हैं तो वहीं ग्लेन मैक्सवेल ट्रेडिशनल अंदाज में शेरवानी पहने हुए नजर आ रहे हैं। विनी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए बताया कि यह उनकी इंडियन स्टाइल की सगाई की तस्वीर है। ग्लेन मैक्सवेल ने हाल में इंटरनेशनल क्रिकेट से ब्रेक लिया था। उन्होंने मेंटल हेल्थ का हवाला देते हुए यह ब्रेक लिया था। इसके बाद उन्होंने बिग बैश लीग के जरिए क्रिकेट के मैदान पर धमाकेदार वापसी की। मैक्सवेल अच्छी फॉर्म में हैं और क्रिकेट में वापसी करने के बाद उन्होंने खुद कहा था कि इस मुश्किल समय से निकालने में विनी रमन का बड़ा हाथ रहा। विनी मेलबर्न बेस्ड इंडियन फार्मासिस्ट हैं। विनी का जन्म मेलबर्न में ही हुआ है।

 

15-03-2020
ऑस्ट्रेलिया में मिला कोरोना का संदिग्ध, लोग हुए सर्तक, करवा रहे टेस्ट

कैनबरा। आस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस को लेकर एतिहात बरती जा रही है। आस्ट्रेलिया का स्वास्थ्य विभाग इस वायरस को लेकर सर्तक हैं। आस्ट्रेलिया के लोग भी सावधानी बरत रहे हैं। यहां एक व्यक्ति कोरोना से पॉजिटिव पाया गया।  दरअसल 8 मार्च को कैनबरा के पड़ोसी राज्य न्यू साउथ वेल्स, जिसकी राजधानी सिडनी है के स्वास्थ्य विभाग ने सूचना दी कि 28 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया सुरक्षा सेना का एक अधिकारी मीटिंग के लिए सिडनी से कैनबरा आया था। उसमें कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए।

इसके लिए कैनबरा सरकार ने उन लोगों का पता लगाया,जो उस अधिकारी के साथ हवाई जहाज से सिडनी से कैनबरा आए व वापस लौटे और जहाज में उस अधिकारी की सीट के आसपास बैठे थे। उन यात्रियों का बाकायदा फ्लाइट नंबर व सीट नंबर भी जारी किया गया। उन लोगों का भी पता लगाया गया, जो लोग उस अधिकारी के साथ मीटिंग में थे। इधर जैसे ही इन 17 लोगों को सूचना मिली। इन लोगों ने अपने आपको 14 दिनों के लिए एकांतवास में रख लिया। जिन लोगों ने यात्राएं की या कोरोना वाले या कोरोना की संभावना वाले लोगों के संपर्क में आए थे। वे लोगों ने व जिन लोगों को थोड़ा सा भी संदेह हुआ ने अपनी जांच करवाई या करवा रहे हैं। कैनबरा में अभी तक कुल 1037 लोगों का टेस्ट किया गया,जिसमें से केवल एक व्यक्ति में कोरोना पाया गया। इस व्यक्ति में कोरोना पाया गया है, वह लगभग 30 वर्ष का है। व्यक्ति की देखभाल की जा रही है।

कैनबरा से विवेक उमराव की रिपोर्ट

14-03-2020
खेल जगत पर मंडरा रहा कोरोना का खतरा, आईपीएल के बाद अब ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड सीरीज स्थगित

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच होने वाली वनडे सीरीज और ऑस्ट्रेलिया के न्यूजीलैंड दौरे को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है। कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। न्यूजीलैंड की टीम इस वक्त ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर है। यहां उसने शुक्रवार को खाली स्टेडियम में पहला वनडे मैच भी खेला था, जिसमें उसे 71 रन से हार का सामना भी करना पड़ा था। हालांकि अब सीरीज के बाकी के मुकाबलों पर रोक लगा दी गई है।

वहीं शनिवार को न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लोकी फर्ग्यूसन को गले की खराश की शिकायत के बाद कोरोना की जांच के लिए भेजा गया है और उन्हें अगले 24 घंटे के लिए टीम से पृथक कर दिया गया है। फर्ग्यूसन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला वनडे खेलने के बाद अपनी तबीयत को लेकर मेडिकल टीम से संपर्क किया था। फिलहाल उनके सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है और उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। बता दें कि फर्ग्यूसन से पहले ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन ने भी गुरुवार को इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद उनकी जांच की गई। हालांकि जांच में किसी भी तरह के कोरोना के अंश नहीं पाए गए थे और उन्हें फिर से टीम से जुड़ने की अनुमति दे दी गई थी। 

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