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22-10-2020
खाद्य विभाग ने की छापामार कार्रवाई, किए घरेलू उपयोग के गैस सिलेंडर जब्त

राजनांदगांव। शहर से 8 किलोमीटर दूर ग्राम मनकी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक कॉलेज में कई शिकायतों के बाद गुरुवार को खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा। यहां से घरेलू उपयोग में आने वाले 6 गैस सिलेंडर जब्त किए। इसमें 5 सिलेंडर इंडेन कंपनी के तथा एक एचपी कंपनी का था। विभाग ने एक व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण बनाया है औ आगे कार्यवाही कर रही है। पूर्व में भी इसी मार्ग पर स्थित एक स्कूल में खादय विभाग ने छापा मारकर कई सिलेंडर जब्त किए थे।

 

13-10-2020
Video: कर रहे थे अनाप-शनाप खर्च, चढ़े पुलिस की नजर में, पूछताछ में हुआ लाखों की चोरी का खुलासा

कोरबा। जिले के सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत वार्ड नंबर 1 के स्कूल के पास दुकान में चोरी की घटना सामने आई थी। दुकान संचालक ने इसकी शिकायत सिटी कोतवाली थाने में दर्ज करवाई थी। नगर कोतवाल दुर्गेश शर्मा ने विशेष टीम का गठन कर मामले की जांच शुरू की।जांच में पुलिस ने आदतन चोर राकेश यादव के साथ एक युवक को घूमते और अनाप-शनाप खर्च करने का पता चला। मामले मे कोतवाली पुलिस ने दोनों संदेहियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की।दोनों युवकों ने चोरी करना स्वीकार किया। पकड़े गए युवक के पास से पुलिस ने चोरी गए 2 लाख 15 हज़ार रुपये सहित 1 मोबाइल व एक चेकबुक बरामद किया गया।

 

12-10-2020
आरक्षित जमीन पर अतिक्रमण, ग्रामीणों ने की कलेक्टर से शिकायत

धमतरी। ब्लाक के ग्राम लोहरसी में कुछ लोगों ने घास जमीन और खेल मैदान पर अतिक्रमण कर मकान बना लिए हैं। अब यही लोग इन मकानों को दूसरों को बेचने की कोशिश कर रहे हैं।  इस मामले की शिकायत ग्रामीणों ने कलेक्टर से की है। ग्रामीणों का कहना है कि खाली जमीन पर अतिक्रमण किए जाने के बाद अब गांव में सरकारी कार्याें के लिए जमीन ही नहीं बची है। ग्रामीणों ने शिकायत पत्र में कहा कि घास जमीन और खेल मैदान के लिए आरक्षित जमीन पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है और उस जमीन पर कुछ लोगों ने मकान बना लिए हैं। इसके बाद इस मकान को बेचकर मोटी कमाई कर रहे हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर ग्राम विकास समिति द्वारा समझाइश भी दी गई,लेकिन वे नहीं मान रहे हैं। इससे गांव में आक्रोश का माहौल है और गांव का वातावरण खराब हो रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से इस मामले में जल्द से जल्द कडी कार्रवाई की मांग की है।

 

12-10-2020
ऋचा जोगी ने छानबीन समिति को भेजा जवाब  

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की बहु और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नि डॉ. ऋचा जोगी ने मुंगेली जिला स्तरीय प्रमाणपत्र छानबीन समिति को जवाब भेज दिया है। 8 अक्टूबर को ऋचा जोगी की जाति मामले की प्रथम सुनवाई के दौरान दिए गए पत्र का उन्होंने सोमवार को समिति को जवाब भेजा है। ऋचा ने अपने जवाब में कहा है कि 8 अक्टूबर को समिति द्वारा उन्हें 29 सितम्बर को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस और उनके विरुद्ध की गई शिकायत की प्रति उपलब्ध करवाई गई जिसके लिए वे समिति सदस्यों की आभारी है। डॉ. जोगी ने कहा है कि 8 अक्टूबर को समिति द्वारा उनसे आवेदन की मूल प्रति मांगी गई थी। उन्होंने आवेदन चॉइस सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन किया था।

चॉइस सेंटर के कर्मचारी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज दिखाने के बाद कर्मचारी द्वारा यह फॉर्म ऑनलाइन भरा गया था। डॉ. ऋचा जोगी के भाई ने समिति का पत्र मिलने के तुरंत बाद मुंगेली कलेक्टर के समक्ष ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेजों की कॉपी उपलब्ध करवाने का आवेदन दिया था। उनके भाई ने स्वयं के जाती प्रमाण पत्र के लिए भी चॉइस सेंटर से आवेदन किया था। कलेक्टर मुंगेली को दिए गए आवेदन में डॉ. जोगी के भाई ने स्वयं के आवेदन से सम्बंधित दस्तावेज भी मांगे हैं, लेकिन आज तक उन्हें मुंगेली कलेक्टर कार्यालय से दस्तावेज नहीं मिले हैं।

डॉ. ऋचा जोगी ने कहा कि समिति द्वारा भेजे गए पत्र में उनसे 1950 से पहले का राजस्व दस्तावेज (मिसल) और 2 जून 1940 के बिक्रीनामे की मूलप्रति मांगी गई थी। डॉ. जोगी ने  सभी रिकॉर्ड की सत्यापित प्रति समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दी थी। सभी मूल दस्तावेज बिलासपुर जिला रजिस्ट्रार के पास जमा हैं, जिन्हें लेने उनके भाई गए थे। लेकिन बिलासपुर जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण कार्यालय 7 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक बंद है जिस वजह से उन्हें यह दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।  डॉ. जोगी ने मांग की है कि उन्हें ये सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए 7 दिनों का और समय दिया जाए। डॉ. ऋचा जोगी ने यह भी लिखा है कि समिति द्वारा उन्हें शिकायत की जानकारी 8 अक्टूबर को ही दी गई और सिर्फ 4 दिन बाद 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई रख दी जिसमें भी बीच में 2 दिन शनिवार-इतवार गैर कार्यदिवस थे। इसलिए उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए जरूरी दस्तावेज अभी तक नहीं मिल पाए हैं। डॉ. जोगी ने कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को देखते हुए उन्हें खुद का पक्ष रखने के लिए न्यायोचित समय दिया जाना चाहिए। इसलिए समिति को आज की मीटिंग स्थगित करके उन्हें कम से कम 10 दिनों का समय देना चाहिए। 

डॉ. जोगी ने मांग की है कि नियमों के तहत समिति को उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई और वीडियोग्राफी में गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर भी देना चाहिए। क्योंकि वे 2 माह के बच्चे की माँ हैं, जिसे लगातार ब्रेस्टफीड और मातृत्व केयर की जरूरत है तथा कोरोना महामारी को देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन और आईसीएमआर की गाइडलाइन्स के अनुसार 10 दिनों बाद समिति द्वारा चिकित्सकीय निगरानी में कोरोना फ्री माहौल में उन्हें सुनवाई का अवसर दिया जाए।

08-10-2020
रेणु जोगी बहू ऋचा के साथ पहुंची राजभवन,राज्यपाल से किए शिकायत

रायपुर। रेणु जोगी और ऋचा जोगी ने गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात कर जाति मामले में शिकायत की है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नी डॉ. ऋचा जोगी ने उनकी जाति पर छिड़े विवाद पर कहा है कि जाति प्रमाण पत्र बनवाते समय जो पता उन्होंने दिया था, न ही उस पते पर और न ही उनके आधार कार्ड में दर्ज पते पर मुंगेली कलेक्टर ने कोई नोटिस भेजा है। उनके जाति प्रमाण पत्र के विरुद्ध की गई शिकायत की प्रति भी उन्हें उपलब्ध नहीं करवाई गई है। डॉ.ऋचा जोगी ने कहा है कि मुंगेली कलेक्टर की ओर से जारी किए गए तथाकथित नोटिस की सूचना उन्हें विभिन्न समाचार पत्रों से मिली है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार की मनमर्जी के मुताबिक द्वेषपूर्ण तरीके से उन्हें अंधेरे में रख के उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। डॉ.ऋचा जोगी ने मुंगेली कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें यह तथाकथित नोटिस और उनके जाति प्रमाण पत्र के विरुद्ध की गई शिकायत की प्रति उपलब्ध करवाई जाए। जिसका अध्यन कर वे अपना पक्ष रख सकें। 24 सितंबर को जारी किए गए नोटिफिकेशन के नियम 14 (1) के तहत राज्य सरकार को सात सदस्यीय जिला स्तरीय प्रमाणपत्र छानबीन समिति का गठन करना है। इस समिति का गठन अभी तक नहीं हुआ है। 24 सितंबर को जारी किये गए संशोधन के नियम 22 (1) के तहत फॉर्म 6 इ के पैराग्राफ 3 के तहत "क्यों न आपका जाति प्रमाणपत्र रद्द कर दिया जाए" जैसा नोटिस देने का अधिकार केवल हाई पावर प्रमाणपत्र स्क्रूटिनी कमिटी को ही है। इसलिए जिला स्तरीय प्रमाणपत्र छानबीन समिति और उसके द्वारा जारी किया गया तथाकथित नोटिस दोनों ही गैर कानूनी हैं।

डॉ.ऋचा जोगी ने कहा कि इन सबके बावजूद वे उन सभी दस्तावेजों की प्रति जिला छानबीन समिति को भेज रही हैं, जिन दस्तावेजों के तहत उन्हें कांग्रेस की इसी राज्य सरकार की ओर से यह जाति प्रमाण पत्र जारी हुआ था। इन दस्तावेजों में परिवार वालों के जाति प्रमाण पत्र जिनके द्वारा उन्होंने सरकारी नौकरी की है, भूमि राजस्व रिकॉर्ड, वंश वृक्ष आदि शामिल हैं। यदि यह जाति प्रमाण पत्र गलत जारी हुआ है तो यह राज्य सरकार की पूर्ण रूप से अक्षमता को दर्शाता है। डॉ.ऋचा जोगी ने कहा कि चूंकि हाल ही में उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया है, जिन्हें ब्रेस्ट फीड और माता की निरंतर देखभाल की जरुरत है। साथ ही कोरोना महामारी को देखते हुए वे पूर्ण रूप से होम आइसोलेशन में हैं। इस वजह से वे 8 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से मुंगेली में छानबीन समिति के समक्ष मौजूद नहीं हो पा रही हैं। डॉ. ऋचा जोगी ने कहा कि नोटिस और अन्य दस्तावेज मिलने के बाद जब भी छानबीन समिति उन्हें बुलाएगी वे सुनवाई में उपस्थित हो जाएंगी।

05-10-2020
सचिव व रोजगार सहायक की ग्रामीणों ने सांसद और जिपं सीईओ से की शिकायत

कांकेर। ग्राम पंचायत कोकड़ी के उपसरपंच एवं ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक पर प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से पैसे मांग किए जाने की शिकायत सांसद मोहन मंडावी एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से की है। ग्राम पंचायत कोकड़ी के उपसरपंच एवं ग्रामीणों द्वारा शिकायत आवेदन में उल्लेख करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत कोकड़ी का सचिव एवं रोजगार सहायक की मनमानी के चलते ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन की योजना का जो लाभ ग्रामीण हितग्राहियों को मिलना चाहिए उसे सचिव द्वारा कमीशन की मांग की जाती है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव पर तत्काल कार्यवाही की मांग की है। वहीं इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ डॉ. संजय कन्नौैजे ने कहा कि शिकायत के आधार पर जनपद सीईओ को जांच के लिए निर्देशित किया गया है। शिकायत सही पाये जाने पर दोषियों पर उचित कार्यवाही की जायेगी।

 

04-10-2020
चोरी की रेत भरकर जा रही 3 हाइवा और 1 जेसीबी पर खनिज विभाग ने की कार्यवाही, किया जब्त

कांकेर। अवैध रेत परिवहन करते फिर 3 हाइवा व 1 जेसीबी को खनिज विभाग की टीम ने जब्त किया है। विदित हो कि रेत तस्कर मुड़पार नदी के आस-पास कई स्थानों में जैसे कि कोकड़ी, नारा, भीरावाही व आस पास भारी मात्रा में अवैध रूप से रेत का भंडारण किया गया था। उस रेत को बालोद, दुर्ग, भिलाई व रायपुर हाइवा के माध्यम से भेजा जा रहा था। इसकी बार बार खनिज विभाग को शिकायत मिल रही थी। कई बार चोरी से भरे हाइवा को खनिज विभाग ने जब्त भी किया है इसके बाद भी रेत तस्कर रेत की चोरी करने से बाज नही आ रहे थे।

इसके बाद कोकड़ी में गौठान जाने वाले मार्ग से हाइवा वाहन में रेत भरने वाली जेसीबी जिसे मौके से चालक लेकर भाग रहा था उसे पीछा करके खनिज विभाग द्वारा पकड़ा गया है। एक हाइवा लखनपुरी से ,एक हाइवा को कोकड़ी से एवं एक हाइवा को नाथिया नवागांव के बांध के किनारे से पकड़ा गया है। सभी वाहनों में कार्यवाही के दौरान वाहन के चालक फरार हो गये थे। खनिज विभाग कोकड़ी के सरपंच व ग्रामीणों के समक्ष पंचनामा बनाकर उनके सुपुर्द किया गया।इस पूरे कार्यवाही में खनिज विभाग के अधिकारी प्रमोद नायक ने मौके पर पहुँच कर कार्यवाही की।

 

28-09-2020
वनमंत्री मो. अकबर और प्रभारी मंत्री भेडिया ने पीएम आवास निर्माण कार्यो में अनियमिता और शिकायत को संज्ञान में लिया

कवर्धा। प्रदेश के वनमंत्री मो.अकबर के निर्देश पर जिला पंचायत के सीईओ ने जिले के बोडला विकासखण्ड के वनांचल क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कराए जा रहे आवास निर्माण के कार्य की गुणवत्ता देखने वनांचल गांव का सघन दौरा कर कार्यों का जायजा लिया। बोड़ला विकासखण्ड के अंतर्गत 16 ग्राम पंचायतों के 331 आवास निर्माण कार्य को समय पर नहीं करने और कार्य में अनियमितता करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर वनांचल क्षेत्र के कार्य का सघन दौरा कर निर्माण कार्य का अवलोकन किया। वनाचंल ग्राम केसमर्दा, दलदली कुकरा पानी, चेन्द्रादादर जैसे 16 ग्राम पंचायत में कराए जा रहे। प्रधानमंत्री आवास के 331 हितग्राहियों के आवास निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर 78 व्यक्तियों के विरोध कार्यवाही के लिए थाने में सूचना दी गई है।

गौरतलब है कि प्रदेश के वनमंत्री व कवर्धा विधायक मो.अकबर और जिले की प्रभारी मंत्री अनिला भेड़िया के द्वारा विभागीय समीक्षा बैठक में पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों के शिकायत को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था। केसमर्दा में निर्माण कराए जा रहे हैं 39 आवास में से 17 आवास पूर्ण होने पाया गया है। साथ ही अन्य ग्रामो में भी कार्य प्रगति पर है,जिसे समय मे पूर्ण करने कहा गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बोड़ला, सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक के साथ तकनीकी सहायक को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि प्रतिदिन निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराएं। आवास हितग्राहियों को समय पर निर्माण सामग्री एवं सभी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश सर्वसम्बन्धित को दिए गए।

 

23-09-2020
राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा सांसदों ने की शिकायत, केंद्रीय योजनाओं की राशि में दुरुपयोग की शिकायत

रायपुर। प्रदेश के भाजपा सांसदों ने छत्तीसगढ़ सरकार के ख़िलाफ़ केंद्र से शिकायत की है। केंद्रीय पंचायत मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से शिकायत करते हुए सांसदों ने केंद्रीय योजनाओं की राशि में दुरुपयोग की शिकायत की है। ‬सांसदों ने केंद्रीय योजनाओं की राशि का दुरुपयोग करने की शिकायत की है। सांसदों ने कहा है कि केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन राज्य सरकार ठीक से नहीं कर रही। प्रधानमंत्री आवास योजना का भुगतान रुका हुआ है। इसके साथ ही य​ह भी कहा कि किसान सम्माननिधि का फ़ायदा सभी किसानों को नहीं मिल रहा है। सांसदों ने 14 वें वित्त आयोग की राशि से क्वारंटाइन सेंटर और गौठान बनाने का आरोप भी लगाया है।

22-09-2020
राशि का दुरूपयोग करने पर ग्राम पंचायत सचिव निलंबित

जांजगीर-चांपा। ग्राम पंचायत रगजा सचिव उर्मिला लहरे द्वारा 13वें वित्त एवं मूलभूत योजनाओं के स्वीकृत कार्यों को न कराने, 14 वें वित्त योजना के अंतर्गत राशि का दुरूपयोग करने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने निलंबित कर दिया। जिपं सीईओ ने बताया कि पंचायत सचिव के खिलाफ शिकायत मिलने पर जिला स्तर से पांच सदस्यीय टीम का गठन कर जांच कराई गई थी। जांच अधिकारियों ने शिकायत की जांच कर प्रतिवेदन दिया। प्रतिवेदन के आधार पर ग्राम पंचायत रगजा द्वारा नलकूप खनन में व्यय की गई राशि 85 हजार एवं पैरा ढुलाई में व्यय की गई राशि 88 हजार 500 रूपए, कुल राशि 1 लाख 73 हजार 500 रूपए तत्कालीन सरपंच सरिता साहू एवं ग्राम पंचायत रगजा सचिव उर्मिला लहरे से वसूली किया जाना पाया गया।

उक्त कृत्य के कारण ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उनके द्वारा दिए गए नोटिस का उत्तर समाधानकारण नहीं पाया गया। सचिव द्वारा अपने पदीय कर्तव्य का निर्वहन उचित ढंग से नहीं किया गया। उर्मिला लहरे का उक्त कृत्य अपने कर्तव्य के प्रति घोर उदसीनता, गंभीर लापरवाही, स्वेच्छारिता एवं गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है,जो छग पंचायत (आचरण) नियम 1998 के विपरीत है। अतः उर्मिला लहरे ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उर्मिला लहरे ग्राम पंचायत सचिव का मुख्यालय कार्यालय जनपद पंचायत सक्ती निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। 

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