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09-10-2020
ऐंटी-रेडिएशन मिसाइल रूद्रम का टेस्ट रहा सफल,टारगेट को मारने में रही कामयाब

नई दिल्‍ली। भारतीय वायुसेना के लिए बनी ऐंटी-रेडिएशन मिसाइल 'रूद्रम' का टेस्‍ट सफल रहा।  डिफेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) के साइंटिस्‍ट्स ने सुखोई-30 फाइटर जेट से यह मिसाइल छोड़ी। डीआरडीओ ने बयान में कहा क‍ि 'रूद्रम' अपने टारगेट को हिट करने में पूरी तरह कामयाब रही। इस मिसाइल की रेंज अलग-अलग परिस्थितियों में बदल सकती है। यह मिसाइल दुश्‍मन के हवाई ठिकानों को ध्‍वस्‍त करने के लिए बनाई गई है। इससे दुश्‍मन के सर्विलांस रडार, ट्रैकिंग और कम्‍युनिकेशन सिस्‍टम को आसानी से टारगेट किया जा सकता है। नई पीढ़ी की ऐंटी-रेडिएशन मिसाइल (NGARM) की रेंज 100 से 150 किलोमीटर के बीच है। यह डीआरडीओ की बनाई पहली जमीन से हवा में मार बने वाली मिसाइल है। 

02-09-2020
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ के प्रसारण पर रोक से किया का इंकार

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेटफ्लिक्स की फिल्म ' गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल' के प्रसारण पर रोक लगाने से बुधवार को इंकार कर दिया। केंद्र की तरफ से भारतीय वायुसेना की गलत छवि पेश करने के आधार पर फिल्म का प्रसारण रोकने का आग्रह किया गया था। न्यायाधीश राजीव शकधर ने बुधवार को फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने से इंकार करते हुए केंद्र से सवाल किया कि 'ओवर द टॉप' (ओटीटी) मंच पर फिल्म के प्रदर्शन से पहले वह मामला न्यायालय के समक्ष क्यों नहीं लाई। न्यायाधीश शकधर ने कहा अब कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता क्योंकि फिल्म प्रदर्शित हो चुकी है। फिल्म 12 अगस्त को ही ओटीटी प्लेटफाॅर्म पर प्रदर्शित हो चुकी है। केंद्र की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि फिल्म भारतीय वायुसेना की गलत छवि पेश कर रही है।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने सरकार की तरफ से दलील रखते हुए कहा कि फिल्म से भारतीय वायुसेना की छवि धूमिल हो रही है। फिल्म में बल मैं लैंगिक भेदभाव होने के संबंध में दिखाया गया है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।न्यायाधीश शकधर ने केन्द्र की याचिका पर 'धर्मा प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड' और नेटफ्लिक्स से जबाव मांगा है। न्यायालय ने यह भी कहा कि पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना को भी मामले में एक पक्ष बनाना चाहिए और उन्हें नोटिस जारी कर उनसे भी जवाब मांगा है।

 

18-08-2020
सीमा विवाद के बीच वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर तैनात किए लड़ाकू विमान

नई दिल्ली। चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के मद्देनजर भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान सीमा के साथ पश्चिमी मोर्चे पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस तैनात किए हैं।रिपोर्ट के अनुसार, एलसीए तेजस को भारतीय वायुसेना द्वारा पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान सीमा के करीब तैनात किया गया है,ताकि वहां से होने वाली किसी भी संभावित कार्रवाई पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। सूत्रों ने बताया, दक्षिणी वायु कमान के तहत सुलूर से बाहर पहले तेजस स्क्वाड्रन '45 स्क्वाड्रन (फ्लाइंग डैगर्स)' को एक ऑपरेशनल भूमिका में तैनात किया गया है। 

 

17-08-2020
खूंटाघाट में फंसे युवक को रेस्क्यू करने भारतीय वायुसेना को दी बधाई मुख्यमंत्री ने

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के खूंटाघाट में तेज बहाव के बीच फंसे युवक को रेस्क्यू करने के लिए छत्तीसगढ़वासियों की ओर से भारतीय वायुसेना सहित बचाव में जुटी पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने बधाई देते हुए लिखा कि आपकी हिम्मत और संकल्प शक्ति एक बार फिर साबित हुई है।

 

29-07-2020
राफेल विमान पहुंचे एयरबेस, रक्षा मंत्रालय ने कहा- हैप्पी लैंडिंग इन अंबाला

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने वाले राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप ने भारतीय वायुसीमा में प्रवेश कर लिया है। विमान अंबाला एयरबेस पहुंच चुका है। यहां इन्हें रिसीव करने के लिए खुद वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मौजूद हैं।वहीं, रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा, 'बर्ड्स भारतीय वायुसीमा में पहुंच गई हैं भारतीय वायुसीमा में पहुंच गई हैं। हैप्पी लैंडिंग इन अंबाला।'बता दें कि राफेल विमान भारत द्वारा पिछले दो दशक से अधिक समय में लड़ाकू विमानों की पहली बड़ी खरीद है। इन विमानों के आने से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता में महत्वपूर्ण रूप से बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। मालूम हो कि फ्रांस से अंबाला तक अपनी लंबी उड़ान के बीच ये पांचों विमान करीब सात घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में अल दफरा एयरबेस पर उतरे थे। पहला राफेल जेट पिछले साल अक्टूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फ्रांस यात्रा के दौरान भारतीय वायुसेना को सौंपा गया था। राफेल जेट का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयरबेस पर जबकि दूसरा पश्चिम बंगाल के हासिमारा बेस पर रहेगा।

बता दें कि भारत ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था। छह राफेल प्रशिक्षु विमानों की पूंछ पर आरबी श्रृंखला की संख्या अंकित होगी। आरबी एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया के नाम के पहले और अंतिम शब्द का संक्षिप्त रूप होगा। उन्होंने इस सौदे में मुख्य वार्ताकार के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।राफेल विमान जैसे ही पश्चिमी अरब सागर के ऊपर से निकले तो यहां तैनात भारतीय नौसेना के वॉरशिप आईएनएस कोलकाता ने इसका अलग अंदाज में स्वागत किया। आईएनएस कोलकाता डेल्टा 63 की ओर से कहा गया, 'ऐरो लीडर (राफेल) हिंद महासागर में आपका स्वागत है।'इस पर राफेल की ओर से भी जवाब दिया गया, 'बहुत शुक्रिया।' इसके बाद आईएनएस कोलकाता ने कहा- आप आकाश की उंचाईयों को नापे, हैप्पी लैंडिंग। इसके तत्काल बाद राफेल की ओर से भी जवाब दिया गया- हैप्पी हंटिंग ओवर एंड आउट।'

 

 

27-07-2020
फ्रांस से आ रहे 5 राफेल विमान यूएई के एयरबेस पहुंचे

नई दिल्ली। वायुसेना के पास जल्द ही 5 राफेल विमान होंगे। फ्रांस से आ रहे राफेल विमानों की पहली खेफ संयुक्त अरब अमीरात के दफ्रा एयरबेस पहुंच चुकी है। इन राफेल विमानों को फ्रांस के मेरिनेक एयरबेस से भारत के लिए रवाना किया गया था, जिसके बाद लगातार 7 घंटे की उड़ान भरने के बाद ये विमान संयुक्त अरब अमीरात के अल दफ्रा एयरबेस पहुंच गए हैं, जहां से वो 29 जुलाई को भारत पहुंचेंगे। बुधवार को भारतीय वायुसेना में ये राफेल विमान शामिल हो जाएंगे, लेकिन एयरफोर्स में इनके शामिल होने का औपचारिक समारोह का आयोजन अगस्त के मध्य में किए जाने की संभावना है। यूएआई के एयरपोर्ट से 7 हजार किमी की दूरी तय कर ये 5 राफेल विमान 29 जुलाई बुधवार को अंबाला स्थिति भारतीय वायुसेना के एयरबेस पहुंचेंगे। ये राफेल विमानों की पहली खेप हैं। माना जा रहा है कि 2021 तक सभी 36 राफेल विमान भारत के पास पहुंच जाएंगे। बता दें कि साल 2016 में भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल विमानों की खरीद का समझौता हुआ था। समझौते के मुताबिक 2 सालों में भारत को 36 राफेल विमान मिलने हैं। 36 राफेल विमानों के लिए दोनों देशों के बीच 59 हजार करोड़ की डील हुई थी। बता दें कि भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल के शामिल होने से भारत की युद्ध क्षमता में बढ़ोतरी होगी और भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ेगी।

 

27-07-2020
पांच राफेल विमानों की पहली खेप ने फ्रांस से भरी उड़ान, करेंगी 7000 किमी का सफर तय, 29 जुलाई को पहुंचेंगी भारत

नई दिल्ली। देश की आकाश में मारक शक्ति को और मजबूत बनाने के लिए 29 जुलाई को अत्याधुनिक पांच राफेल विमान भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएंगे।पांच विमानों की पहली खेप ने सोमवार को उड़ान भरी है और 7000 किलोमीटर का लंबा सफर तय करने के बाद यह 29 जुलाई को हरियाणा के अंबाला स्थित एयरबेस पहुंचेंगे। राफेल 10 घंटे की दूरी तय करने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में फ्रांस के एयरबेस अल धफरा एयरबेस पर उतरेगा। अगले दिन राफेल विमान अम्बाला के लिए उड़ान भरेगा।राफेल भारतीय वायु सेना के 17 वें स्क्वाड्रन 'गोल्डन ऐरो' का हिस्सा बनेगा,जो राफेल विमान से सुसज्जित पहला स्क्वाड्रन है। भारतीय वायु सेना के पायलट जिन्होंने राफेल विमान के उड़ान का प्रशिक्षण लिया है वही विमान उड़ाकर लेकर भारत आएंगे। राफेल विमान को औपचारिक रूप से 29 जुलाई को भारतीय वायु सेना में अम्बाला में शामिल किया जाएगा।फ्रांस से भारत 36 राफेल जेट फाइटर 36 हजार करोड़ रुपए में खरीदेगा। फ्रांस स्थित दूतावास ने आज इसकी जानकारी दी। भारत को पहला राफेल अक्टूबर-19 में सौंपा गया था। 

22-07-2020
राजनाथ सिंह ने कहा, वायुसेना को बदलते वक्त के साथ तकनीक में आ रहे बदलावों को अपनाने की जरूरत 

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वी लद्दाख में भारत एवं चीनी सेनाओं के बीच तनाव एवं तैनाती कम करने के प्रयासों की बुधवार को सराहना की और साथ ही भारतीय वायुसेना को आगाह किया कि वह किसी भी विपरीत परिस्थिति के लिए हर क्षण तैयार रहे।रक्षा मंत्री यहां वायुसेना के कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। वायुसेना के मुख्यालय वायु भवन में बुधवार को हुए इस सम्मेलन को एयर चीफ मार्शल आरके सिंह भदौरिया ने भी संबोधित किया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अपनी संप्रभुता की रक्षा करने का किसी राष्ट्र का संकल्प, उस देश की जनता का सशस्त्र सेनाओं की क्षमता पर विश्वास से मजबूत होता है। उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव घटाने के प्रयासों की सराहना की और साथ ही यह भी कहा कि वायुसेना को किसी भी विपरीत स्थिति का सामना करने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वायुसेना में आने वाले दिनों में स्वदेशी तकनीक का प्रयोग बढ़ाया जाएगा। रक्षा मंत्री ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ की नियुक्ति और रक्षा उत्पादन प्राधिकरण के गठन के माध्यम से तीनों सेनाओं के बीच तालमेल एवं एकीकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया।रक्षा मंत्री ने कहा कि वायुसेना को बदलते वक्त के साथ तकनीक में आ रहे बदलावों को अविलंब अपनाने की जरूरत है। नैनो तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में क्षमता विस्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने वायुसेना के कमांडरों को आश्वासन दिया कि सशस्त्र सेनाओं की वित्तीय एवं अन्य हर प्रकार की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।वायुसेना प्रमुख ने कमांडरों को संबोधित करते हुए कहा कि वायु सेना अल्पकालिक तथा सामरिक खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और वायुसेना की सभी यूनिट दुश्मन की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम हैं।

 

10-06-2020
पाकिस्तान एयरफोर्स के हवाई अभ्यास पर भारत की कड़ी नजर

नई दिल्ली। पाकिस्तान के युद्धाभ्यास 'हाई मार्क' पर भारत कड़ी नजर रख रहा है। इस युद्धाभ्यास में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू और अन्य विमान शामिल हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार यह युद्धाभ्यास पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में हो रहा है और पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा अपने हवाई अभ्यास को लेकर नोटिस टू एयरमैन जारी किया गया है। सूत्रों ने कहा, ‘भारतीय वायुसेना उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है क्योंकि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान रात के समय उड़ान भरने सहित विभिन्न युद्धाभ्यास कर रहे हैं। इसमें चीनी जेएफ-17, एफ-16 एस और मिराज -3एस विमान भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी विमान भी पिछले साल फरवरी में भारतीय वायुसेना द्वारा बालाकोट में किए गए हवाई हमले की तरह रात के समय होने वाले छापे (रेड) को लेकर अभ्यास कर रहे हैं। पाकिस्तानी जेट ने अभ्यास अभियानों के लिए कराची शहर से बड़े पैमाने पर उड़ान भरी थी। पिछले महीने पाकिस्तान ने कश्मीर के हंदवाड़ा में हुई मुठभेड़ में भारतीय सेना के कर्नल के शहीद होने के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा बदले की आशंका के चलते रात के समय उड़ान भरना शुरू कर दिया था। बता दें कि दो मई को हुए आतंकी मुठभेड़ में कर्नल आशुतोष शर्मा समेत पांच जवान शहीद हो गए थे। मुठभेड़ में जवानों के शहीद होने से पाकिस्तान को भारत की तरफ से जवाबी कार्रवाई का डर सता रहा था।

 

18-05-2020
भारतीय वायुसेना ने दी पाकिस्तान को चेतावनी, एयरफोर्स चीफ ने कहा- हम चौबीसों घंटे तैयार है

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत में आतंक फैलाना बंद करो नहीं तो हम चौबीसों घंटे तैयार है। बताया जा रहा है कि भारतीय सेना पीओके में घुसकर आतंकी लॉन्‍च पैड्स को फिर निशाना बनाने के लिए तैयार है। मई की शुरुआत में हंदवाड़ा एनकाउंटर हुआ था,जिसमें भारत ने अपने पांच जवान खोए।इस मुठभेड़ के बाद से ही पाकिस्‍तान को डर है कि भारत जवाबी कार्रवाई कर सकता है। एयरफोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा है कि पाकिस्‍तान को टेंशन होनी भी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि भारतीय वायुसेना चौबीसों घंटे तैयार है।एयरफोर्स चीफ ने कहा कि जब भी हमारी धरती पर कोई आतंकी हमला होता है, उन्‍हें (पाकिस्‍तान) चिंता होनी चाहिए। उन्‍हें अगर इस टेंशन से मुक्ति पानी है तो भारत में आतंक फैलाना बंद करना होगा।

क्‍या भारत फिर से पीओके में किसी एयर स्‍ट्राइक करने को तैयार है? इस सवाल पर भदौरिया ने कहा, "अगर हालात की यही मांग होती है तो बिल्कुल, भारतीय वायुसेना चौबीसों घंटे तैयार है।लद्दाख में चीन की ओर से हवाई सीमा के उल्लंघन की घटना पर भदौरिया ने कहा कि वहां असामान्य गतिविधियां हुई थीं। ऐसी घटनाओं पर हम नजर रखते हैं और जरूरी कार्रवाई भी करते हैं। ऐसे मामलों में ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं। नौ मई को नॉर्थ सिक्किम के नाकू ला सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। उसी दौरान लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पास चीन की सेना के हेलिकॉप्टर देखे गए थे। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने भी सुखोई समेत दूसरे लड़ाकू विमानों से पैट्रोलिंग शुरू कर दी।

15-05-2020
वायुसेना की ताकत में होगा इजाफा,चार राफेल फाइटर प्लेन होंगे शामिल

नई दिल्ली। जल्द ही भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा होने वाला है। भारत को जुलाई तक चार राफेल फाइटर प्लेन मिल जाएंगे। इन्हें हरियाणा के अंबाला स्थित एयरबेस पर तैनात किए जाएंगे। भारत को पहले ये राफेल मई में मिलने थे, लेकिन कोरोना वायरस के संकट के चलते दो महीने देरी से मिलेंगे। भारत में आने वाले चार प्लेनों में तीन दो सीटों वाले ट्रेनिंग प्लेन होंगे। जबकि एक फाइटर जेट होगा,भारत ने फ्रांस से 36 राफेल का सौदा किया है।राफेल आने से भारत की वायुसेना की शक्ति में काफी गुना तक इजाफा हो जाएगा।राफेल आधुनिक विमान है। इसकी हथियार प्रणाली पाकिस्तान के एफ-16 से ज्यादा शक्तिशाली और ताकतवर है। इसका रडार सिस्टम 84 किमी तक टारगेट को आसानी से डिटेक्ट करता है। यह 100 किमी दायरे में 40 टारगेट को एकसाथ डिटेक्ट कर सकता है।राफेल का मिसाइल सिस्टम काफी आधुनिक और बेहतर है। यह विमान हवा से हवा और हवा से जमीन पर सटीक निशाना साधने वाले हथियारों को अपने साथ ले जाने में सक्षम है। इसमें तैनात मीटिअर मिसाइल 150 किमी दूरी तक हवा में टारगेट पर सटीक निशाना लगा सकती है।

 

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