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04-05-2020
होटल, रेस्टोरेंट में तैयार खाद्य पदार्थों की होगी होम डिलीवरी....

 

धमतरी। जिले के उपभोक्ताओं को होटल, रेस्टोरेंट के जरिए खाद्य पदार्थों की होम डिलीवरी की सशर्त सुविधा दी जाएगी। होटल संचालक ग्राहकों से प्रत्यक्ष रूप से सम्पर्क न करके डिलीवरी ब्वाॅय के माध्यम से खाद्य सामग्री घर तक पहुंचाई जाएगी। इसमें खाद्य विभाग के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए सुबह 07 से दोपहर 03 बजे के बीच खाद्य पदार्थ के घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के होटल/रेस्टोरेंट के मालिक अथवा प्रबंधक खाद्य सामग्री तैयार करते वक्त शटर/दरवाजा बंद रखेंगे तथा किसी भी स्थिति में खाद्य पदार्थों को सीधे ग्राहकों को नहीं बेच सकेंगे। इसके साथ ही बिना गुमास्ता लाइसेंस के कोई भी होटल/रेस्टोरेंट संचालक अथवा प्रबंधक द्वारा किसी भी प्रकार की होम डिलीवरी नहीं कराई जा सकेगी। यह भी निर्देशित किया गया कि होटल/रेस्टोरेंट का दूरभाष नंबर तथा डिलीवरी ब्वाॅय का भी मोबाईल नंबर चस्पा होना चाहिए। होम डिलीवरी नंबर पर उपभोक्ता फोन कर अपना खाद्य पदार्थ आर्डर कर सकेंगे। डिलीवरी ब्वाॅय के पास सेनेटाइजर उपलब्ध होना जरूरी है। इसके साथ ही उसे मास्क भी अनिवार्य रूप से लगाना होगा। शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार खाद्य पदार्थों को तैयार करने में उचित साफ-सफाई तथा गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना अनिवार्य है। होटल/रेस्टोरेंट के संचालक/ प्रबंधकों का यह दायित्व होगा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। उपरोक्त दिशा-निर्देशों के अतिरिक्त खाद्य विभाग, केन्द्रीय, राज्य अधिनियमों के सुसंगत प्रावधान भी इस दौरान लागू होंगे। उक्त निर्देश ठेला, रेहड़ी इत्यादि पर लागू नहीं होगा।

 

19-04-2020
यूट्यूब ने अपने एंड्राइड ऐप में किया ये बदलाव...सोशल मीडिया पर किया जा रहा है ट्रोल

मुंबई। वीडियो शेयरिंग कंपनी यूट्यूब ने अपने एंड्राइड ऐप में कुछ बदलाव किए हैं। दुनियाभर में हो रहे दिन प्रतिदिन बदलाव को देखते हुए यहा परिवर्तन किया गया है। भारतीय उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए यूट्यूब ने अपने एंड्राइड ऐप में वीडियो के देखे जाने वालों की गिनती को अब मिलियन और बिलियन से हटाकर लाख और करोड़ में दिखाना शुरू कर दिया है। हालांकि मिलियन और बिलियन के आदी हो चुके भारतीयों को यूट्यूब का यह नया बदलाव बिल्कुल भी गले नहीं उतर रहा है और वह सोशल मीडिया पर लगातार इसकी बुराई कर रहे हैं। यूट्यूब के दुनियाभर में लगभग 200 करोड़ उपभोक्ता हैं, उनमें से लगभग 26 करोड़ पचास लाख उपभोक्ता अकेले भारत में पाए जाते हैं। एक बड़ी संख्या को उनकी ही क्षेत्रीय भाषा में लुभाने के लिए यूट्यूब ने यह बड़ा कदम उठाया है। हालांकि बिलियन और मिलियन से लाख और करोड़ में हुआ यह बदलाव अभी सभी भारतीयों को दिखाई देना शुरू नहीं हुआ है।

यूट्यूब ने बहुत छोटे पैमाने पर यह प्रयोग कुछ मुट्ठी भर एंड्राइड ऐपधारियों के ऊपर करके देखा है। इस प्रयोग के अंतर्गत किसी भी वीडियो के देखने वालों की संख्या ही नहीं, बल्कि किसी यूट्यूब चैनल के सब्सक्राइबर्स की संख्या को भी लाख और करोड़ में ही दिखाया जाएगा। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो यूट्यूब इसे सभी प्लेटफार्म के लिए लागू कर सकता है। जैसे ही इस बदलाव की खबर फैली, वैसे ही सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। जिन लोगों के एंड्राइड ऐप पर यह बदलाव हुए हैं, उन्होंने अपने फोन से स्क्रीनशॉट लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और टि्वटर पर साझा करना शुरू कर दिया। ज्यादातर लोगों ने इस बदलाव को बहुत ही खराब बताया। उनका मानना है कि वे अब मिलियन और बिलियन में गिनती करने के आदी हो गए हैं इसलिए लाख और करोड़ में किसी भी संख्या को गिनना हजम नहीं होता।

15-04-2020
15 वर्ष तक भाजपा सरकार उपभोक्ताओं से पूरा बिजली बिल वसूलती रही: एमए इकबाल

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता एमए इकबाल ने कहा है कि 15 वर्षों में बिजली की दरों में 300 प्रतिशत वृद्धि करने वाली भाजपा सरकार ने बिजली के क्षेत्र में जमकर भ्रष्टाचार और गड़बड़ियां की। ज्यादा बिजली बिल वसूलने के भाजपा के आरोप पूरी तरीके से झूठे और भ्रामक हैं। कांग्रेस सरकार द्वारा उपभोक्ताओं के बिजली बिल हाफ करना और बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से चलना भाजपा से हजम नहीं हो रहा है। भाजपा नेता सलीम राज के आरोपों को झूठा और निराधार निरूपित करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एमए इकबाल ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के कारण मीटर रीडिंग का काम पिछले माह मार्च से स्थगित है इसलिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा औसत बिल के आधार पर बिजली बिल दिया जा रहा है। जैसे ही अगले माह स्थिति सामान्य होगी मीटर रीडिंग वाला बिल दिया जाएगा। इसमें 800 यूनिट तक 50प्रतिशत  छूट की योजना का लाभ भी दिया जाएगा। ना तो 7 गुना बिल दिया जा रहा है और ना ही बिजली उपभोक्ताओं को कोई नुकसान पहुंचाया जा रहा है। भाजपा नेता सलीम राज के आरोप झूठे और निराधार हैं। वरन प्रदेश के 40 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को पिछले वर्ष से भूपेश बघेल सरकार की बिजली बिल हाफ योजना का लाभ मिल रहा है। अगर बिजली बिल नहीं पटा है उस पर जो अधिभार लगता है उस पर भी कोरोना संक्रमण को देखते हुए कांग्रेस सरकार द्वारा छूट प्रदान की गई है। पिछले 15 वर्ष के भाजपा के कुशासन के समय 300 प्रतिशत तक बिजली की दरों में वृद्धि की गई इसे भाजपा न भूलें। इस वर्ष फरवरी-मार्च में नियामक आयोग ने दरों के निर्धारण में बिजली की दर में कोई भी वृद्धि नहीं करने का फैसला लिया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एमए इकबाल ने भाजपा नेता द्वारा करोना जैसी आपदा के समय झूठ का सहारा लेकर स्तरहीन राजनीति करने की कड़े शब्दों में निंदा की है।

10-04-2020
ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने वालों की संख्या बढ़ी, 30 अप्रैल  तक अधिभार में मिलेगी छूट                              

रायपुर। कोविड-19( कोरोना) के कारण लॉकडाउन की स्थिति में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के निम्न दाब उपभोक्ताओं के लिए नगद संग्रहण केंद्रों को 14 अप्रैल तक बंद किया गया है। इसके कारण ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अतिरिक्त महाप्रबंधक जनसंपर्क विजय मिश्रा ने कहा कि ऐसे समय में उपभोक्ता की ओर से ऑनलाइन भुगतान के विभिन्न माध्यमों (केवल पेटीएम वॉलेट से किए गए भुगतान को छोड़कर) इत्यादि से भुगतान किए जाने पर, उपभोक्ताओं से बिजली बिल के अलावा किसी भी प्रकार का अन्य शुल्क नहीं लिया जाता है। आनलाइन भुगतानों का ट्रांजेक्शन चार्ज और जीएसटी का वहन छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की ओर से ही किया जाता है। कंपनी प्रबंधन के समक्ष यह बात आई है कि कतिपय प्रचार माध्यमों से उपभोक्ताओं को भ्रमित किया गया है कि ऑनलाइन बिजली बिल भुगतान करने पर ट्रांजेक्शन चार्ज उपभोक्ताओं से लिया जाता है। इसका  खंडन करते हुए कंपनी की ओर से उपभोक्ताओं के भ्रम को दूर करने इस बात को स्पष्ट किया गया है कि केवल पेटीएम वॉलेट के द्वारा किए गए भुगतानों को छोड़कर अन्य माध्यम से भुगतान किए जाने पर उपभोक्ताओं से ट्रांजेक्शन चार्ज नहीं लिया जाता। छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने यह भी बताया कि ऐसे निम्न दाब उपभोक्ता जिनके विद्युत देयकों की भुगतान की नियत तिथि 19 मार्च से 14 अप्रैल 20 तक के मध्य है, उन्हें 30 अप्रेल तक बिना अधिभार के विद्युत देयकों के भुगतान की सुविधा प्रदान की जा रही है। ऑनलाइन के माध्यम से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को भी अधिभार से छूट दी जा रही।

21-03-2020
31 मार्च नहीं जमा होंगे बिजली बिल, केश कलेक्शन काउंटर रहेंगे बंद

रायपुर। कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा की दृष्टि से आम उपभोक्ताओं को विद्युत देयक जमा करने की लाइन में सामाजिक सम्पर्क से बचाव की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने सभी नगद संग्रहण केन्द्रों (केश कलेक्शन काउटंरर्स) को तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक बंद किये जाने का निर्णय लिया है। उपभोक्ता जिनकी भुगतान के लिए नियत तिथि 19 मार्च से 15 अप्रैल है वे नगद धनाआदेश के माध्यम देयकों का भुगतान बिना किसी सरचार्ज से 15 अप्रैल तक विभिन्न माध्यमों से संग्रहण केन्द्रों पर कर सकेगें।

 

13-01-2020
अब टीवी देखना हो जाएगा और भी सस्ता, ट्राई ने घटाए चैनलों के रेट

नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने हाल ही में डीटीएच सेवाओं को लेकर एक नया फ्रेमवर्क जारी कर दिया है। इसमें ट्राई ने 19 रुपए वाले टीवी चैनल्स की कीमत को घटाकर 12 रुपए प्रति माह कर दिया था। ट्राई के इस निर्णय का टीवी चैनल ब्रॉडकास्टर ने विरोध जताया था। ट्राई के प्रमुख ने कहा है कि उपभोक्ताओं के हित में चैनल्स की मासिक कीमत में कटौती की गई है। ट्राई ने साफ किया है कि कंपनियों को टैरिफ की जानकारी 15 जनवरी तक अपनी वेबसाइट पर डालनी होगी। 30 जनवरी तक दोबारा सभी चैनल की रेट लिस्ट सामने आ जाएगी। इससे उपभोक्ता को चैनल चुनने में आसानी होगी।

 

15-12-2019
पेट्रोल डीजल के मूल्यों में वृद्धि से महंगाई में हुआ इजाफा

रायपुर। पेट्रोल डीजल के मूल्यों में हुई वृद्धि से जहां दोपहिया, चौपहिया वाहन चालक महंगाई की मार से पीड़ित है। वहीं रोजमर्रा उपयोग में आने वाली दैनिक उपयोग की चीजोंं में ट्रकों से आने वाली सामग्री में मॉल भाड़े में वृद्धि होने के कारण व्यापारियों द्वारा महंगे दरों पर सामग्री बेची जा रही है। पेट्रोल का मूल्य 75 रूपये लीटर, डीजल का मूल्य 73 रूपये लीटर होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं के अनुसार लोकसभा, विधानसभा चुनाव निपटने के बाद उक्त वृद्धि संभावित थी। वहीं तेल कंपनियों का निजीकरण होने के कारण तेल कंपनियों पर अब केंद्र सरकार का नियंत्रण नहीं रह गया है। सामाजिक कार्यकर्ता शरद जाल ने तेल के मूल्यों में हुई वृद्धि पर आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे निजी कंपनियों की मनमानी करार दिया है। 

 

23-09-2019
दो दिनों से बीएसएनल नेटवर्क ठप, सरकारी विभागों समेत उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी

बलरामपुर । जिला मुख्यालय में दो दिनों से बीएसएनल नेटवर्क बंद होने की वजह से उपभोक्ताओं को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को अधिकारियों से संपर्क करने के लिए मीलों सफर तय करना पड़ रहा है। पहले नेटवर्क होने की वजह से उनका संपर्क फोन से हो जाता था, लेकिन अभी 2 दिनों से कनेक्टिविटी बंद होने की वजह से लोगों को मुख्यालय तक का सफर तय करना पड़ रहा है। बीएसएनएल के एसडीओ विमल श्रीवास एवं जेटीओ जे. कुजूर ने बताया कि रामानुजगंज और राजपुर के बीएसएनएल ऑफिस के राजपुर में 6 लाख और रामानुजगंज में 6 लाख 30 हजार रुपए का विद्युत बिल बकाया होने की वजह से विद्युत कनेक्शन काट दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द अपनी सेवा प्रारंभ कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राजपुर या रामानुजगंज में किसी एक जगह भी हमें अभी विद्युत कनेक्शन मिल जाएगा तो हम अपने कनेक्टिविटी को सुचारू रूप से चालू कर सकेंगे, जिसके लिए उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से भुगतान करने के लिए अपील की है।

 

24-08-2019
किसान उपभोक्ता बाजार बनकर तैयार,किसानों और उपभोक्ताओं के बीच हो सकेगा सीधे व्यापार

रायपुर। कलेक्टर डाॅ. एस. भारतीदासन ने शनिवार को रायपुर शहर के कृषि मंडी पंडरी में बनाए जा रहे किसान उपभोक्ता बाजार का अवलोकन किया। किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधे व्यापार की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही है। किसानों को उनके उत्पादन का अच्छा मूल्य मिले और उपभोक्ताओं को उचित दाम पर फल एवं सब्जियां प्राप्त हो, इसके लिए किसान उपभोक्ता बाजार एक अभिनव पहल है। किसान उपभोक्ता बाजार बनकर लगभग तैयार है और शीघ्र ही इसका शुभारंभ किया जाएगा।  इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ.गौरव कुमार सिंह, कृषि उपज मंडी के प्रबंध संचालक अभिनव अग्रवाल, अतिरिक्त प्रबंध संचालक महेन्द्र सिंह सवनी, अपर संचालक अशोक कुम्बज भी उनके साथ थे।

किसान बाजार एक व्यावसायिक अवधारणा है, जिसका उद्देश्य बिचैलिया तंत्र को हटाते हुए किसानों को उनके उत्पाद की ब्रिक्री के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है जिससे वे अपने कृषि उत्पाद की ब्रिक्री सीधे उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर कर सके। इससे कृषि उत्पाद दर में स्थिरीकरण भी हो सकेगा। किसान बाजार में पेयजल, शौचालय, वाहन पार्किंग, कैंटिन, कृषक सूचना केन्द्र, भंडारण सुविधा, अपशिष्ट सब्जियों के संग्रहण एवं खाद निर्माण जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। कृषक बाजार किसानों को पहचान-पत्र जारी किया जाएगा और उन्हें प्रतिदिन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर स्थान आवंटित किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति द्वारा 24 घंटों के लिए कृषि उत्पादों की अधिकतम मूल्य भी निर्धारित किया जाएगा। किसान सब्जी एवं फल की गुणवत्ता के आधार पर अधिकतम मूल्य के नीचे अपने उत्पादों का विक्रय कर सकेंगे। विक्रय का समय सुबह 8 बजे से 11 बजे तक रहेगा। कृषि उपज मंडी के अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता बाजार के लिए 140 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। कलेक्टर ने किसान उपभोक्ता बाजार के लिए पार्किंग आदि की व्यवस्था और बेहतर बनाने तथा नियमावली बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इसी तरह रायपुर शहर के समीप ग्राम तुलसी बाराडेरा में निर्मित किए गए थोक फल-सब्जी तथा आलू-प्याज-लहसुन की शाॅप कम गोदाम का भी अवलोकन किया। उन्होंने इस परिसर की उपयोगिता बढ़ाने की दृष्टि से इसे अन्य कार्यों में उपयोग लाये जाने के निर्देश भी दिए।  

 

16-07-2019
अब तक 60 हजार उपभोक्ताओं का बिजली बिल हाफ, ग्रामीण उमेंद का बिल पूरा माफ

कोरबा। कुछ माह पहले तक जब उमेंद सिंह के घर बिजली का कनेक्शन नही था तब पूरा परिवार नाखुश था। मानो अंधेरे में जिंदगी कट रही थी। गाँव में जब बिजली आई तो उमेद सिंह के घर में भी मीटर लगा और बिजली का कनेक्शन जुड़ा। अब तक ढ़िबरी,चिमनी की टिमटिमाती लौ में रात गुजारते आये इस परिवार के लिए बिजली की रौशनी मानों इनके जीवन को भी जगमग कर गई। गाँव के अन्य ग्रामीणों की तरह उमेंद और उसका परिवार बहुत खुश था। अभी माह दो माह ही हुए थे,जंगलों के बीच बसे इस गाँव के कई ग्रामीणों की खुशियों में अचानक सा अंधेरा छाने लगा। बार-बार लाइट गुल होना तो होता ही रहा, साथ ही बिजली का बिल भी इतना अधिक आने लगा कि ग्रामीणों को बिजली की रौशनी की खुशी भारी लगने लगी। उमेंद सिंह का बिजली बिल भी ज्यादा था,अपनी आमदनी के हिसाब से वह इतना ज्यादा बिजली बिल हर बार चुका नही सकता था। महज दो बल्ब जलने के बाद भी अधिक बिल परिवार के लिये एक पीड़ा बन गई। इसी दौरान उसने भी सुन रखा था कि किसानों का कर्ज माफ और बिजली बिल हाफ होगा। उमेंद सिंह ने जैसे तैसे बिल तो जमा किया और सरकार से उमीद लगा के रखा कि आने वाले समय में उसका बिजली बिल आधा आएगा। उमेंद सिंह की उम्मीद सचमुच पूरी हुई, पिछले दो माह से बिल की राशि महज 3 और 4 रूपए ही आ रहा है। लाइट जाने की समस्या भी दूर हो गयी है। उमेंद सहित कई उपभोक्ताओं को बिजली बिल में छूट का लाभ मिला है। 
पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के सुदूरवर्ती ग्राम गिद्धमुड़ी की जनसंख्या लगभग 1079 है। शहर से लगभग 120 किलोमीटर दूर घने जंगल के बीच बसा गिद्धमुड़ी ग्राम में प्रकृति की सुंदरता यहा आने वालों को प्रफुल्लित करती है। इस गांव में रहने वाले उमेंद सिंह ने बताया कि पहले उसके घर का बिजली बिल अधिक आता था। वर्ष 2018 में बिजली मीटर लगने के बाद बीच बीच में लाइट गुल होती थी और बिजली का बिल भी इतना ज्यादा था कि जमा करने के लिये पैसे का इंतजाम नही हो पाता था। उमेंद सिंह ने बताया कि बिजली का कनेक्शन उनकी पत्नी श्रीमती रजनी बाई के नाम पर है। पिछले अप्रैल एवं मई महीने में उसका बिजली बिल महज तीन रूपये 95 पैसे ही आया है। वे बिल जमा करने गये थे लेकिन बहुत कम राशि होने की वजह से पैसा नही लिये। उसने बताया कि जून-जुलाई माह में किसानों को खेती किसानी के दौर में आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बिजली बिल कम आने से उन्हें बहुत राहत मिली है। यह उमेंद सिंह के परिवार के लिये बहुत खुशी की बात है। उसकी पत्नी श्रीमती रजनी बाई ने बताया कि लगातार दो महीना से बिजली बिल बहुत कम आया है। जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ नही बढ़ा। उसने बताया कि बिजली बिल आधी करने की बात उसने सुनी थी, लेकिन बिजली बिल सचमुच बहुत कम आया तो शासन के उपर विश्वास बढ़ गया। गांव के उमेंद सिंह की तरह ही बंधन सिंह भी है जिसका बिजली का कनेक्शन उनकी पत्नी कुंती बाई के नाम पर है। बंधन सिंह ने बताया कि उसका बिजली बिल 10 रूपये ही आया है। पहले कई गुना बिजली बिल आता था, जिससे आर्थिक बोझ पड़ता था, अब बिल कम आने से खेती किसानी के समय उसे आर्थिक बोझ नही पड़ा।
प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उपभोक्ताओं का बिजली बिल हाफ करने के निर्णय के पश्चात कोरबा जिले में अब तक 60 हजार 37 उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिला है। विद्युत विभाग के अधिकारी रंजीत कुमार ने बताया कि जिले में कुल एक लाख 82 हजार 296 उपभोक्ता है। ये सभी बिजली बिल हाफ की श्रेणी में है लेकिन एक लाख 21 हजार 978 उपभोक्ताओं के बिल में कुछ न कुछ राशि बकाया है। इसलिये इन उपभोक्ताओं को लाभ अभी प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं के बकाया राशि जीरो होने पर आटोमेटिक तरीक से कम्पयूटराइज्ड सिस्टम द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ का लाभ मिल पायेगा। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे अपना बकाया बिजली बिल शीघ्र जमा करें।

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