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03-10-2020
समान कार्य वितरण महिला स्व सहायता समूहों की मांग,बूढ़ापारा में दिया एक दिवसीय धरना

रायपुर। हाथकरघा महिला स्व सहायता समूह के पदाधिकारियों ने शासन के निर्देश के बावजूद अधिकारियों की सांठ-गांठ से चुनिंदा स्व सहायता समूह को 50 हजार गणवेश सिलाई का आवंटन करने का आरोप लगाया है। हाथकरघा महिला स्व सहायता समूह संगठन की अध्यक्ष शोभा ठाकुर और सचिव शीतला ठाकुर ने कहा है कि सैकड़ों समूूहों को दो-चार हजार गणवेश सिलाई आवंटन मिल रहा है। इसके खिलाफ स्व सहायता समूह की महिलाओं ने संगठित होकर शनिवार को बूढ़ापारा धरना स्थल में एक दिवसीय धरना दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग एवं राजीव गांधी शिक्षा मिशन से स्कूली बच्चों के लिए गणवेश की मांग आदेश छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहाकारी संघ मर्या. रायपुर को दिया जाता है। इससे प्रदेश के सभी स्व सहायता समूहों को गणवेश सिलाई कार्य के माध्यम से रोजगार प्रदान किया जा सके। समूहों को समान कार्य मिले इसके लिए हाथकरघा संघ ने मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के निर्देश पर एक वर्ष/सीजन में एक समूह को 20 हजार गणवेश सेट से अधिक का कार्य आदेश नहीं दिए जाने का नियम बनाया है। इसके लिए हम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त करते हैं।  उन्होंने कहा है कि समूह की महिलाएं अधिकारियों के उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। उन्हे परिवार चलाने के लिए काम नहीं मिल पा रहा है इसलिए प्रदेश की आक्रोशित और पीड़ित स्व सहायता समूह की महिलाएं धरना देने मजबूर होकर दूर-दूर से रायपुर आई थी। संगठन के संरक्षक कन्हैया अग्रवाल ने धरना को संबोधित कर कहा कि सरकार के निर्देशों का अक्षरश: पालन होगा। सभी स्व सहायता समूह की महिलाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप समान रूप से कार्य मिले, इसके लिए विभागीय मंत्री से चर्चा करेंगे। भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार में महिलाओं के स्वरोजगार के माध्यम कमजोर नहीं होंगे । स्व सहायता समूह और अधिकारियों की समस्याओं को चर्चा कर निराकृत कराया जाएगा ।

 

धरने में बुनकर संघ में कार्यरत समूहों के साथियों ने भी अपनी समस्याएं बताई। धरना को प्रिया देवांगन, ललिता नाग, पार्वती देवांगन, नंदनी साहू, शांति लोधी, दुर्गा साहू, देवकी दास, दुर्गा देवांगन आदि ने संबोधित किया। धरने के बाद समान रूप से कार्य वितरण और भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांगयुक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री,राज्यपाल और विभागीय मंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा गया। धरने में प्रमुख रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, जामगांव, आरंग, बालोद, कांकेर, गरियाबंद, सेमरा, गबरी, राजनांदगांव, जगदलपुर, सुकमा की लगभग 300 महिलाएं शामिल हुईं। धरने में विभिन्न जिलों के बुनकर भी शामिल हुए।

21-06-2020
भूपेश बघेल सरकार ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को गणवेश सिलाई के जरिये सतत उपलब्ध करा रही है रोजगार

रायपुर। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामोद्योग को अपने जीवनयापन का जरिया बनाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने और ग्रामीणों को उनकी कुशलता और दक्षता के अनुरूप घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। हाथकरघा संघ ने महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी 7000 महिलाओं को गणवेश सिलाई के माध्यम से नियमित रूप से रोजगार उपलब्ध कराया है। स्व-सहायता समूह से जुड़ी बुनकर महिलाओं ने कोरोना संकट और लॉक डाउन की विषम परिस्थिति को भी अपने हुनर और हौसले से लाभ के अवसर में बदल दिया है। समूह की महिलाओं ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बाजार में मास्क की डिमांड को देखते हुए सूती कपड़े का अच्छी क्वॉलिटी का 3 लाख 80 हजार मास्क तैयार किया।

 बुनकर महिलाओं ने अपने लाभांश राशि में से एक लाख 45 हजार 303 रुपए की राशि का चेक मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए और 1500 नग मास्क भेंट कर कोरोना की लड़ाई में अपनी अनुकरणीय सहभागिता निभाई हैं। राज्य में हाथकरघा के माध्यम से वस्त्रों की बुनाई में जुटीं महिला स्व-सहायता समितियों और बुनकर समितियों ने लॉक डाउन की अवधि में 7 करोड़ 65 लाख रुपए से अधिक का कारोबार किया है। हाथकरघा संघ ने 12 हजार 600  हाथकरघों के माध्यम से प्रदेश के 37 हजार बुनकर परिवारों को वर्ष भर रोजगार उपलब्ध कराया है। खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार मूलक कार्यक्रम के अंतर्गत 661 इकाईयों की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। इनके जरिए 6 करोड़ 94 लाख 83 हजार रुपए का अनुदान वितरित कर 3965 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

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