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23-10-2020
Video: अनुसुइया उइके पहुंचीं माँ बम्लेश्वरी के दरबार, प्रदेश के विकास और खुशहाली के लिए प्रार्थना की

राजनांदगांव। राज्यपाल अनुसुइया उइके शुक्रवार को माँ बम्लेश्वरी के दरबार में दर्शन करने पहुंची।   राज्यपाल ने मां बम्लेश्वरी की पूजा—अर्चना की। उन्होंने प्रदेश के विकास और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कोरोना संकट काल और महामारी से जल्द मुक्ति के लिए भी मां बम्लश्वारी के दरबार में माथा टेककर प्रार्थना की। राज्यपाल का कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा व पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण सहित अन्य अधिकारियों व मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

20-10-2020
रावण दहन को लेकर समितियां जुटी तैयारियों में, शासन की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा रावण दहन में

रायपुर। कोरोना संकट काल के बीच राजधानी के रावण भाठा में रावण दहन किया जाएगा। इस संबंध मंगलवार को रावण भाठा मैदान समिति के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने बताया की है कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए शासन ने जो गाइडलाइन जारी है उसके अनुसार हम दशहरा पर्व मनाएंगे। इस बार केवल 10 फीट का ही रावण का पुतला बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से रावण भाटा मैदान में रावण दहन किया जा रहा है। लोग यहां दूरदराज से रावण दहन देखने आते थे। इस बार कोरोना वायरस की महामारी को देखते और इसके प्रसार को रोकने के लिए शासन की दी गई गाइडलाइन के अनुसार रावण दहन किया जाएगा।

 

18-10-2020
Video: डोंगरगढ़ में इस बार नहीं लगेगा मेला, ट्रेनों का स्टापेज भी बंद

राजनांदगांव। नवरात्रि पर डोंगरगढ़ में मेला नहीं लगेगा। ट्रेनों के स्टापेज पर रोक लगा दी गई है। माँ बम्लेश्वरी माई के दरबार में हर साल नवरात्रि पर बड़े पैमाने पर मेला लगता ​है। लेकिन इस बार कोरोना संकट काल के कारण रोक लगा दी गई हैं। इस बार नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ में ट्रेनों का विशेष स्टापेज नहीं होगा। दर्शनार्थियों को बम्लेश्वरी मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। वहीं डोंगरगढ़ के लिए बिलासपुर से चलने वाली स्पेशल ट्रेनें भी नहीं चलेंगी।

कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बिलासपुर, रायपुर, जांजगीर चांपा, कोरबा और रागयढ़ के कलेक्टरों को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि कोविड-19 के कारण मंदिर में मेला और बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसे रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कुछ कड़े फैसले किए हैं। इसे अमल में लाने के लिए अन्य जिलों के अधिकारियों से सहयोग की अपील की गई है। बता दें कि हर साल नवरात्रि में रेल और अन्य माध्यमों से दर्शनार्थी मां बम्लेश्वरी का दर्शन करने डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। इनकी संख्या लाखों में होती है। इस बार कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कलेक्टर ने सरकारी निर्देशों का हवाला देते हुए इस बार सारी गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही है।

16-10-2020
Video: कोरोना संकट: चंडी माता के दरबार में इस नवरात्रि नहीं होगी श्रद्धालुओं की भीड़...  

महासमुन्द। वैश्विक महामारी कोरोना के चलते इस वर्ष महासमुन्द जिले के बागबाहरा ब्लॉक के ग्राम घुंचापाली स्थित मां चंडी मंदिर दरबार में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं लगेगी। राज्य शासन और जिला प्रशासन के आदेशानुसार चंडी मंदिर के समिति प्रबंधन ने 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले कुवार नवरात्रि के लिए मंदिर परिसर के आगे लगने वाले मेले के आयोजन को बंद कर दिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु इस वर्ष शायद ही माता चंड़ी के दर्शन कर पाएंगे। पिछले 7 महीने के लॉक डाउन और कोरोना के चलते श्रद्धालुओं का आना जाना यहां कम हो गया है और कई लोग बेरोजगार हो गये है। कोरोना के चलते लगातार मंदिर में श्रध्दालुओं की संख्या में कमी आई है। मंदिर परिसर में पहुंचने वाले भालू भी श्रद्धालुओं के ना पहुंचने से बड़े शांत हो गये है। माता चंडी मंदिर के खूबसूरती और तब बड़ जाती है जब यहां पहुंचने वाले भालू सैकड़ो के भीड़ में मंदिर परिसर में घूम-घूम कर श्रद्धालुओं के हाथ से प्रसाद खाते है। यह नाजारा देखने ही सैकड़ों लोग चंड़ी मंदिर पहुंचते थे। चंडी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नीलकंठ चन्द्राकर ने जानकारी दी है कि इस वर्ष दूर दराज और अन्य प्रांत से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को यहां आने से मना करा दिया गया है ताकि मंदिर परिसर में भीड़ ना बड़े। मंदिर परिसर में इस वर्ष आसपास के जो श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचेगें उन्हें तभी माता के दर्शन करने का अवसर मिल सकेगा जब वह मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करेंगे। साथ ही मंदिर परिसर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सोशल डिस्टेंसिंग और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

ट्रस्टी इस बात का ध्यान रखेगें के मंदिर में भीड़ ना हो। इसके लिए ट्रस्ट के कर्मचारी श्रद्धालुओं के मंदिर परिसर में पहुंचने तक और नियमों का पालन कराने के लिए ध्यान रखेंगे। मंदिर परिसर में हर साल की तरह इस वर्ष लाखों लोगों के लिए जो भंडारे की व्यवस्था की जा रही थी उस भंडारे को भी बंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं के रूकने के लिए जो स्थान है उसे भी बंद रखा जायेगा। इस वर्ष की नवरात्रि में माता के हवन पूजन और विशेष आरती में बाहर से आने वाले श्रद्धालु भाग नहीं ले सकेंगे। पूरे नवरात्रि तक माता की विधि विधान से पूजा अर्चना की जायेगी।  बागबाहरा के घुचापाली में स्थित मां चंडी पहाड़ो के बीच विराजमान है। यहां की सुन्दरता देखते ही बनती है। ऊंचे पहाड़ और यहां की हरयाली अति सुन्दर है। मां चंडी मंदिर पहुंचने से पहले इन पहाड़ों के बीच बने रास्ते से होकर आपको गुजरना होता है। चैत्र नवरात्रि में इस क्षेत्र में इतनी हरियाली होती है कि आसपास का नजारा श्रद्धालुओं को अपनी तरफ सम्मोहित करता है। पहाड़ों के ऊपर विराजमान मां चंडी की प्रतिमा लगभग साढ़े 27 फीट है। माता चंड़ी मंदिर में वैसे तो 12 माह श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा है। नवरात्रि के वक्त यहां लाखों की तादात में लोग अपने परिवार सहित पहुंचते है। नवरात्रि के वक्त यहां भंडारा होता है इस भंडारे में रोजाना लगभग 10 से 12 हजार लोग भोजन करते है। इस भोजन कक्ष में लगभग एक साथ 12 सौ लोग भोजन कर सकते हैं। लेकिन इस भंडारे के आयोजन को इस वर्ष नहीं किया जा रहा है।

14-10-2020
शिक्षा के गोठ मासिक ई-न्यूज लेटर का शुभारंभ, मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार को सीजी स्कूल डॉट इन पोर्टल के माध्यम से शिक्षा के गोठ मासिक ई न्यूज लेटर का शुभारंभ किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह ने इस अभिनव प्रयास के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने संदेश में कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से प्रारंभ किए गए मासिक ई न्यूज लेटर से बच्चों का मनोबल और शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिली है। यह नव प्रयास पूर्व में किए गए सारे प्रयासों को जनता के बीच लाने में मददगार बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि हमने स्थायी शिक्षकों की भर्ती, स्थानीय बोली-भाषाओं में पाठ्य सामग्री, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल योजना, पढ़ाई को रोचक बनाने के उपयों के साथ ही अनेक नई पहल की है, ताकि नौनीहालों का भविष्य सुखद और सुरक्षित बनाए जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संकट के कारण नियमित पढ़ाई में आए व्यवधान का निदान करने के लिए प्रदेश में अत्यंत सार्थक नवाचार किए गए। पढ़ई तुंहर दुआर में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई तो पढ़ई तुंहर पारा से बसाहटों, पारों-मुहल्लों, गलियों-मैदानों को खुली कक्षाओं में बदलने का सार्थक प्रयास भी किया गया।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम ने अपने संदेश में कहा है कि इस कठिन समय में शिक्षकों को नवाचारी शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ते हुए देखा जा सकता है। इस समय ऑनलाइन न्यूज लेटर एक सुनहरे भविष्य को साकार करने की दिशा में सार्थक प्रयास है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला के कुशल मार्गदर्शन में शिक्षा के गोठ का संपादन एससीईआरटी के डायरेक्टर डी.राहुल वेंकट ने किया है। उल्लेखनीय है शिक्षा के गोठ मासिक ई न्यूज लेटर में सीजी स्कूल डॉट इन पोर्टल के अनुसार मासिक मॉनिटरिंग रिपोर्ट, सर्वे का परिणाम, सफलता की कहानी व नवाचारी गतिविधियों में कोरिया जिले से मोटर साइकिल में बांध के छाता मोहल्ला क्लास लेने वाले रूद्र की कहानी, बस्तर जिले से आमचो रेडियो के जरिए लाउडस्पीकर से हो रही पढ़ाई, राजनांदगांव जिले से डिजिटल एजुकेशन के तहत स्मार्ट टीव्ही से अध्यापन, कोरबा जिले से खेत तक पहुंचे गुरूजी ने मचान पर लगाई क्लास और रायपुर जिले से पेटी वाली दीदी को शामिल किया गया है। इसके अलावा मीडिया में पढ़ई तुंहर दुआर, राज्य स्तर पर होने वाले विविध आयोजन और सितंबर माह में हमारे नायक बने शिक्षकों के छायाचित्र को दर्शाया गया है।

 

10-10-2020
11 अक्टूबर को भाजपा मनाएगी जयप्रकाश नारायण और नानाजी की जयंती,ई-बुक का होगा विमोचन

रायपुर। भाजपा आजादी की दूसरी लड़ाई के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण व नानाजी देशमुख की जयंती 11 अक्टूबर को मनाएगी। कोरोना संकट के दौरान पूरे प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए सेवा कार्यों को स्थायी रूप से दस्तावेज के रूप में रखे जाने मंडल, जिला व प्रदेश स्तर पर ई-बुक निर्माण का निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से लिया गया था। उक्त ई-बुक बनकर तैयार है, जिसका विमोचन भी 11 अक्टूबर को शाम 5 बजे एकात्म परिसर भाजपा कार्यालय में होगा। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की उपस्थिति में होगा। प्रदेश ई-बुक निर्माण समिति संयोजक सच्चिदानंद उपासने ने निवेदन किया है कि सभी कार्यकर्ता भेजी गई लिंक से अपने-अपने निवास से जयंती व विमोचन कार्यक्रम में समय पर अवश्य शामिल हों।  उन्होंने जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती और प्रदेशस्तरीय ई-बुक विमोचन कार्यक्रम में सभी को शामिल होने कहा है।

 

07-10-2020
 भूपेश बघेल ने लाइफ बर्थ डायग्नोस्टिक्स मालीकुलर एंड वायरोलॉजी लैब का किया ई-शुभारंभ

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को अपने निवास कार्यालय से समता कॉलोनी रायपुर में लाइफ बर्थ डायग्नोस्टिक्स मालीकुलर एंड वायरोलॉजी लैब का ई-शुभारंभ किया। लाइफ बर्थ हॉस्टिपल की ओर से संचालित इस लैब में गंभीर बीमारियों से संबंधित विशेषकर कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध है। इस अत्याधुनिक लैब के माध्यम से मरीजों को उनकी टेस्ट रिपोर्ट वायरललोड़ की जानकारी सहित 24 घंटे के भीतर उपलब्ध हो सकेगी। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाइफ बर्थ हॉस्पिटल के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अच्छी सुविधा मरीजों को मिलेगी। वायरोलॉजी लैब समय की जरुरत है। लाइफ बर्थ हॉस्पिटल के संचालक डॉ. जवाहर अग्रवाल, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. विक्रम सिंघल, डॉ. महिमा मित्तल और उनकी पूरी टीम को मुख्यमंत्री ने इसके लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में कोरोना पीड़ितों की जांच और इलाज की सुविधा में शासन के साथ लाइफ बर्थ हॉस्पिटल की भागीदारी सराहनीय कदम है। कोराना संक्रमित व्यक्ति की रिपोर्ट जितनी शीघ्रता से मिले, इलाज में उतनी ही सुविधा और मरीज के जल्दी स्वस्थ्य होने की उम्मीद होती है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ में कोरोना संकट से निपटने के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए राजधानी रायपुर सहित जिला और तहसील स्तर पर अधोसंरचना के निर्माण के साथ ही पीड़ितों के इलाज के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में मार्च 2020 की स्थिति में केवल एम्स रायपुर में ही कोविड टेस्टिंग की सुविधा थी। आज की स्थिति में राज्य के सभी 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज, चार निजी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट, 30 लैब में टू्र-नाट टेस्ट और 28 जिला अस्पतालों सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रैपिड एंटीजन किट से कोरोना संक्रमण के टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए छत्तीसगढ़ राज्य में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, रूचिर गर्ग उपस्थित थे। कार्यक्रम में वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा तथा राजेश तिवारी भी जुड़े।

03-10-2020
कोरोना संकट में भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज, देशभर में जीएसटी कलेक्शन ग्रोथ दूसरे स्थान पर

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कोरोना संकट काल में भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने के दूर-दर्शितापूर्ण निर्णय के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। सितंबर माह में देश के अन्य राज्यों की तुलना में जीएसटी कलेक्शन के मामले में छत्तीसगढ़ में दूसरी सबसे बड़ी ग्रोथ दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष सितंबर माह की तुलना में वर्ष 2020 के सितंबर माह में जीएसटी कलेक्शन में 24 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। वर्ष 2019 सितंबर माह में छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन 1490 करोड़ रुपए था, जो वर्ष 2020 सितंबर माह में कोरोना संकट के बावजूद बढ़कर 1841 करोड़ रुपए हो गया।केन्द्रीय वित्त मंत्रालय से जारी जीएसटी संग्रह के ताजा आंकड़ों के अनुसार जम्मू-कश्मीर 30 प्रतिशत की टैक्स कलेक्शन ग्रोथ के साथ प्रथम स्थान पर है, जबकि छत्तीसगढ़ 24 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ दूसरे स्थान पर है।

राजस्थान में पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत, हरियाणा में 15 प्रतिशत, दिल्ली में 7 प्रतिशत, गुजरात में 6 प्रतिशत, पंजाब में 5 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 4 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 0.05 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।छत्तीसगढ़ में पूरे लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के ग्रामीण और वन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां लगातार चलती रहीं। ग्रामीणों और वनवासियों को लगातार रोजगार मिलता रहा। लोगों की जेब में पैसा आया तो इसका लाभ उद्योग और व्यापार जगत को भी मिला। संकट-काल में ग्रामीण क्षेत्रों में जो आर्थिक तरलता बनी रही, उसका लाभ हमारे उद्योगों को भी मिला। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद जैसे ही अनलॉक हुआ तो प्रदेश के आर्थिक विकास से फिर से रफ्तार पकड़ ली। अनलॉक के शुरूआती दौर में ही प्रदेश के 80 प्रतिशत से ज्यादा उद्योगों खुल चुके हैं, और हर दिन न सिर्फ संख्या में, बल्कि दिन-प्रति-दिन उत्पादन क्षमता में भी इजाफा हो रहा है।वन क्षेत्र में लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में देश का सर्वाधिक लघु वनोपजों का संग्रहण हुआ। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 31 कर दी गई है। तेंदूपत्ता का संग्रहण पारिश्रमिक पहले ही बढ़ाकर 4000 रुपए मानक बोरा कर दिया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजना के तहत एक दिन में अधिकतम 26 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इन सभी गतिविधियों के कारण संकट-काल में भी पूरे प्रदेश में आर्थिक प्रवाह बना रहा।राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 19 लाख किसानों के खातों में चार किश्तों में 5750 करोड़ रुपए सीधे अंतरित की जाएगी, इसमें से दो किश्तों में 1500-1500 करोड़ रुपए की राशि किसानों के खाते में अंतरित की जा चुकी है। इस योजना से मिले संबंल से किसान पूरे जोश के साथ खेतों में जुटे हुए हैं। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी के एवज में पशुपालकों और ग्रामीणों को लगभग 21 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया गया। नई सरकार के किसानों की ऋण माफी, 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर धान की खरीदी, सिंचाई कर की माफी जैसे उपायों ने भी अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यही वजह है कि लॉकडाउन के दौरान भी छत्तीसगढ़ का आर्थिक इंजन बंद नहीं हुआ। ऐतिहाती उपायों के साथ ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को संचालन की अनुमति दी गई। उद्योगों के सामने उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए उन्हें बिजली के बिलों के भुगतान में रियायतें दी गई। इस साल बिजली की दरें और नियम शर्तें भी ज्यों की त्यों रखी गईं।कोरोना संकट के दौरान रियल इस्टेट सेक्टर को सक्रिय बनाए रखने के लिए जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत की छूट दी गई। आटो मोबाइल सेक्टर में भी बेहतर कारोबार हुआ। लॉक डाउन के दौरान भी प्रदेश की कोयला खदानों और इस्पात उद्योगों में उत्पादन जारी रहा। नये वातावरण में, नए बदलावों के साथ शासन-तंत्र अब फिर से नई ऊर्जा के साथ सक्रिय हो चुका है।

 

20-09-2020
कोरोना संकट से निपटने प्रदेश सरकार के पास कारगर नीति नहीं : अमर अग्रवाल

रायपुर/बिलासपुर। प्रदेश के पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने रविवार को पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने  कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस तेजी से कोरोना का संक्रमण फैल रहा है। उससे निपटने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कोई ठोस कारगर नीति नहीं बनाने से छत्तीसगढ़ में आम जनता के बीच कोरोना को लेकर भययह संशय का वातावरण बन गया है। उन्होंने कहा कि आम जनता के जानमाल की रक्षा करना किसी भी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। लेकिन छत्तीसगढ़ में हालत यह है कि प्रभावी और ठोस शासकीय नीति के अभाव में राज्य के कोई व्यक्ति अगर कोरोना पॉजिटिव हो जाता है तो उसके मन में यह भय और संशय बन जाता है कि पता नहीं अब उसका जीवन रहेगा अथवा नहीं।

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