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07-09-2020
गोधन न्याय योजना के ऐप की मुख्यमंत्री ने की लॉन्चिंग,ग्रामीणों से की बातचीत

दुर्ग। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को गोधन न्याय योजना के ऐप की लॉन्चिंग की। इस अवसर पर उन्होंने पाटन के ग्राम सिकोला के ग्रामीणों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सरपंच उषा निषाद से गौठान की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही गोबर खरीदी की व्यवस्था की जानकारी भी ली। सरपंच ने बताया कि गोबर खरीदी बहुत अच्छी हो रही है। गोधन न्याय योजना से लोगों में काफी उत्साह का वातावरण है। लोग इससे काफी लाभ कमा रहे हैं। ग्रामीण इससे काफी खुश हैं अब इसके दूसरे चरण में वर्मी कंपोस्ट से भी आय होगी। मुख्यमंत्री ने उप सरपंच पुरुषोत्तम यादव से गांव के चारागाह बाड़ी आदि के बारे में जानकारी ली। यादव ने बताया कि नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना के माध्यम से हम लोग अपने गांव को संवार रहे हैं। बाड़ी का विकास कर रहे हैं। बाड़ी के माध्यम से सब्जियां उगा रहे हैं,जिससे हमारे बच्चों को भी पर्याप्त पोषण मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने पशुपालकों से भी चर्चा की। पशुपालक कविता ने बताया कि वह 35 क्विंटल गोबर बेच चुकी है। जिससे उन्हें 7000 रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है। गोधन न्याय योजना पशुपालकों के लिए बहुत अच्छी है।

साथ ही इससे जैविक खेती करने के लिए भी रास्ता मिलेगा। ग्रामीणों को वर्मी कंपोस्ट से भी आय हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गौठान अध्यक्ष  गोकरण यादव से भी बातचीत की। यादव ने बताया कि गांव में हम लोगों ने दो चरवाहे रखे हैं । एक चरवाहा समिति की ओर से रखा है और एक चरवाहा गांव की ओर से रखा गया है, जो आवारा पशुओं की भी देखभाल करता है। मुख्यमंत्री ने ग्राम सचिव बिहारीलाल साहू से कहा कि ऐप के बारे में प्रचार प्रसार करें साथ ही गोधन योजना के बारे में पर्याप्त प्रचार-प्रसार करें ताकि ग्रामीणों को इस महत्वपूर्ण योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ हासिल हो सके। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने इस मौके पर ग्रामीणों से गांव की समस्या एवं गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी भी ली तथा उन्हें सामूहिक रूप से काम कर इस योजना का लाभ उठाने की अपील भी की। जिला पंचायत सीइओ एस. आलोक ने बताया कि जिले की 216 गौठान में नोडल अधिकारी नियुक्ति किए गए है। जो शासन की महत्वकांक्षी योजना एनजीजीबी के तहत बनाए गए गौठान में सतत् गतिविधियां एवं गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन निरीक्षण करेंगे।  

गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं के द्वारा बेचे गए गोबर का खरीदी विक्रय का विवरण रखने के लिए एप तैयार किया गया जिसके माध्यम पंजीकृत हितग्राही अपने सभी विवरण इसमें देख सकेगे । इस संबंध में नोडल अधिकारियों को ऐप से संबंधित जानकार को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।उन्होने गौठान नोडल अधिकारियों को अभियान चलाकर शेष सभी गोबर विक्रेता का पंजीयन कराने कहा है। ऐप के संबंध में सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद भी अगर कही पर भी कोई कठिनाई आती है तो जिलास्तरिय अधिकारी या फिर चिप्स के हेल्पलाइन नम्बर पर काॅल करके समस्या का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस ऐप को सहायता से पंजीकृत हितग्राही अपने पंजीयन की जानकारी जैसे व्यक्तिगत विवरण, बैंक विवरण एवं संबंधित गौठान का नाम देख पाएगें। इसमें हितग्राही द्वारा बेचे गए गोबर की तिथिवार जानकारी एवं विक्रय से प्राप्त राशि को जानकारी आसानी से देख सकेगें।

 

04-05-2020
जिस ऐप को केंद्र ने खतरनाक माना उसका ही इस्तेमाल करने जा रहे कौशिक : कांग्रेस

रायपुर। कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा है कि जिस ज़ूम चाइनीस ऐप को केंद्र सरकार ने खतरनाक माना है और खतरे की चेतावनी देते हुए राष्ट्रव्यापी एडवाइजरी जारी की है। उसी जूम ऐप का इस्तेमाल आज नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की जाने वाली पत्रकारवार्ता के लिए कर रहे हैं। क्या धरमलाल कौशिक अपनी ही केंद्र सरकार के निर्देशों की अवहेलना नहीं कर रहे हैं? क्या धरमलाल कौशिक यह संदेश देना चाहते हैं कि वे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बड़े नेता हैं? कांग्रेस पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व  से यह मांग करती है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के खिलाफ जाकर एक खतरनाक चाइनीज ऐप का इस्तेमाल करने वाले नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता में यह संदेश पहुंच सके कि केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों का पालन गंभीरतापूर्वक करना चाहिए।

19-04-2020
यूट्यूब ने अपने एंड्राइड ऐप में किया ये बदलाव...सोशल मीडिया पर किया जा रहा है ट्रोल

मुंबई। वीडियो शेयरिंग कंपनी यूट्यूब ने अपने एंड्राइड ऐप में कुछ बदलाव किए हैं। दुनियाभर में हो रहे दिन प्रतिदिन बदलाव को देखते हुए यहा परिवर्तन किया गया है। भारतीय उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए यूट्यूब ने अपने एंड्राइड ऐप में वीडियो के देखे जाने वालों की गिनती को अब मिलियन और बिलियन से हटाकर लाख और करोड़ में दिखाना शुरू कर दिया है। हालांकि मिलियन और बिलियन के आदी हो चुके भारतीयों को यूट्यूब का यह नया बदलाव बिल्कुल भी गले नहीं उतर रहा है और वह सोशल मीडिया पर लगातार इसकी बुराई कर रहे हैं। यूट्यूब के दुनियाभर में लगभग 200 करोड़ उपभोक्ता हैं, उनमें से लगभग 26 करोड़ पचास लाख उपभोक्ता अकेले भारत में पाए जाते हैं। एक बड़ी संख्या को उनकी ही क्षेत्रीय भाषा में लुभाने के लिए यूट्यूब ने यह बड़ा कदम उठाया है। हालांकि बिलियन और मिलियन से लाख और करोड़ में हुआ यह बदलाव अभी सभी भारतीयों को दिखाई देना शुरू नहीं हुआ है।

यूट्यूब ने बहुत छोटे पैमाने पर यह प्रयोग कुछ मुट्ठी भर एंड्राइड ऐपधारियों के ऊपर करके देखा है। इस प्रयोग के अंतर्गत किसी भी वीडियो के देखने वालों की संख्या ही नहीं, बल्कि किसी यूट्यूब चैनल के सब्सक्राइबर्स की संख्या को भी लाख और करोड़ में ही दिखाया जाएगा। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो यूट्यूब इसे सभी प्लेटफार्म के लिए लागू कर सकता है। जैसे ही इस बदलाव की खबर फैली, वैसे ही सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। जिन लोगों के एंड्राइड ऐप पर यह बदलाव हुए हैं, उन्होंने अपने फोन से स्क्रीनशॉट लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और टि्वटर पर साझा करना शुरू कर दिया। ज्यादातर लोगों ने इस बदलाव को बहुत ही खराब बताया। उनका मानना है कि वे अब मिलियन और बिलियन में गिनती करने के आदी हो गए हैं इसलिए लाख और करोड़ में किसी भी संख्या को गिनना हजम नहीं होता।

04-04-2020
कोविड-19 का दृढ़ता से मुकाबला करने सरकार ने शुरू किया ऐप, रायपुर रेल मंडल के सभी जुड़ेंगे 

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल के अधिकारी, रेल कर्मचारी और उनके परिजन आरोग्य सेतु ऐप से जुड़ेंगे। मंडल रेल प्रबंधक श्याम सुंदर गुप्ता ने ऐप पर पंजीकृत होने के लिए सभी को सलाह दी है। रेलवे के मुताबिक सरकार ने कोविड-19 का दृढ़ता से मुकाबला करने के लिए, भारत के लोगों को एकजुट करने के उद्देश्‍य से सार्वजनिक-निजी साझेदारी से विकसित एक मोबाइल ऐप की शुरुआत की है। ‘आरोग्‍यसेतु’ नाम का यह ऐप प्रत्‍येक भारतीय के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए डिजिटल इंडिया से जुड़ा है। यह लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण पकड़ने के जोखिम का आकलन करने में सक्षम करेगा। यह अत्याधुनिक ब्लूटूथ टेक्‍नोलॉजी, तकनीक, गणित के सवालों को हल करने के नियमों की प्रणाली (अलगोरिथ्म) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करते हुए, दूसरों के साथ उनकी बातचीत के आधार पर इसकी गणना करेगा। एक बार एक आसान और उपयोगकर्ता के अनुकूल प्रक्रिया के माध्यम से स्मार्टफोन में स्थापित होने के बाद, ऐप आरोग्‍य सेतु के साथ स्‍थापित अन्य उपकरणों का पता लगाएगा जो उस फोन के दायरे में आते हैं। एप्लिकेशन तब परिष्कृत मापदंडों के आधार पर संक्रमण के जोखिम की गणना कर सकता है यदि इनमें से किसी भी संपर्क का परीक्षण पॉजिटिव आता है। ऐप कोविड-19 संक्रमण के प्रसार के जोखिम का आकलन करने और आवश्यक होने पर एकांतवास सुनिश्चित करने के लिए सरकार के समय पर कदम उठाने में मदद करेगा। ऐप का डिज़ाइन सबसे पहले गोपनीयता सुनिश्चित करता है। ऐप द्वारा एकत्र किए गए व्यक्तिगत डेटा को अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके एन्क्रिप्ट किया गया है और डेटा चिकित्सा सम्‍बन्‍धी सुविधा की आवश्‍यकता पड़ने तक फोन पर सुरक्षित रहता है।

11 भाषाओं में उपलब्ध ऐप :

अखिल भारतीय स्‍तर पर पहले दिन से उपयोग के लिए तैयार है और इसकी बनावट ऐसी है जो अधिक काम का भार भी ले सकती है। यह ऐप राष्ट्र की युवा प्रतिभा के एकजुट होने और संसाधनों की पूलिंग और वैश्विक संकट का जवाब देने के प्रयासों का एक अनूठा उदाहरण है। यह एक ही समय में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों, डिजिटल प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवाएं देने और युवा भारत की क्षमता और देश के रोग मुक्त और स्वस्थ भविष्य के बीच एक सम्‍पर्क है।

24-03-2020
लाईकी दुनिया में चौथा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला सोशल मीडिया ऐप

रायपुर। अग्रणी शॉर्ट वीडियोप्लेटफॉर्म लाईकी ने एक बार फिर पाँच सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले सोशल मीडिया ऐप्स में अपनी जगह बनाई है। सेंसर टॉवर के नए आंकड़ों की मानें तो सिंगापुर स्थित बीगो टेक्नॉलॉजी पीटीई लिमिटेड का यह शॉर्ट वीडियो ऐप फरवरी 2020 में दुनिया में चौथा सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाला सोशल मीडिया ऐप है।इसके अलावा, जनवरी और फरवरी में छः सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले नॉन-गेमिंग ऐप्स में भी लाईकी शुमार है। ये रिपोर्ट दुनिया में लाईकी की लोकप्रियता को प्रमाणित करती हैं।

इस ऐप की पैरेंट कंपनी द्वारा अक्टूबर-दिसंबर 2019 के लिए जारी रिपोर्ट के अनुसार लाईकी के पास 115.3 मिलियन मासिक एक्टिवयूज़र्स (एमएयू) थे, जो 2018 की इसी अवधि में 37.4 मिलियन थे। यानि लाईकी ने वार्षिक आधार पर 208 प्रतिशत की वृद्धिदर्ज की। 2017 में लॉन्च हुए लाईकी ऐप ने काफी तेजी से विस्तार किया। लाईकी की लोकप्रियता इसकी अद्वितीय विशेषताओं एवं अभियानों के चलते बढ़ी।

भारत लाईकी के लिए एक मुख्य बाजार है। यहां लाईकी ने अनेक कैम्पेन जैसे ‘लाईकी ड्रीम्स’, ‘किल द चिल’, ‘डांस फॉर एनिमल्स’ एवं ‘1किमी1डे’ प्रस्तुत किए। ‘लाईकीड्रीम्स’ अभियान ने जहां लाईकीयर्स को समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने में समर्थ बनाया, वहीं ‘किल द चिल’ कैम्पेन ने ठंड कासामना कर रहे बेघर लोगों की मदद की। इसके अलावा लाईकी बॉलिवुड एवं भारतीय म्यूजि़क उद्योग के लिए सबसे पसंदीदा प्लेटफॉर्म भी बन गया है। टी-सीरीज़, फॉक्स स्टार स्टूडियो, सलमान खान फिल्म्सएवं रेड चिलीज़ प्रोडक्शंस ने अपने फैंस के बीच फिल्मों व गानों को प्रमोट करने केलिए लाईकी के साथ सहयोग किया है। भारत में यह ऐप 15 क्षेत्रीय भाषाओं, जैसे तमिल, तेलुगू, मराठी, पंजाबी, बंगाली और गुजरातीमें उपलब्ध है।

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