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13-09-2020
फोन-पे एप पर भेजा 2 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन फेल, गूगल से कस्टमर केयर का नंबर निकालकर किया कॉल 98 हजार पार

रायपुर/भाटापारा। ऑनलाइन ट्रांसफर किए रुपए खाते में नहीं आने के बाद कस्टमर केयर पर फोन करते ही युवक के खाते से 98 हजार रुपए गायब हो गये। घटना की रिपोर्ट भाटापारा थाने में दर्ज की गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार माता देवालय वार्ड भाटापारा बलौदाबाजार निवासी मोहित मंधानी ने रिपोर्ट दर्ज करायी है कि पीड़ित फोन-पे एप के माध्यम से अपने मित्र रोहित बजाज के मोबाइल नंबर में 2 हजार रुपए 31 अगस्त 2020 को ट्रांसफर किया था जो अंडर प्रोसेस में था खाता में नहीं पहुंचा। रकम की रिफंड के लिये फोन-पे एप में हेल्प सर्विस से चेक करने पर 9 सितंबर से पहले मिल जाने का मैसेज आया। उसके बाद 10 सितंबर को चेक किया तब भी 2 हजार रुपए प्रोसेसिंग में ही था। इसके बाद गूगल पर फोन-पे कस्टमर केयर का नंबर निकालकर नंबर 7866939735 पर कॉल करने पर कॉल रिसिव नहीं हुआ। इसके बाद उसे मोबाइल नंबर 9832897912 से काल आया कस्टमर केयर से स्वयं को बताकर अपना नाम विकास शर्मा बताया और कॉल करने के संंबंध में जानकारी मांगने के बाद रुपए प्रोसेसिंग में है कहकर क्यूएस नामक ऐप डाउनलोड करने कहा। इसके बाद उसके अकाउंट से 98 हजार 242 रुपए पार हो गए। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर लिया है।

04-09-2020
गूगल ने बताया अम्बेडकर अस्पताल का पता, मथुरावासी को रायपुर में मिला इलाज, राष्ट्रीय स्तर पर फैल रही ख्याति

रायपुर। इंटरनेट पर मरीज ने सर्च किया ”ओस्टियोइड ओस्टियोमा का उपचार“, गूगल ने सुझाया अम्बेडकर अस्पताल हां, यह सुनने में या पढ़ने में बड़ा रोचक लगे लेकिन यह हुआ है उत्तरप्रदेश के मथुरावासी 25 वर्षीय राहुल कुमार के साथ जो कि बायें पैर के असहनीय दर्द से पिछले कई महीनों से परेशान थे। कई नामी अस्पतालों में इलाज करा चुके राहुल ने निराश होकर अंततः इंटरनेट की मदद ली। राहुल कुमार ने गूगल सर्च इंजन पर लिखा:- ओस्टियोइड ओस्टियोमा का रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन से उपचार। गूगल ने भी तुरंत रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन पद्धति से अम्बेडकर अस्पताल में किये गये प्रोसीजर से संबंधित समाचार को डिस्प्ले किया। बस फिर क्या था, पैर के असहनीय दर्द से पीड़ित राहुल ने गूगल की मदद से दुबारा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर को सर्च किया और उसमें अम्बेडकर अस्पताल के एक विभाग लैंडलाइन नम्बर उन्हें प्राप्त हुआ। जहां से उन्होंने फोन करके रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन प्रक्रिया से उपचार की जानकारी ली। गूगल की मदद से जैसे मरीज को अपनी मंजिल मिल गयी और डॉक्टर से बात करने के बाद मथुरावासी राहुल ने रूख किया रायपुर का। जहां चाह, वहां राह की कहावत को चरितार्थ करते हुए राहुल को मेकाहारा के रेडियोलॉजी विभाग में ओस्टियोइड ओस्टियोमा का रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन पद्धति से सफल इलाज मिला। राहुल के बायें पैंरों का दर्द अब बिलकुल गायब है। उसका उपचार मंगलवार 1 सितंबर को हुआ। बहुत जल्द वह डिस्चार्ज लेकर अपने पिता रामवीर सिंह के साथ मथुरा वापस जाने वाला है।
रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.एसबीएस नेताम के मार्गदर्शन एवं इंटरवेंशन रेडियोलॉजिस्ट प्रो.डॉ.विवेक पात्रे के नेतृत्व में हुये इस उपचार में रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन मशीन  के जरिये न्यूनतम इनवेसिव तकनीक के प्रयोग से ट्यूमर को नष्ट किया गया और उसी दिन रात को मरीज को दर्द से राहत मिल गई।

इंटरवेंशन रेडियोलॉजिस्ट डॉ.विवेक पात्रे बताते हैं कि यह सीटी-गाइडेड प्रोसीजर था। घुटने (left lower limb below the knee) के ठीक नीचे सामने से नीडिल को डालकर रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन  की प्रक्रिया के माध्यम से ट्यूमर को नष्ट किया। हड्डी रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. एस. फुलझेले एवं एनेस्थेसिया विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ केके सहारे का सहयोग प्राप्त हुआ। पिछले कुछ दिनों पूर्व इसी बीमारी का एक और केस रेडियोलॉजी विभाग में किया था। 2017 से यहां इस पद्धति से उपचार हो रहा है। यह एक नॉन कैंसरस ट्यूमर है जो दर्द और परेशानी का कारण बन जाता है। ज्यादातर युवाओं को प्रभावित करता है। राहुल कुमार के मथुरा से रायपुर तक पहुंचने की कहानी बेहद रोचक रही। इनके उपचार के लिये एम्स रायपुर में पेट सीटी स्कैन की जांच भी बहुत मददगार साबित हुई। सही समय पर उपचार मिल गया। युवक अब स्वस्थ्य है। आराम से चल-फिर सकता है। मैं 25 वर्षीय युवक हूं और पुलिस विभाग में काम करता हूं। देश की राजधानी से लेकर पड़ोसी राज्यों तक अपने बायें पैर के घुटने के ठीक नीचे रह-रहकर उठने वाले असहनीय दर्द का इलाज खोजा लेकिन हर जगह वे निराशा हाथ लगी।

अंततः इंदौर के एक अस्पताल में एमआरआई कराने पर मेरे बायें पैर के घुटने के नीचे ओस्टियोइड ओस्टियोमा नामक बीमारी की उपस्थिति का पता चला। यह वाकया लॉकडाउन के समय का है जब अपने गांव पचहरा (मथुरा, उप्र) में था। हिंदी में गूगल में लिखा ओस्टियोइड ओस्टियोमा का रेडियो फीक्वेंसी एब्लेशन के जरिए उपचार और गूगल ने छत्तीसगढ़ के एक अखबार में छपे समाचार को डिस्प्ले कर दिया। इस समाचार के माध्यम से अस्पताल का नाम मिल गया। गूगल में अस्पताल का नाम डालकर वहां के लैंडलाइन फोन नंबर प्राप्त किया। जानकारी मिली कि यहां उपचार सुविधा है। विशेषज्ञ डॉ. विवेक पात्रे का नंबर लेकर अपनी पूरी रिपोर्ट और अब तक के हुए उपचार को व्हाट्सएप के जरिए भेजा। लगभग 2 महीने के बाद फ्लाइट सेवा शुरू होने के बाद रायपुर पहुंचकर कोरोना जांच कराया। जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद विशेषज्ञ से मिले और आगे के उपचार के दिशा निर्देश डॉक्टरों ने तय की। जैसे मुझे यहां इलाज मिला, वैसे ही सभी तक ऐसी अच्छी जानकारी का प्रसार होना चाहिए जिससे लोगों को सटीक जगह, सही उपचार मिल सके।
-राहुल कुमार, जिला- मथुरा, उत्तर प्रदेश

 

13-04-2020
कोरोना के खिलाफ जंग: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने गिव इंडिया को दिए पांच करोड़

 नई दिल्ली। गूगल के प्रमुख सुंदर पिचाई ने कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए ‘गिव इंडिया’ को पांच करोड़ रुपये का योगदान दिया है। गिव इंडिया ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। इस संदर्भ में गिव इंडिया ने ट्वीट कर कहा कि, ‘‘संकटग्रस्त दिहाड़ी मजदूरों के परिवारों तक अत्यंत जरूरी नकद सहायता पहुंचाने के लिए गूगल की तरफ से पांच करोड़ रुपये का अनुदान देने के लिए धन्यवाद सुंदर पिचाई।’’इससे पहले गूगल ने कोविड-19 महामारी से निपटने के प्रयासों के तहत 80 करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता देने की घोषणा की थी। इसमें एनजीओ और बैंकों के लिए 20 करोड़ डॉलर का निवेश कोष शामिल है,जिससे छोटे कारोबारियों की पूंजी जुटाने में मदद की जाएगी।

 

02-04-2020
गूगल से गैराज का नंबर निकालकर कॉल करना पड़ा भारी,खाते से पार हो गए 2 लाख रूपए

रायपुर। मरम्मत के लिए कार को गैराज में देना और गैराज के नंबर पर कॉल करना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। कॉल करने पर शातिर ठग ने आनलाइन भुगतान करने को कहा। इसके बाद मोबाइल पर एक लिंक भेजकर ओटीपी नंबर पूछा फिर एक्सिस बैंक अभनपुर के खाते से तीन बार में 2 लाख 10 हजार रूपए निकाल लिए। थाने में शिकायत पर पुलिस ने शातिर ठग के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। अभनपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षक नगर निवासी भागीरथी सिन्हा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसने अपनी मारुति कार खराब होने पर मौदहापारा स्थित गैराज में बनाने के लिए दी थी। 26 मार्च को उसने गैराज के नंबर पर कॉल किया तो वह स्वीच ऑफ था। गूगल पर सर्च कर 6289707413 नंबर निकाला और कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले से कार बनाने के बारे में बातचीत की। इस बीच ठग ने ऑनलाइन पांच रुपये का भुगतान करने को कहकर एक लिंक भेजा। भागीरथी ने भुगतान करने के साथ ही ठग को ओटीपी नंबर बता दिया। कुछ देर बाद उसके एक्सिस बैंक अभनपुर शाखा से तीन बार में ठग ने 2 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिया।

 

09-03-2020
देश में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को लेकर जागरूकता से गूगल के सीईओ भी प्रभावित : अनुराग सिंह

रायपुर। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री सीआईआई के कार्यक्रम में उद्योगपतियों एवं व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार 5 ट्रिलियन इकोनॉमी की दिशा में काम कर रही है। जीएसटी को 30 फीसदी से कम करके 15 फीसदी किया गया है। जीएसटी कम करने के लिए नए बजट सत्र का इंतजार नहीं किया। वहीं सरकार लगातार टैक्स की दरों को कम करने की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जीएसटी अपने आप में एक क्रांतिकारी कदम है। अनुराग सिंह ने कहा कि देश की आर्थिक उन्न्ति के लिए ये सभी निर्णय हैं। हिंदुस्तान में ऑनलाइन ट्रांजक्शन को लेकर जो जागरूकता आई है,उससे गूगल के सीईओ भी प्रभावित हुए हैं।

यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है कि कैशलेस ट्रांजक्शन की दिशा में हम तेजी के साथ आगे बढ़े हैं। हमने बैंकों के विलय के साथ उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए काम किया है। दो माह के अंदर बैंकों को 63 हजार करोड़ स्र्पये सरकार ने उनकी आर्थिक सुदृढ़ता के लिए उपलब्ध कराए हैं। इस नीति से देश के बैंकिंग सिस्टम में और मजबूती आ रही है। चार महीने में एक लाख करोड़ स्र्पये से ज्यादा जीएसटी कलेक्शन आया है। हर नए काम की शुरूआत में बहुत सी नई चुनौतियां देखने को मिलती हैं, लेकिन धीरे-धीरे चुनौतियां स्वयं समाप्त हो जाती हैं। जीएसटी पर केंद्र सरकार नियम नहीं बनाती। राज्यों को इसके लिए स्वतंत्रता दी गई है। जीएसटी काउंसिल नियम बनाती है और इसमें राज्यों के चुने हुए प्रतिनिधि ही अपनी बात रखते हैं और नीति निर्धारित करते हैं। 

26-01-2020
गणतंत्र दिवस पर गूगल ने बनाया विशेष डूडल

नई दिल्ली। गूगल ने रविवार को भारत के 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर विशेष डूडल समर्पित किया। डूडल में स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ देश की समृद्ध जैव-विविधता को दिखाया गया है। डूडल के बारे में बताते हुए गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, “भारत के 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर सिंगापुर के मेहमान कलाकार मेरू सेठ द्वारा तैयार आज के डूडल में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला गया है,जो ताजमहल और इंडिया गेट जैसे अपने विश्व प्रसिद्ध स्थलों से लेकर अपके राष्ट्रीय पक्षी मोर,शास्त्रीय कलाओं,वस्त्रों और नृत्य तक व्याप्त है और उसे एकजुट करती है,जिसमें सभी अपने मतभेदों के बीच सद्भाव खोजने के लिए एक साथ आते हैं।” वर्ष 1950 में आज के ही दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। इसे बनाने में दो वर्ष 11 माह और 18 दिन का समय लगा था। पहले गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर परेड हुई थी, और तभी से यह परंपरा जारी है।

04-01-2020
अगर पासवर्ड हुआ चोरी तो गूगल करेगा अलर्ट, जाने कैसे करे फीचर का इस्तेमाल  

नई दिल्ली। तेजी से डिजिटल हो रही दुनिया में शायद ही किसी का डाटा सुरक्षित है। आए दिन लोगों के डाटा लीक हो रहे हैं। चाहे फेसबुक हो, ट्विटर हो या फिर व्हाट्सएप ही क्यों ना हो। हर एक प्लेटफॉर्म पर निजी जानकारी लीक होने का खतरा बना रहता है। पिछले साल ही व्हाट्सएप यूजर्स की जासूसी हुई थी जिसके बाद पीड़ित लोगों ने भारत सरकार से भी सवाल पूछे थे। तो अब सवाल यह है कि कैसे पता चलेगा कि आपकी निजी जानकारी लीक हो रही है। आइए जानते हैं...

गूगल करेगा अलर्ट
लगातार लीक हो रहे डाटा के बाद गूगल ने अपनी एक नई सर्विस शुरू की है। गूगल की इस सर्विस का नाम गूगल पासवर्ड मैनेजर है। गूगल के इस पासवर्ड मैनेजर के जरिए आप अपने सोशल मीडिया अकाउंट समेत इंटरनेट बैंकिंग के पासवर्ड या किसी अन्य वेबसाइट के पासवर्ड को सुरक्षित रख पाएंगे। गूगल पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करने पर पासवर्ड बदलने का भी अलर्ट मिलेगा।

डाटा लीक हुआ है या नहीं, ऐसे करें चेक
गूगल के पासवर्ड मैनेजर में जाकर आपको पता लगा सकते हैं कि आपका कोई पासवर्ड लीक हुआ है या नहीं। इसके लिए आपको passwords.google.com पर जाना होगा। इसके बाद पासवर्ड मैनेजर खुल जाएगा जिसमें आपको चेक पासवर्ड का विकल्प मिलेगा जिसपर क्लिक करने के बाद गूगल आपसे उस सिस्टम पर पहले से लॉगिन जीमेल का पासवर्ड मांगेगा। पासवर्ड डालने के बाद गूगल आपको बता देगा कि आपका पासवर्ड कहीं इस्तेमाल हुआ है या नहीं। साथ ही यह भी बताएगा कि आपका पासवर्ड लीक हुआ है या नहीं।

पासवर्ड लीक की जानकारी मिलने पर तुरंत बदलें
उदाहरण के तौर पर यदि गूगल आपको पासवर्ड लीक होने की जानकारी देता है तो आपको तुरंत अपना पासवर्ड बदल लेना चाहिए। इसके अलावा टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन को भी ऑन कर लेना चाहिए। पासवर्ड बदलते समय भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, जैसे- पासवर्ड में अपना नाम या जन्म तारीख ना डालें। इसके अलावा पासवर्ड में मोबाइल नंबर के इस्तेमाल से भी बचें। साथ ही अपने जीमेल अकाउंट के पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें।

 

29-12-2019
रतन टाटा बने गूगल पर सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले बिजनेस मैन

नई दिल्ली। टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा को वर्ष 2019 में गूगल पर भारत सबसे ज्यादा सर्च किया गया। गूगल ने ‘ईयर इन सर्च 2019’ की रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि भारत में पूरे वर्ष के दौरान दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल पर कौन या क्या ट्रेंड कर रहा था। इसमें सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले पर्सनालिटी भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन वर्थमान थे। सबसे अधिक सर्च की गई बिजनेस पर्सनालिटी की सूची का नेतृत्व रतन टाटा ने किया। रतन टाटा वर्ष 2019 में गूगल पर सबसे अधिक सर्च किए जाने वाले भारतीय बिजनेस हैं। 2012 में रिटायरमेंट के बाद रतन टाटा, टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष और टाटा संस के अध्यक्ष एमेरिटस के रूप में सक्रिय रहते हैं। रतन टाटा ने 21 साल तक टाटा समूह को बनाए रखा। उन्हें कन्वेशनल कॉरपोरेट से लेकर 100 अरब डॉलर के साथ वैश्विक ग्रुप में बदलने का भी श्रेय दिया जाता है। रतन टाटा को भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित भी किया जा चुका है।

 

21-12-2019
सुंदर पिचाई के वेतन में हुई इतनी बढ़ोत्तरी, आप जानकर हो जाएंगे हैरान...

नई दिल्ली। गूगल की पैरेंट कंपनी एल्फाबेट इनक के नए सीईओ को अगले तीन में 24 करोड़ डॉलर का स्टॉक अवॉर्ड दिए जाने की घोषणा हुई है। ये राशि उन्हें अपना टारगेट पूरा करने पर ही मिलेगी। उन्हें अगले साल से 20 लाख डॉलर का सालाना वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही अगर एल्फाबेट के शेयरों का प्रदर्शन एस एंड पी 100 सूचकांक में बेहतर रहता है, तो उन्हें अलग से 9 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त स्टॉक ग्रांट मिलेगा। प्रदर्शन के आधार पर स्टॉक पुरस्कार ऐसा पहली बार हो रहा है जब कंपनी प्रदर्शन के आधार पर स्टॉक पुरस्कार दे रही है। गूगल के को-फाउंडर्स लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 47 वर्षीय पिचाई को इसी महीने इस शीर्ष पद के लिए चुना गया था। पिचाई को केवल अभी ही नहीं बल्कि लंबे समय से भारी वेतन मिल रहा है। इससे पहले साल 2015 में उन्हें 20 करोड़ डॉलर का स्टॉक अवॉर्ड मिला था। पहले स्वीकार नहीं किया था स्टॉक अवॉर्ड बीते साल भी उन्होंने स्टॉक अवॉर्ड ये कहते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि उन्हें पहले ही अच्छी खासी सैलरी मिल रही है। ब्लूमबर्ग पे इंडेक्स के मुताबिक पिचाई को 2018 में 19 लाख डॉलर का वेतन मिला था। भारतीय मूल के पिचाई ने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी और वारटन स्कूल ऑफ द यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया से उच्च शिक्षा हासिल की है। 2015 में एल्फाबेट को होल्डिंग कंपनी बनाया वह गूगल के कुछ लोकप्रिय प्रोडक्ट जीमेल, क्रोम ब्राउजर और एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे प्रोडक्ट्स पर काम कर चुके हैं।

12-10-2019
गूगल ने किया भारत की पहली स्नातक महिला कामिनी राय की जयंती पर नमन, जारी किया डूडल

नई दिल्ली। गूगल ने आज का डूडल कामिनी राय की 155 वीं जयंती को समर्पित किया है। कामिनी राय भारत के इतिहास में ग्रेजुएट होने वाली पहली महिला थीं। उन्होंने ताउम्र महिलाओं के अधिकारों जैसे वोट का अधिकार और उनके लिए शिक्षा के अवसर की वकालत करने के लिए काम किया। कामिनी राय एक बंगाली कवि, शिक्षाविद, और सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उनका जन्म 12 अक्टूबर 1864 को बंगाल के बसंदा गांव में हुआ था,जो अब बांग्लादेश के बारीसाल जिले में पड़ता है। ब्रिटिश भारत के बेकरगंज जिले में जन्मीं (अब बांग्लादेश का हिस्सा) राय एक प्रमुख परिवार में पली-बढ़ीं। उनके भाई को कलकत्ता का मेयर चुना गया था और उनकी बहन नेपाल के शाही परिवार की डॉक्टर थीं। गणित में रुचि होने के बावजूद, कामिनी राय ने कम उम्र में ही कविता लिखना शुरू कर दिया था। 1886 में, उन्होंने बेथ्यून कॉलेज से संस्कृत में डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की, और अ़ॉनर्स के साथ बीए किया। कॉलेज में वह एक अन्य छात्रा अबला बोस से मिलीं, जो महिलाओं की शिक्षा में अपने सामाजिक कार्य के लिए जानी जाती थीं और विधवाओं की स्थिति सुधारने के लिए काम करती थीं। अबला बोस के साथ उनकी दोस्ती ने महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने में उनकी दिलचस्पी को प्रेरित किया।

1886 में कोलकाता यूनिवर्सिटी के बेथुन कॉलेज से संस्कृत में ऑनर्स ग्रेजुएशन की थी। वह ब्रिटिश इंडिया की पहली महिला थी जिन्होंने ग्रेजुएशन की थी। 1909 में उनके पति केदारनाथ रॉय का निधन हो गया। पति के देहांत के बाद वह पूरी तरह से महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में जुट गईं। कामिनी ने अपनी कविताओं के जरिए महिलाओं को उनके अधिकारियों के लिए जागरूक किया। इसी का साथ महिलाओं को मतदान का अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने एक लंबा आंदोलन चलाया। आखिरकार, 1926 में महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला। समाज सेवा करने के साथ ही उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलनों में भी भाग लिया। 1909 में वह बंग महिला समिति से जुड़ीं और महिलाओं के मुद्दों के लिए पूरी तरह से समर्पित हो गईं। कामिनी रॉय ने अपनी कविताओं के जरिए महिलाओं में जागरूकता पैदा करने का काम किया था। यही नहीं तत्कालीन बंगाल में महिलाओं को वोट का अधिकार दिलाने के लिए उन्होंने लंबा कैंपेन चलाया। 27 सितंबर 1933 को उनकी मृत्यु हुई थी।

 

04-10-2019
गूगल ने प्राइवेसी कंट्रोल के लिए जारी किए नए टूल्स, यूजर्स को होगा फायदा

नई दिल्ली। टेक जाइंट गूगल ने यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए नए टूल्स जारी किए हैं। इन टूल के जरिए यूजर्स गूगल से जुड़ी हुई ऐप्स और वेबसाइट्स पर अपने डेटा हिस्ट्री को कंट्रोल कर पाएंगे। नए टूल्स की मदद से गूगल की कोशिश यूजर्स के डेटा को पहले से ज्यादा सुरक्षित करने की है।

पॉसवर्ड चेक अप टूल

गूगल का नया पॉसवर्ड चेक अप टूल Chrome में सेव किए गए सभी पॉसवर्ड्स को ऑडिट करेगा। इस टूल को इस्तेमाल करने पर यूजर्स को मालूम चल जाएगा कि उनका अकाउंट किसी और जगह तो इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसके अलावा इस टूल से एक यूजर्स का कोई पॉसवर्ड ब्रेक हुआ होगा तो उसकी जानकारी भी मिल जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक ऑनलाइन दुनिया में एक यूजर्स के पास एवरेज 27 अकाउंट हैं। अगर आपको सभी अकाउंट्स के पॉसवर्ड्स Chrome में सेव हैं तो आप एक क्लिक में ही उन्हें सुरक्षा को चेक कर सकते हैं। इसके अलावा गूगल ने यूजर्स को सभी अकाउंट्स के लिए अलग-अलग पॉसवर्ड रखने की ऐडवाइस भी दी है।

तीन और नए टूल लॉन्च

गूगल ने अपने प्लेटफॉर्म को इंटरनेट पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए तीन और टूल भी लॉन्च किए हैं। गूगल असिस्टेंट में यूजर्स को अपना सब डेटा हिस्ट्री क्लियर करने का मौका मिलेगा। इतना ही नहीं यूजर्स गूगल असिस्टेंट में 7 दिन पहले के अपने डेटा की हिस्ट्री भी क्लियर कर सकते हैं। हालांकि यूजर्स को यह नया फीचर मिलने में अभी कुछ दिन का वक्त लगेगा। गूगल My Activity के पेज पर यूजर्स को इस नए फीचर को इस्तेमाल करने की जानकारी दी जाएगी। गूगल मेप्स पर अब कंपनी यूट्यूब और क्रोम की तरह इन्सोगिनतो मोड देने जा रही है। इन्सोगिनतो मोड मिलने के बाद यूजर्स के पास गूगल मेप्स पर अपने एक्टिविटी को टर्न ऑफ करने का विकल्प मिलेगा। जो भी यूजर्स यह चाहता है कि गूगल को आपकी एक्टिविटी का डेटा नहीं मिले वह इन्सोगिनतो मोड को ऑन कर सकता है। एंड्रायड यूजर्स को यह फीचर आने वाले कुछ हफ्तों में मिलने की संभावना है। इसके अलावा गूगल का एक और नया फीचर यूजर्स को अपना लोकेशन डेटा, ब्राउजिंग हिस्ट्री और ऐप्स की एक्टिविटी को अपने आप डिलीट करने का विकल्प देगा। यह फीचर पहले एंड्रायड के यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर काम करेगा। यूजर्स डेटा हिस्ट्री को डिलीट करने के लिए एक निश्चित समय भी सेट कर सकते हैं।

16-09-2019
प्रदेश स्तरीय पुस्तक यात्रा कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में लगाई गयी पुस्तकों की प्रदर्शनी

जांजगीर चाम्पा। सीवी रमन के आई सेक्ट द्वारा चलाया जा रहा प्रदेश स्त्रीय पुस्तक यात्रा कार्यक्रम का आज समापन हुआ। इस कर्यक्रम के समापन से पहले पुस्तक यात्रा निकली गयी। यह यात्रा शिवरीनारायण नगर के खरौद रोड स्थित रविन्द्र केसरवानी के आई सेक्ट इंस्टिट्यूट से तुसमा रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल तक निकली गयी। पुस्तक यात्रा को सीताराम शर्मा व शिवरीनारायण स्टेट बैंक के मैनेजर ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। इस रैली में छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में नगरवासीयों ने भी हिस्सा लिया। वहीं कार्यक्रम के समापन पर पहुंचे अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया। सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में पुस्तकों का संग्रहण किया गया और पुस्तको की प्रदर्शनी लगायी गयी थी। इस प्रदर्शनी में अनेको प्रकार की पुस्तके रखी गयी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि योगेश मिश्रा ने बताया कि आज इंटरनेट के युग में हम पुस्तकों को भूल गए हैं। जबकि पुस्तक के सभी ज्ञान को गूगल में अपलोड किया गया है। हम सभी गूगल के सहारे जी रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा समय हम मोबाइल को दे रहे हैं। हम चाह रहे हैं कि अधिक से अधिक लोग फिर से पुनः पुस्तकों को पढ़ें और सही ज्ञान अर्जित करें।

 

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