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01-10-2020
कोविड-19 से निपटने निजी स्कूल एसोसिएशन ने दिए 15 ऑक्सीजन सिलेंडर, कलेक्टर ने जताया आभार

रायपुर/बिलासपुर। कोरोना मरीजों के इलाज में शहर के व्यवसायी आगे आकर जिला प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। बिलासपुर निजी स्कूल एसोसिएशन ने कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर को 15 ऑक्सीजन सिलेंडर दिए हैं। डॉ. मित्तर ने इस योगदान के लिए बिलासपुर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से निपटने के लिए हम सबको आगे आना होगा। यह हर्ष का विषय हैं कि शहर के व्यवसायी एवं सामाजिक संगठन इसमें अपना भरपूर समर्थन दे रहे हैं। कलेक्टर डाॅ. सारांश मित्तर ने शहर की संस्थाओं, सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे कोरोना मरीजों के इलाज की सुविधा के लिए अधिक से अधिक सहयोग करें। इस दौरान प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की तरफ से अजय श्रीवास्तव, रामावतार अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

25-09-2020
मदद के लिए आगेे आए समाजसेवी और व्यवसायी, दिए कोविड अस्पताल को 17 ऑक्सीजन सिलेंडर

रायपुर। अब समाजसेवी व्यवसायी भी कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों के इलाज में मदद करने आगे आ रहे हैं। बिलासपुर शहर के समाजसेवियों व व्यवसायियों की ओर से जिला कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर को 17 ऑक्सीजन सिलेंडर प्रदान किए गए। डॉ.मित्तर ने शहर के सामाजिक व व्यावसायिक संगठनों से कोविड अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए सहयोग की अपील की थी। इसी क्रम में बीएनआई संस्था बिलासपुर की ओर से 12 ऑक्सीजन सिलेंडर दिए गए हैं। इसके लिये 150 से अधिक सदस्यों ने मिलकर राशि जमा की थी। इसी तरह बिलासपुर होटल एसोसिएशन की ओर से 5 ऑक्सीजन सिलेंडर और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, मर्चेन्ट एसोसिएशन व स्वयंसेवी संस्था विस्डम ट्री फाउन्डेशन की ओर से ऑक्सीजन सिलेन्डर प्रदान किया गया। उपलब्ध कराये गये इन ऑक्सीजन सिलेन्डर्स से कोविड-19 के गंभीर मरीजों के उपचार में सहायता मिलेगी।

डॉ.मित्तर ने कोरोना की लड़ाई में सहयोग के लिये उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने शहर की संस्थाओं, सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे कोरोना मरीजों के इलाज की सुविधा के लिये अधिक से अधिक सहयोग करें। इस दौरान किरणपाल सिंह चावला, रजत मल्होत्रा, जसबीर चावला, सोहेल खान, कपिल अरोरा, अमित वासुदेव, परमजीत सिंह, प्रकाश सोन्थलिया चिन्टू, शरद अग्रवाल, गौरव छाबड़ा, डॉ. पलक जायसवाल, अंकित दुबे, ऋषभ शर्मा आदि उपस्थित थे।

 

16-09-2020
भाजपा नेता गलत बयानी कर कोरोना का भय फैला रहे : सुशील आानंद शुक्ला

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कोरोना मामलों पर दिए गए बयान को कांग्रेस ने गैर जिम्मेदाराना और लोगों में भय पैदा करने वाला बताया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, पिछले कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी के नेता झूठे बयानों से राज्य की जनता में कोरोना के भय को और बढ़ाने का काम कर रहे हैं। भाजपा के नेता प्रायोजित ढंग से प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए बेड नहीं होने और राज्य में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं होने का झूठा प्रोपगेंडा कर रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि, प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह जैसे नेता भी इस प्रकार के गलत बयानों को जारी कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता शर्मनाक ढंग से राज्य में उपलब्ध ऑक्सीजन क्षमता के एक चौथाई के आंकड़ों को बयानों में जारी कर लोगों को भयभीत करने में जुटे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं की राज्य में कोरोना का संक्रमण बढ़ा है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के आधार पर सरकार ने इलाज की व्यवस्था और संसाधनों को भी बढ़ाया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि, राज्य के हर नागरिक को बेहतर से बेहतर इलाज देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। घबराने की आवश्कता नहीं, थोड़ा भी लक्षण दिखे तो टेस्ट कराएं। नजदीकी अस्पताल में कोविड सेंटर में सम्पर्क करें, सबके इलाज की समुचित व्यवस्था है। रमन सिंह सहित भाजपा के तमाम नेता झूठे बनावटी आरोपों से प्रदेश की जनता में भय पैदा करने के बजाए सकारत्मक विपक्ष की भूमिका में आएं। रमन सिंह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, राज्य में भाजपा के और दो राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं। 9 सांसद, एक केंद्रीय मंत्री है। यह सब केंद्र से बोलकर छत्तीसगढ़ को कोरोना से लड़ने में मदद दिलवाने की पहल क्यों नहीं करते? मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से एम्स में 150 आईसीयू बेड बढ़ाने की मांग की है। इस मांग का समर्थन करने का साहस ये क्यों नही दिखाते। रमन सिंह, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र से बोलकर कोरोना के इलाज को यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम और स्मार्ट कार्ड में क्यो नही शामिल करवाते। केंद्र पूरे देश मे कोरोना का इलाज मुफ्त करवाने में मदद क्यों नहीं कर रही।

15-09-2020
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त 50 बेड की मिलेगी सुविधा, संदिग्ध मरीजों को हो सकेगा इलाज

दुर्ग। गुरुवार से जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर युक्त 50 बेड की सुविधा मरीजों के लिए आरंभ हो जाएगी। यह सुविधा ऑक्सीजन की जरूरत वाले कोविड निगेटिव रिपोर्ट वाले मरीज अथवा संदिग्ध मरीजों के लिए होगी। कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने यह निर्देश जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान दिए। इसके लिए मेल और फीमेल वार्ड तैयार किये जा रहे हैं। कलेक्टर ने आज जिला अस्पताल परिसर में फीवर क्लीनिक का पुनः निरीक्षण किया। यहां सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के लिए पूरा इंतजाम कर दिया गया है। वरिष्ठ नागरिकों और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए पृथक काउंटर बनाये गए हैं। फीवर क्लीनिक में बताया गया कि अब तक छह नागरिकों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है,जिन्हें कंचादुर स्थित कोविड हास्पिटल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने बताया कि जिन लोग होम आइसोलेशन चाहते हैं उन्हें अंडरटेकिंग और चिकित्सक की अनुमति के पश्चात इसके नियम विस्तार से बताये जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि होम आइसोलेशन के वक्त मेडिकल किट के साथ हिदायतों वाला पैंफलेट भी दिया जाए, साथ ही एक फ्लैक्स भी लगा दिया जाए ताकि लोग विस्तार से इस बारे में जानकारी ले सकें। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में न्यूनतम समय लगना चाहिए। कोशिश हो कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के एक ही दिन में सैंपल लिये जा सकें।

अब सभी फीवर क्लीनिक में सैंपल पाजिटिव आते ही दिये जाएंगे मेडिकल किट सभी फीवर क्लीनिक में सैंपल पाजिटिव आते ही मेडिकल किट भी मरीजों को दे दिए जाएंगे। साथ ही हिदायतें भी बता दी जाएंगी। इस संबंध में कलेक्टर ने विस्तार से निर्देश बैठक में दिये। उन्होंने कहा कि इसके बाद आइसोलेशन कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार मरीजों के स्वास्थ्य की मानिटरिंग की जाएगी। इमरजेंसी कंट्रोल रूम भी पहुंचे,पूछा आज किस तरह के फोन आए कलेक्टर ने सीएमएचओ आफिस के इमरजेंसी कंट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया। वहां उन्होंने पूछा कि किस तरह के फोन आए और उन्हें किस तरह से संतुष्ट किया गया। यहां उपलब्ध स्टाफ ने बताया कि यहां आने वाले फीडबैक को तुरंत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाता है।

पोटिया और आदर्श नगर के फीवर क्लीनिक भी पहुंचे सभी फीवर क्लानिक में टेस्टिंग सही तरह से हो रही है या नहीं। इस बात के निरीक्षण के लिए कलेक्टर आदर्श नगर और पोटिया पहुंचे। वहां उन्होंने टेस्टिंग की जानकारी ली। वहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि साढ़े ग्यारह बजे तक 20 सैंपल लिये गये हैं। दिन भर में पचास सैंपल लिये जा रहे हैं। कलेक्टर ने इसे अपर्याप्त बताया और कहा कि आप 80 सैंपल रोज करने का लक्ष्य लेकर कार्य कीजिए। यहां पर टेस्ट कराने आए बुजुर्गों से कलेक्टर ने बातचीत की। बुजुर्गों ने बताया कि हमें लक्षण नजर आ रहे थे, इसलिए हमने बिना समय गंवाये यहां आने का निश्चय किया। अब थोड़ी देर में हमारी टेस्टिंग हो जाएगी। कलेक्टर ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां पर आप जो दो घंटे देंगे, वो आपकी अमूल्य जिंदगी बचा लेगा। यदि कोविड निगेटिव आयेगा तो आप संतुष्ट होकर घर जाएंगे। पाजिटिव आने की स्थिति में भी जल्द दवा शुरू हो जाने से कुछ ही दिन में आपको आराम आ जाएगा। आपका यह सकारात्मक निश्चय आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। कलेक्टर ने निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन को सभी फीवर क्लीनिक की नियमित मानिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित कर लें कि फीवर क्लीनिक में काफी कम समय में टेस्टिंग हो जाए। लोगों को न्यूनतम समय देना पड़े।

 

03-10-2019
ऑक्सीजन की कमी से मासूम की मौत, अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप

अम्बिकापुर। सरगुजा जिले का लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर अपने कृत्यों को लेकर सुर्खियां बटोर रहा है। यहां लापरवाही से एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार लखनपुर विकासखंड के ग्राम गुमगरा निवासी सीताराम के 1 माह के बच्चे की तबीयत बिगडऩे पर उसे लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कर उपचार किया जा रहा था। बच्चे को सांस लेने में तकलीफ  होने पर डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लगाया लेकिन खराब ऑक्सीजन सिलेंडर की वजह से बच्चे को ऑक्सीजन नहीं मिल सका। अस्पताल में दूसरा ऑक्सीजन सिलेंडर भी  नहीं था। ऐसे में बच्चे की तबीयत बिगडऩे लगी तो आनन-फानन में डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर रेफर कर दिया लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। मीडियाकर्मियों द्वारा पूछे जाने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वार्डबॉय ने बताया कि एक ऑक्सीजन सिलेंडर था जो खराब है। उसके अलावा और ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं है जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ ने ऑक्सीजन सिलेंडर होने की बात कही। इधर पीडि़त परिवार के साथ पहुंचे गांव के सरपंच पति ने आक्सीजन की कमी का हवाला देते हुए बच्चे की मौत पर लापरवाही का सीधा आरोप अस्पताल प्रबंधन एवं चिकित्सकों पर लगाया है। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरपंच पति ने बताया कि अगर समय पर बच्चे को ऑक्सीजन प्राप्त हो जाता तो शायद वह आज जीवित होता। इस मामले में  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ पीएस केरकेट्टा ने बताया कि बच्चा दूध नहीं पी रहा था। फिलहाल हमारे पास चार सिलेंडर उपलब्ध है जिसमें एक खराब है तथा तीन सिलेंडर से कार्य हो रहा है। जब वार्डबॉय के हवाले से बताया गया कि तीन सिलेंडर में दो सिलेंडर खराब है और एक में आक्सीजन लीकेज कर रहा है तो बीएमओ ने बताया कि लीकेज मरम्मत के लिए  भेज दिया गया है तथा एक नए सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है। 

 

30-08-2019
जिला अस्पताल की गंभीर लापरवाही ने ली बालक की जान...

बैंकुठपुर। कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर में संचालित बालगृह में रहने वाले एचआईवी पीड़ित 7 साल के एक बालक को आधी रात उल्टी दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल बैकुंठपुर भर्ती किया गया था। जहां उपचार के दौरान बालक ने दम तोड़ दिया। बता दें कि बालक को अस्पताल में भर्ती करने के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए अस्पताल में मौजूद डॉक्टर रंजीत बकला ने बच्चे का उपचार शुरू किया। इस दौरान बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे लगाया गया। लेकिन जो ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया उसमें डॉक्टर के मुताबिक काफी कम ऑक्सीजन थी जो 10 से 15 मिनट में खत्म हो गई। बिना ऑक्सीजन के सिलेंडर के चलते अस्पताल में भर्ती बालक की हालत बिगड़ने लगी और आधी रात लगभग 3:20 बजे उसकी मौत हो गई। इधर बच्चे की गंभीर हालत की जानकारी मिलते ही जिला कार्यक्रम व बाल संरक्षण अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फिलहाल बच्चे की मृत्यु की सूचना उसके परिजनों को दे दी गई है।

 

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