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25-10-2020
टीएस सिंहदेव ने श्रोताओं के सवालों का दिया जवाब, कहा-कोरोना के कारण पेसा कानून की तैयारियां धीमी

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने रविवार को रेडियो पर राज्य शासन की नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों से संबंधित श्रोताओं के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने शाम साढ़े 7 बजे आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित विशेष कार्यक्रम हमर ग्रामसभा में पत्रों, एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से श्रोताओं के पूछे  गए प्रश्नों के उत्तर दिए। उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। मंत्री सिंददेव ने 'पेसा' कानून के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि कोरोना महामारी के कारण इसकी तैयारियों में विलंब हो रहा है। सरकार इसके सभी भागीदारों से चर्चा कर 'पेसा' लागू करने के लिए नियम बनाएगी। विधानसभा के आगामी बजट सत्र में इसका प्रस्ताव प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।मंत्री सिंहदेव ने हमर ग्रामसभा में बताया कि ऐसी ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों में जहां दिव्यांग प्रतिनिधि चुनकर नहीं आए हैं, वहां इस वर्ग के प्रतिनिधि मनोनीत किए जाएंगे। ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों में एक-एक और जिला पंचायतों में दो दिव्यांग प्रतिनिधियों का मनोनयन किया जाएगा।

इस संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट में पास हो चुका है।मंत्री सिंहदेव ने कोरोना काल में छत्तीसगढ़ लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उनकी रुचि के क्षेत्रों में उनका कौशल विकास कर उन्हें काम दिलाने की कोशिश की जा रही है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव ने कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना, पंचायतों के लिए वित्तीय संसाधन, गांवों में सड़क निर्माण, धान खरीदी की व्यवस्था, बैंक सखियों के काम, प्रदेश में मनोरोगियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े प्रश्नों के जवाब दिए। साथ ही सफाई कर्मचारी संघ और वेटरीनरी कर्मचारी संघ की ओर से पूछे  गए सवालों के भी जवाब दिए।

 

22-10-2020
राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों को रोजगार गारंटी जॉब कार्ड होने के बाद भी नहीं मिल रहा रोजगार

अंबिकापुर। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले कोरवा जनजाति के उत्थान के लिए सरकार की ओर से लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके बाद भी कोरवा जनजाति के लोग आज भी मुख्यधारा में पिछड़े हुए हैं। मामला लखनपुर जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लोसगी जाम जोर का है,जहां के कोरवा जनजाति के लोग मूलभूत सुविधाओं के साथ साथ अनेक प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे। कोरवा जनजाति के लोग लकड़ी बेचकर अपना गुजारा करने को मजबूर है तथा शासकीय योजनाओं से वंचित है। ग्राम लोसगी के आश्रित ग्राम जाम जोर निवासी सुखसाय ने बताया कि लोसगी के आश्रित ग्राम जामजोर में कोरवा जनजाति के 15 परिवार निवास करते हैं। यहां के कोरवा जनजाति के पास रोजगार गारंटी जॉब कार्ड तो है मगर रोजगार नहीं है। सुखसाय ने बताया कि रोजगार गारंटी के तहत इस वर्ष उन्हें सरपंच सचिवों के द्वारा रोजगार गारंटी में काम नहीं दिया गया है। इसलिए कोरवा जनजाति के लोग लकड़ी बेचकर जीवन यापन करने को मजबूर है। कोरवा जनजाति के लोगों ने शासन प्रशासन से जीविका उपार्जन की सुविधा उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।

 

21-10-2020
भूपेश सरकार की पहल से कई फायदे,एथेनॉल प्लांट से गन्ना उत्पादक किसानों को भी होगा लाभ,खुलेंगे रोजगार के अवसर

रायपुर। प्रदेश की भूपेश सरकार की पहल से किसानों को आर्थिक लाभ के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में बड़ी संख्या में एथेनॉल प्लांट लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि प्लांट लगाने 4-6 फैक्ट्रियों के साथ एमओयू भी हो गया है। जमीन तलाशी जा रही है, संभवत: अगले वर्ष तक प्लांट शुरू हो जाएंगे। भूपेश सरकार की इस पहल से कई फायदे होंगे। राज्य शासन की केन्द्र सरकार से मांग है कि किसानों से खरीदे अतिरिक्त धान को सीधे तौर पर एथेनॉल संयत्रों को ईधन उत्पादन के लिए विक्रय की अनुमति प्रदान की जाए।जैव-एथेनॉल उत्पादन आज के समय की जरूरत है। ऐसे में राज्य में भी जैव-इथेनॉल संयंत्र की स्थापना महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। राज्य में गन्ने की खोई और धान की पर्याप्त उपलब्धता हैै। जैव-इथेनॉल का उत्पादन शुरू करना इसलिए भी एक लाभदायक विकल्प है, क्योंकि केंद्र सरकार उच्च मूल्य पर जैव ईंधन का आयात कर रही है।

जैव-इथेनॉल उत्पादन से न केवल विदेशी धन की बचत होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र का भी विकास किया जा सकेगा।गन्ने और फसल अवशेष से ईंधन उत्पादन न केवल किसानों को अतिरिक्त आमदनी उपलब्ध कराएगा, बल्कि पराली के सुरक्षित निपटान से पर्यावरण को बेहतर करने में मदद मिलेगी। जैव ईंधन का इस्तेमाल बढ़ने से किसानों की आय बढ़ेगी और राज्य में रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। राज्य में उत्पादित अतिरिक्त धान से बायो-एथेनॉल उत्पादन की अनुमति के लिए राज्य सरकार की ओर से निरंतर  प्रयास किए जा रहे थे। शासन के इन प्रयासों के फलस्वरू छात्तीसगढ़ में अधिशेष चावल से एथेनॉल उत्पादन की दर 54 रुपए 87 पैसे प्रति लीटर निर्धारित की गई है। एथेनॉल ईंधन के रूप प्रयोग किया जाता है। यह रासायनिक रूप से एथिल अल्कोहल ही है, जो सामान्य तौर पर एल्कोहलिक पेयों में पाया जाता है।

जैव एथेनॉल, गन्ने के रस जैसे जैविक चीजों से प्राप्त किया जाता है। एथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिलाकर मोटर वाहनों के ईंधन के रूप में प्रयोग में लाया जाता है। एथेनॉल को ब्राजील, अमेरिका और यूरोप के कई देशों में बड़े पैमाने में पेट्रोल में मिलाया जाता है। इसे वाहनोें के ईंधन मे 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक मिलाया जाता है।एथेनॉल पेट्रोल की ज्वलनशीलता बढ़ाता है। एथेनॉल मिलाने पर पेट्रोल की दक्षता बढ़ जाती है। इससे पेट्रोल का दहन इंजन में बेहतर तरीके से होता है और निकलने वाला धुआं भी कम प्रदूषण करता है। इसके इस्तेमाल से प्रदूषण कम होता है यानी इसका इस्तेमाल कर पर्यावरण को होने वाला नुकसान भी कम किया जा सकता है।

 

21-10-2020
भूपेश बघेल ने कहा- शहीद महेन्द्र कर्मा की इच्छानुरूप होगा बस्तर का विकास,4 से 5 बड़े स्टील प्लांट खोलने की दी सहमति

रायपुर। सरपंच संघ की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर अंचल के विकास और समृद्धि के लिए 4 से 5 बड़े स्टील प्लांट को खोलने की सहमति प्रदान की है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। दंतेवाड़ा जिले से आए सरपंच संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा है कि शहीद महेन्द्र कर्मा की भी इच्छा थी कि दंतेवाड़ा सहित बस्तर अंचल में बड़े उद्योग लगे। उनकी इच्छानुरूप ही बस्तर का विकास किया जाएगा। सरपंच संघ की मांग पर राज्य सरकार की ओर से इस अंचल में 4 से 5 बड़े स्टील प्लांट खोलने के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से गीदम विकासखंड के घोटपाल-हीरानार में उपलब्ध लगभग 500 एकड़ जमीन में उद्योग लगाने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसानों से जमीन लेने की आवश्यक्ता भी नहीं होगी।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कहा कि बस्तर अंचल से लौह अयस्क बाहर भेजा जाता है। इस अंचल के दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव सहित अन्य स्थानों में बड़े लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं इन उद्योगों के लगने से अन्य सहायक उद्योग धंधे भी प्रारंभ होंगे। इनमें बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि उद्योग लगने से यहां होटल और परिवहन व्यवसाय में भी बढ़ोतरी होगी। इसका फायदा भी स्थानीय लोगों को मिलेगा।    मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान सरपचों ने राज्य सरकार की ओर से आदिवासी समाज की आस्था के अनुरूप वनांचल क्षेत्रों में देवगुड़ी के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। सरपंच संघ की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। सरपंचों ने बताया कि कोरोना संकट के समय गोबर विक्रय से मिली राशि ग्रामीणों के काम आई।

गोबर से पैसा मिलने से ग्रामीण खुश हैं। गोठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने का काम भी किया जा रहा है। गांवों में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत सूखा राशन वितरण की जानकारी उन्होंने दी।सरपंच संघ के अध्यक्ष अनिल कर्मा ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों में गोठान निर्माण का कार्य चल रहा है। साथ ही गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट बनाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर पुराने भवनों का जीर्णोद्धार कर स्थानीय युवाओं को कपड़ा दुकान, नाई की दुकान, पंचर रिपेयरिंग जैसे छोटे-छोटे रोजगार उपलब्ध कराने का भी कार्य किया जा रहा है। इस दौरान मोपलनार, बड़े सुरोखी, नांगुल और गोठपाल ग्राम पंचायत के सरपंच भी उपस्थित थे।

 

16-10-2020
अनिश्चितकालीन धरना 16 दिनों से है जारी, बेरोजगारों को रोजगार दिए जाने की मांग

रायपुर/सुकमा। जिला मुख्यालय में ऑल इंडिया स्टूडेन्टस् फेडरेशन/ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन विगत 29 सितम्बर से नागरिक आपूर्ति निगम विभाग में लेखापाल पद पर कार्यरत तुलाराम नाग को बिना किसी कारण व सूचना के नौकरी से हटा दिए। इसके विरोध में तुलाराम नाग को पुन: नियुक्त करने, स्थानीय बेरोजगारों रोजगार दिया जाने की की मांग को लेकर विगत 16 दिनों से धरने में बैठे हैं। इसके समर्थन में कोन्टा ब्लाक के महिला फेडरेशन पहुंचकर तुलाराम नाग को पुन: नियुक्ति करने की मांग की। महिला फेडरेशन ने कहा मांग व धरना के साथ है और साथ रहेंगे हम सब अपने हक अधिकार कि लड़ाई तेज करने की बात कही है। इस दौरान अखिल भारतीय महिला फेडरेशन के ब्लाक उपाध्यक्ष ललिता सरियम, सचिव ओयाम गंगोत्री, कोषाध्यक्ष लीना ओयाम अनिश्चित कालीन धरना की समर्थन में बैठे रहे। इस दौरान एआईएसएफ/एआईवायएफ के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

15-10-2020
अनुकम्पा आदेश किया गया जारी, आश्रितों को मिला रोजगार

 

धमतरी। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय धमतरी में शिक्षा विभाग के तहत शिक्षक/कर्मचारियों की असमय मृत्यु के बाद दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित सदस्यों को शासन द्वारा अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का प्रावधान है। जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी द्वारा वर्तमान में तीन अनुकंपा नियुक्ति दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित को दी गई।  इनमें 17 सितंबर 2020 को अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त करने वालों में नगरी विकासखण्ड के शासकीय हाईस्कूल गढ़डोंगरी के प्रधानपाठक स्व. सुरेश कुमार यादव के पुत्र खिलेन्द्र कुमार यादव, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांकरा के सहायक शिक्षक एल.बी. स्व. मुक्तानंद देव की पत्नी गायत्री देव और कुरूद विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक के सहायक शिक्षक एल.बी. स्व. पुरूषोत्तम लाल ध्रुव के पुत्र खिलेश कुमार ध्रुव को भृत्य पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है।

बताया गया है कि पूर्व में अनुकम्पा नियुक्ति के चार प्रकरणों के आदेश जारी किए गए। इनमें मगरलोड विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलौदी के सहायक शिक्षक एल.बी.स्व. छम्मनलाल साहू की पत्नी मोनिका साहू, विकासखण्ड कुरूद के शासकीय हाईस्कूल सिलघट के सहायक ग्रेड-02 स्व. जितेन्द्र कुमार साहू के पुत्र लोमश कुमार साहू, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय धमतरी के उच्च वर्ग शिक्षक स्व. संतोष कुमार कुंभकार के पुत्र गजेन्द्र कुंभकार और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भखारा के प्रधानपाठक स्व. नरेन्द्र कुमार ध्रुव के पुत्र रूपेन्द्र कुमार ध्रुव को भृत्य के पद पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आदेश जारी किया गया है। इस तरह कुल सात प्रकरण में अनुकम्प नियुक्ति चतुर्थ श्रेणी के पद पर दी गई है।इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिला स्तर के लिपिक संवर्ग के 10 और भृत्य संवर्ग के 62 कर्मचारियों का प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान जारी किया गया है। साथ ही शिक्षक संवर्ग ई एवं टी का प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान प्रस्ताव संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर को भेजा गया था, जिसमें जिले के 190 शिक्षकों को समयमान वेतनमान लाभ दिए जाने के लिए आदेश जारी किया गया है।

05-10-2020
विख्यात सूफी गायक कैलाश खेर भी मैनपाट के सुप्रसिद्ध तिब्बती कालीन के हुए मुरीद, ट्वीट कर की तारीफ  

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामोद्योग के जरिए रोजगार और स्व-रोजगार के बेहतर अवसर दिलाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामोद्योग विभाग की ओर से मैनपाट के तिब्बती पैटर्न पर आधारित कालीन उद्योग को पुर्नजीवित किया गया है। ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा है कि मैनपाट के सुप्रसिद्ध तिब्बती पैटर्न के कालीन आकर्षक और प्राकृतिक धागों से तैयार होने के कारण इसकी लोकप्रियता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग विभाग प्रवासी श्रमिकों के लिए कार्ययोजना बनाकर उन्हें नियमित रोजगार तय कराया जा रहा है। उन्होंने ग्रामोद्योग विभाग में संचालित गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हर संभव मदद दी जा रही है। उल्लेखनीय है कि विख्यात सूफी गायक कैलाश खेर भी इन तिब्बती पैटर्न के ड्रैगन कालीन की लोकप्रियता के मुरीद हो गए हैं। उन्होंने ट्वीट कर मैनपाटवासियों की ओर से तैयार किए जा रहे है इन आकर्षक कालीनों को सराहाना की है।

उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में 1959 से बसे तिब्बती लोगों ने आदिवासियों को कालीन बुनाई का काम सिखाया। इन कालीनों में सूत और उन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामोद्योग विभाग संचालक सुधाकर खलखो ने बताया कि सरगुजा जिले के कालीन बुनकरों को नियमित रोजगार देने के लिए दो दशक से बंद पड़े मैनपाट के सुप्रसिद्ध तिब्बती पैटर्न के कालीन उद्योग को पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया गया है। कोरोना संक्रमण के कारण बतौली, सीतापुर के सैकड़ों कालीन बुनाई करने वाले कारीगर भदोही और मिजार्पुर (उत्तर प्रदेश) जाकर कालीन बुनाई का काम करते थे, अभी वहां नहीं जा पाने के कारण बेरोजगार थे। इन कारीगरों को मैनपाट के कालीन बुनाई केन्द्र से जोड़कर इन्हें रोजगार देने की पहल बोर्ड ने शुरू की है, ताकि कालीन बुनाई करने वाले स्थानीय कारीगरों को मैनपाट में ही रोजगार मिल सके। इन कारीगरों को मैनपाट के केन्द्र से जोड़ने से तिब्बती कालीन की बुनाई के काम में तेजी आई है। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की ओर से मैनपाट के रेखापार में कालीन निर्माण केंद्र में 20 कालीन शिल्पकारों ने कालीन उत्पादन का काम शुरू किया है। इसको और अधिक विस्तार देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस केंद्र के माध्यम से लगभग 100 से अधिक कालीन बुनाई करने वालों कारीगरों को रोजगार से जोड़ा गया है।

 

03-10-2020
जिला सहकारी बैंक की धमधा शाखा का मंत्री रविन्द्र चौबे ने किया भूमिपूजन

दुर्ग। धमधा में जिला सहकारी बैंक की शाखा का भूमिपूजन किया गया। इस मौके पर कार्यकम के मुख्यअतिथि कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि धमधा के विकास के लिए शासन प्रतिबद्ध है। आपकी ओर से जो सुझाव हैं उन्हें रखें हम तत्परता से कार्रवाई करेंगे। चाहे धमधा में अच्छा अस्पताल का विषय हो या इंग्लिश मीडियम स्कूल का, सबसे अच्छी सुविधाएँ देने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। धमधा क्षेत्र में सोसाइटी स्वीकृत किये जा रहे हैं। इससे निकट के ग्रामीणों को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसानों को आगे बढ़ाने के लिए सिंचाई का दायरा बढ़ाने बड़े स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राजपुर में प्लग टाइप वेजिटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन इकाई का आरंभ हो रहा है। खेती किसानी के साथ उद्यानिकी का रकबा बढ़ाने सरकार संकल्पित हैं। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को आगे बढ़ाने बड़ी पहल की गई है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त करने और जैविक खेती के लिए बड़ी पहल की गई है। किसानों को बढ़ावा देने वाली योजना के माध्यम से उनकी आर्थिक बेहतरी की दिशा में बड़ा काम किया जा रहा है। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे भी मौजूद थे।

 

23-09-2020
मुख्यमंत्री ने बैठक में बताए तीन महत्वपूर्ण उपाए,कहा-लोगों को मिलेगा रोजगार और बढ़ेगी आमदनी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को अपने निवास कार्यालय में ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिए जाने  कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में मत्स्य पालन के साथ-साथ उच्च क्वालिटी के मत्स्य बीज के उत्पादन को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मत्स्य बीज उत्पादन के साथ  बांसशिल्प और नेचुरोपैथी को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी।बैठक में गौठान कौशल विकास एवं आजीविका योजना के तहत कौशल विकास के लिए तैयार की गई कार्ययोजना के संबंध में प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है। इसके जरिए 15 से 20 हजार युवाओं को विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में निर्मित गौठानों को ध्यान में रखते हुए इसके माध्यम से पशु स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जैविक खाद, गोबर से विभिन्न प्रकार की सामग्री के निर्माण, नर्सरी वर्कर, माली, मछली एवं कुक्कुट पालन, बांस की सामग्री, औषधीय पौधों की खेती आदि का प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित किया गया है।

स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रशिक्षण पाठयक्रम में अन्य विषय शामिल किए जा सकते हैं।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य में मत्स्य पालक अन्य राज्यों से बेहतर किस्म के मछली बीज मंगाते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य के मत्स्य पालकों को बेहतर किस्म के मत्स्य बीज उत्पादन के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य के जिन जिलों में बहुतायत रूप से बांस की उपलब्धता है,वहां के लोगों को दक्ष प्रशिक्षकों के माध्यम से बांस से बनने वाले सामग्री के निर्माण का भी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार जोड़े जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने राज्य के वनांचल क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती तथा नैचुरोपैथी इलाज के लिए प्रशिक्षण एवं सेंटर की स्थापना को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम सहित मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक लोक शिक्षण जितेन्द्र शुक्ला, उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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