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28-10-2020
स्वदेश दर्शन योजना के ट्राइबल टूरिज़्म सर्किट के तहत कुरदर सरोधा दादर व धनकुल में रिसोर्ट तैयार

रायपुर। भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना ’’ट्राइबल टूरिज्म सर्किट’’ के तहत कुरदर, सरोधा दादर और धनकुल में रिसॉर्ट बनाए गए हैं। 28 करोड़ 91 लाख रुपए से निर्मित इन रिसॉर्ट में पर्यटकों को जनजातीय संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। कुरदर हिल ईको रिसॉर्ट जो बैगा विलेज कुरदर बिलासपुर से 52 किलोमीटर एवं बेलगहना से 12 किलोमीटर की दूरी पर अचानकमार टाइगर रिजर्व से लगी पहाड़ी पर स्थित है। ईको डेस्टीनेशन के रूप में कुरदर को विकसित किया है। घनें वनों से अच्छादित छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता और प्रकृति हरियाली की चादर ओढ़े कुरदर हिल ईको रिसॉर्ट पर्यटकों को आकर्षित करती है। धरती और आकाश को मिलते हुए देखने का रोमांचक व अद्भूत दृश्य बैगा एथनिक रिसॉर्ट सरोधा दादर में देखा जा सकता है। यह चिल्फी घाटी पर स्थित है। एथनिक रिसॉर्ट के व्यू प्वाइंट से सूर्याेदय और सूर्यास्त के समय कुदरत की खुबसूरती को बहुत ही करीब से देखा जा सकता है। पहाड़ी पर स्थित एथनिक रिसॉर्ट में ट्राइबल थीम पर हट्स, कैफेटेरिया और इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया गया है। इसी तरह कोण्डागांव की खुबसूरत वादियों में पर्यटकों के लिए धनकुल एथनिक रिसॉर्ट का निर्माण किया है। धनकुल एथनिक रिसॉर्ट जनजाति सामुदाय की परंपरागत विशेषताओं को वृहद रूप से संजोएं हुए किसी भी ट्राइबल विलेज से कम नहीं है। इस रिसॉर्ट में जनजातीय परंपरागत शैली में संग्रहालय का निर्माण किया गया है। जहां जनजातीय सामुदाय के विभिन्न कालखण्ड़ों में दैनिक जीवन में उपयोग में लाए जाने वाले दुर्लभ वाद्ययंत्रों, कृषि उपकरण, लौह शिल्प, काष्ठ शिल्प, ढोकरा शिल्प, टेराकोटा व बांस शिल्प से निर्मित विभिन्न कलाकृतियों को धरोहर के रूप में प्रदर्शित किया है।

26-10-2020
अंबिकापुर में मल्टीपरपज इंडोर हॉल और महासमुंद में बनेगा सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक, केन्द्र से मिली मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचनाओं को विकसित करने के क्रम में राज्य सरकार के प्रयासों को एक और बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य में खेल अधोसंरचनाओं के विकास में एक और नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर भारत सरकार के युवा कल्याण और खेल मंत्रालय की ओर से खेलो इंडिया योजना के तहत अंबिकापुर में मल्टीपरपज इंडोर हॉल के निर्माण और महासमुंद में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक निर्माण के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये दोनों प्रस्ताव छत्तीसगढ़ सरकार के खेल और युवा कल्याण विभाग की ओर से भारत सरकार को भेजे गए थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खेल मंत्री उमेश पटेल के विशेष प्रयासों से भारत सरकार ने अंबिकापुर में मल्टीपरपज इंडोर हॉल के निर्माण के लिए 4 करोड़ 50 लाख रुपए और महासमुंद में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रेक के निर्माण के लिए 6 करोड़ 60 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खेल मंत्री उमेश पटेल ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार बडे कदम उठा रही है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप खेल अधोसंरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

25-10-2020
65 वर्ष की आयु में फिर विवाह बंधन में बंधेंगे नामी वकील हरीश साल्वे,कई अंतरराष्ट्रीय मुकदमों  की कर चुके हैं पैरवी

नई दिल्ली। पूर्व सॉलिसिटर जनरल और मशहूर वकील हरीश साल्वे 65 साल की उम्र में दूसरी शादी करने जा रहे हैं। साल्वे अगले हफ्ते ब्रिटेन के एक चर्च में कैरोलिन ब्रॉसर्ड से शादी करेंगे। हरीश साल्वे और कैरोलिन की यह दूसरी शादी है। इससे पहले हरीश साल्वे ने मीनाक्षी साल्वे से शादी की थी। 38 साल तक दोनों साथ रहे। दोनों की दो बेटियां भी हैं। पिछले महीने की हरीश साल्वे और मीनाक्षी साल्वे का तलाक हुआ है। बता दें कि कैरोलिन से शादी करने के लिए हरीश साल्वे भी धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन चुके हैं। खबर के अनुसार, साल्वे पिछले दो सालों से नियमित रूप से उत्तरी लंदन के चर्च में जाते रहे हैं। हरीश साल्वे की तरह ही कैरोलिन की भी एक बार शादी हो चुकी है और उनकी एक बेटी भी है। कैरोलिन पेशे से कलाकार हैं और 56 साल की हैं।
साल्वे कुलभूषण जाधव समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुकदमों में भारत सरकार की पैरवी कर चुके हैं। इनके अलावा देश के नामी उद्योगपतियों और कंपनियों जैसे वोडाफोन,रिलायंस, मुकेश अंबानी आदि से जुड़े मामलों की भी बतौर वकील कोर्ट में पैरवी कर चुके हैं।बता दें कि ब्रिटेन और वेल्स की अदालतों के लिए हरीश साल्वे को वहां की महारानी का वकील भी नियुक्त किया जा चुका है। हरीश साल्वे ने एलएलबी की पढ़ाई नागपुर विश्वविद्यालय से की थी और साल 1980 में उन्होंने जेबी दादाचांदजी एंड कंपनी से अपना वकालत का करियर शुरू किया था। साल 1992 में हरीश साल्वे को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया गया था। साल्वे 1999-2002 तक भारत के सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं।

25-10-2020
27 अक्टूबर से शुरू हो रहे भारत सरकार के सतर्कता जागरूक अभियान का इस बार विषय होगा सतर्क भारत समृद्ध भारत

रायपुर/सूरजपुर। भारत सरकार, केन्द्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के मार्गदर्शन में 27 अक्टूबर से 2 नवम्बर  तक सर्तकता जागरूकता सप्ताह मनाया जाएगा। इसका विषय सर्तक भारत समृद्ध भारत है। इस संबंध में जिले के समस्त जिला कार्यालय प्रमुखों को सर्तकता जागरूकता सप्ताह के प्रथम दिवस अर्थात् 27 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे कोविड-19 महामारी के संक्रमण के संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश का पालन करते हुए आयोजन किए जाने कहा है।

20-10-2020
रैम्प और पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत के मूल्य में कमी आने की संभावना, 319 खदानों में निविदा जारी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर रेत की सुचारू आपूर्ति तय करने के लिए खनिज विभाग की ओर से इस वर्ष प्रदेश में कुल 107 रेत भण्डारण अनुज्ञा स्वीकृत की गई है। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में रेत के अवैध उत्खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जुर्माना भी वसूल किया गया है। खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन के 37 प्रकरण, अवैध परिवहन के 1726 प्रकरण और अवैध भण्डारण के 26 प्रकरण दर्ज करते किए गए हैं। संबंधितों से 2 करोड़ 7 लाख 49 हजार 89 रुपए समझौता राशि की वसूली भी की गई है। विभाग ने बताया है कि वर्तमान में प्रदेश में कुल 319 रेत खदानों में निविदा जारी की गई है। कुल 210 रेत खदानों में पर्यावरण सम्मति प्राप्त होने के बाद अनुबंध के बाद ये खदानें संचालित की जा रही हैं और शेष रेत खदानों में पर्यावरण सम्मति प्राप्त करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वर्तमान समय में प्रदेश के सभी जिलों में रेत खदान आबंटन के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। वर्तमान में भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 10 जून से 15 अक्टूबर तक वर्षाऋतु में रेत खनन को प्रतिबंधित किया गया था। वर्षाऋतु के पूर्व प्रदेश में रेत का औसतन मूल्य 5000-7000 रुपए प्रति हाइवा (10 घनमीटर) था। वर्षाऋतु के दौरान प्रदेश में प्रतिवर्ष रेत के मूल्य में बढ़ोत्तरी होती है, इस दौरान रेत की सुचारू आपूर्ति किए जाने के लिए इस वर्ष खनिज विभाग ने विशेष प्रयास कर प्रदेश में कुल 107 रेत भंडारण अनुज्ञा स्वीकृत किया गया। चूंकि भण्डारण अनुज्ञप्ति क्षेत्र में सीमित भण्डारण क्षमता होने के कारण रेत की कीमतों में आंशिक वृद्धि देखी गई है। वर्षाकाल के बाद अधिकतर जिलों के कई रेत खदानों में वर्तमान में पानी भरा हुआ है और कई रेत खदानों में रैम्प और पहुंच मार्ग मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है। इन रेत खदानों में आगामी दिनों में लोडिंग और परिवहन का कार्य आरंभ हो जाएगा, जिससे मूल्य में और कमी आने की संभावना है।

वर्षा ऋतु के पूर्व और वर्षा ऋतु के दौरान विभिन्न जिलों में रेत के मूल्यों की तुलनात्मक जानकारी निम्नानुसार है। वर्षा ऋतु के पूर्व रायपुर जिले में रेत का मूल्य 8000 रुपए से 9000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 16000 से 17000 रुपए हो गया था। वर्तमान में यह घटकर 9000 से 9500 रुपए हो गया है। रैम्प निर्माण और पहुंच मार्ग मरम्मत पश्चात रेत की कीमत 7000 से 8000 रुपए संभावित है। इसी तरह बिलासपुर जिले में वर्षा ऋतु के पूर्व 5000 रुपए से 6000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 10000 से 12000 रुपए हो गया था। वर्तमान में यह घटकर 7000 से 8000 रुपए हो गया है रैम्प निर्माण एवं पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत की कीमत 5000 से 7000 रुपए संभावित है। बस्तर जिले में वर्षा ऋतु के पूर्व 5000 रुपए से 6000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 7000 से 8000 रुपए हो गया था। रैम्प निर्माण और पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत की कीमत 4000 से 5000 रुपए संभावित है। राजनांदगांव जिले में वर्षा ऋतु के पूर्व 7000 रुपए से 8000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 9000 से 10000 रुपए हो गया था। वर्तमान में यह घटकर 8000 से 9000 रुपए हो गया है और रैम्प निर्माण और पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत की कीमत 7000 से 8000 रुपए संभावित है। इसी तरह जांजगीर-चांपा जिले में वर्षा ऋतु के पूर्व 5000 रुपए से 7000 रुपए था। वर्षा ऋतु में बढ़कर 9000 से 10000 रुपए हो गया था। वर्तमान में यह घटकर 4500 से 7000 रुपए हो गया है। रैम्प निर्माण और पहुंच मार्ग मरम्मत के बाद रेत की कीमत 4000 से 5000 रुपए संभावित है।

14-10-2020
दिसम्बर के अंत तक सभी शिक्षकों को निष्ठा ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य

रायपुर/कोण्डागांव। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय भारत सरकार की गाईडलाइन के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक समस्त शिक्षकों व प्रधान पाठ्कों के लिए एनसीईआरटीकी ओर से निर्धारित 18 माॅडयूल पर निष्ठा ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। इसका उद्देश्य देश भर में कक्षा 1 से 8 तक के 42 लाख शिक्षको और प्रधान पाठ्को व राज्य के 1 लाख 35 हजार 1 सौ निन्यान्बे शिक्षकों का क्षमता संवर्धन व नेतृत्व विकास, विभिन्न गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, अधिगम संसाधनों तक पहुंच व नई प्राथमिकताओं के बारे में शिक्षकों के बीच जागरूकता प्रदान करने में मद्द करना है।

उल्लेखनीय है कि निष्ठा प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 18 प्रशिक्षण माॅडयूल विशेषज्ञों द्वारा तैयार किये गये है इन प्रशिक्षणों को 3 महीनों में पूर्ण किया जायेगा और दिसम्बर के अन्त तक सभी शिक्षको को निष्ठा ऑनलाइन प्रशिक्षण को पूर्ण करना अनिवार्य है। इसके उपरान्त उन्हें दीक्षा पोर्टल के माध्यम से पूर्णताः प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के पंजीयन के लिए शिक्षकों को गुगल प्लेस्टार से दीक्षा ऐप डाउनलोड कर इंस्टाल करने के साथ सी जी स्कूल डाट इन में पंजीकृत मोबाइल नंम्बर एवं पासवर्ड के सहायता से लाॅग इन करना होगा। निष्ठा प्रशिक्षण का प्रथम बेच दिनांक 26 नवम्बर को प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत् 26 अक्टूबर से 18 जनवरी तक की समय सारणी जारी कर दी गई है।

13-10-2020
प्रदेश में कंटेनमेंट जोन के बाहर कार्यक्रमों की अनुमति नियम और शर्तों के मुताबिक,एसओपी के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्र में कार्यक्रमों या आयोजनों के लिए अनुमति देने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव ने मंगलवार को पत्र भेजा है। उन्होंने गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जारी एसओपी का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में समस्त विभागों के सचिव, संभागायुक्त,कलेक्टरों, विभागाध्यक्षों को सामाजिक,अकादमिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक और अन्य कार्यक्रमों या आयोजनों के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) संलग्न पत्र भेजा है। एसओपी के मुताबिक कार्यक्रम,सभा का आयोजन खुली स्थल में किए जाने पर जिला प्रशासन या सक्षम प्राधिकारी की ओर से मैदान,सभा स्थल के क्षेत्रफल भौगोलिक स्थिति और आकार को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त संख्या में लोगों की उपस्थिति की अनुमति शर्तों के अधीन प्रदान की जा सकेगी।
किसी बंद जगह में उपरोक्त गतिविधियों को आयोजित करने की अनुमति अधिकतम 200 व्यक्तियों के लिए दी जा सकेगी इसके लिए शर्तों का पालन अनिवार्य होगा। कार्यक्रमों में कोरोना के लक्षण रहित व्यक्तियों को ही भाग लेने की अनुमति होगी। सार्वजनिक कार्यक्रम में आने वाले व्यक्तियों में कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान यदि कोरोना के प्रारंभिक लक्षण जैसे सर्दी खांसी बुखार भी पाए जाते हैं तो उनको कार्यक्रम स्थल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कार्यक्रम, सभा स्थल अनेक स्थानों पर पान गुटखा इत्यादि खाना और थूकने पर प्रतिबंध रहेगा। जुलूस रैली के दौरान अथवा आयोजन स्थल पर फिजिकल डिस्टेंस,सोशल डिस्टेंस के दिशा निर्देशों का पालन तय करने की जिम्मेदारी आयोजकों की आयोजन कर्ताओं की होगी। रैली,विसर्जन जुलूस में तय सीमा से अधिक लोग नहीं जा सकेंगे। इसका उल्लंघन करते पाए जाने पर संबंधित आयोजक के विरुद्ध विधि के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसओपी के उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, आयोजक,आयोजनकर्ता के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से आवश्यकता होने पर अन्य अतिरिक्त शर्तें लगाई जा सकेगी। विस्तृत दिशानिर्देशों के लिए क्लिक करें   

08-10-2020
रायपुर स्मार्ट सिटी इंटर्नशिप में मिलेगा अधिकांश युवाओं को मौका, भारत सरकार ने किया नियमों को शिथिल

रायपुर। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार के ट्यूलिप इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत स्नातक व सभी डिप्लोमाधारी युवा जुड़ सकेंगे। रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के साथ जुड़कर ऐसे स्नातक जिन्होंने 36 माह के भीतर डिग्री, डिप्लोमा का कोर्स पूर्ण किया या अंतिम वर्ष की परीक्षा में शामिल हुए हैं वे भी अब ट्यूलिप के पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन प्रेषित कर सकते हैं। रायपुर स्मार्ट सिटी लि. युवाओं को इस महत्वपूर्ण इंटर्न प्रोग्राम के जरिए सर्वाधिक युवाओं को जोड़ने वाला देश का पहला शहर है। इस कार्यक्रम के जरिए युवा शहर विकास की रियल टाईम गतिविधियों की जानकारी नगर निगम व स्मार्ट सिटी के निर्देशन में प्राप्त कर सकेंगे, वहीं युवा सोच की सहभागिता भी शहर विकास योजनाओं का हिस्सा बनेगी। रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के प्रबंध संचालक सौरभ कुमार के अनुसार आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय और मानव संसाधन मंत्रालय के द्वारा शुरू किए गए ट्यूलिप कार्यक्रम में युवाओं ने रूचि दिखाई है। 

कोविड संक्रमण के दौर में रायपुर स्मार्ट सिटी लि. द्वारा संचालित इंटर्न कार्यक्रम एवं भारत सरकार के ट्यूलिप इंटर्न कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित युवाओं ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देते हुए कोविड अस्पतालों के संचालन व कोविड सेंपल संग्रहण में जिस तरह से अपनी सेवाएं दी हैं, उसकी सराहना राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। इस समय डॉक्टर, इंजीनियर, नर्सिंग, वाणिज्य, ग्राफिक, डिजाईनिंग, समाज कार्य के स्नातक छात्र-छात्राएं इंटर्न के तौर पर रायपुर स्मार्ट सिटी व नगर-निगम में अपनी सेवाएं देकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ट्यूलिप कार्यक्रम के जरिए ज्यादातर युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने पुराने नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन करते हुए स्नातक के साथ ही डिप्लोमा धारियों को भी अवसर दिया जा रहा है। 

ट्यूलिप इंटर्नशिप पोर्टल की लिंक पर जाकर अभ्यर्थी अपना आवेदन प्रेषित कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन भरने में किसी भी तरह की सहायता के लिए मोबाइल नंबर-7970003285 पर संपर्क करें। इस कार्यक्रम के तहत बी टेक, बी प्लान, बी टेक सिविल, बी आर्किटेक, बी टेक आईटी/सीएस/मैकेनिकल/कैमिकल/इलेक्ट्रिकल, बीएससी हार्टीकल्चर, बीए इकोनॉमिक/सोशलॉजी/एनवायरमेंटल स्टडी, बीएससी वेटरनरी साइंस, बीए, बीएससी, बीसीए, एमबीबीएस, बीएचएमएस, बीएएमएस और नर्सिंग एवं एमपीडब्ल्यू आदि संकाय के छात्र खुद को रजिस्टर कर सकते हैं।

06-10-2020
कुष्ठ रोगियों के 4 माह से बन्द उपचार तुरन्त चालू कराए सरकार : वीरेन्द्र नामदेव

रायपुर। स्वास्थ्य चेतना विकास समिति के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने ट्वीट कर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को कोरोना के नाम पर विगत लगभग 4 माह से बन्द कुष्ठ मरीजों के उपचार व्यवस्था को चालू करने की माँग सरकार से की है। उन्होंने बताया है कि विगत 3-4 माह से नगर निगम क्षेत्र रायपुर और रायपुर जिले में पंजीकृत कुष्ठ रोग के जीवाणु से युक्त मरीजों को कुष्ठ रोग से मुक्त होने के लिए शासन निर्धारित मुफ्त दवा नहीं मिल रहा है और शारिरिक विकलांगता से बचाव के लिए कोई सुझाव देनेवाला सरकारी मुलाजिम भी इस कोरोना संक्रमण काल में नहीं मिल रहे हैं। रायपुर नगर निगम क्षेत्र 72 वार्डों में इसके लिए निर्धारित सभी 17 उपचार केन्द्र बन्द पड़े हैं और मरीज इलाज और परामर्श के लिए भटक रहे हैं, क्योंकि रायपुर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इन केंद्रों में सेवा देने वाले कुष्ठ चिकित्सा कर्मियों को शहर के अन्यत्र क्षेत्रों में कोरोना के अन्य कार्यों में ड्यूटी लगा रखी है। यही स्थिति जिले में सभी केन्द्रों की है क्योंकि वे सभी कोरोना में ड्यूटी कर रहे हैं। जबकि अन्य जिलों में यह स्थिति नहीं है।

उन्होंने बताया है कि यदि कुष्ठ मरीजों को समय पर भारत सरकार द्वारा निर्धारित बहु ओषधि उपचार नहीं मिला तो कम्युनिटी में कुष्ठ रोग का प्रसार दर में वृद्धि होना स्वभाविक है। साथ ही वर्तमान में उपचार रत मरीजों को दवा और सलाह न मिलने के कारण शारिरिक विकलांगता विकसित होने की पूरी सम्भावना है। एक तरफ सरकार निजी चिकित्सालयों में अन्य बीमारियों ग्रस्त मरीजों को भी इलाज सुविधा देने के लिए चेतावनी दे रही है तो दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों की स्थिति बदतर है। इसका स्पष्ट उदाहरण कुष्ठ रोगियों के लिए निर्धारित केन्द्रों का महीनों से चिकित्सा कर्मचारियों के अभाव में मुफ्त दवा वितरण का बन्द हो जाना है। यह बात मुख्य चिकित्सा एवं चिकित्सा अधिकारी के संज्ञान में होने के बाद भी कुष्ठ मरीजो के इलाज में लापरवाही चिंता का विषय है। स्वास्थ्य चेतना विकास समिति रायपुर के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं और कलेक्टर को पत्र लिखकर कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों के हित में त्वरित कार्यवाही कर तत्काल दवा वितरण एवं सलाह केन्द्रों को चालू कर उनमें कार्यरत कुष्ठ कर्मचारियों के माध्यम से राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।

01-10-2020
एनटीपीसी ने केंद्र सरकार के साथ किया एमओयू, 98,000 करोड़ के राजस्व का रखा लक्ष्य

 कोरबा। एनटीपीसी लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। एनटीपीसी ने वित्तीय वर्ष 2021 में परिचालन से 98,000 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है और साथ ही 340 बिलियन यूनिट्स विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। समझौता ज्ञापन पर संजीव नंदन सहाय, सचिव (विद्युत), भारत सरकार और एनटीपीसी के सीएमडी गुरदीप सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान विद्युत मंत्रालय और एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। एमओयू के अनुसार वर्तमान वित्त वर्ष में एनटीपीसी के लिए 21,000 करोड़ रुपए की पूंजी और 15 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) का कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एनटीपीसी ने पिछले वर्षों में असाधारण प्रदर्शन किया है और भारत सरकार की ओर से हासिल रेटिंग इस प्रदर्शन की गवाही देती है। इसके अलावा, समूह के पास 20 गीगावॉट क्षमता निर्माणाधीन है,जिसमें 5 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। 62.9 गीगावॉट की कुल स्थापित क्षमता के साथ, एनटीपीसी समूह के 70 बिजली स्टेशन हैं, जिनमें 24 कोयला, 7 संयुक्त साइकल गैस/तरल ईंधन, 1 हाइड्रो, 13 नवीकरण और 25 सहायक और जेवी पावर स्टेशन शामिल हैं। समूह में 20 गीगावॉट से अधिक निर्माणाधीन क्षमता है,जिसमें से 5 गीगावाॅट नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है।


 

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