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28-10-2020
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय सर्वे: शराब पीने में आसाम की महिलाएं देश में सबसे आगे,तंबाकू सेवन में पं बंगाल की

नई दिल्‍ली। भारत में शराब पीने के मामले में आसाम की महिलाएं बाकी राज्‍यों से काफी आगे हैं। वहां 15 से 49 साल उम्र वाली 26.3 फीसदी महिलाएं शराब पीती हैं। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय के एक सर्वे में यह बात सामने आई है। 2019-20 के लिए उपलब्‍ध डेटा के अनुसार, शराब पीने के मामले में आसाम की महिलाओं का प्रतिशत बाकी सभी राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्‍यादा है। इसके बाद जम्‍मू कश्‍मीर का नंबर आता है जहां इस आयु वर्ग (15-49 साल) की 23 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं।राष्‍ट्रीय स्‍तर पर केवल 1.2 प्रतिशत महिलाएं ही शराब का सेवन करती हैं। सर्वे में चंडीगढ़, लक्षद्वीप में शराब पीने वाली महिलाओं की संख्‍या जीरो बताई गई है। इसके अलावा मेघालय में 8.7 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं। बाकी सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शराब पीने वाली महिलाओं की संख्‍या 10 प्रतिशत से कम है। रिपोर्ट के अनुसार, आसाम में शराब पीने वाली 44.8 प्रतिशत महिलाएं हफ्ते में एक बार शराब पीती हैं जबकि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर यह औसत 35 प्रतिशत है। 

सर्व के अनुसार, भारत में अरुणाचल प्रदेश के पुरुष सबसे ज्‍यादा शराब पीते हैं। वहां के 59 प्रतिशत पुरुषों से शराब के सेवन की बात कही। राष्‍ट्रीय स्‍तर पर 29.2 प्रतिशत पुरुष शराब पीते हैं। आसाम में यह आंकड़ा 29.2 प्रतिशत है। वहां शराब पीने वाले पुरुषों में से 51.9 प्रतिशत हफ्ते में एक बार पीते हैं जबकि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर यह औसत 40.7 प्रतिशत है। पश्चिम बंगाल में पुरुष और महिलाएं, दोनों ही राष्‍ट्रीय स्‍तर पर तंबाकू के सेवन में आगे हैं। बंगाल के 80.4 प्रतिशत पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं जबकि महिलाओं की संख्‍या 59.2 फीसदी है। तेलंगाना में 70 फीसदी पुरुष तंबाकू का इस्‍तेमाल करते हैं जबकि 48.8 प्रतिशत  महिलाए हैं। पुरुषों की बात करें तो उत्‍तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, असम और बिहार में 60 प्रतिशत से ज्‍यादा पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं।

26-10-2020
नई दिल्ली पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री, भारत-अमेरिका 2+2 मंत्रीस्तरीय बैठक में लेंगे भाग      

 नई दिल्ली। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ भारत के साथ तीसरी 2+2 मंत्रीस्तरीय बैठक के लिए सोमवार को नई दिल्ली पहुंच गए। यह बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में होगी। इसमें दोनों पक्षों के हिंद-प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने की उम्मीद है। अमेरिका में तीन नवम्बर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले यह बैठक खास मानी जा रही है। पोम्पिओ ने रविवार को ट्वीट किया, 'भारत, श्रीलंका,मालदीव और इंडोनेशिया की अपनी यात्रा के लिए रवाना हो गया हूं। हिंद-प्रशांत को स्वतंत्र एवं मुक्त, मजबूत तथा समृद्ध बनाने के साझा दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए हमारे भागीदारों के साथ जुड़ने का अवसर पाकर आभारी हूं।' पोम्पिओ के साथ रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भी भारत आए हैं।

अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ अपने भारतीय समकक्षों क्रमश: राजनाथ सिंह तथा एस. जयशंकर के साथ 2+2 मंत्रीस्तरीय बैठक करेंगे। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी विवाद और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते चीनी सैन्य दबदबे के बीच यह उच्च स्तरीय वार्ता हो रही है। दोनों ही मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। चीन के बढ़ते सैन्य युद्धाभ्यास की पृष्ठभूमि में भारत, अमेरिका और कई अन्य विश्व शक्तियां स्वतंत्र, मुक्त तथा सम्पन्न हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

 

23-10-2020
नौसेना ने पोत-रोधी मिसाइल से सटीक निशाना लगाकर जहाज को किया नष्ट

नई दिल्ली। भारत के रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में नौसेना ने युद्ध के लिए अपनी तैयारियों का प्रदर्शन करते हुए एक पोत-रोधी मिसाइल से एक जहाज को नष्ट कर दिया। अरब सागर में किए गए इस अभ्यास में मिसाइल का निशाना 'बेहद सटीक' था। भारतीय नौसेना ने इसका एक वीडियो शुक्रवार को जारी किया। विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य और कई युद्धपोतों, लड़ाकू हेलीकॉप्टरों, विमानों और नौसेना के अन्य उपकरणों को शामिल करने वाले एक व्यापक नौसेना अभ्यास के दौरान इस मिसाइल को 'फ्रंटलाइन कोरवेट आईएनएस प्रबल से दागा गया। भारतीय नौसेना के एक प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर (एक पुराने जहाज पर) अपनी अधिकतम रेंज के साथ सटीकता से वार किया। उन्होंने कहा,'भारतीय नौसेना के 'फ्रंटलाइन कोरवेट आईएनएस प्रबल' द्वारा दागी गई पोत विरोधी मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर अधिकतम रेंज के साथ सटीकता से वार किया। 

21-10-2020
सिंघाड़ा एक फायदे अनेक : बाल झड़ने, अस्थमा के साथ गर्भवती महिलाओं के लिए भी बेहद फायदेमंद

रायपुर। सिंघाड़े में कई तरह के औषधीय गुण होते हैं। सिंघाड़ा पानी में पसरने वाली एक लता में पैदा होने वाला एक तिकोने आकार का फल है। इसके सिर पर सींगों की तरह दो कांटे होते हैं। चीनी खाने का यह एक अभिन्न अंग है। इसको छील कर इसके गूदे को सुखाकर और फिर पीसकर जो आटा बनाया जाता है। उस आटे से बनी खाद्य वस्तुओं का भारत में लोग व्रत उपवास में सेवन करते हैं क्योंकि इसे एक अनाज नहीं फल माना जाता है। सेहत के लिए इसके अनेक फायदे भी है। गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष लाभदायक साबित होता है। गर्भाशय की दुर्बलता व पित्त की अधिकता से गर्भावस्था पूरी होने से पहले ही जिन स्त्रियों का गर्भपात हो जाता है, उन्हें सिंघाड़ा खाने से लाभ होता है। इसके सेवन से भ्रूण को पोषण मिलता है और वह स्थिर रहता है। सात महीने की गर्भवती महिला को दूध के साथ या सिंघाड़े के आटे का हलवा खाने से लाभ मिलता है। इतना ही नहीं अस्थमा के रोगियों के लिए भी यह फायदेमंद होता है। अस्थमा के रोगी जिन्हें सांस से जुड़ी तकलीफ ज्यादा होती है, उनके लिए सिंघाड़ा बेहद फायदेमंद है। डॉक्टरों का मानना है कि सिंघाड़ा नियमित रूप से खाने से सांस संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही बाल झड़ने की समस्या में भी यह रामबाण साबित होता है। सिंघाड़े में मौजूद निमैनिक और लॉरिक जैसे एसिड बालों को नुकसान पहुंचने से बचाते हैं।

19-10-2020
बालको में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए अब 30 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन

कोरबा। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) प्रबंधन द्वारा संशोधित स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना, 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 6 अक्टूबर, 2020 से लागू स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन की समय सीमा में वृद्धि कर दी है। अब पात्र कर्मचारी 30 अक्टूबर 2020 तक आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। जारी एक परिपत्र में बालको प्रबंधन ने कहा है कि अब 30 अक्टूबर 2020 तक आवेदन करने वाले कर्मचारी ‘कन्वेनिएंस बेनेफिट’ के तहत 50 हजार रुपए का अतिरिक्त लाभ प्राप्त कर सकेंगे। शेष नियम यथावत हैं। पात्र कर्मचारियों के आवेदन स्वीकृत होने पर वे 31 अक्टूबर 2020 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

 

19-10-2020
बढ़ी चीन की चिंता, मालाबार युद्धाभ्यास में भारत के साथ पहली बार शामिल होगा ऑस्ट्रेलिया

नई दिल्ली। लद्दाख से सटी एलएसी पर भारत और चीन के बीच विवाद लगातार जारी है। इसी बीच भारत ने हिंद महासागर में अपना एक नया सहयोगी खोज लिया है। नरेंद्र मोदी सरकार ने अगले महीने संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान के साथ होने वाले वार्षिक मालाबार नौसैनिक अभ्यास के लिए ऑस्ट्रेलिया को आमंत्रित किया है। इस कदम से एक तरफ क्वाड (क्वाड्रिलेटरल-सिक्योरिटी डायलॉग) को मजबूती मिलेगी तो चीन की बेचैनी बढ़ेगी। यह पहली बार है जब क्वाड के सभी सदस्य एक साथ सैन्य अभ्यास में शामिल होंगे।
यह पहली बार है जब क्वाड समूह के चारों देश भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया इस तरह के युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। इस युद्धाभ्यास में पहले अमेरिका और भारत ही हिस्सा लेते थे, लेकिन साल 2015 में इसमें जापान को भी जोड़ा गया और अब ऑस्ट्रेलिया के इस युद्धाभ्यास में शामिल हो रहा है। नौ सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, समुद्री क्षेत्र में अन्य देशों के साथ सहयोग बढाने और विशेष रूप से आस्ट्रेलिया के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग को पुख्ता करने की दिशा में आगे बढते हुए इस वर्ष होने वाले मालाबार अभ्यास में आस्ट्रेलियाई नौसेना की भी हिस्सेदारी का निर्णय लिया गया है। यह अभ्यास बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में होगा। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा,'भारत समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में दूसरे देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है और ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा सहयोग में वृद्धि को देखते हुए मालाबार 2020 में ऑस्ट्रेलियन नेवी की भी सहभागिता होगी। इस बार अभ्यास को 'नॉन कॉन्टैक्ट एट सी' फॉर्मेट में तैयार किया गया है।

अभ्यास से शामिल देशों के नेवी के बीच सहयोग और समन्वय मजबूत होगा। चीन की अपना प्रभुत्व बढाने की रणनीति पर अंकुश लगाने के लिए भारत,अमेरिका,जापान और आस्ट्रेलिया के 'क्वाड' की लामबंदी आज और अधिक मजबूत हो गयी है। इस मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, मालाबार अभ्यास दो हिस्सों में होगा। अभ्यास पहले 3-6 नवंबर और फिर 17-20 नवंबर के बीच होगा। चारों देशों का साझा उद्देश्य मुक्त और स्वतंत्र हिंद प्रशांत क्षेत्र है। भारत और अमेरिका की द्विपक्षीय नौसेना सहयोग के तहत मालाबार युद्धाभ्‍यास वर्ष 1992 में शुरू किया गया था। वर्ष 2018 में यह वार्षिक युद्धाभ्‍यास फिलीपींस की गुआम के तट पर और 2019 में जापान के तट पर हुआ था। हिंद-प्रशांत क्षेत्र महासागर में परेशानी का सबब बने चीन को रोकने के लिए चार बड़ी शक्तियां पहली बार मालाबार में साथ युद्धाभ्यास करती दिखेंगी। इसके साथ ही पहली बार अनौपचारिक रूप से बने क्वॉड ग्रुप को सैन्य मंच पर देखा जाएगा। क्वाड मालाबार पहले एक सीमित नौसैनिक युद्धाभ्यास हुआ करता था लेकिन अब इंडो-पैसिफिक रणनीति का अहम हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य चीन की विस्तार नीति को रोकना है।

 

18-10-2020
नौसेना की ताकत में हुआ इजाफा, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण

नई दिल्ली। भारत ने रविवार को नौसेना के स्वदेश निर्मित स्टील्थ विध्वंसक से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। अरब सागर में आईएनएस चेन्नई से मिसाइल को दागी गई, जिसनें  उच्चस्तरीय और बेहद जटिल युद्धाभ्यास करने के बाद लक्ष्य को सटीकता से लक्ष्य को भेदा। यह जानकारी रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने दी।
डीआरडीओ ने कहा कि ब्रह्मोस प्राइम स्ट्राइक हथियार के रूप में नौसेना की सतह के लक्ष्यों को लंबी दूरी परकी निशाना बनाकर युद्धपोत की अजेयता सुनिश्चित करेगा। इस तरह की विध्वंसक मिसाइल भारतीय नौसेना को और अधिक ताकत देगा। ब्रह्मोस को भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित किया गया है। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल प्रक्षेपण के लिए डीआरडीओ, ब्रह्मोस और भारतीय नौसेना को बधाई दी।

 

17-10-2020
वैश्विक भूख सूचकांक में नेपाल-बांग्लादेश और पाकिस्तान की हालत भारत से बेहतर, सूची में 94वें स्थान पर

नई दिल्ली। भारत वैश्विक भूख सूचकांक 2020 में 107 देशों की सूची में 94वें स्थान पर है और भूख की 'गंभीर' श्रेणी में है। विशेषज्ञों ने इसके लिए खराब कार्यान्वयन प्रक्रियाओं, प्रभावी निगरानी की कमी, कुपोषण से निपटने का उदासीन दृष्टिकोण और बड़े राज्यों के खराब प्रदर्शन को दोषी ठहराया। पिछले साल 117 देशों की सूची में भारत का स्थान 102 था। पड़ोसी बांग्लादेश, म्यामां और पाकिस्तान भी 'गंभीर' श्रेणी में हैं। लेकिन इस साल के भूख सूचकांक में भारत से ऊपर हैं। बांग्लादेश 75वें, म्यामां 78वें और पाकिस्तान 88वें स्थान पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल 73वें और श्रीलंका 64वें स्थान पर हैं। दोनों देश 'मध्यम श्रेणी में आते हैं। चीन, बेलारूस, यूक्रेन, तुर्की, क्यूबा और कुवैत सहित 17 देश भूख और कुपोषण पर नजर रखने वाले वैश्विक भूख सूचकांक (जीएचआई) में शीर्ष रैंक पर हैं। जीएचआई की वेबसाइट पर शुक्रवार को यह जानकारी दी गयी है। रिपोर्ट के अनुसार भारत की 14 फीसदी आबादी कुपोषण की शिकार है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 3.7 प्रतिशत थी। इसके अलावा ऐसे बच्चों की दर 37.4 थी जो कुपोषण के कारण नहीं बढ़ पाते। बांग्लादेश, भारत, नेपाल और पाकिस्तान के लिए 1991 से अब तक के आंकड़ों से पता चलता है कि वैसे परिवारों में बच्चों के कद नहीं बढ़ पाने के मामले ज्यादा है,जो विभिन्न प्रकार की कमी से पीड़ित हैं। इनमें पौष्टिक भोजन की कमी, मातृ शिक्षा का निम्न स्तर और गरीबी आदि शामिल हैं। इस अवधि के दौरान भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि समय से पहले जन्म और कम वजन के कारण बच्चों की मृत्यु दर विशेष रूप से गरीब राज्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब क्रियान्वयन प्रक्रिया, प्रभावी निगरानी की कमी और कुपोषण से निपटने के लिए दृष्टिकोण में समन्वय का अभाव अक्सर खराब पोषण सूचकांकों का कारण होते हैं। अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान, दिल्ली में वरिष्ठ शोधकर्ता पूर्णिमा मेनन ने कहा कि भारत की रैंकिंग में समग्र परिवर्तन के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों के प्रदर्शन में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा,'राष्ट्रीय औसत उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से बहुत अधिक प्रभावित होता है… जिन राज्यों में वास्तव में कुपोषण अधिक है और वे देश की आबादी में खासा योगदान करते हैं।'' उन्होंने कहा, 'भारत में पैदा होने वाला हर पांचवां बच्चा उत्तर प्रदेश में है। इसलिए यदि उच्च आबादी वाले राज्य में कुपोषण का स्तर अधिक है तो यह भारत के औसत में बहुत योगदान देगा। स्पष्ट है कि तब भारत का औसत धीमी होगा।" मेनन ने कहा अगर हम भारत में बदलाव चाहते हैं, तो हमें उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश और बिहार में भी बदलाव की आवश्यकता होगी।

 

17-10-2020
रूस की वैक्सीन स्पूतनिक-V का भारत में होगा ट्रायल, डीसीजीआई ने दी अनुमति, डॉ.रेड्डी लेबोरेटरीज करेगी ट्रायल

नई दिल्ली। भारत ने रूस की कोरोना वैक्सीन स्पूतनिक-V का देश में बड़े पैमाने पर स्टडी के लिए ट्रायल की अनुमति दे दी है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने डॉ.रेड्डी लेबोरेटरीज लिमिटेड को देश में रूसी वैक्सीन का असर जानने के लिए बड़े पैमाने पर ट्रायल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। रूस छोटे पैमाने पर परीक्षणों के बाद टीकों को मंजूरी दे रहा है, जो स्पूतनिक-V की सुरक्षा पर चिंता का कारण है। यही कारण था कि डॉ.रेड्डी को भारत में तुलनात्मक रूप से बड़ी आबादी के बीच इसका परीक्षण करने की अनुमति नहीं दी गई थी।डॉ रेड्डीज और रूसी डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है,'यह एक बहु-केंद्र और नियंत्रित अध्ययन होगा, जिसमें सुरक्षा और प्रतिरक्षात्मक अध्ययन शामिल होगा।'

चूंकि रूस में एक टीका के रूप में पंजीकृत होने से पहले स्पूतनिक-V का परीक्षण बहुत कम लोगों पर किया गया था,इसलिए डीसीजीआई ने डॉ रेड्डी के भारत में बड़ी आबादी के बीच परीक्षण के प्रारंभिक प्रस्ताव पर सवाल उठाए। वर्तमान में, स्पुतनिक वी वर्तमान में 40,000 लोगों पर परीक्षण के बाद पंजीकरण चरण तीन परीक्षण से गुजर रहा है।स्पूतनिक-V वैक्सीन की मार्केटिंग करने वाली रसियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड और डॉ.रेड्डी लेबोरेटरीज लिमिटेड ने पिछले महीने भारत में इस वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल और वितरण को लेकर समझौते का ऐलान किया था। साझेदारी के हिस्से के रूप में भारत को स्पुतनिक की 100 मिलियन खुराक मिलेगी।

16-10-2020
पृथ्वी-2 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, मारक क्षमता 250 किलोमीटर से अधिक

नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को ओडिशा के बालासोर तट से 250 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता वाली पृथ्वी-2 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। डीआरडीओ द्वारा विकसित मिसाइल पहले से ही स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड का हिस्सा है। लिक्विड-प्रोपेल्ड पृथ्वी-2 में 250 किमी की रेंज है और यह 1 टन का सामग्री ले जा सकता है। यह भारत की पहली स्वदेशी सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। तीन सप्ताह से भी कम समय में पृथ्वी -2 का यह दूसरा परीक्षण था। इससे पहले डीआरडीओ ने 27 सितंबर की रात को परीक्षण किया था। पिछले 40 दिनों में सतर से सतह पर मार करने वाली डीआडीओर की ओर से यह 11वां मिसाइल परीक्षण है। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पृथ्वी-2 मिसाइनल ने शुक्रवार रात को परीक्षण के दौरान अपने सभी मापदंडों पर खरा उतरा है। इस तरह से मिसाइल का रात्रि परीक्षण सफल रहा है।

 

 

16-10-2020
भारत निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव में एक्जिट पोल,सर्वेक्षणों पर लगाई रोक, दिन और समय निर्धारित

रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने विभिन्न प्रदेशों के लोकसभा और विधानसभा उप निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए 3 नवंबर सुबह छह बजे से 7 नवंबर शाम साढ़े छह बजे तक एक्जिट पोल के प्रसारण या प्रकाशन पर रोक लगाई गई है। प्रदेश के मरवाही विधानसभा उप-निर्वाचन के लिए 3 नवंबर को मतदान होना है। मरवाही विधानसभा समेत विभिन्न उप निर्वाचनों के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग ने मीडिया में किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल के प्रकाशन या प्रसारण पर रोक लगाई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि एक्जिट पोल संबंधी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व से किसी भी प्रकार के मतदान सर्वेक्षणों (ओपिनियन पोल) के प्रसारण या प्रकाशन पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा।

उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के प्रावधानों के तहत देश के विभिन्न लोकसभा और विधानसभा उपनिर्वाचन होगा। मरवाही में 3 नवंबर को मतदान दिवस की सुबह 6 बजे से अंतिम चरण के मतदान दिवस 7 नवंबर को मतदान की समाप्ति के आधे घंटे बाद अर्थात शाम साढ़े छह बजे तक देश में मीडिया की ओर से एक्जिट पोल के परिणाम का प्रकाशन या प्रसारण प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंध की अवधि में कोई भी व्यक्ति किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में एक्जिट पोल सर्वेक्षण नहीं कर सकेगा। प्रिंट,इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,चलचित्र,टेलीविजन या किसी अन्य माध्यम पर इसके परिणाम का प्रकाशन-प्रसारण नहीं कर सकेगा। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के तहत इस अवधि के दौरान निर्वाचन संबंधी किसी भी सामग्री का चलचित्र, टेलीविजन या इस तरह के अन्य माध्यमों पर प्रदर्शन वर्जित रहेगा।

 

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