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04-01-2020
अगर पासवर्ड हुआ चोरी तो गूगल करेगा अलर्ट, जाने कैसे करे फीचर का इस्तेमाल  

नई दिल्ली। तेजी से डिजिटल हो रही दुनिया में शायद ही किसी का डाटा सुरक्षित है। आए दिन लोगों के डाटा लीक हो रहे हैं। चाहे फेसबुक हो, ट्विटर हो या फिर व्हाट्सएप ही क्यों ना हो। हर एक प्लेटफॉर्म पर निजी जानकारी लीक होने का खतरा बना रहता है। पिछले साल ही व्हाट्सएप यूजर्स की जासूसी हुई थी जिसके बाद पीड़ित लोगों ने भारत सरकार से भी सवाल पूछे थे। तो अब सवाल यह है कि कैसे पता चलेगा कि आपकी निजी जानकारी लीक हो रही है। आइए जानते हैं...

गूगल करेगा अलर्ट
लगातार लीक हो रहे डाटा के बाद गूगल ने अपनी एक नई सर्विस शुरू की है। गूगल की इस सर्विस का नाम गूगल पासवर्ड मैनेजर है। गूगल के इस पासवर्ड मैनेजर के जरिए आप अपने सोशल मीडिया अकाउंट समेत इंटरनेट बैंकिंग के पासवर्ड या किसी अन्य वेबसाइट के पासवर्ड को सुरक्षित रख पाएंगे। गूगल पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करने पर पासवर्ड बदलने का भी अलर्ट मिलेगा।

डाटा लीक हुआ है या नहीं, ऐसे करें चेक
गूगल के पासवर्ड मैनेजर में जाकर आपको पता लगा सकते हैं कि आपका कोई पासवर्ड लीक हुआ है या नहीं। इसके लिए आपको passwords.google.com पर जाना होगा। इसके बाद पासवर्ड मैनेजर खुल जाएगा जिसमें आपको चेक पासवर्ड का विकल्प मिलेगा जिसपर क्लिक करने के बाद गूगल आपसे उस सिस्टम पर पहले से लॉगिन जीमेल का पासवर्ड मांगेगा। पासवर्ड डालने के बाद गूगल आपको बता देगा कि आपका पासवर्ड कहीं इस्तेमाल हुआ है या नहीं। साथ ही यह भी बताएगा कि आपका पासवर्ड लीक हुआ है या नहीं।

पासवर्ड लीक की जानकारी मिलने पर तुरंत बदलें
उदाहरण के तौर पर यदि गूगल आपको पासवर्ड लीक होने की जानकारी देता है तो आपको तुरंत अपना पासवर्ड बदल लेना चाहिए। इसके अलावा टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन को भी ऑन कर लेना चाहिए। पासवर्ड बदलते समय भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, जैसे- पासवर्ड में अपना नाम या जन्म तारीख ना डालें। इसके अलावा पासवर्ड में मोबाइल नंबर के इस्तेमाल से भी बचें। साथ ही अपने जीमेल अकाउंट के पासवर्ड को समय-समय पर बदलते रहें।

 

10-12-2019
रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षा 28 से

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से संबंधित कॉलेजों में सत्र 2019-20 दिसंबर से जनवरी के लिए प्रथम तृतीय सेमेस्टर परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। परीक्षा में स्नातकोत्तर से लेकर एटीकेटी परीक्षा भी शामिल होगी। वहीं दुर्ग विश्वविद्यालय से संबंधित कॉलेजों की सेमेस्टर परीक्षा आदि संबंधी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। ज्ञातव्य होगी दो पालियों में शुरू हो रही सेमेस्टर परीक्षा 27 दिसंबर से शुरू होगी जो कि 17 जनवरी तक संचालित होगी। एमए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा 28 दिसंबर से भाषा विज्ञान के साथ शुरू होगी। जारी निर्देश में स्नातकोत्तर स्तर पर अंग्रेजी हिंदी छत्तीसगढ़ी और संस्कृत के परीक्षार्थियों को प्रश्नों का उत्तर संबंधित भाषा में देना होगा। प्रवेश पत्र कॉलेज परीक्षा केंद्रों से प्राप्त होगा अथवा परीक्षार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट से अपलोड कर सकते हैं। जहां पर यूजर आईडी पासवर्ड का उपयोग कर डाउनलोड किया जा सकता है।

 

19-11-2019
रेरा के वेब पोर्टल में संशोधन, प्रमोटर्स की दी जानकारी देख सकेगा कोई भी व्यक्ति 

रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के वेब पोर्टल में संशोधन किया गया है। वेब पोर्टल https://rera.cgstate.gov.in में अब प्रमोटर्स द्वारा अद्यतन की गई जानकारी को कोई भी व्यक्ति देख सकता है। कोई भी व्यक्ति प्रोजेक्ट में विक्रय, बंधक, विक्रय के लिए शेष इकाईयों की जानकारी बुक मॉय शो एप की तरह वेब पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के निवेश की जानकारी भी नक्शे के माध्यम में प्राधिकरण के वेब पोर्टल से प्राप्त किया जा सकता है। रजिस्टार, भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यवसाय करने वाले चार्टर्ड एकाउंटेन्ट को प्राधिकरण के वेब पोर्टल में पंजीयन करना होगा। पंजीयन के पश्चात् उस चार्टर्ड एकाउंटेन्ट को दिए गए पंजीकृत मोबाईल नंबर और ईमेल में लॉगिन आईडी व पासवर्ड प्राप्त होगा। प्रमोटर अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से अपने चार्टर्ड एकाउंटेन्ट को नियुक्त कर सकता है। प्राधिकरण के वेब पोर्टल में पंजीकृत परियोजना के साथ चार्टर्ड एकाउंटेन्ट के नियुक्ति के बाद, चार्टर्ड एकाउंटेन्ट उस परियोजना के लिए अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से उस परियोजना की वार्षिक प्रतिवेदन और त्रैमासिक अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है। किसी भी परियोजना का त्रैमासिक अद्यतन जानकारी उसके व्यवसायरत चार्टर्ड एकाउंटेन्ट या स्वयं प्रमोटर के द्वारा किया जा सकता है। त्रैमासिक अद्यतन के दौरान दिये जाने वाले प्रमाण पत्र भी नये प्रारूप प्राधिकरण के वेब पोर्टल पर उपलब्ध हैं। 

10-06-2019
किसान किताब के आधार पर किए जाएं किसानों को ऋण वितरण 

धमतरी। कतिपय समितियों या जिला बैंकों द्वारा ऋण वितरण के पूर्व किसानों से बी-1 एवं पी-प्प् की पटवारी द्वारा प्रमाणित/हस्ताक्षरित प्रति मांग किए जाने से किसानों को ऋण प्राप्ति में विलंब की स्थिति निर्मित हो रही है। साथ ही छत्तीसगढ़ शासन के भुईंया पोर्टल पर किसानों की भूमि संबंधी रिकॉर्ड एवं बी-1 तथा पी-प्प् ऑनलाइन प्रदर्शित होता है और भुईंया पोर्टल के अंतर्गत सभी बैंक शाखा/समितियों को आईडी पासवर्ड जारी किए गए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी बैंक ने बताया कि किसानों से पृथक से बी-1 एवं पी-प्प् की पटवारी हस्ताक्षरित प्रति की मांग नहीं की जाए। ऋण पुस्तिका/ किसान किताब (भू अधिकारी पुस्तिका) के आधार पर ऋण वितरण किया जाए।

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