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21-10-2020
महाराष्ट्र: भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे होंगे एनसीपी में शामिल

मुंबई। भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भाजपा नेता एकनाथ खडसे जल्द ही शरद पवार की पार्टी एनसीपी का दामन थाम सकते हैं। दरअसल सूबे की उद्धव सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने दावा किया कि एकनाथ खडसे शुक्रवार को पार्टी में शामिल होंगे। बता दें कि 2015 में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद देवेंद्र फडणवीस की सरकार से एकनाथ खडसे से इस्तीफा दे दिया था। खबर है कि बीजेपी नेता एकनाथ खडसे ने फोन कर पार्टी को अलविदा कह दिया है। हालांकि इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। जयंत ने कहा कि हम उनका एनसीपी में स्वागत करते हैंं। वैसे पिछले कई दिनों से एकनाथ खडसे के भाजपा छोड़ने की खबर सामने आ रही थी। ज्ञात हो कि एकनाथ खडसे को भाजपा में पहले ही साइडलाइन कर दिया था। उनके और देवेंद्र फडणवीस के बीच मनमुटाव की खबर पहले सामने आ चुकी है। रविवार को खडसे के इस्तीफा देने की खबर भी सामने आई थी लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इसे खारिज कर दिया था।

19-10-2020
पूर्व सीएम की विवादित टिप्पणी के बाद शिवराज सिंह ने रखा दो घंटे का मौन व्रत

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दो घंटे का मौन व्रत रखा।उनका मौन व्रत पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की राज्य की महिला मंत्री इमरती देवी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में है।
इसी मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया और कुछ अन्य भाजपा नेताओं ने इंदौर में दो घंटे का उपवास रखा।
बता दें कि रविवार को एक चुनावी सभा के दौरान कमलनाथ ने कहा, ''वो क्या है..मैं उसका नाम क्यों लूं.. आपको मुझे सतर्क करना चाहिए था...क्या 'आइटम' है।'' इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा ऐतराज जताया है। विरोध स्वरूप सोमवार को दो घंटे तक मौन व्रत रखने का निर्णय किया। भाजपा नेता का कहना है कि कमलनाथ का बयान उनकी सामंती मानसिकता को दर्शाता है.  
इमरती देवी ने डबरा विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव के लिए गुरुवार को भाजपा प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया था। इमरती देवी ज्योतिरादित्य सिंधिया की समर्थक हैं। मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों के लिए 3 नवंबर को उपचुनाव होना है। इमरती देवी ने कहा कि अगर वह गरीब परिवार में पैदा हुईं हैं तो इसमें उनकी क्या गलती है, क्या दलित होना गुनाह है।
बसपा प्रमुख मायावती ने भी कांग्रेस से इस बयान को लेकर माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री का महिला और दलित विऱोधी बयान शर्मनाक और बेहद निंदनीय है। कांग्रेस हाईकमान को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए।

 

19-10-2020
भाजपा नेता रामविचार नेताम ने लगाएं भूपेश बघेल जिंदाबाद के नारे, जाने क्या है मामला

रायपुर। भाजपा नेता रामविचार नेताम के भूपेश बघेल जिंदाबाद के नारे के बाद अब वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बता दें कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर पाटन में आमरण अनशन पर बैठे दुर्ग सांसद विजय बघेल के समर्थन में राज्यसभा सदस्य और पूर्व मंत्री रामविचार नेताम सभा करने पहुंचे थे। नेताम ने विरोध के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिंदाबाद के नारे लगवा दिए। नेताम ने एक नहीं दो-दो बार भूपेश बघेल जिंदाबाद का नारा लगावाए। उन्होंने कहा कि जहां तक मेरी आवाज जा रही है, एक-एक कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ आवाज लगाएगा। इसके बाद उन्होंने भूपेश बघेल जिंदाबाद का नारा लगाया। कार्यकर्ताओं ने भी उनके साथ जिंदाबाद के नारे लगा दिए। बाद में नेताम को समझ में आया कि उन्होंने गलत नारा लगवा दिया। इसके बाद उन्होंने मुर्दाबाद के नारे लगाए। लेकिन तब तक उनका यह दृश्य वीडियो में कैद हो गया।

11-10-2020
प्रदेश की बेटी से दुष्कर्म, कोई मंत्री मिलने तक नहीं गया : राजेश मूणत

रायपुर। भाजपा नेता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि हाथरस की घटना के विरोध में राज्य सरकार ने बैनर-पोस्टर टंगवा दिए, लेकिन राज्य की ही बेटी के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में कोई सहानुभूति नहीं जताई और न ही किसी ने बयान दिया, यह दुखद है। छत्तीसगढ़ में विपक्ष की भूमिका निभा रही भाजपा ने प्रदेश में हाल ही में हुए यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर प्रदेश की सत्तारूढ़ कांग्रेस को निशाने पर ले रही है। हाथरस मामले पर मुखर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भाजपा अब निर्बाध हमले कर रही है। इस बीच रमन सरकार में मंत्री रहे राजेश मूणत ने सरकार पर कई बड़े आरोप लगाए हैं। राजेश मूणत ने बलरामपुर और केशकाल की घटनाओं का जि़क्र करते हुए कहा है कि कांग्रेस के लिए छत्तीसगढ़ की बेटियों के साथ दुराचार, दुराचार नहीं है। उनके लिए हाथरस की बेटी की न्याय की मांग के लिए रायपुर में होर्डिंग बैनर और प्रदर्शन किया जाता है, लेकिन कोंडागांव के धनोरा में बेटी के अनाचार के लिए सरकार का कोई मंत्री और प्रतिनिधिमण्डल मिलने तक नहीं जाता है। मूणत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटी के साथ दुराचार की घटना बेहद दुखद है। प्रदेश सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर कार्रवाई करनी चाहिए। मूणत ने कहा कि भूपेश सरकार का एक भी मंत्री केशकाल के उस परिवार से मिलने नहीं गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता हूँ।

06-10-2020
भाजपा नेता पहले ये बताएं कि वे किसानों को बोनस देने के पक्ष में हैं या नहीं : मोहन मरकाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि किसानों की झूठी चिंता करने से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा नेता पहले यह बता दें कि वे किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस देने के पक्ष में हैं या नहीं? किसानों से 20 क्विंटल धान ख़रीदी की मांग पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि इसी भाजपा ने सरकार में रहते हुए किसानों से सिर्फ़ 10 क्लिंटल धान ख़रीदने का फ़ैसला किया था। कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों के आंदोलन के बाद ही सरकार 15 क्विंटल धान ख़रीदने के लिए बाध्य हुई थी। उन्होंने कहा है कि भाजपा ने हर साल धान का 300 रुपए बोनस देने की बात कही थी लेकिन किसानों को बोनस सिर्फ़ चुनावी साल में मिल पाया। 2100 रुपए समर्थन मूल्य दिलाने का वादा तो भाजपा कभी पूरा ही नहीं कर पाई।

मोहन मरकाम ने पूछा है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने जब केंद्र की सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार से कह दिया कि अगर किसानों को बोनस दिया गया तो केंद्र सरकार राज्य से चावल नहीं लेगी तब भाजपा के किसी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं कहा कि बोनस दिया जाना चाहिए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बताएं कि प्रदेश से चुनकर गए किस सांसद ने केंद्र सरकार के सामने यह बात उठाई थी कि किसानों का बोनस मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा है कि किसानों को धान का 2500 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरु की और सुनिश्चित किया कि किसानों का नुक़सान न हो। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने तो तीन काले क़ानून बनाकर किसानों का अहित सुनिश्चित कर दिया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार की समर्थन मूल्य ख़त्म करने की साज़िश पर भाजपा नेता चुप हैं। न वे मंडियों और सहकारी समितियों को ख़त्म करने पर कुछ कह रहे हैं और न ठेका खेती शुरू करने पर कुछ कह रहे हैं।

भाजपा नेताओं के बयान को घड़ियाली आंसू बताते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा नेता पहले तय कर लें कि वे प्रदेश के किसानों के साथ खड़े हैं या नहीं फिर वे बयान दें। अगर वे प्रदेश के किसानों के हक में सोच रहे हैं तो उन्हें तीनों काले कानूनों का विरोध करना चाहिए और केंद्र सरकार से कहना चाहिए कि वह यह घोषणा करे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी से कम दरों पर किसी भी कृषि उत्पाद की ख़रीदी को क़ानूनन अपराध घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि चंद उद्योगपति मित्रों के लिए कालाबाज़ारी और जमाखोरी को बढ़ावा देने वाले क़ानून बनाने वाली मोदी सरकार और भाजपा का सच किसान भली भांति समझ रहे हैं। वे जानते हैं कि कौन सी सरकार और कौन सी पार्टी किसानों के पक्ष में खड़ी है।

16-09-2020
छोटे-छोटे मामलों पर ट्वीट करने वाले भाजपा नेता आदिवासी की हत्या के मामले में मौन हैं : कांग्रेस  

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, भारतीय जनता पार्टी का आदिवासी विरोधी चेहरा एक बार फिर खुल कर सामने आया है। शुक्ला ने सवाल किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से कवर्धा के निर्दोष आदिवासी की हत्या पर राज्य के भाजपा नेता क्यों चुप है? कवर्धा में दो आदिवासियों पर मध्यप्रदेश पुलिस ने गोलियां चलाई, जिसमें एक कि मृत्यु हो गई, दूसरा बाल बाल बच गया। इन दोनों ही आदिवासियों को नक्सली होने का झूठा आरोप मढ़ने की कोशिश भी मध्यप्रदेश पुलिस ने की । छत्तीसगढ़ के वन मंत्री मो.अकबर ने इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को दो पत्र भी लिखा। इसके बाद भी मध्यप्रदेश सरकार ने दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। इस मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग के भी संज्ञान लिए जाने की खबरें आ रही हैं।

इसके बावजूद मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की ओर से कोई  कार्यवाही नहीं करना इस बात का प्रमाण है कि, भाजपा सरकार दोषियों को बचाना चाह रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने छत्तीसगढ़ भाजपा से पूछा है कि, इस मामले में उसका क्या रुख है? राज्य के आदिवासियों को भाजपा शासन वाली पड़ोसी राज्य की पुलिस जबरिया गोलियों से मार डालती है, छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेता संदेहास्पद चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? छोटे-छोटे मसलो में ट्वीट करने वाले रमन सिंह ,धर्मलाल कौशिक ,बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर जैसे नेताओं की बोलती अब क्यों बंद है? क्या राज्य के गरीब आदिवासी की जिंदगी का भाजपा नेताओं की निगाह में कोई महत्व नही है? छत्तीसगढ़ भाजपा के नेताओं के लिए दलीय प्रतिबद्धता राज्य के एक आदिवासी के जीवन से भी बढ़ कर हो गई है।

 

16-09-2020
भाजपा नेता गलत बयानी कर कोरोना का भय फैला रहे : सुशील आानंद शुक्ला

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कोरोना मामलों पर दिए गए बयान को कांग्रेस ने गैर जिम्मेदाराना और लोगों में भय पैदा करने वाला बताया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि, पिछले कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी के नेता झूठे बयानों से राज्य की जनता में कोरोना के भय को और बढ़ाने का काम कर रहे हैं। भाजपा के नेता प्रायोजित ढंग से प्रदेश में कोरोना मरीजों के लिए बेड नहीं होने और राज्य में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं होने का झूठा प्रोपगेंडा कर रहे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि, प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह जैसे नेता भी इस प्रकार के गलत बयानों को जारी कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता शर्मनाक ढंग से राज्य में उपलब्ध ऑक्सीजन क्षमता के एक चौथाई के आंकड़ों को बयानों में जारी कर लोगों को भयभीत करने में जुटे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं की राज्य में कोरोना का संक्रमण बढ़ा है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के आधार पर सरकार ने इलाज की व्यवस्था और संसाधनों को भी बढ़ाया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि, राज्य के हर नागरिक को बेहतर से बेहतर इलाज देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। घबराने की आवश्कता नहीं, थोड़ा भी लक्षण दिखे तो टेस्ट कराएं। नजदीकी अस्पताल में कोविड सेंटर में सम्पर्क करें, सबके इलाज की समुचित व्यवस्था है। रमन सिंह सहित भाजपा के तमाम नेता झूठे बनावटी आरोपों से प्रदेश की जनता में भय पैदा करने के बजाए सकारत्मक विपक्ष की भूमिका में आएं। रमन सिंह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, राज्य में भाजपा के और दो राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं। 9 सांसद, एक केंद्रीय मंत्री है। यह सब केंद्र से बोलकर छत्तीसगढ़ को कोरोना से लड़ने में मदद दिलवाने की पहल क्यों नहीं करते? मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से एम्स में 150 आईसीयू बेड बढ़ाने की मांग की है। इस मांग का समर्थन करने का साहस ये क्यों नही दिखाते। रमन सिंह, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र से बोलकर कोरोना के इलाज को यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम और स्मार्ट कार्ड में क्यो नही शामिल करवाते। केंद्र पूरे देश मे कोरोना का इलाज मुफ्त करवाने में मदद क्यों नहीं कर रही।

09-09-2020
करोड़ो का जमीन घोटला सामने आया,ईओडब्ल्यू को मामला सौंपने की चर्चा,भाजपा नेता पर लटकी तलवार

रायपुर। करोड़ों रुपए की जमीन के आवंटन में गड़बड़ी का मामला सामने आने की खबर है। हजारो वर्ग फिट जमीन कौड़ियों के मोल दे दी गई थी। भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुआ आवंटन शुरुआत से ही चर्चा में रहा है। हालांकि इस मामले में कभी कोई जांच नहीं हुई लेकिन इस मामले में गड़बड़ी होने की चर्चा जमकर रही। अब जबकि भाजपा की सरकार जा चुकी है। कांग्रेस की सरकार है तो यह मामला फिर से गरमाने लगा है। और बताया जाता है कि सारे दस्तावेज निकाल लिए गए हैं। सारी गड़बड़ियां भी पकड़ा गई है। जिससे आवंटन करने वाले भाजपा नेता पर तलवार लटक गई है। सारी कागजी कार्रवाई करने के बाद मामला ईओडब्ल्यू को सौंपे जाने की चर्चा जोरों पर है। हालांकि इस मामले को दबाने के प्रयास पूरी ताकत से किए जा रहे हैं लेकिन लगता नहीं अब यह मामला दब पाएगा और इस मामले में अब कार्रवाई होना भी तय माना जा रहा है।

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