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21-10-2020
मोदी को सिर्फ धन्यवाद ही न दें भूपेश बघेल,दुष्प्रचार के लिए माफी भी मांगें: संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एथेनॉल उत्पादन की दर निर्धारित करने के लिए धन्यवाद देने का स्वागत किया है। श्रीवास्त ने कहा है कि शक्ति उपासना के अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल को आई सदबुद्धि स्थायी हो। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सिर्फ धन्यवाद ही न दें,बल्कि अब तक प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ छत्तीसगढ़ के साथ सौतेले व्यवहार का दुष्प्रचार करने के लिए माफी भी मांगें। केंद्र सरकार ने बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के छत्तीसगढ़ को हर कदम पर उसकी अपेक्षा से अधिक ही सहायता मुहैया कराई है।श्रीवास्तव ने कटाक्ष किया है कि राहुल गांधी ने कभी एथेनॉल को लेकर भाजपा की केंद्र सरकार का मखौल यह कहकर उड़ाया था कि लोगों के पास खाने के लिए चावल नहीं है और भाजपा की सरकार चावल से एथेनॉल बनाने की सोच रही है।

अब इसी एथेनॉल के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री के धन्यवाद पत्र भेजा है। भाजपा की प्रार्थना है कि जो सद्बुद्धि मुख्यमंत्री बघेल को मिली है, वही सद्बुद्धि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मिले,ताकि अंध राजनीतिक विरोध से उबरकर वे भी सर्वकल्याणकारी राजनीतिक चिंतन से जुड़ें। कांग्रेस नेता केवल विरोध के लिए विरोध की संकीर्ण राजनीति से उबरकर और एक स्वस्थ व सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्र सरकार के खिलाफ कोरे दुष्प्रचार से बाज आएं। मौजूदा प्रदेश सरकार राजनीतिक प्रतिशोधवश शुरू से ही केंद्र सरकार के साथ टकराव की नीति पर चल रही है। अब उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रदेश सरकार और कांग्रेस झूठ और दुष्प्रचार की राजनीति से उबरेंगे।

16-09-2020
कमिश्नर ने कलेक्टरों से कहा- मिल रही कई शिकायतें,इलाज के नाम पर अधिक वसूली होने पर पीड़ित परिवार को राशि वापस दिलाएं 

रायपुर। कमिश्नर रायपुर जीआर चुरेंद्र ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि, जिला, विकासखंड और अन्य स्तर पर जो भी निजी अस्पताल संचालित है, उनसे सेवा भावना के साथ इलाज का न्यूनतम चार्ज लिए जाने के लिए प्रेरित करें। समुचित कार्यवाही करें, जिससे आम जनता व कोविड बीमारी से पीड़ित परिवारों को राहत मिले। कमिश्नर ने अपने पत्र में ध्यान आकर्षित करते हुए लिखा है कि, जनता व प्रतिनिधियों की ओर से यह शिकायत आ रही है कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान निजी अस्पतालों में भी मरीजों का इलाज हो रहा है,लेकिन कोविड टेस्ट के नाम पर विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के त्वरित इलाज में विलंब हो रहा,इससे कई बार गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों का निधन भी हो जाता है। निजी अस्पताल संचालकों की ओर से समुचित प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव में विभिन्न प्रकार के बीमारियों और कोविड के इलाज के नाम पर बड़ी राशि वसूलने की  शिकायत भी आ रही है।

कमिश्नर ने पत्र में कहा है कि, जिले के अंतर्गत जिन निजी अस्पतालों में कोविड -19 के मरीजों को उपचार करने की सुविधा दी गई है, ऐसे सभी अस्पतालों का सूचीकरण, उनकी ओर से मरीजों के किए जा रहे उपचार या लिए जा रहे उपचार राशि की जानकारी प्रतिदिन लेने की व्यवस्था बनाई जाए। मरीजों के परिवार से भी संपर्क कर इसकी पुष्टि की जाए। यदि कोविड 19 के बीमारी के इलाज के नाम पर अधिक राशि का वसूली की जानकारी प्राप्त होती है, तो वह राशि मरीज के परिवार को वापस कराई जाए। कश्मिर ने कहा है कि, सेवानिवृत्त हो चुके पेंशनधारी ,वरिष्ठ नागरिकों को भी सस्ता - सुलभ इलाज निजी या शासकीय अस्पतालों से कराए जाने की व्यवस्था करें। इसके लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में निजी अस्पताल के संचालकों की प्रथम बैठक भी आयोजित करने को कहा है। इससे औचित्यपूर्ण दर पर निजी अस्पतालों से मरीजों की उपचार की व्यवस्था बनाई जाए। कमिश्नर ने कहा है कि, इसके लिए बनाई गई व्यवस्था को क्रियान्वित करने के दृष्टि से जिले स्तर पर एक टीम गठित किया जए, जिसका अध्यक्ष अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को रखा जाए। उन्होंने कहा है कि, यह समिति समय -समय पर निजी अस्पतालों में मरीजों के उपचार गतिविधियों का आकलन करने निरीक्षण करेंगें, साथ ही निजी अस्पतालों के संचालकों की आवश्यकतानुसार मासिक बैठक लेकर समीक्षा करेंगें। मरीजों का औचित्यपूर्ण दर पर इलाज की व्यवस्था बनाएंगे। इसी तरह की समिति विकासखंड मुख्यालय या अन्य नगरीय क्षेत्र के लिए भी गठित कराकर कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। पत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

26-07-2020
रेत माफियों पर लगाम लगाए जिला प्रशासन: विक्रम मंडावी

बीजापुर। जिले से सीमा पर लगे तेलांगाना-महाराष्ट्र में अवैध तरीके से रेत तस्करी की शिकायत के बाद विधायक विक्रम मंडावी ने बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल को पत्र लिखकर रेत माफियों पर कार्यवाही की मांग की है। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि ठेकेदार व माफिया द्वारा अन्य राज्यों में तस्करी से प्रदेश और जिले को सीधा राजस्व का नुकसान हो रहा है। बीजापुर जिले के तारलागुड़ा,चेन्दूर,भद्रकाली तेलांगाना से कुछ किमी की दूरी पर हैं। वहीं तिमेड से महाराष्ट्र महज एक किमी दूरी पर है। बीजापुर जिले में सीमावर्ती इलाके में 4 रेत खदानों की नीलामी हुई है,जहां ग्रामीणों द्वारा रेत के अवैध तस्करी कर तेलांगाना-महाराष्ट्र में भेजा जाता है।तारलागुड़ा,चेन्दूर,भद्रकाली और तिमेड सीधे तेलांगाना और महाराष्ट्र से जुड़े हैं।

यहां से रेत की कालाबाजारी दीगर राज्यों में आसान से हो रही है। भोपालपटनम क्षेत्र से अवैध तस्करी की शिकायत क्षेत्रवासियों ने विधायक से की थी। इसके बाद बीजापुर के विधायक विक्रम शाह मंडावी ने बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल को पत्र लिखकर कार्यवाही करने की मांग की है। वहीं विधायक ने कहा कि तस्करी से राजस्व का बड़ा नुकसान सरकार को हो रहा है। पत्र में तस्करी पर लगाम लगाने के साथ कार्यवाही करने को कहा गया है।

 

24-07-2020
रमन सिंह ने भूपेश बघेल को लिखा पत्र, कहा गरीबों को आवास दिलाने आप गंभीर नहीं, कदम योजना को बंद कराने की ओर अग्रसर

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही का आरोप लगाया है। रमन सिंह ने कहा कि सरकार के कदम योजना को बंद कराने की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान कर गरीबों को लाभ दिलाने की मांग की।पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के हर गरीब परिवारों को आवास देने का लक्ष्य 2022 तक रखा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी परिवारों को आवास देने का कार्य भाजपा सरकार ने किया था। लेकिन कांग्रेस की सरकार आते ही इस योजना पर ग्रहण लग गया।

डॉ. रमन सिंह ने लिखा कि वे यह इसलिए लिख रहे हैं क्योंकि प्रधानमत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार ने 2018-19 का 792 करोड़ और 2019-20 का 762 करोड़ रुपए, इस प्रकार कुल 1554 करोड़ रुपए की अपने हिस्से की राशि नहीं दी है, इस कारण केन्द्र सरकार ने आगामी किश्त की राशि राज्य सरकार को जारी नहीं की है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 की राशि का प्रावधान भी प्रदेश के बजट में नहीं किया गया है। इससे यह प्रतीत होता है कि इस योजना को लेकर अर्थात गरीबों को आवास देने के प्रति आप गंभीर नहीं हैं और आपके यह कदम योजना को बंद करने की ओर अग्रसर हैं। डॉ. रमन सिंह ने लिखा कि मुख्यमंत्री से यह आग्रह है कि इस योजना की आवश्यकता को देखते हुए राज्य के हिस्से की राशि शीघ्र अतिशीघ्र जारी करने का कष्ट करें।

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23-07-2020
बहन सरोज... आपका भाई भूपेश आपसे वादा कर रहा है कि छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी होकर रहेगी, पर...

रायपुर। सांसद सरोज पांडेय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रक्षा सूत्र और एक पत्र लिखकर प्रदेश में शराबबंदी की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी जवाब में उन्हें शराबबंदी का वादा किया और एक राखी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेज कर सवाल पूछने की नसीहत दे दी। दोनों नेताओं के ट्वीट अब सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रहे हैं। दोनों पार्टियों के समर्थक एक दूसरे के वादों को याद दिलाने में लग गए हैं। बता दें कि सरोज पांडेय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने लिखा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर रक्षा सूत्र के साथ आपको यह पत्र प्रेषित कर रही हूँ। उम्मीद है कि,छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों से किया गया पूर्ण शराबबंदी के वादा पूरा कर राज धर्म का पालन करेंगे।

इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी मौका पाकर जवाब दे दिया। भूपेश बघेल ने जवाब में ट्वीट कर कहा कि बहन सरोज पांडेय जी! आज आपका भाई भूपेश आपसे वादा कर रहा है कि छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी होकर रहेगी, हम सब इसकी तैयारी में लगे हैं। साथ ही आपका आभार इसलिए कि आपने आज पुन: प्रदेश के सामने ला दिया कि आपके भाई डॉ रमन सिंह ने 15 साल तक आपके वादे को तोड़ा, आपकी बात नहीं मानी। बहन, मैं आपसे एक आग्रह और करता हूँ कि एक राखी अपने भाई नरेंद्र मोदी जी को भी भेज दें और उनसे भी वादा करवाएँ कि देशवासियों से उनके द्वारा किए गये प्रत्येक वादे को पूरा कर सकें। मुझे उम्मीद है कि मेरी बहन में इतनी हिम्मत तो है कि वो अपनी पार्टी के नेता को एक राखी भेज सकेगी।

 

19-07-2020
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, 30 प्रतिशत रियायत पर लौह अयस्क उपलब्ध कराने किया आग्रह

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर बस्तर में स्टील उद्योग को एनएमडीसी के माध्यम से 30 प्रतिशत रियायत पर लौह अयस्क उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इससे बस्तर में बड़े पैमाने पर स्टील उद्योगों का संचालन और इसके जरिए बड़े पैमाने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे बस्तर के विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में इस बात का उल्लेख भी किया है कि, राज्य शासन की ओर से भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी को इस आशय का प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि एनएमडीसी की ओर से दंतेवाड़ा जिले में विगत लगभग आधी शताब्दी से बड़ी मात्रा में लौह अयस्क का खनन किया जा रहा है। लौह अयस्क की प्रचुरता के बाद भी विषम परिस्थितियों के विद्यमान होने के कारण निजी उद्यमियों के लिए बस्तर में स्टील उद्योगों की स्थापना लाभप्रद नहीं है। यदि एनएमडीसी की ओर से बस्तर में स्टील निर्माण किए जाने वाले निवेशकों को लौह अयस्क 30 प्रतिशत की छूट पर दिया जाए, तो इससे बस्तर अंचल में छोटी-बड़ी अनेक स्टील निर्माण इकाईयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।  स्थानीय निवासियों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के लाखों नए अवसर निर्मित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अवगत कराया है कि राज्य शासन की ओर से एनएमडीसी को इस आशय का औपचारिक प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है।

 

08-06-2020
विद्युत संशोधन बिल से राज्य के अधिकारों का होगा हनन, केंद्र करें विचार-विमर्श : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्र सरकार की ओर से प्रस्तावित विद्युत संशोधन बिल 2020 को समाज के गरीब तबको और किसानों के लिए अहितकारी बताया है। उन्होंने इस संबंध में केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आरके सिंह को पत्र लिखकर देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस संशोधन बिल को फिलहाल स्थगित रखने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय की ओर से तैयार किए गए संशोधन बिल को लागू करने से पूर्व सभी राज्य सरकारों से विचार-विमर्श करने कहा है। बघेल ने पत्र में कहा है कि इस संशोधन बिल में क्रास सब्सिडी का प्रावधान किसानों और गरीबों के हित में नहीं है। समाज के गरीब तबके के लोगों और किसानों को विद्युत सब्सिडी दिए जाने का वर्तमान प्रावधान जांचा परखा और समय की जरूरत के अनुरूप है।

किसानों को विद्युत पर दी जाने वाली सब्सिडी यदि जारी नहीं रखी गई तो किसानों के समक्ष फसलों की सिंचाई को लेकर संकट खड़ा हो जाएगा। इससे खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होगा और देश के समक्ष संकट खड़ा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों और मजदूरों की मेहनत का सम्मान होना चाहिए। इन्होंने अपनी मेहनत से देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है। समाज के गरीब वर्ग के लोगों और किसानों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए उन्हें रियायत दिया जाना जरूरी है। भूपेश बघेल ने कहा है कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम जो वर्तमान में लागू है, वह सही है। इसमें बदलाव करने से समाज के गरीब तबके के लोग और लघु और नसीमांत कृषक लाभ से वंचित हो जाएंगे। खेती-किसानी के सीजन में प्रति माह फसलों की सिंचाई के लिए यदि कोई किसान एक हजार यूनिट विद्युत की खपत करता है तो उसे सात से आठ हजार रुपए के बिल का भुगतान करना होगा, जो उसके लिए बेहद कष्टकारी और असंभव होगा। यह संशोधन बिल वातानुकूलित कमरों में बैठ कर तैयार करने वाले उच्च वर्ग के लोगों और सलाहकारों के अनुकूल हो सकता है लेकिन यह जमीन सच्चाई से बिलकुल परे है। इस संशोधन बिल को लागू करने से देश के समक्ष कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होगी।

इससे गरीब, किसान और विद्युत कम्पनियों और आम लोगों को नुकसान होगा। रियायती दर पर किसानों को बिजली न मिलने से फसल सिंचाई प्रभावित होगी। खाद्यान्न उत्पादकता घटेगी जिसके चलते देश के समक्ष खाद्यान्न का संकट पैदा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संशोधन बिल के माध्यम से राज्य सरकारों के अधिकारों की कटौती और राज्य विद्युत नियामक आयोग की नियुक्तियों के अधिकारों को केन्द्र सरकार के अधीन किया जाना संघीय ढांचे की व्यवस्था के विपरीत है। यह बिल राज्य विद्युत नियामक आयोग के गठन के संबंध में राज्यों को सिर्फ सलाह देने का प्रावधान देता है। नियुक्ति के संबंध में राज्य की सहमति आवश्यक नहीं है। यह प्रावधान राज्य सरकार की शक्तियों का स्पष्ट अतिक्रमण है। 

विद्युत संशोधन बिल 2020 में विद्युत के क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सब लाइसेंसी और फ्रेन्चाईजी की नियुक्ति का भी प्रावधान है। यह प्रावधान चेक और बेलेन्स की नीति के विरुद्ध है, क्योंकि नियामक आयोग से लाईसेंस लेने के लिए सब लाईसेंसी और फ्रेंचाईजी बाध्य नहीं हैं। इससे यह स्पष्ट है कि यह अधिकार और कर्तव्य के सिद्धांत के भी विपरीत है। मुख्यमंत्री बघेल ने विद्युत वितरण प्रणाली को आम जनता की जीवन रेखा बताते हुए कहा है कि इसे निजी कम्पनियों का सौंपा जाना किसी भी मामले में उचित नहीं होगा। यह संशोधन विधेयक पूंजीवाद को बढ़ावा देने वाला और निजी कम्पनियों को इलेट्रिसिटी बोर्ड को कब्जा दिलाने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह संशोधन बिल केंद्रीकृत विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) के गठन का प्रस्ताव करता है। उन्होंने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपील के संबंध में दिए गए निर्णय का भी विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन पूरे देश में किया जा चुका है।

उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए केंद्रीकृत विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) का गठन औचित्यहीन है। यदि ऐसा किया जाता है तो राज्य विद्युत नियामक आयोग अधिकार विहीन हो जाएंगे। यह संशोधन केंद्रीकृत विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) के गठन का प्रस्ताव करता है। विद्युत नियामक विद्युत खरीदने के लिए अनुबंध की मंजूरी और होने वाले विवाद के समाधान के लिए पूरी तरह से सक्षम हैं। प्रस्तावित संशोधन केंद्र सरकार को नवीकरणीय और पनबिजली खरीद दायित्व को संरक्षित करने के लिए भी शक्ति प्रदान करता है। देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग संसाधन हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि इसे देखते हुए पूरे देश के लिए इसको लागू किया जाना उचित नहीं होगा।

23-05-2020
भूपेश बघेल ने पीयूष गोयल को पत्र लिखकर बताया ट्रेनें कैसे चलाई जाएं, रवाना होते ही यात्रियों की जानकारी मांगी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री बघेल ने रेलमंत्री को 1 जून से शुरू की जा रही ट्रेनों के संचालन के संबंध में कई सुझाव दिए हैं। उन्होंने लिखा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की भांति ट्रेनें प्वाइंट टू प्वाइंट अर्थात स्टेट टू स्टेट चलाई जाए। यात्रियों का एक-दूसरे से सम्पर्क नियंत्रित करने अधिकतम दो स्टॉपेज रखे जाए और सोशल डिस्टेंसिंग की दृष्टिकोण से यात्रियों की संख्या निर्धारित क्षमता से कम रखी जाए। यात्रा के क्रम में चेन पुलिंग जैसी घटनाओं को रोकने चेन पुलिंग को डिसेबल किया जाए। चेन पुलिंग को किसी भी स्थिति में अनुमति न दी जाए और सख्त कार्रवाई की जाए।उन्होंने रेल मंत्री से संकट की इस घड़ी में मानवीय आधार पर यात्रियों को सभी श्रेणी के किराए में रियायत देने का आग्रह भी किया है।मुख्यमंत्री बघेल ने लिखा है कि इस समय पूरे देश में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस महामारी के रोकथाम और संक्रमण से बचाव के लिए कारगर उपाय किए हैं। परिणाम स्वरूप ही राज्य में महामारी के फैलाव को रोकने में अब तक सफल हुए हैं। इसी बीच 1 जून से देश भर में 200 ट्रेन चलाए जाने के निर्णय के संबंध में जानकारी मिली है। प्रभावी उपायों और दिशा निर्देशों के बिना ट्रेन संचालित करने से संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। काफी सावधानी और सुरक्षात्मक उपायों के साथ ट्रेनों का संचालन किए जाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय की ओर से समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुसार गंतव्य पर पहुंचने के बाद ट्रेन में सफर करने वाले नागरिकों की स्क्रीनिंग, क्वारेंटाइन, यातायात आदि का प्रबंधन राज्यों के लिए चुनौतिपूर्ण कार्य है। अतएव ट्रेन छूटने के तत्काल बाद यात्रा करने वाले नागरिकों की सूची, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, पता इत्यादि विस्तृत विवरण राज्यों को उपलब्ध कराना तय करें। ताकि राज्य सरकारों की ओर से आवश्यक व्यवस्था किया जा सकें। ट्रेन से आने वाले सभी नागरिकों को 14 दिन के क्वारेंटाइन में रहना अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में उम्मीद जताई है कि उपरोक्त सुझावों को अमल में लाते हुए और अन्य जरूरी बेहतर व्यवस्था के साथ 1 जून से ट्रेन संचालन की कार्यवाही की जाएगी।

15-05-2020
टीएस सिंहदेव ने जिला पंचायत अध्यक्षों को लिखा पत्र, धान उपार्जन केन्द्रों में 4622 चबूतरों के निर्माण को स्वीकृति

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रदेश के सभी जिला पंचायत अध्यक्षों को पत्र लिखकर मनरेगा से धान उपार्जन केन्द्र में चबूतरा निर्माण की जानकारी दी है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के धान उपार्जन केंद्रों में कुल 4622 चबूतरों के निर्माण की स्वीकृति दे दी गई है। यह घोषणा महात्मा गाँधी नरेगा योजना के अंतर्गत की गई है और इसकी कुल लागत 9244 लाख रुपयों की है। उम्मीद है की यह कार्य शीघ्रातिशीघ्र, योजनाबद्ध तरीके से हो जायेगा।

12-05-2020
लॉक डाउन में शराब से फिर बढ़ा अपराध का ग्राफ, राज्यपाल ने भूपेश बघेल को पत्र लिखकर नीतिगत निर्णय लेने किया आग्रह

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लॉक डाउन के दौरान शराब के सेवन से हो रहे अपराधों पर नियंत्रण करने के संबंध में पत्र लिखा है। राज्यपाल ने आग्रह किया है कि शासन स्तर पर उचित नीतिगत निर्णय लिया जाए ताकि शराब सेवन से उत्पन्न आपराधिक गतिविधियों, दुर्घटनाओं को नियंत्रित किया जा सके। राज्यपाल ने पत्र में लिखा कि आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों से हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश के कोरोना वॉरियर्स और आमजनों को बचाना अति आवश्यक है। इसके लिए इनके विरूद्ध त्वरित दंडात्मक और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्यपाल ने आगे कहा कि लॉक डाउन के दौरान अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा शराब पीकर पत्रकारों, अधिकारियों, चिकित्सा कर्मियों, सफाई कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और आपराधिक कृत्य किये जा रहे हैं, जिन्हें प्रभावी तरीके से रोके जाने की आवश्यकता है।

ऐसे समय में जब प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी कोरोना वायरस की महामारी से उत्पन्न हो रही विभिन्न प्रकार की समस्याओं के निराकरण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने में व्यस्त है। तब आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा शराब का सेवन कर कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहे हमारे अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजनों के साथ इस प्रकार के अपराध करने से उनका मनोबल कमजोर होता है। साथ ही लॉकडाउन के दौरान शराब के कारण घरेलू हिंसा और दुर्घटनाओं में भी बढ़ोत्तरी हुई है, जिसे प्रभावी तरीके से रोके जाने की आवश्यकता है।

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