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28-10-2020
पर्यटन को बढ़ावा देने पर्यटकों को जनजातीय संस्कृति से परिचित कराने में लगी है भूपेश सरकार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों को जनजातीय संस्कृति से परिचित कराने और स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है। वैसे तो छत्तीसगढ़ की पहचान विकासोनमुखी और जनकल्याणकारी कार्यो और कुशल आर्थिक प्रबंधन से देश-दुनिया में होने लगी है। यहां की बहुमूल्य खनिज, वन संपदा, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन स्थलों ने लोगों को आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ में राम वनगमन पर्यटन परिपथ का विकास और सौंदर्यीकरण की कार्य योजना पर काम प्रारंभ हुआ है। इन प्रयासों से पर्यटन के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ की एक नयी पहचान बनने के साथ ही देश के पर्यटन मानचित्र पर तेजी से ऊभर रहा है।

पर्यटन मंत्री  ताम्रध्वज साहू के विशेष प्रयासों से भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने हाल ही में माँ बम्लेश्वरी की नगरी डोंगरगढ़ को प्रसाद योजना में शामिल किया है। डोंगरगढ़ को महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में मान्यता देने के साथ ही इसके विकास एवं सौन्दर्यीकरण के लिए 43 करोड़ 33 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। पर्यटन मंत्री ने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा है कि इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान मिलेगी। साथ ही श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इस परियोजना के तहत माँ बम्लेश्वरी मंदिर की सीढ़ियों पर पर्यटन सुविधाएं, पार्किंग, तालाब सौंदर्यीकरण के साथ ही प्रज्ञागिरी पहाड़ी पर भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित करना प्रस्तावित है। इस योजना के मुख्य आकर्षण का केन्द्र श्री यंत्र की डिजाईन में विकसित किये जाने वाला पिलग्रिम एक्टिविटी सेंटर (श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केन्द्र) होगा।

27-10-2020
भूपेश सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की कांकेर कलेक्टर चौहान ने

रायपुर /कांकेर। जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों की बैठक में कलेक्टर  केएल चौहान ने कार्यो की प्रगति की समीक्षा की। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी जनवरी माह से कांकेर शहर वासियों को आवर्धन जल प्रदाय योजना से पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य बनाकर कार्य करें। पेयजल टंकियों की टेस्टिंग का कार्य सहित अन्य सभी कार्यों को पूरा कर लिया जावे। शहरी क्षेत्रों के वन भूमि में घर बने होनेे पर संबंधित व्यक्तियों को वन अधिकार मान्यता पत्र प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के लिए नगरीय निकाय के अधिकारी और एसडीएम को कलेक्टर ने निर्देशित किया। व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हितग्राहियों को मनरेगा अंतर्गत 200 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश भी उनके द्वारा दिये गये। उन्होंने कांकेर शहर में निर्माणाधाीन सीसी रोड़ के प्रगति की भी समीक्षा की। इस अवसर पर बताया गया कि कांकेर शहर के विभिन्न स्थानों में सीसीटीव्ही कैमरा लगाया जायेगा जिसका कंट्रोल पुलिस के पास रहेगा। कलेक्टर चौहान ने गोधन न्याय योजना की भी समीक्षा की तथा गौठान को बहुउद्देशीय गतिविधि केन्द्र एवं ग्रामीण उद्योग केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए जनपद सीईओ को निर्देशित किया। गौठान में गोबर की आवक को देखते हुए पर्याप्त संख्या में वर्मीटंकी का निर्माण करने तथा कार्यरत महिला स्व-सहायता समूहों का पंजीयन करने के निर्देश भी दिये गये।

वर्मीकंपोस्ट बनाने के विभिन्न चरणों के संबंध में भी अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी तथा कहा कि वर्मीकंपोस्ट बनने के बाद उसकी पैकिंग के लिए पैकेट के लिए मांगपत्र पर्याप्त समय पहले जिला पंचायत को प्रेषित किया जावे तथा वर्मीकांपोस्ट का पैकिंग होने के बाद उसे रखने के लिए गौठान में गोदाम का निर्माण किया जावे। वर्मीकंपोस्ट का विक्रय लैम्पस के माध्यम से किया जावेगा, जिनके द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करने पर रसीद दी जायेगी और उस रसीद को दिखा कर हितग्राही को गौठान से वर्मीकंपोस्ट का उठाव करना होगा। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए अभी से तैयारी करने के निर्देश भी उनके द्वारा दिये गये हैं। बैठक में आगामी 31 अक्टूबर को विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत ई-मेगा कैम्प आयोजित करने के संबंध में भी चर्चा की गई तथा आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिये गये। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ता एवं सहायिका के रिक्त पदों पर यथाशीघ्र भर्ती करने के लिए जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। समय सीमा से संबंधित पत्रों एवं जन शिकायत और लोक सेवा गांरटी अधिनियम से संबंधित पत्रों का शीघ्र निराकरण करने तथा आकांक्षी जिला एवं डीएफएम के अंतर्गत विकास कार्याें के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। बैठक में वनमण्डाधिकारी कांकेर अरविंद पी.एम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर एसपी वैद्य सहित सभी जिला अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार एवं जनपद सीईओ उपस्थित थे।

 

 

24-10-2020
गिरीश देवांगन पहुंचे मरवाही, ग्रामीणों के साथ किया भोजन

रायपुर। छग खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन ने मरवाही विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सेमरा में जनसंपर्क किया। कांग्रेस नेता आलोक चंद्राकर ने बताया कि देवांगन ने यहां कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार किया। इस दौरान गिरीश देवांगन ने भूपेश सरकार की उपलब्धियों के बारे में जनता को बताया। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार सभी वर्गो के लिए काम कर रही है। सेमरा में गिरीश देवांगन ने नौ कन्या को भोजन कराने के बाद ग्रामवासियों के साथ भोजन किया। इस दौरान पीसीसी सचिव सन्नी अग्रवाल, नवीन सिंग, अभिषेक बोरकर, रविंद्र पुरोहित व अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। 

 

23-10-2020
भूपेश सरकार ने उद्योग नीति में किए संशोधन,इस्पात उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज

रायपुर। नवीन औद्योगिक नीति में 2019-24 में कुल 21 बिंदुओं पर संशोधन अधिसूचित किए गए हैं। इसमें प्रमुख रूप से लघु उद्योगों को कैपिटल सबसिडी में नगद या जीएसटी की पूर्ति का विकल्प होगा। अभी तक यह नगद अनुदान की सूक्ष्म उद्योगों के लिए पात्रता थी। शासन ने विभिन्न औद्योगिक संगठनों की मांगों को स्वीकार करते हुए लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों को नगद या जीएसटी में अनुदान देने का निर्णय लिया है। अनूसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणी के उद्यमियों के लिए विशेष औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई है। इसके तहत पिछली औद्योगिक नीतियों से अधिक लाभ दिया जाएगा। पुराने उद्योगों के विस्तार पर भी नए उद्योगों की तरह सरकार प्रोत्साहन देगी। उद्योगों को अब राज्य से अन्य देशों से निर्यात करने के लिए परिवहन में पैसा लगता था। उसमें सरकार परिवहन लागत में अनुदान देगी। इसके तहत प्रतिवर्ष 20 लाख रूपए का अनुदान सरकार देगी।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से नई औद्योगिक नीति में एमएसएमई को पृथक रूप से परिभाषित किया गया है। वृहद सेवा उद्यम की परिभाषा भी जारी की गई। निवेशकों की मांग अनुसार स्थायी पूंजी निवेश अनुदान को सूक्ष्म उद्योगों तक सीमित न कर लघु व मध्यम श्रेणी के उद्योगों के लिए भी प्रावधानित किया गया। विद्यमान उद्योगों के विस्तार करने पर स्थायी पूंजी निवेश की गणना अवधि को भी बढ़ा दिया गया है। राज्य के उद्योगों की रीढ़ इस्पात क्षेत्र को बढ़ावा देने मेगा, अल्ट्रामेगा उद्योगों के लिए के तहत विशेष प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की गई है। ये वो इकाईयां होगी जो राज्य शासन के साथ एमओयू निष्पादित करेंगे। उद्योगों में नवीन विचारधारा को समहित करने और नव रोजगार सृजित करने छत्तीसगढ़ राज्य स्टार्ट-अप पैकेज को नीति में स्थान दिया गया है। इन स्टार्ट-अप्स को अन्य उद्योगों से अधिक सुविधाएं कम औपचारिकता के साथ प्रदान की जाएगी। समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के उद्यमियों के लिए विशेष औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज जारी किया गया है।

इसके तहत अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के उद्यमियों को पूर्व की सुविधाओं से अधिक लाभ प्राप्त होगा। कोर सेक्टर के माध्यम, वृहद,मेगा,अल्ट्रामेगा उद्योगों को अब किसी भी श्रेणी के स्थान में उद्योग स्थापित करने पर विद्युत शुल्क में पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी। अब परिवहन अनुदान के लिए इकाई का शत प्रतिशत निर्यातक होना आवश्यक नहीं रह गया है। सामान्य वर्ग के उद्यमियों की ओर से स्थापित किए जाने वाले पात्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को उद्योग विभाग/सीएसआईडीसी के औद्योगिक क्षेत्रों में भू-आवंटन पर भू-प्रीमियम प्रदान किया जाएगा। उद्यमियों की ओर से बहुप्रतीक्षित भूमि हस्तांतरण शुल्क में कमी कर दी गई है। साथ ही उत्पादन प्रारंभ करने की अधिकतम सीमा में भी वृद्धि की गई है।

 

23-10-2020
मध्यान्ह भोजन कर्मचारी संघ के सभा में शामिल हुए गिरीश देवांगन, भूपेश सरकार की योजनाओं की दी जानकारी

रायपुर। मरवाही उपचुनाव के दौरान ग्राम पिपलामार में मध्याह्न भोजन कर्मचारी संघ द्वारा सभा आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में छग खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन उपस्थित थे। गिरीश देवांगन ने कार्यक्रम की शुरुआत नौ कन्याओं को भोजन कराने के साथ किया। गिरीश देवांगन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दो वर्षों में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी केके ध्रुव के पक्ष में प्रचार किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से तखतपुर विधायक रश्मि सिंह,कर्मचारी संघ के संरक्षक सुशील सन्नी अग्रवाल, मंजू सिंह ,नवीन सिंह और अभिषेक बोरकर उपस्थित थे। यह जानकारी कांग्रेस नेता आलोक चंद्राकर ने दी।  

22-10-2020
Breaking: प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) बने राकेश चतुर्वेदी, आदेश जारी

रायपुर। राज्य शासन ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) के पद पर नियुक्त किया है। इस आशय का आदेश गुरुवार को यहां मंत्रालय (महानदी भवन) स्थित वन विभाग से जारी कर दिया गया है।

22-10-2020
Breaking:  भूपेश सरकार ने राज्य कर निरीक्षकों को पदोन्नत कर नए स्थानों पर किया पदस्थ, आदेश जारी 

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर वाणिज्यक कर विभाग के राज्य कर निरीक्षकों को पदोन्नत कर नए स्थानों पर पदस्थ किया है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन वाणिज्यक कर विभाग के अवर सचिव मरियानुस तिग्गा ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक 52 राज्य कर निरीक्षकों को कार्यभारग्रहण करने की तिथि से पदोन्नत कर वर्तमान पदस्थापना से नए स्थानों पर पदस्थ किया गया है। आदेश की कॉपी देखने क्लिक करें 

22-10-2020
महाराज रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार के लिए चयन समिति गठित की भूपेश सरकार ने

रायपुर। राज्य शासन के श्रम विभाग से आदेश जारी कर स्व. महाराजा राजानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार वर्ष 2019-20 के लिए चयन समिति का गठन कर दिया है। इस समिति के माध्यम से श्रमिकों के हित और श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिक अथवा संस्था को श्रम यशस्वी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार के लिए गठित समिति में श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया अध्यक्ष होंगे। श्रम विभाग के प्रमुख सचिव अथवा सचिव सदस्य सचिव होंगे।

श्रमायुक्त समिति के सदस्य होंगे। वित्त विभाग के प्रतिनिधि को भी सदस्य मनोनित किया है। साथ ही श्रम यशस्वी पुरस्कार के लिए गठित समिति में नियोक्ता संगठन प्रतिनिधि के रूप में आरंग के मंगल मूर्ति अग्रवाल और श्रमिक संगठन प्रतिनिधि के रूप में  लल्ला साहनी को सदस्य मनोनित किया है। उक्त गठित समिति राज्य पुरस्कार के लिए श्रमिक अथवा संस्था के प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर अपने अभिमत से शासन को अवगत कराएगी।

21-10-2020
भूपेश सरकार की पहल से कई फायदे,एथेनॉल प्लांट से गन्ना उत्पादक किसानों को भी होगा लाभ,खुलेंगे रोजगार के अवसर

रायपुर। प्रदेश की भूपेश सरकार की पहल से किसानों को आर्थिक लाभ के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में बड़ी संख्या में एथेनॉल प्लांट लगाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि प्लांट लगाने 4-6 फैक्ट्रियों के साथ एमओयू भी हो गया है। जमीन तलाशी जा रही है, संभवत: अगले वर्ष तक प्लांट शुरू हो जाएंगे। भूपेश सरकार की इस पहल से कई फायदे होंगे। राज्य शासन की केन्द्र सरकार से मांग है कि किसानों से खरीदे अतिरिक्त धान को सीधे तौर पर एथेनॉल संयत्रों को ईधन उत्पादन के लिए विक्रय की अनुमति प्रदान की जाए।जैव-एथेनॉल उत्पादन आज के समय की जरूरत है। ऐसे में राज्य में भी जैव-इथेनॉल संयंत्र की स्थापना महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। राज्य में गन्ने की खोई और धान की पर्याप्त उपलब्धता हैै। जैव-इथेनॉल का उत्पादन शुरू करना इसलिए भी एक लाभदायक विकल्प है, क्योंकि केंद्र सरकार उच्च मूल्य पर जैव ईंधन का आयात कर रही है।

जैव-इथेनॉल उत्पादन से न केवल विदेशी धन की बचत होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र का भी विकास किया जा सकेगा।गन्ने और फसल अवशेष से ईंधन उत्पादन न केवल किसानों को अतिरिक्त आमदनी उपलब्ध कराएगा, बल्कि पराली के सुरक्षित निपटान से पर्यावरण को बेहतर करने में मदद मिलेगी। जैव ईंधन का इस्तेमाल बढ़ने से किसानों की आय बढ़ेगी और राज्य में रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। राज्य में उत्पादित अतिरिक्त धान से बायो-एथेनॉल उत्पादन की अनुमति के लिए राज्य सरकार की ओर से निरंतर  प्रयास किए जा रहे थे। शासन के इन प्रयासों के फलस्वरू छात्तीसगढ़ में अधिशेष चावल से एथेनॉल उत्पादन की दर 54 रुपए 87 पैसे प्रति लीटर निर्धारित की गई है। एथेनॉल ईंधन के रूप प्रयोग किया जाता है। यह रासायनिक रूप से एथिल अल्कोहल ही है, जो सामान्य तौर पर एल्कोहलिक पेयों में पाया जाता है।

जैव एथेनॉल, गन्ने के रस जैसे जैविक चीजों से प्राप्त किया जाता है। एथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिलाकर मोटर वाहनों के ईंधन के रूप में प्रयोग में लाया जाता है। एथेनॉल को ब्राजील, अमेरिका और यूरोप के कई देशों में बड़े पैमाने में पेट्रोल में मिलाया जाता है। इसे वाहनोें के ईंधन मे 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक मिलाया जाता है।एथेनॉल पेट्रोल की ज्वलनशीलता बढ़ाता है। एथेनॉल मिलाने पर पेट्रोल की दक्षता बढ़ जाती है। इससे पेट्रोल का दहन इंजन में बेहतर तरीके से होता है और निकलने वाला धुआं भी कम प्रदूषण करता है। इसके इस्तेमाल से प्रदूषण कम होता है यानी इसका इस्तेमाल कर पर्यावरण को होने वाला नुकसान भी कम किया जा सकता है।

 

21-10-2020
Breaking: छत्तीसगढ़ विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र 27 और 28 अक्टूबर को, अधिसूचना जारी

रायपुर। आखिरकार राजभवन और भूपेश सरकार के मध्य सहमति बन गई है। इसके बाद ही विधानसभा सचिवालय ने विशेष सत्र के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। छत्तीसगढ़ सरकार केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों से अलग प्रदेश के किसानों के लिए कानून बनाने जा रही है। इसकी घोषणा कैबिनेट की बैठक के बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने मीडिया के समक्ष की थी। इसके बाद से प्रदेश में राजनीतिक गलियारे में काफी गहमा-गहमी का माहौल था। एक ओर प्रदेश सरकार केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों को किसान विरोधी बता कर विरोध कर रही है तो दूसरी ओर प्रदेश सरकार को घेरने विपक्ष कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। कैबिनेट की बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र के ऐलान के बाद से विपक्षी पार्टी भाजपा की ओर से प्रदेश सरकार को घेरना शुरू हुआ। विपक्षी नेता राजभवन कूच किए। लगातार विशेष सत्र की अनुमति नहीं देने की मांग की गई। गत दिन ही राज्यपाल ने फाइल लौटाई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारवार्ता में कहा था कि राज्यपाल से फिर बात की जाएगी। इस सबके बीच बुधवार को विधासभा सचिवालय से जारी अधिसूचना ने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले को लेकर जारी तकरार थम गई है। विधानसभा का विशेष सत्र इस माह की 27 और 28 तारीख को होगा। इसकी तैयारी विधानसभा सचिवालय ने शुरू कर दी है। प्रमुख सचिव विधानसभा चंद्रशेखर गंगराड़े ने कहा है कि यह छत्तीसगढ़ की पांचवी विधानसभा का आठवां सत्र होगा। पूरे सत्र में दो बैठकें होगी। इस सत्र में शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

 

 

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