GLIBS
14-10-2020
भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए रायपुर में हॉस्टल की सुविधा कराई जाएगी,सैनिक कल्याण बोर्ड के एसपी त्रिपाठी ने    

रायपुर/कांकेर। भूतपूर्व सैनिकों व उनके विधवाओं के बच्चों के लिए रायपुर में बालक और बालिका हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय कांकेर के कल्याण संयोजक एसपी त्रिपाठी ने बताया कि भूतपूर्व सैनिक एवं उनके विधवाओं के पुत्र-पुत्रियां जो रायपुर में रहकर पढ़ाई करना चाहते हैं और वर्तमान में कक्षा 6वीं से 12वीं तथा स्नातक, स्नातकोत्तर की कक्षाओं या प्रोफेशनल कोर्स में अध्ययन कर रहे हैं, वे रायपुर में छात्रावास की सुविधा के लिए जिला सैनिक कल्याण कार्यालय कांकेर में 25 अक्टूबर तक संपर्क कर अपनी जानकारी दे सकते हैं।

 

29-09-2020
एनएसयूआई ने जिले में शुरू की राजीव गाँधी कक्षाएं, कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पढ़ाया

धमतरी। जिले के ग्राम सलोनी में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन के निर्देशानुसार राजीव गाँधी कक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ ओमप्रकाश मानिकपुरी ने किया। एनएसयूआई के पदाधिकारियों द्वारा मीडिल व प्राइमरी के बच्चों को पढ़ाया गया। आज से स्कूल के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने एवं कोविड महामारी के दौरान संक्रमण से बचाव के लिये सैनिटाइजर व मास्क वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों को जागरूक करने का भी प्रयास किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण अंचल में एनएसयूआई के पदाधिकारी जाकर प्राइमरी के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने व साथ में कोरोना के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जा रही है। जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि कोरोना महामारी से पूरा देश लड़ रहा है वही बच्चे शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं। ऐसी कठिन परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी उठाते हुए कार्यकर्ता गावों में जाकर बच्चों को पढा रहे हैं। आगे भी पढ़ाते रहेंगे। हमारी टीम प्रतिदिन 3-4 गावों में जाकर इस मुहिम को चलाएगी। प्रत्येक गांव में टीम तैयार करके बच्चों के भविष्य को मद्देनजर रख पढ़ाई कराई जाएगी ।

 

27-09-2020
75 लाख की लागत से बने गार्डन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों के लिए बेहतर सुविधाएं

भिलाई। खुर्सीपार क्षेत्र के लोगों को एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। 75 लाख रुपए की लागत से बापूनगर वार्ड 29 में एक ऐसा गार्डन का निर्माण किया गया है, जहां बच्चों के खेल व झूले से लेकर युवाओं के व्यायाम के लिए ओपन जिम और बुजुर्गों के लिए योग व वॉकिग सुविधाएं है। यह खुर्सीपार क्षेत्र का पहला गार्डन है,जिसका जल्द ही लोकार्पण किया जाएगा। भिलाई नगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव की पहल से खुर्सीपार क्षेत्र जोन 4 के वार्ड 29 बापू नगर में ऐसा एक सुसज्जित सुविधायुक्त गार्डन का निर्माण किया गया है। यही नहीं भिलाई नगर विधायक सभा क्षेत्र के टाउनशिप इलाके में ऐसे कई गार्डन पहले बनाएं जा चुके हैं। लेकिन इससे पहले कभी किसी ने खुर्सीपार क्षेत्र की जनता की सुविधाओं के लिए ऐसा कोई प्रयास नहीं किया था। लंबे समय से विकास कार्य के लिए अछूते रहे खुर्सीपार इलाके के वार्डों में तेजी से विकास कार्य हो रहा है और जनता की मांग के अनुसार विकास कार्य किया जा रहा है।

खुर्सीपार क्षेत्र की जनता की मांग के अनुरूप भिलाईनगर विधायक व महापौर देवेंद्र यादव ने पहल की और 75 लाख रुपए की लागत से बापू नगर में गार्डन का निर्माण करा रहे हैं। जोन 4 के जोन कमिश्नर अमिताभ शर्मा ने बताया कि गार्डन निर्माण का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस गार्डन के निर्माण से बापू नगर सहित पूरे जोन 4 क्षेत्र के लोगों में काफी हर्ष का माहौल है। जोन कमिश्नर अमिताभ शर्मा ने बताया कि 75 लाख की लागत से उद्यान का निर्माण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इस गार्डन में ओपन जिम है,जहां लोग नियमित व्यायाम कर सकेंगे। गार्डन में कई तरह के सुंदर फल व फूलदार पौधे लगाएं गए है। चारों ओर हरियाली और शुद्ध वातावरण है। रात में प्रकाश के लिए यहां सोलर पैनल लाइट लगाई गई है,जो सूर्य की रोशनी से चलेगी। 

 

26-09-2020
पति और बच्चों को नींद की दवा खिलाकर प्रेमी डाक्टर को बुलाती थी घर,पकड़ी गई तो उठाया यह कदम.....

मेरठ। मेरठ के थाना टीपी नगर के मलियाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। खबर के मुताबिक यहां एक महिला रोजाना रात में अपने पति और तीन बच्चों को नींद की दवा खिलाकर अपने प्रेमी को घर बुलाया करती थी। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था। महिला पर उसके पति के परिवार द्वारा आरोप लगाया गया कि इस दौरान वो अपने पति के गुप्तांग पर कोई ज्वलनशील पदार्थ भी लगाती थी, जिसकी वजह से गुप्तांग का कुछ हिस्सा जल गया। इस मामले में पुलिस का कहना है कि पति की तरफ से शिकायत दर्ज करवाई गई है कि उसकी पत्नी उसे और बच्चों को कोई नशीला पदार्थ देकर सुला देती थी। फिर अपने प्रेमी को घर बुलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाती थी। पुलिस को बच्चे भी बेहोशी की हालत में मिले। उन्होंने आगे बताया कि मोहल्ले के कुछ लोगों ने डॉक्टर को रात को प्रेमिका के घर जाते देखा। हालांकि पति के गुप्तांग पर ज्वलनशील पदार्थ लगाने को लेकर पुलिस कुछ नहीं कह रही है, लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इसकी जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही इसका खुलासा हो सकेगा। वहीं जब पत्नी को जब लगा की सभी को प्रेमी की सूचना मिल गई हो तो उसने प्रेमी डॉक्टर को घर के शौचालय में छुपा दिया और हाथ की नस काटने की धमकी देने लगी। इसी दौरान उसने अपने आपको बचाने के लिए अपने पति के गुप्तांग पर ज्वलनशील पदार्थ भी डाल दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने पत्नी और उसके प्रेमी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है और पति और तीनों बच्चों को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया है। 

 

26-09-2020
125 महिला, किशोरी व बच्चों की हिमोग्लोबिन जांच, खून की कमी वाले लक्षण दिखने पर थाली को सतरंगी बनाने की सलाह   

रायपुर/दुर्ग। जिले में राष्ट्रीय पोषण माह-2020 के तहत 'सही पोषण-छत्तीसगढ रोशन' थीम पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 1 सितंबर से 30 सितंबर तक पोषण जागरुकता माह मनाया जा रहा है। पोषण माह के आयोजन में कोविड-19 के निर्देशों को पालन करते हुए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व व सही पोषण से शरीर में होने वाले प्रतिरोधक क्षमता के प्रति जागरुकता लाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन आंगनबाड़ी केंद्र स्तर पर किया जा रहा हैं। कार्यक्रम पोषण माह के अन्तर्गत जिला कार्यकम अधिकारी विपिन जैन एवं पर्यवेक्षक उषा झा के मार्गदर्शन में किया गया। एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई के तीनदर्शन परिक्षेत्र के तीनदर्शन एवं शास्त्रीनगर-1 के आंगनबाड़ी केंद्रों में आज 6 माह से 6 वर्ष के बच्चे गर्भवती, शिशुवती, किशोरी बालिकाओं का एनिमिया मुक्त छत्तीसगढ बनाने के लिए हिमोग्लोबिन टेस्ट करवाया गया। महिला पर्यवेक्षक ऊषा झा ने बताया एनिमिया जांच दोनों आंगनबाड़ी केन्द्रों में 80 बच्चे, 25 गर्भवती महिलाओं, 12 शिशुवती माताओं और 8 किशोरी बालिकाओं का टेस्ट किया गया। जांच रिपोर्ट में 3 बच्चे, 1 गर्भवती, 1 शिशुवती और 2 किशोरी बालिकाओं में खून की कमी पाई गई। 

स्वास्थ्य कार्यकर्ता यानी एएनएम सरोज साहू द्वारा स्वास्थ्य जांच में सहयोग प्रदान किया गया एवं हिमोग्लोबिन टेस्ट किया गया। आंगनबाडी कार्यकर्ता द्वारा तबस्यूम एवं सविता डकोरे एवं सहायिका प्यारी बाई एवं रूखमणी चन्द्राकर, रंजना बडगे द्वारा उपस्थित लोगों को समझा गया की भोजन में पोषकत्तवों की कमी से महिलाओं व बच्चों में एनिमिया की समस्या को लेकर जानकारियां दी गई। महिला पर्यवेक्षक ऊषा झा ने बताया खानपान में सही पोषण से ही एनिमिया मिटेगा। उन्होंने कहा शरीर में पोषक तत्वों की कमी का असर लंबाई, वजन, कमजोरी और दुर्बलता के रूप में सामने आता है। थकान, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द होना एनीमिया के सामान्य लक्षण हैं। जब दैनिक आहार में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स, वसा और खनिज जैसे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलते हैं, तब धीरे-धीरे खून की कमी होने लगती हैं। इससे बचाव के लिए भोजन की थाली को सतरंगी बनाना ज़रूरी है। महिला पर्यवेक्षक का कहना है जब शिशु, किशोरी, गर्भवती महिला व शिशुवती माता सुपोषित होगा तभी स्वस्थ्य समाज की परिकल्पना साकार होगा।

22-09-2020
भूपेश बघेल की पहल पर विषम परिस्थियों में भी बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने में जुटी है सरकार

रायपुर/नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल से इस विषम परिस्थिति में भी बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास जारी है। कोरोना काल में स्कूल बंद होने से ग्रामीण अंचलों के बच्चों का घर में रहकर पढ़ाई करना बहुत ही बड़ी परेशानि बानी हुई है। ख़ासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ऑनलाइन पढ़ाई में दिक्कत आती है क्योंकि नारायणपुर जिले की विषम भौगोलिक परिस्थिति के बीच बसे गाँव में नेटवर्क की समस्या हमेशा बनी रहती है। इस विश्वव्यापी संकट के दौर में पढ़ने वाले बच्चों की जिन्दगी स्थिर हो गई है। सरकार, अभिभावकों और शिक्षकों को अब उनकी शिक्षा की निरन्तरता की चिन्ता सताने लगी है। राज्य शासन द्वारा इस समस्या को दूर करने हर सम्भव प्रयास कर रही है। बच्चों तक शिक्षा की अलख जगाने व बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने  पढई तुंहर दुआर जैसे महत्वकांक्षी योजना का क्रियान्वयन पूरे प्रदेश में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पहल से इस विषम परिस्थिति में भी बच्चों तक शिक्षा की अलख जगाने एवं बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने पढई तुंहर दुआर जैसे महत्वकांक्षी योजना का क्रियान्वयन पूरे राज्य के स्कूलों में करते हुए बच्चों तक बेहतर शिक्षा पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान की सफलता में कई चुनौतियां है। मसलन एन्ड्राइड मोबाइल, मोबाइल डाटा आदि की उपलब्धता घर में ये साधन हो भी तो बच्चों के लिए इनकी उपलब्धता और सबसे बड़ी बात समाज और अभिभावकों की सहभागिता। राज्य शासन से अब ऑनलाइन पढ़ाई के अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्था गांव और मोहल्ले में समुदाय की सहायता से बच्चों की सीखने की व्यवस्था, लाउडस्पीकर तथा बुलटू के बोल के माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था करने के निर्देश मिले थे जिससे बच्चों को ऑनलाइन के बिना भी शिक्षा उपलब्ध हो सके।

नारायणपुर विकासखण्ड अन्तर्गत स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय कुम्हारपारा नारायणपुर की छात्रा सविता सलाम को पढ़ाई तुंहर दुआर पोर्टल मे हमारे नायक बनाये गये हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते महाविद्यालय बंद होने के कारण छात्रा घर में ही रककर पढ़ाई कर रही थी। तब उसे राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के बारे में पता चला। जिसमें वे अपने मोहल्ले के बच्चों को मोहल्ला क्लास के माध्यम से पढ़ाने का बीड़ा उठाया। सविता लगभग 45 दिनों से बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का सराहनीय काम कर रही है। चर्चा करने पर सविता ने बताया कि वह अपने मोहल्ले में पढ़ने वाले प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को पढ़ाती है। इस दौरान वे विद्यार्थियों को सोशल डिसटेंसिंग का पालन भी कराती है। उनकी कक्षा में विद्यार्थी बड़े उत्साह से पढ़ाई करते हैं। कक्षा के बाद विद्यार्थियों को होमवर्क भी दिया जाता है। जिसे विद्यार्थी सफलतापूर्वक पूर्ण कर उन्हें अगले दिन कक्षा में दिखाकर जांच कराते हैं।

18-09-2020
जिले के नीली छतरी वाले गुरुजी ने कोरोना महामारी में भी पढ़ाई की राह बनाई आसान,बच्चों को मिल रहा शिक्षा का लाभ

कोरिया। कोरोना महामारी ने हर क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया है,जिसमें शिक्षा भी शामिल है। कोरोना अवधि मे बच्चो की पढ़ाई का नुकसान ना हो, इसके लिए राज्य शासन द्वारा ऑनलाइन क्लास के लिए पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम शुरू किया गया है। सुदूर अंचलों में जब नेटवर्क का समस्या आने लगी तो शिक्षकों ने इसके वैकल्पिक नवाचारी प्रयास करना प्रारंभ किये। ‘नीली छतरी वाले गुरूजी आते हैं हमको पढ़ाने, हम लोग देहरी में बैठते हैं दूर-दूर, फिर सर हमको पढ़ाते हैं, अभी स्कूल बंद हैं ना‘‘ ये बात विकासखण्ड खड़गवां के शासकीय प्राथमिक शाला सकड़ा के बच्चे बताते हैं। इनके बारे में ये बात कही गई है,वे शिक्षक हैं रुद्र प्रताप सिंह राणा। जिले में कोरोना संक्रमण के इस दौर में भी शिक्षकों ने ज्ञान की लौ को जलाए रखा है। नए-नए प्रयास कर बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया जा रहा है,जिसमें शामिल है नीली छतरी वाले गुरुजी। स्कूल तुंहर पारा के अंतर्गत मोटरसाइकिल में छोटा पुस्तकालय एवं व्हाइट बोर्ड लेकर अलग-अलग 5 मोहल्ले में लगभग 62 बच्चों के साथ सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए रुद्र राणा द्वारा बिना एक दूसरे के सीधे संपर्क में आये शिक्षण कार्य किया जा रहा है। इस मोहल्ला क्लास में बच्चे एक स्थान या एक घर में ना बैठ कर अपने अपने घर के सामने डेहरी में बैठते हैं और शिक्षक रुद्र चलते-फिरते उनको सिखाते हैं। उनके पास चित्रों से परिपूर्ण रोचक कहानियों का छोटा पुस्तकालय भी है। भाषा विकास के लिए इन पुस्तकों का उपयोग किया जा रहा है।

बच्चे अलग अलग किताबें पढ़कर उस कहानी को अपने साथियों एवं शिक्षक को सुनाते हैं और एक दूसरे से प्रश्न पूछ कर जवाब देते हैं। राणा बताते हैं कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए ऑनलाइन एवं मोहल्ला क्लास के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्ता युक्त शिक्षण कार्य करवाने के साथ-साथ मिस कॉल गुरुजी के मेथड पर कार्य करके बच्चों की शंकाओं का समाधान निरंतर किया जा रहा है और टीम के साथ मिलकर अनेक कई प्रतियोगिताओं का सफल संचालन भी कर रहे हैं, जिनमें से कुछ प्रतियोगिताएं तो राज्य लेवल पर भी की जा रही हैं। विभिन्न ऐप के माध्यम से प्रशिक्षण कार्य भी किया जा रहा है और जानकारी को बच्चों के साथ सफलतापूर्वक साझा किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा निरंतर इस कार्य का अवलोकन किया जा रहा है एवं राज्य द्वारा दिए गए प्रत्येक दिशानिर्देश को गंभीरता पूर्वक लेकर हमारे जिले में इसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। हमारे जिले की टीम के सहयोगी शिक्षक, जिसमे शशि भूषण पांडेय, खुशबू दास, नीतू कुशवाहा, जेपी साहू, अशफाक उल्ला खान, परवीन खान जैसे कुशल शिक्षकों के द्वारा जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए अनेकों गुणवत्ता युक्त कार्य किए जा रहे हैं,जिसका प्रमाण है कि कोरिया जिले में राज्य द्वारा संचालित प्रत्येक नवाचारी प्रक्रिया बहुत अच्छे तरीके से क्रियान्वयन की जा रही है। हमारे जिले के एपीसी राजकुमार द्वारा मार्गदर्शन के माध्यम से हम अपना संपूर्ण कार्य संचालित कर रहे हैं और बच्चों के हित में नित नए प्रयासों से उन्हें शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

 

16-09-2020
लॉक डाउन के दौरान 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों को मिला मध्यान्ह भोजन का लाभ, सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ टॉप पर 

रायपुर। कोरोना संकट काल में भी मध्यान्ह भोजन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल रहा है। प्रदेश में लॉक डाउन के दौरान 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों को मध्यान्ह भोजन का लाभ मिला है, जबकि इस दौरान अन्य राज्यों में मध्यान्ह भोजन वितरण की स्थिति काफी खराब रही। आक्सफैम इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल बंद होने से देश के 27 करोड़ बच्चे प्रभावित हुए हैं, जबकि नेशनल फूड सिक्यूरिटी एक्ट 2013 के तहत मध्यान्ह भोजन प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। लोकसभा में विगत 14 सितंबर को एक प्रश्न के उत्तर में केन्द्र सरकार ने यह माना कि, मध्यान्ह भोजन योजना के लाभ से बहुत से बच्चों को वंचित रहना पड़ा। आक्सफैम इंडिया के सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ का देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है। छत्तीसगढ़ में 90 प्रतिशत से अधिक बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ मिला है।

जबकि उत्तर प्रदेश में 92 प्रतिशत बच्चों को मध्यान्ह भोजन से वंचित रहे। सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि, उत्तर प्रदेश में जहां खाद्यान्न सुरक्षा भत्ता प्रदान करने पर ध्यान केन्द्रित किया गया। छत्तीसगढ़ में राशन की होम डिलिवरी पर ध्यान केन्द्रित किया गया। लॉक डाउन के दौरान पिछले मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में स्कूलों के बंद होने के बीच मध्यान्ह भोजन की आपूर्ति तय करने के निर्देश दिए थे। इसके तारतम्य में छत्तीसगढ़ ने तत्काल कदम उठाते हुए स्कूली बच्चों को स्कूलों और बच्चों के घरों तक पहुंचाकर मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के इंतजाम किए। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 21 मार्च को सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों मध्यान्ह भोजन योजना के तहत स्कूली बच्चों को सूखा राशन वितरण के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। गांव-गांव में इसकी मुनादी कराई गई। देश के अन्य राज्यों में सूखा राशन वितरण की प्रक्रिया काफी बाद में शुरू कराई गई। छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन के पहले 40 दिनों के लिए स्कूली बच्चों को सूखा राशन दिया गया। इसके बाद एक मई से 15 जून तक 45 दिनों के लिए, 16 जून से 10 अगस्त तक 45 दिन का सूखा राशन वितरित किया गया। इस प्रकार अब तक 130 दिन का सूखा राशन वितरण किया जा चुका है। इस योजना से राज्य के लगभग 43 हजार स्कूलों में 29 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना के तहत सूखा राशन वितरण से लाभ मिला है। मध्यान्ह भोजन योजना के तहत सूखा राशन के घर-घर वितरण की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से किया गया।

वितरित किए गए सूखा राशन पैकेट में चावल, तेल, सोयाबीन, दाल, नमक और अचार शामिल हैं। राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर स्कूली बच्चों और पालकों की सुविधा को देखते हुए यह व्यवस्था भी की गई कि, यदि माता-पिता पैकेट लेने के लिए स्कूल नहीं जा सकते हैं तो स्व-सहायता समूह और स्कूल स्टाफ के माध्यम से घर घर जाकर सूखा राशन के पैकेटों की होम डिलवरी की जाए। खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में बच्चों को सूखा चावल और कुकिंग कास्ट की राशि से अन्य आवश्यक सामग्री दाल, तेल, सूखी सब्जी इत्यादि वितरित की गई। मध्यान्ह भोजन योजना की गाइडलाइन के अनुसार कक्षा पहलीं से आठवीं तक के उन बच्चों को जिनका नाम शासकीय शाला, अनुदान प्राप्त अशासकीय शाला अथवा मदरसा-मकतब में दर्ज है, उन्हें मध्यान्ह भोजन दिया गया।

15-09-2020
पढ़ई तुंहर द्वार के अंतर्गत मटका गांव में हिंदी दिवस मनाया गया और बच्चों को पौधों का महत्व बताया गया

रायपुर/बेमेतरा। कोरोना काल में शिक्षा विभाग के माध्यम से चलाये जा रहे ‘पढ़ई तुंहर पारा’ के अंतर्गत विकासखंड बेमेतरा के ग्राम मटका में शास.पूर्व माध्यमिक शाला के बच्चों को (मोहल्ला क्लास) के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसमें 15 बच्चे उपस्थित थे और बाकी बच्चों  को भी क्लास आने के लिए बोला गया है। साथ ही साथ प्रति वर्ष कि भांति शाला में हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पौधों की महत्ता पर चर्चा की गई और बच्चों को बताया गया कि पेड़-पौधे हमारे जीवन में कितना उपयोगी व महत्वपूर्ण है। साथ ही बच्चों को औषधीय पौधों के बारे में भी बताया गया तथा बच्चो के साथ मिलकर पौधरोपण किया। इस अवसर पर बच्चों ने कहानी, कविताएँ प्रस्तुति की ।

 

13-09-2020
नक्सली प्रभावित क्षेत्र के बच्चों ने जेईई मेन्स में मारी बाजी,कलेक्टर ने दी शुभकामनाएं

बीजापुर। जिले के धुर नक्सली प्रभावित इलाके के सामान्य कृषक परिवारों के बच्चों ने देश की सर्वोच्च इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन्स को क्रेक कर अपनी मेहनत और लगन को साबित कर दिया है। वहीं साधनों की कमी तथा दूरस्थ इलाके से होने के बावजूद इस सर्वोच्च इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में अपना परचम लहराकर अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भैरमगढ़ में अध्ययनरत अनिल तेलम, राजेश गोटा और रमेश वेंजाम जेईई मेन्स क्रेक करने के बाद अब जेईई एडवांस की परीक्षा में सम्मिलित होंगे, ताकि इन्हें आईआईटी,एनआईटी जैसी उच्च प्रौद्योगिकी संस्थानों में पढ़ाई करने का अवसर मिल सके। जिला कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के इन बच्चों की सफलता पर उन्हें बधाई देने के साथ ही जेईई एडवांस परीक्षा की बेहतर तैयारी और इस परीक्षा में सफल होने के लिए शुभकामनाएं दी है। उन्होंने उक्त बच्चों की अच्छी तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिया है।

जेईई मेन्स क्वालीफाई करने वाले इन बच्चों में भोपालपट्टनम निवासी राजेश गोटा और बीजापुर एरमनार निवासी रमेश वेंजाम ने बताया कि उनकी पढ़ाई-लिखाई भाई-बहन करवा रहे हैं। राजेश के पिताजी का स्वर्गवास हो चुका है और बड़े भाई नागेश गोटा एवं महेश गोटा खेती-किसानी कर उसकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। राजेश भी अपने भाईयों के सपने को साकार करने के कृतसंकल्प है और पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रीत कर दिया है। उसने बताया कि अब तो हर हालत में जेईई एडवांस की बेहतर तैयारी करना है। एरमनार के रमेश वेंजाम तो अपने माता लक्ष्मी वेंजाम तथा दो छोटी बहनों विमला एवं रमीला के साथ समय-समय पर खेती-किसानी करते हैं। इसके बावजूद पढ़ाई के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।रमेश ने बताया कि उसके छोटी बहन विमला और रमीला गुदमा तथा धनोरा में क्रमशः 10 वीं और 8 वीं पढ़ रहे हैं। रमेश ने अपनी सफलता के लिए गुरुजनों के प्रेरणा तथा मार्गदर्शन का स्मरण करते हुए बताया कि शिक्षकों ने उसे निरन्तर आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित किया, जिससे वह अच्छी तैयारी कर पाया। जिले के आवापल्ली निवासी अनिल तेलम के पिता शिक्षक हैं, इसलिए वह अपने लक्ष्य के प्रति सजग है और जेईई एडवांस की योजनाबद्ध ढंग से तैयारी कर परीक्षा में सफल होकर इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा हासिल करने कटिबद्व है। इन बच्चों के प्राचार्य गोविंदराम जैन ने बताया कि घोर माओवाद प्रभावित इलाके के इन बच्चों की सफलता से हम सभी खुश हैं लेकिन अब इनके जेईई एडवांस परीक्षा की तैयारी तथा इस परीक्षा में सफलता पर हम लोगों का ध्यान है। इस ओर बच्चों को आवासीय सुविधा उपलब्ध करवा कर उन्हें बेहतर तैयारी करवायेंगे। जिले के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीकांत दुबे इन बच्चों की सफलता से प्रभावित होकर कहते हैं कि अब उक्त बच्चों को जेईई एडवांस परीक्षा की तैयारी करवाने पूरा ध्यान देंगे,इस दिशा में उक्त बच्चों को उनके शिक्षकों के साथ ही अन्य विशेषज्ञ शिक्षकों से मार्गदर्शन सुलभ कराया जायेगा।

12-09-2020
एकलव्य स्कूल का जेईई परीक्षा में परिणाम शतप्रतिशत,कलेक्टर ने परीक्षा में सफल पांचों बच्चों को दी शुभकामनाएं

कोरिया। जिले के विकासखण्ड खड़गवां स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल पोड़ीडीह का जेईई मेन की परीक्षा में परिणाम शत प्रतिशत रहा है। एकलव्य स्कूल के पांच बच्चे जेईई मेन की परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी बच्चों ने सफलता हासिल की है। इनमें रोहित कुमार सिंह, सत्येंद्र, अनुराग सिंह, मनमोहन सिंह एवं सोनू सिंह शामिल हैं। कलेक्टर  एसएन राठौर एवं आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने सभी बच्चों को परीक्षा में सफलता के लिए बधाई एवं बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804