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24-10-2020
करोड़ों की ठगी के मामले में एक एएसआई निलंबित

रायपुर/जगदलपुर। जिले में निर्माणाधीन एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने बचेली निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं इस मामले में बस्तर जिले के एसपी दीपक झा ने एक एएसआई यतेंद्र देवांगन को निलंबित कर दिया है।
उल्लेखनिय है कि वर्ष 2017 में स्थानीय बेरोजगारों को एनएमडीसी में नौकरी दिलाने के नाम पर बचेली निवासी नवीन चौधरी, संजय डोनाल्ड दयाल, नरेंद्र चौधरी और चन्द्रकिरण ओगर द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लगभग 119 लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने के बाद फरार हो गए थे। इसके बाद पीड़ित यास्मीन अंसारी निवासी भानपुरी तथा सुनील देवांगन ने ठगी के मामले को लेकर कोतवाली थाने में आरोपियों के विरूद्ध मामला दर्ज कराया था। पुलिस को बीते 19 अक्टूबर को बचेली निवासी दो आरोपी नरेंद्र चौधरी और संजय डोनाल्ड दयाल को पड़ने में सफलता मिली थी। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने कई खुलासे किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 120 (बी), 467, 468, 471 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जेल भेज दिया है। इसके साथ ही पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

15-10-2020
भूपेश बघेल ने कहा- शिक्षा से ही मिलती है जीवन में नई ऊंचाइयां,विकासखंड स्तर पर खोले जाएंगे इंग्लिश मीडियम स्कूल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को दंतेवाड़ा जिले के छू लो आसमान कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में (जेईई) मेन्स में सफल 17 छात्र-छात्राओं से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों को सफलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इन छात्र-छात्राओं ने एनआईटी में प्रवेश के लिए मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2011 में जिला प्रशासन दंतेवाड़ा और एनएमडीसी के सहयोग से प्रारंभ किए गए इस कार्यक्रम की मदद से अब तक 845 छात्र-छात्राओं का चयन विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए हो चुका है। मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की जा रही है। आप लोग दूरस्थ अंचलों से हैं और विपरित परिस्थितियों में अपने दृढ़ संकल्प से छू लो आसमान कार्यक्रम के माध्यम से यह सफलता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने छू लो आसमान कार्यक्रम में बीजापुर और सुकमा के आदिवासी बच्चों के लिए अगले सत्र से 40 सीटें बढ़ाने, चयनित विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और एक छात्र हेमंत कुमार आर्य की आंखों का पूरा इलाज कराने की घोषणा की। बघेल ने कहा कि प्रदेश में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के अंतर्गत जिलों में 53 स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। आने वाले वर्षों में विकासखंड स्तर पर इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रारंभ किए जाएंगे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि छू लो आसमान कार्यक्रम से जुड़ें बच्चों की सफलता ने यह साबित कर दिखाया है कि हमारे बस्तर इलाके में प्रतिभा की कमी नहीं है। यदि अवसर मिले तो हमारे बच्चे महानगरों के बच्चों को भी मात दे सकते हैं। अभी तक बस्तर की पहचान उसकी प्राकृतिक छटा, वहां की अनोखी जीवन शैली और खनिजों से भरपूर खदानों से होती थी। अब शिक्षा के नाम से भी बस्तर को जाना जाएगा। मुख्यमंत्री बघेल ने सफल विद्यार्थियों में दंतेवाड़ा चेरपाल के संतकुमार कुंजाम, सुकमा की उपासना नेगी और कल्याणी नेताम और दंतेवाड़ा टेकनार के मनोज कुमार और छू लो आसमान की शिक्षिका सुकृति शर्मा से बात कर उनके अनुभव जाने। बच्चों ने गुरूजनों, मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, दंतेवाड़ा और अपने माता-पिता को अपनी सफलता का श्रेय दिया। 

इस दौरान कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, विधायक अनूप नाग, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, एनएमडीसी के सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर दंतेवाड़ा दीपक सोनी और एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सुमित देव शामिल हुए।  छू लो आसमान कार्यक्रम में इस वर्ष कुल 17 छात्र-छात्राएं (15 छात्र, 2 छात्राएं) जेईई मेन्स की प्रवेश परीक्षा (एनआईटी के लिए ) में मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त किया है। इनमें दंतेवाड़ा के 11, बीजापुर के 2, सुकमा के 3 और बस्तर जिले से 1 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इनमें 16 विद्यार्थी आदिवासी और 1 अन्य पिछड़ा वर्ग से है। पिछले वर्ष भी 21 छात्र-छात्राओं ने आईआईटी, एनआईटी में प्रवेश पाया था। दंतेवाड़ा क्षेत्र के आदिवासी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 2011 में छू लो आसमान की स्थापना की गई। इस संस्था में मूल रूप से दंतेवाड़ा और आसपास के छात्र-छात्राओं को कक्षा 9वीं से हॉस्टल में रखकर पीईटी और पीएमटी की तैयारी करायी जाती है। साथ ही उनकी पढ़ाई को जारी रखने के लिए दंतेवाड़ा के विभिन्न स्कूलों में प्रवेश भी दिलाया जाता है। संस्था में प्रत्येक वर्ष 80 छात्र और छात्राओं को प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। कुल सीटों में 76 प्रतिशत आदिवासी, 4 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 14 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 6 प्रतिशत सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं हेतु सुरक्षित रहती है। एक समय में कक्षा में कुल 600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत रहते है।

14-10-2020
केन्द्र सरकार के फैसले से भूमि विस्थापितों और बस्तर की जनता के तमाम सपने चकनाचूर : शैलेश 

रायपुर। नगरनार स्टील प्लांट को एनएमडीसी से अलग करने और बेचने की तैयारी करने के फैसले को कांग्रेस ने बस्तर और छत्तीसगढ़ की जनता के साथ छल करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने  कहा है कि यह छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों पर बालको के बाद एक और खुली डकैती की घटना है,इसका जवाब जनता देगी। उन्होंने कहा है कि नगरनार स्टील प्लांट के लिए जमीन देने वाले भूमि विस्थापितों के अलावा बस्तर की जनता के तमाम सपने केंद्र सरकार के इस फैसले से चकनाचूर हो गए। नगरनार प्लांट के निजीकरण से छत्तीसगढ़ के और खासकर बस्तर के अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्ग और गरीब लोगों की नौकरी पाने की उम्मीदों को धक्का लगा है। अभी छत्तीसगढ़ के लोग बालको को बेचने को भूले नहीं है। जब बालको को एनडीए की सरकार ने 500 करोड़ रुपए में निजी हाथों में सौंप दिया गया था। जबकि बालको के अंदर उपलब्ध स्क्रैप का मूल्य ही इससे कहीं ज्यादा था। नगरनार के निजीकरण से बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास का केंद्र सरकार का वादा खत्म हो जाएगा। नगरनार स्टील प्लांट अब निजी हाथों में जाकर किसी उद्योगपति के लिए लाभ कमाने की संस्था बनेगा। अब छत्तीसगढ़ से संसद में चुनकर गए सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को बताना चाहिए कि वे केंद्र में बैठी भाजपा सरकार के इस फैसले पर क्या सोचते हैं? क्या वे बस्तर की जनता के साथ खड़े होकर नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का विरोध करेंगे? या फिर नरेंद्र मोदी के डर से चुप्पी साधे बैठे रह जाएंगे? छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश के भाजपा नेताओं की चुप्पी को देख रही है और इसका मतलब भी समझ रही है।

06-10-2020
बालिका शिक्षा योजना के अंतर्गत आवेदन 14 तक

रायपुर/सुकमा। एनएमडीसी के बालिका शिक्षा योजना के अंतर्गत बस्तर क्षेत्र की गरीबी रेखा के अंतर्गत आने वाली इच्छुक अनुसूचित जनजाति के छात्राओं से अपोलो स्कूल आफ नर्सिंग हैदराबाद में 3 वर्षीय जीएनएम और 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 14 अक्टूबर तक आवेदन मंगाए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए विज्ञान (बायोलॉजी भौतिक एवं रसायन) विषय से कक्षा बारहवीं कम से कम 45 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। चयनित छात्राओं को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। इस प्रवेश सूचना के संबंध में एनएमडीसी के वेबसाइट डब्लयूडब्लयूडब्लयू डॉट एनएमडीसी डॉट सीओ डॉट इन का अवलोकन किया जा सकता है।

एनएमडीसी द्वारा बस्तर क्षेत्र के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों की गरीबी रेखा अंतर्गत जीवन यापन करने वाली आदिवासी छात्राओं को व्यवसायिक शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बालिका शिक्षा योजना वर्ष 2011 से प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत अब तक बस्तर क्षेत्र की 338 छात्राओं को स्कूल आफ नर्सिंग हैदराबाद में जीएनएम एवं बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जा चूका हैं।

16-09-2020
वायरलेस हेलमेट पहनने पर ही स्टार्ट होगी बाइक, चोरी होने पर रेंज के बाहर जाते ही बाइक हो जाएगी बंद

रायपुर/दंतेवाड़ा। जिले के बचेली के एक युवा प्रेम भारद्वाज ने सेंसर लगा एक वायरलेस हेलमेट बनाया है, जिसके पहनने पर ही बाइक स्टार्ट होगी। साथ ही वाहन के सुरक्षा के लिए भी कारगर होगा। प्रेम के प्रयोगों से बचेली के लोग बेहद खुश हैं। प्रेम ने भांसी के आईटीआई से वर्ष 2016-17 में पढ़ाई पूरी की है। प्रेम भारद्वाज ने बताया कि बचेली पुलिस के अधिकारियोंं ने सुझाव दिया था कि ऐसा कुछ डिवाइस भी तैयार करो, जिससे वाहन चोरी न होने पाए। उन्होंने बताया कि रिले सेंसर से जुड़े हेलमेट-वाहन को किसी जगह पार्क कर हेलमेट को अपने साथ रखकर जाते हैं तो हेलमेट में लगा सेंसर जब तक एक सीमित रेंज में नहीं आएगा, जब तक बाइक स्टार्ट नहीं होगी।

सीमित रेंज में हैं और चोर बाइक को स्टार्ट कर चोरी कर ले जाता है तो रेंज के बाहर जाते ही बाइक बंद हो जाएगी। इसमें लगा सिस्टम बैटरी से ऑपरेट होता है। मोबाइल के चार्जर से ही फुल चार्ज होकर एक से डेढ़ महीने तक चलेगी। यह वायरलेस हेलमेट नार्मल हेलमेट की तरह ही दिखता है। इसके पहले भी प्रेम कबाड़ से जुगाड़ कर 4-स्ट्रोक डीजल इंजन मॉडल, इमरजेंसी मोबाइल चार्जर, दोपहिया वाहन में साइड स्टैंड डिवाइस भी बना चुका है। इसके लिए तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार ने सम्मानित किया था। इसके अलावा भी एनएमडीसी, विधायक व 26 जनवरी के मौके पर भी प्रेम इन प्रयोगों के लिए सम्मानित हो चुका है।

09-09-2020
एनएमडीसी के चेयरमैन सुमित देव ने सीएम भूपेश बघेल को सौजन्य मुलाकात में कोरोना से लड़ने के लिए 10 करोड़ का चेक सौंपा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से एनएमडीसी के सीएमडी सुमित देव ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने कोरोना संक्रमण से रोकथाम व बचाव के लिए मुख्यमंत्री बघेल को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 करोड़ रूपए की राशि के चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस सहायता के लिए देव को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव खनिज संसाधन विभाग  अन्बलगन पी. एवं एनएमडीसी के सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।

 

19-07-2020
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, 30 प्रतिशत रियायत पर लौह अयस्क उपलब्ध कराने किया आग्रह

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर बस्तर में स्टील उद्योग को एनएमडीसी के माध्यम से 30 प्रतिशत रियायत पर लौह अयस्क उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इससे बस्तर में बड़े पैमाने पर स्टील उद्योगों का संचालन और इसके जरिए बड़े पैमाने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे बस्तर के विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में इस बात का उल्लेख भी किया है कि, राज्य शासन की ओर से भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी को इस आशय का प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है।
मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि एनएमडीसी की ओर से दंतेवाड़ा जिले में विगत लगभग आधी शताब्दी से बड़ी मात्रा में लौह अयस्क का खनन किया जा रहा है। लौह अयस्क की प्रचुरता के बाद भी विषम परिस्थितियों के विद्यमान होने के कारण निजी उद्यमियों के लिए बस्तर में स्टील उद्योगों की स्थापना लाभप्रद नहीं है। यदि एनएमडीसी की ओर से बस्तर में स्टील निर्माण किए जाने वाले निवेशकों को लौह अयस्क 30 प्रतिशत की छूट पर दिया जाए, तो इससे बस्तर अंचल में छोटी-बड़ी अनेक स्टील निर्माण इकाईयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।  स्थानीय निवासियों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के लाखों नए अवसर निर्मित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अवगत कराया है कि राज्य शासन की ओर से एनएमडीसी को इस आशय का औपचारिक प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है।

 

16-06-2020
तीन महिलाओं ने मिलकर रची लाखों के गबन की साजिश, उड़ गए सुनने वालों के होश

भिलाई। एनएमडीसी में नौकरी दिलाने व पार्टनर को झांसा देकर 35 लाख की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में भिलाई 3 पुलिस ने तीन महिलाओं के खिलाफ धारा 420,34 के तहत अपराध कायम किया है। भिलाई तीन थाना प्रभारी संजीव मिश्रा से प्राप्त जानकारी के अनुसार पदुम नगर भिलाई 3 निवासी पीड़ित अभेराम साहू की शिकायत पर रायपुर निवासी पूनम नायक, खुशबू नायक उर्फ राखी ध्रुव, शोभा साहू, डीपी देशमुख के खिलाफ अपराध कायम किया है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित की पत्नी आभा साहू शासकीय नौकरी में है। इसके चलते बच्चों की देखरेख के लिए शोभा साहू को नौकरी पर रखा था। आरोपी शोभा ने पीड़ित की पत्नी को जानकारी दी कि पूनम नायक और अन्य सांस्कृतिक संस्था का संचालन करते हैं। संस्था में जुड़ने पर दोगना लाभ होने का झांसा देकर शोभा साहू ने पीड़ित की पत्नी को फंसाया। वही पीड़ित एनएमडीसी में अपनी नौकरी लगाने के लिए 24 लाख और अपनी पत्नी को संस्था से जुड़ने के लिए करीब 11 लाख रुपए झांसा में आकर दिया। लेकिन अब तक पीडितों का काम नहीं होने से परेशान होकर भिलाई 3 पुलिस से फरियाद करने पहुंचे। मामले में सभी आरोपी फरार है।रेलवे कर्मी से 22 लाख की ठगीसुपेला पुलिस ने बताया कि रायपुर निवासी दोष श्रीधर ने रेलवे कर्मी एन.श्रीनिवास राव के नाम से 22 लाख रुपए का होम लोन लिया था। आरोपी ने लोन लेने के लिए रेलवे कर्मी के दस्तावेज पेश किया था। फायनेंस कंपनी में सेटिंग के चलते लोगों को अपने कार्यस्थल पर ले जाकर खुद को रेलवे कर्मी के रूप में शिनाख्त कराया। कंपनी को अलग-अलग स्थानों से जानकारी मिली की जिसने 22 लाख का लोन लिया है। वह फर्जी रेलवे कर्मी है। जांच करने पर आरोपी की पहचान दोष श्रीधर, दोषपति इंदु,प्रणव साखरे के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूट रचना की धाराओं के तहत अपराध कायम किया है। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 120 बी,419,420,467,468,471 के तहत अपराध दर्ज किया है।

 

 

02-02-2020
अबूझमाड़ पीस मैराथन 2020 निमंत्रण के लिए जगदलपुर में हुआ राहगिरी कार्यक्रम का आयोजन

जगदलपुर। जिला नारायणपुर में 08 फरवरी को 21 कि.मी. अबूझमाड़ मैराथन दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2019 की मैराथन दौड़ की सफल आयोजन तथा जनसमर्थन को देखते हुये इस साल भी मैराथन दौड़ का आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस दौड़ में बस्तर संभाग के धावक के अलावा देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशी धावक भी शामिल होगें। जिला नारायणपुर से शुरू होकर अबूझमाड़ के बासिनबहार गांव आईटीबीपी कैंप तक आयोजित इस दौड़ के प्रति जागरूकता लाने तथा कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु रविवार को जगदलपुर शहर में एक राहगिरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

शहर के लालबाग मैदान से शुरू होकर महावीर चौक, चांदनी चौक होते हुए शहीद पार्क तक बालक-बालिका, पुलिस के जवान, नागरिकगण, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पी., पुलिस अधीक्षक बस्तर,  दीपक झा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण दौड़ते हुए शहरवासी तथा राज्यवासियों को 08 फरवरी को आयोजित अबूझमाड़ पीस मैराथन के लिए आमंत्रित किया गया। राहगिरी कार्यक्रम के समापन समारोह में शहीद पार्क में अबूझमाड़ मैराथन दौड़ गाने पर शहर के बच्चों से लेकर वरिष्ठजन नाचते-गाते हुए आयोजन का आंनद उठाया। अबूझमाड़ मैराथन के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, एनएमडीसी, SAIL व अन्य व्यवसायिक संस्था के अलावा स्थानीय नागरिक उत्साह से अपना भागीदारी निभा रहे है।

 

18-12-2019
 उद्योगों को लौह अयस्क आपूर्ति की शर्त पर बढ़ाई गई एनएमडीसी खदान की लीज

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) की बैलाडीला लौह अयस्क खदान की लीज 20 वर्षों के लिए बढ़ा दी गई है। छत्तीसगढ़ के उद्योगों के विकास एवं स्थानीय रोजगार को उत्तरोत्तर वृद्धि को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बैलाडीला से एनएमडीसी द्वारा खनन किए गए लौह अयस्क की उपलब्धता निरंतर एवं प्राथमिकता के साथ छत्तीसगढ़ में स्थित उद्योगों को मिलें यह सुनिश्चित करने की शर्त के साथ ही खनिपट्टा विस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय खनिज विकास निगम लिमिटेड के चार खनिपट्टों को 1965 के पश्चात अभी खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के अधीन बनाए गए नियमों के तहत राज्य शासन द्वारा खनिज (सरकारी कम्पनी द्वारा खनन) नियम, 2015 के अंतर्गत विस्तारण का स्वीकृति जारी की गई है। एनएमडीसी लौह अयस्क खनन के क्षेत्र में देश का सबसे बडा सार्वजनिक उपक्रम है एवं उनकी लगभग तीन चौथाई खनिज उत्पादन छत्तीसगढ़ के बैलाडीला पहाडि़यों से होता है। छत्तीसगढ़ के उद्योगों के विकास एवं स्थानीय रोजगार को उत्तरोत्तर वृद्धि को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा बैलाडीला से एनएमडीसी द्वारा खनन किए गए लोह अयस्क की उपलब्धि निरंतर एवं प्राथमिकता के साथ छत्तीसगढ़ में स्थित उद्योगों को मिलें यह सुनिश्चित करने की शर्त के साथ ही खनिपट्टा विस्तारण करने के निर्देश दिया गया। तदानुसार खनिज साधन विभाग द्वारा खनि रियायत नियम, 2016 के नियम 12(1)(आई) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित लोह अयस्क आधारित उद्योगों को उनके आवश्यकतानुसार खनिज लौह अयस्क की आपूर्ति निरंतर बनाए रखने की शर्त के साथ खनि पट्टों का विस्तारण आदेश जारी किया गया है।

2015 में भारत सरकार द्वारा खनिज अधिनियम एवं नियमो में लाए गए संशोधन के पश्चात कई राज्यों में लौह अयस्क खदाने 2020 मार्च के बाद जब तक नये सिरे से नीलामी ना हो जाय तब तक बंद होने की संभावनाएं बनी हुई है। इससे स्टील उद्योग भी कच्चे माल उपलब्धता को लेकर बेहद चिंतित है। समय पर की गई खनिपट्टा विस्तारण से एवं उसमें स्थानीय उद्योगों की निरंतर लौह अयस्क उपलब्ध होने के रास्ता निकालने से राज्य एवं जनता के हित को ध्यान में रखा गया। एनएमडीसी द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 24 मिलियन मीट्रिक टन लौह अयस्क का उत्पादन किया जाता है एवं स्थानीय उद्योगों द्वारा लगभग 7 मिलियन मीट्रिक टन की आवश्यकता बताई जा रही है।

जिला कार्यालय दंतेवाड़ा के प्रतिवेदन के अनुसार आवेदित क्षेत्र में लौह अयस्क पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है इसलिए जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा की तहसील कुआकोंडा स्थित बैलाडीला डिपॉजिट नंबर 14 एनएमजेड कंपार्टमेंट नंबर 626,627, 638,639 और 640 के कुल रकबा 506.742 हेक्टेयर क्षेत्र पर खनिज लौह अयस्क के स्वीकृत खनिपट्टा को मैसर्स नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के पक्ष में खनिज (सरकारी कंपनी द्वारा खनन) नियम 2015 के परिपेक्ष में 20 वर्ष के लिए 7 दिसंबर 2015 से 6 दिसंबर 2035 तक (कुल अवधि 70 वर्ष) के लिए कुछ शर्तों के साथ विस्तारित किया गया है। एनएमडीसी को एमएमडीआर एक्ट 1957, वन संरक्षण अधिनियम 1960, वन,पर्यावरण अधिनियम 1980 के तहत सभी नियमों और निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा। इसी तरह खनिज (परमाणु और हाइड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्न) रियायत नियम 2016 के नियम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित लौह आधारित उद्योगों को उनके आवश्यकतानुसार लौह अयस्क की आपूर्ति निरंतर बनाए रखी जानी होगी। खनि पट्टा स्वीकृत आदेश दिनांक 20 अप्रैल 1965 एवं नवीनीकरण आदेश दिनांक 29 जून 2002 में उल्लेखित अन्य शर्तें यथावत लागू रहेंगी।

15-11-2019
छत्तीसगढ़ सरकार एनएमडीसी की माईनिंग लीज बढ़ाएगी: भूपेश बघेल 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एन. बैजेन्द्र कुमार से मुलाकात के दौरान कहा कि एनएमडीसी की माईनिंग लीज जो 30 मार्च 2020 को समाप्त हो रही है उसे राज्य सरकार आगे बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री ने एनएमडीसी से जुड़े विभिन्न विषयों पर कुमार के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी और सीएमडीसी महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील के हीरा धारित क्षेत्र में पूर्वेक्षण का काम करेगी। चर्चा के दौरान यह भी तय हुआ की छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा नगरनार इस्पात संयंत्र परियोजना में लगभग 1200 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली हाऊसिंग परियोजना का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ सरकार को एनएमडीसी द्वारा माईनिंग कार्यों से संबंधित जो राशि दी जानी है, उसके संबंध में भी सहमती बनी है। एनएमडीसी द्वारा खनन से संबंधित 600 करोड़ रूपए की बकाया राशि का भुगतान जल्द ही राज्य सरकार को किया जाएगा। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा शुरू की गई सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एनएमडीसी को पूरा सहयोग राज्य सरकार देगी। मुख्यमंत्री ने एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को एनएमडीसी के स्थापना दिवस और हीरक जयंती की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर, खनिज संसाधन विभाग के विशेष सचिव पी. अन्बलगन और एनएमडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थें।


 

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