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16-09-2020
यह पहला मौका नहीं, जब मोदी सरकार ने बर्दाश्त न होने वाला झूठ बोला है : शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने केन्द्र की मोदी सरकार को घेरा है। त्रिवेदी ने कहा है कि, केंद्र सरकार का बयान स्वीकार्य नहीं है कि, लॉक डाउन के दौरान घर लौटते गरीब मजदूरों की मौतों का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस गैरजिम्मेदाराना रवैये के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। त्रिवेदी ने कहा है कि, जिस समय मजदूर पैदल घर लौटने को मजबूर हुए, उस समय देश में आपदा प्रबंधन कानून लागू था। केंद्र सरकार हर फैसले खुद ले रही थी। करोड़ों लोगों का रोजगार छिन गया और आज सरकार कह रही है कि, उसके पास कोई जानकारी नहीं है। यह पहला मौका नहीं है, जब नरेंद्र मोदी की सरकार ने ऐसा बर्दाश्त न होने वाला झूठ बोला है।

इससे पहले नोटबंदी में भी सरकार ने देश के करोड़ों लोगों को बैंकों के सामने कतार में खड़ा कर दिया और सैकड़ों लोगों की जानें गईं। प्रधानमंत्री ने कहा था कि, 50 दिन में सब कुछ ठीक न हुआ तो फांसी चढ़ा देना। न कालाधन आया, न आतंकवाद और न नक्सलवाद खत्म हुआ। लाखों व्यापारियों का कारोबार मंदी की चपेट में जरूर चला गया। त्रिवेदी ने कहा है कि, दूसरी आजादी की तरह जश्न मनाकर जीएसटी लागू किया गया, लेकिन आज पता चल रहा है कि दुनिया का सबसे जटिल और निरर्थक जीएसटी लागू करके प्रधानमंत्री ने देश के मंझोले और छोटे उद्योग और कारोबार की कमर तोड़ कर रख दी है। यही वजह है कि, कोरोना के बाद देश की अर्थव्यवस्था 40 प्रतिशत तक सिकुड़ गई है। ऐसा लगने लगा है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छे दिन का वादा करके देशवासियों को सबसे बुरे दिन दिखा रहे हैं।

11-09-2018
Karuna Shukla : राफेल डील में भ्रष्टाचार हुआ है और प्रधानमंत्री ने कमीशन भी खाया है : करूणा शुक्ला

बिलासपुर। कांग्रेस ने राफेल डील पर केन्द्र की मोदी सरकार पर दबाव बनाना जारी रखा हुआ है। एक सप्ताह पहले देशभर में प्रेस कांफ्रेंस लेकर इस मामले को जनता के सामने लाया गया था, अब प्रदेश के अलग-अलग जिलों में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर में कांग्रेस नेत्री करुणा शुक्ला के नेतृत्व में नेहरू चौक पर धरना दिया गया।

इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए शुक्ला ने राफेल डील को लेकर केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को बेईमान और कमीशनखोर बताते हुए कहा कि उन्होंने देश की जनता के साथ विश्वासघात किया है। देश की सुरक्षा जिन विमानों के जरिए होनी चाहिए थी, उन विमानों की खरीदी में भष्टाचार और घोटाला किया गया है। 2012 में जब कांग्रेस की सरकार थी और डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब फ्रांस की कंपनी के साथ राफेल विमान के लिए यह सौदा तय हुआ था। उस समय 126 विमान खरीदे जाने थे एक विमान की कीमत 540 करोड़ रुपए तय हुई थी। 2015 में मोदी जी ने 126 विमानों की संख्या घटाकर संख्या 36 कर दी। जो एक राफेल विमान 540 करोड़ में खरीदा जाना था उसकी कीमत बढ़ाकर उन्होने 1 हजार 160 करोड़ रुपए कर दी। एक विमान पर 11 सौ करोड़ से अधिक का भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होने कहा भ्रष्टाचार तो भ्रष्टाचार, जो टेक्निकल व्यक्ति सक्षम नहीं है और उसने हवाई जहाज से संबंधित कोई काम नहीं किया है ऐसे व्यक्ति अनिल अंबानी की कंपनी जिन्होंने 2 हफ्ते पहले एक कंपनी बनाई थी उसको पुर्जों का ठेका दे दिया। मनमोहन सिंह ने देश के सावर्जनिक उपक्रम एचएएल को ठेका दिया था और यह तय हुआ था कि 18 विमान फ्रांस हमको तैयार करके देगी और बाकी के विमान एचएएल कंपनी तैयार करके देगी।

सरकार देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। जो अपने आप को देश का चौकीदार बताते हैं, वही इस घोटाले के सबसे बड़े भागीदार हैं। धरने में जिला कांग्रेस, शहर कांग्रेस, पार्षद दल और एनएसयूआई के छात्र बड़ी संख्या में पहुंचे। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम सात पन्नों का एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया, जिसमें राफेल खरीदी में हुई गड़बड़ी का विस्तार से ब्योरा है।

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