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12-08-2020
छत्तीसगढ़ में राजनीतिक संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंदी पर हैं : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया है। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि आज प्रदेश में कहीं भी कोई सुरक्षित नहीं है। सरेआम महिलाओं और नाबालिग किशोरियों की अस्मिता से खिलवाड़ हो रहा है। कोरोना काल में ही घरेलू हिंसा और बलात्कार के मामलों की संख्या सरकार के महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं।साय ने कहा कि खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के गृह जिले में बेमेतरा के बाद मंगलवार को एक ही दिन में सामने आया भिलाई में एक किशोरी को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला हो या फिर भिलाई में एक मासूम बच्चे के सामने उसके माता-पिता को चाकू-तलवार से काटकर मार डालने का मामला, ये घटनाएँ प्रदेश सरकार के कार्यकाल को कलंकित साबित करने वाली हैं।

साय ने कहा कि राह चलते लूट, हत्या,मारपीट जैसी वारदातों ने भी नागरिक सुरक्षा के तमाम सरकारी दावों की धज्जियाँ उड़ रखी है। राजनीतिक संरक्षण में अपराधियों के हौसले बुलंदी पर हैं, वहीं रेत, शराब और जमीन माफियाओं का आतंक सिर चढ़कर बोल बोल रहा है और वे सरेआम आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

 

12-08-2020
डीकेएस हादसे ने पूर्व सरकार के गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य की पोल खोली : धनंजय ठाकुर

रायपुर। डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हुए हादसे को लेकर कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि गरीबों के इलाज के लिए बने अस्पताल के न्यूरो विभाग की छत गिरने और दो लोग के घायल होने की घटना के लिए पूर्व की रमन सरकार जिम्मेदार है। कांग्रेस प्रवक्ता ने गंभीर आरोप लगाया है कि डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्री रहते उनके दामाद पुनीत गुप्ता ने अस्पताल को ही गिरवी रख दिया और करोड़ों रुपयों की हेराफेरी की। मेडिकल इक्विपमेंट एम्बुलेंस खरीदी, बिल्डिंग निर्माण में भारी गड़बड़ियां की। 15 साल के रमन भाजपा सरकार में विकास कार्यों के नाम से मात्र कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार किया गया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता मापदंड पर ध्यान नहीं दिया गया।

कई विकास कार्य तो धरातल में उतरे ही नहीं, सिर्फ कागजों तक सिमटे रहे। सरकारी खाजने से भुगतान तक निकाल लिया गया। विदेशों के पुल-पुलिया की फोटों को छत्तीसगढ़ का बताकर और एक जिले की सड़क की फोटों को दूसरे जिले की सड़क बता कर सोशल मीडिया में शेयर कर जनता को दिग्भ्रमित करने का काम किया गया। जनता के विरोध के बावजूद बना आधा अधूरा स्काई वॉक रमन सरकार के भ्रष्टाचार की स्मारक है। एक्सप्रेस-वे, डीकेएस में करोड़ो रुपए की हेराफेरी की गई। राजधानी में बने गुणवत्ताविहीन ओवर ब्रिज, अंडरब्रिज भ्रष्टाचार की गवाही दे रहे हैं। भाजपा के 15 साल के शासन काल में छत्तीसगढ़ का विकास नहीं हुआ बल्कि विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार,कमीशनखोरी कर भाजपा के नेता जरूर अकूत दौलत के मालिक बन गए हैं। कई स्थानों पर भाजपा के शीर्ष नेताओं की बेनामी संपत्तियां हैं।

 

12-08-2020
केन्द्र सरकार एनआईए का दुरूपयोग कर रही,नहीं चाहती झीरम का सच सामने आए : कांग्रेस

रायपुर। झीरम मामले में एनआईए कोर्ट के निर्णय का स्वागत प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने किया है। त्रिवेदी ने कहा है कि,इस निर्णय ने साबित किया है कि झीरम नरसंहार के षडयंत्र की अलग से जांच करने का भूपेश सरकार का फैसला एकदम सही है। यह भी स्पष्ट हो गया है कि केंद्र की भाजपा सरकार दूसरी केंद्रीय एजेंसियों की तरह एनआईए का भी दुरुपयोग कर रही है। वह नहीं चाहती कि, झीरम का सच सामने आए। भाजपा लगातार झीरम षड़यंत्र का पदार्फाश होने से रोकने में लगी रही है।

यह भाजपा के नेता ही बता सकते हैं कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? एनआईए की  प्रथम रिपोर्ट में माओवादियों के शीर्ष नेताओं गणपति, रमन्ना और गुड्सा उसेंडी झीरम घटना में भागीदारी की बात थी,लेकिन जब चालन पेश हुआ तो इनके नाम हटा दिए गए। किसके कहने से यह नाम हटे ? एनआईए की अदालत ने निर्देश दिए थे कि एनआईए गुड्सा उसेंडी का बयान दर्ज करें लेकिन गिरफ़्तार हो चुके गुडसा उसेंडी से आज तक बयान तक नहीं लिया।

12-08-2020
माल्या की तरह पनामा मामले की फाइल भी हो सकती है गुम : मोहन मरकाम

रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और भाजपा विधायक दल के नेता धरमलाल कौशिक की ओर से रमन सिंह के बचाव में दिए गए बयान पर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पलटवार किया है। मरकाम ने कहा है कि, रमन सिंह के 15 साल के शासनकाल में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी में भागीदार रहे भाजपा के नेता ही रमन सिंह को बचाने में लगे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ना खाऊंगा ना खाने दूंगा कहा था। आज मोदी के ही शासनकाल में भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की जांच की फाइल गायब हो जा रही है। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि  माल्या की फाइल की तरह ही कल कही पनामा मामले में फंसे रमन मेडिकल कवर्धा निवासी अभिषाक सिंह की जांच फाइल भी गायब ना हो जाए।

मरकाम ने कहा है कि विष्णुदेव साय बताएं चुनाव आयोग को दिए शपथ पत्र के अनुसार ही रमन सिंह की आय के अधिक अनुपात में संपत्ति कैसे बढ़ रही है? विष्णुदेव साय यह भी बताएं कि रमन सिंह ऐसा कौन सा व्यापार, ठेकेदारी या उद्योग चला रहे थे, जिससे उनकी संपत्ति में इतनी अनुपातहीन वृद्धि हुई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय में जरा भी नैतिकता है तो रमन सिंह और उनके परिवार की संपत्ति कहां-कहां पर हैं और बेनामी संपत्ति कितनी और कहां है, इसकी जानकारी सार्वजनिक करें। मरकाम ने कहा है कि, भाजपा का चरित्र ही आर्थिक अपराधियों को संरक्षण देना है। भाजपा के बड़े नेताओं के संरक्षण में बैंकों को अरबों रुपए का चूना लगाने वाले विजय माल्या, नीरव मोदी, सुशील मोदी सहित कई नामी-गिरामी बैंक डिफाल्टर देश से बाहर निकल चुके हैं। भाजपा अपराधियों के लिए पनाहगाह है और भाजपा के नेता अपराधियों को देश से बाहर भेजने के लिए ट्रैवल एजेंट की भूमिका निभाते हैं।

12-08-2020
शिवरतन ने पूछा : क्या प्रदेश सरकार नाकामियों की पोल खुलने से डरकर विस में चर्चा के बजाय मुँह चुराने को विवश हो गई?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा ने प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चार दिनों का रखे जाने पर प्रदेश सरकार पर कटाक्ष किया है। शिवरतन ने पूछा कि क्या प्रदेश सरकार अपनी नाकामियों की पोल खुलने से इतनी भयभीत हो गई है कि अब वह विधानसभा में भी चर्चा करने के बजाय मुँह चुराने को विवश हो गई है? हर मोर्चे पर विफल प्रदेश सरकार एक गहरे अपराध-बोध से जूझ रही है, ऊपर से हाल के एक सर्वे ने सरकार और सत्तारूढ़ दल की जमीन खिसका दी है। इतनी कम अवधि का सत्र रखकर सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदेश के हित में कोई सार्थक चर्चा करने को वह तैयार नहीं है।

शर्मा ने कहा कि विधानसभा में चर्चा करने और प्रतिपक्ष के सवालों का जवाब देने से सरकार डर रही है और इसीलिए वह सिर्फ चार दिनों का सत्र बुला रही है अन्यथा कोई कारण नहीं है कि सत्र की अवधि इतनी कम रखी जाए। जब सरकार कोरोना संक्रमण के नजरिए से रोज हर विधायक को टेस्ट कराके ही विधानसभा में प्रवेश करने देगी तो फिर यह व्यवस्था तो लंबी अवधि के सत्र के लिए भी संभव थी। प्रदेश को हजारों करोड़ रुपए के कर्ज से लाद चुकी प्रदेश सरकार अपनी तमाम योजनाओं की मिट्टी-पलीद कर चुकी है। कोरोना के मोर्चे पर निकम्मेपन का परिचय दे चुकी है। क्वारेंटाइन सेंटर्स और अब कोविड अस्पताल तक अस्वाभाविक मौत के केंद्र बनते जा रहे हैं। कोरोना की जाँच रिपोर्ट संबंधित संदिग्ध मरीज की मौत के बाद भी नहीं मिल रही है। कोरोना से मृत मरीजों का तीन-चार दिनों तक अंतिम संस्कार तक नहीं किया जा सक रहा है। शिवरतन ने कहा कि अपने नाकारापन को ढँकने और प्रदेश के सामने अपने छलावों के पदार्फाश से बचने के लिए ही प्रदेश सरकार सिर्फ चार दिनों का विधानसभा सत्र बुलाकर अपनी जिम्मेदारी से मुँह चुराने में लगी है।

 

 

12-08-2020
छत्तीसगढ़ के लिए एक राजनीतिक आपदा की तरह है कांग्रेस सरकार : विष्णुदेव साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को हर मोर्चे पर बुरी तरह विफल बताया है। साय ने कहा कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के लिए एक राजनीतिक आपदा से जरा भी कम नहीं है। कर्ज के बोझ से प्रदेश दबा जा रहा है, कानून-व्यवस्था सरेआम दम तोड़ रही है, कोरोना का संक्रमण विस्फोटक हो चला है और लोग अब क्वारेंटाइन सेंटर्स ही नहीं, इलाज के दौरान कोविड अस्पतालों में आत्महत्या करने के लिए विवश हो रहे हैं और शराब के गोरखधंधे में भी गबन होना प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। इन सबके बावजूद, राज्य सरकार और कांग्रेस को अपनी विफलताओं पर जरा भी कोफ़्त नहीं होना बेहद शर्मनाक है।


साय ने कहा कि कर्ज पर कर्ज लेकर प्रदेश सरकार राज्य को कंगाली की अंधी सुरंग में धकेल रही है। 18 महीनों में ही रिकॉर्ड तोड़ कर्ज लेकर राज्य सरकार ने यहाँ के अर्थतंत्र को पस्त कर दिया है। कर्ज लेकर राज्य सरकार जिन योजनाओं को लागू करने का ढोंग रच रही है, वे योजनाएँ भी इक साल में ही दम तोड़ रही हैं। किसानों के पिछले खरीफ सत्र के धान-मूल्य की अंतर राशि की दूसरी किश्त देने तक के लिए सरकार के खजाने में पैसे नहीं हैं, जब अंतर राशि के भुगतान के लिए कर्ज लिया ही तो सरकार अब किसानों की शेष अंतर राशि का किश्तों के बजाय एकमुश्त भुगतान करे। दूसरी तरफ चालू खरीफ सत्र की धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया सरकार शुरू करने जा रही है। पिछला भुगतान नहीं कर पाने वाली सरकार अगली खरीदी के लिए राशि कहाँ से जुटा पाएगी, यह भी साफ नहीं है। साय ने कटाक्ष किया कि दम तोड़तीं नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी, गौठान, रोका-छेका, गौ-धन न्याय योजना, लाउड स्पीकर से पढ़ाई जैसी तमाम योजनाओं के लिए तो सरकार के पास न तो फंडिंग का स्रोत दिख रहा है, न ही सरकार इन योजनाओं के लिए आर्थिक प्रावधान को लेकर गंभीर नजर आ रही है।

 

12-08-2020
अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव: भारतीय मूल की कमला हैरिस को बनाया गया उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बाइडेन ने भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार (अपना रनिंग मेट) चुना है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई अश्वेत महिला देश की किसी बड़ी पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनी हैं। यदि हैरिस उपराष्ट्रपति बन जाती हैं, तो वह इस पद पर काबिज होने वाली अमेरिका की पहली महिला होंगी और देश की पहली भारतीय-अमेरिकी और अफ्रीकी उपराष्ट्रपति होंगी।हैरिस के पिता अफ्रीकी और मां भारतीय हैं। वह अमेरिका के कैलिफोर्निया की सीनेटर हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा हैरिस को अकसर पथप्रदर्शक बताते हैं। बाइडेन ने एक लिखित संदेश में इसकी घोषणा कर कई दिनों से जारी अटकलों का समाप्त किया। उन्होंने ‘डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन’ से पहले यह घोषणा की है, जिसमें तीन नवम्बर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए बाइडेन को औपचारिक तौर पर नामित किया जाएगा। बाइडेन ने संदेश में कहा,‘बाइडेन यानी मैंने कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है।

आपके साथ मिलकर हम ट्रम्प (अमेरिका के राष्ट्रपति) को मात देंगे। टीम में उनका स्वागत कीजिए।’ बाइडेन ने कहा कि देश को वापस पटरी पर लाने में वह सर्वश्रेष्ठ साझीदार होंगी। बाइडेन के चुनाव प्रचार अभियान ने कहा,‘जो बाइडेन देश को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्र को फिर से एकजुट करने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। बाइडेन को उप राष्ट्रपति पद की अहमियत के बारे में अच्छी तरह से पता है और उन्हें विश्वास है कि देश को पटरी पर वापस लाने में कमला हैरिस सर्वश्रेष्ठ साझीदार होंगी।’इससे पहले, बाइडेन ने हैरिस के परिवार को कैलिफोर्निया से लाने के लिए एक विशेष विमान भी भेजा था। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बाइडेन के इस फैसले पर हैरानी जतायी है। अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समूहों ने बाइडेन द्वारा भारतीय मूल की सीनेटर को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाए जाने की सराहना करते हुए कहा है कि यह अमेरिका में पूरे समुदाय के लिए गर्व और उत्सव का क्षण है। 

12-08-2020
एनआर नारायणमूर्ति के एक बयान का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशान

नई दिल्ली। देश के आर्थिक हालातों को लेकर लंबे समय से मोदी सरकार पर हमलावर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज एक बार फिर निशाना साधा है।दरअसल एनआर नारायणमूर्ति ने आशंका जताई की कोरोना वायरस के चलते इस वित्त वर्ष में देश की आर्थिक गति आजादी के बाद सबसे खराब स्थिति में होगी। जिसे लेकर राहुल ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है।राहुल गांधी ने बुधवार को अपने ट्वीट के साथ एक खबर शेयर की है, जिसमें इन्फोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति के हवाले से दावा किया गया है कि जीडीपी ग्रोथ 1947 से भी नीचे जा सकती है।

राहुल गांधी ने एनआर नारायणमूर्ति के एक बयान का हवाला देते हुए भाजपा के नारे ‘मोदी है तो मुमकिन है’ को दोहराया है। एनआर नारायणमूर्ति ने आशंका जताई की कोरोना वायरस के चलते इस वित्त वर्ष में देश की आर्थिक गति आजादी के बाद सबसे खराब स्थिति में होगी। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को जल्द से जल्द पटरी पर लाया जाना चाहिये, उन्होंने आशंका जताई कि इस बार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में स्वतंत्रता के बाद के सबसे बड़ी गिरावट दिख सकती है।

12-08-2020
भगवान राम के ननिहाल में पंद्रह सालों से संघ समर्थित रमन सरकार के समय कौशल्या मंदिर में तालाबंदी क्यों था?

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव विकास तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ डॉ. मोहन भागवत के आगामी दो दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्य के दौरे के पूर्व गंभीर प्रश्न उठाते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत से सवाल पूछते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का ननिहाल है और उनकी माता कौशल्या का मायका है। वहां से अयोध्या में राम मंदिर की भूमि पूजन में धर्माचार्यों को नहीं बुलाना जिसमें सतनामी के संस्थापक गुरु घासीदास बाबा के वंशज, दामाखेड़ा के कबीर साहेब के वंशज एवं वह आदिवासी समाज जो वनवास के समय भगवान राम के साथ थे और उनकी वन में मदद भी की थी और इकबाल अंसारी एवं फैज खान को बुलावा सहित प्रथम निमंत्रण भेजा था इस क्रोनोलॉजी को छत्तीसगढ़ राज्य की जनता संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत से समझना चाहती है और उनसे जानना चाहती है कि राम मंदिर के भूमि पूजन के पवित्र कार्य में माता कौशल्या के मायके को प्रतिनिधित्व प्रथम स्थान पर क्यों नहीं दिया? कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से प्रश्न करते हुए कहा है कि संघ प्रमुख लगातार छत्तीसगढ़ राज्य का दौरा करते रहे हैं लगातार आते रहे हैं परंतु कभी भी एक शब्द मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की माता कौशल्या के जन्मभूमि के मंदिर की दुर्दशा पर कोई भी बयान नहीं दिए।

कौशल्या माता का मंदिर राजधानी रायपुर के समीप चंदखुरी ग्राम में है जहां पर लगभग सालों-साल से माता के मंदिर के गर्भ गृह में ताला लगा कर रखा गया था और कौशल्या माता के भक्तों को मंदिर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी, यह जानकारी संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित संघ के आला नेताओं को थी। बावजूद अयोध्या के राम मंदिर पर बड़े-बड़े व्याख्यान संगोष्ठी और कार्यक्रम आयोजित करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं की चुप्पी भगवान राम की माता के जन्मभूमि में उन सालों में तालाबंदी था जिस समय संघ समर्थित पूर्ववर्ती भाजपा की रमन सरकार थी उनका कार्यकाल था इस विषय पर भी संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत से प्रदेश देश और समूचे विश्व के राम भक्त जवाब चाहते हैं कि माता के सालों साल कारावास पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद चुप्पी क्यों साध रखे थे?

 

 

12-08-2020
बेरोजगरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार से किए गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री को भाजयुमो के प्रदेशमंत्री ने भेजा आईना

रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से बेरोजगरी के मुद्दे पर मोदी सरकार पर रोजगार दो अभियान के तहत उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री अमित साहू ने भूपेश बघेल को आईना भेजा है। अमित ने कहा कि राज्य सरकार से 2500 बेरोजगरी भत्ता, 2018 से लंबित सब इंस्पेक्टर भर्ती, 2019 से लंबित चर्चित शिक्षक भर्ती 14580 पद का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार विभिन्न पद को तो नहीं भर पा रही और सवाल केंद्र सरकार से कर रही है। 

प्रदेश मंत्री साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी को वर्तमान में बेरोजगरी के मुद्दे पर बात करने का कोई अधिकार नहीं है जब तक भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार इस सभी बहुचर्चित लंबित भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण न कर ले। साथ ही सरकार की मंशा राज्य में लंबित भर्तियों को पूर्ण न करना उनके युवा विरोधी और विकास विरोधी मानसिकता को दर्शाती है। साहू ने आगे कहा कि सरकार अगर यह विलंबित भर्ती को जल्द पूर्ण नहीं करती तो भारतीय जनता युवा मोर्चा जल्द ही युवाओं के हक में आंदोलन करेगी और युवाओं को उनका हक दिलाने का पूर्ण प्रयास करेगी।

11-08-2020
गुढ़ियारी ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष ने दो वार्डों में बांटा मास्क, नियमों का पालन करने की अपील 

रायपुर। गुढ़ियारी ब्लॉक के पूर्व अध्यक्ष व रायपुर लोकसभा समन्वयक सोमेन चटर्जी ने मंगलवार को दो वार्डों में मास्क वितरण किया। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम,रायपुर जिला प्रशासन कोरोना महामारी से निपटने के लिए बहुत ही अच्छा कार्य कर रही हैं। इसकी वजह से आज छत्तीसगढ़ अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि रायपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर सुबह 6 बजे से, वीर शिवाजी वार्ड खमतराई और कन्हैयालाल बाजारी वार्ड गुढ़ियारी में मास्क बांटा गया। जगह -जगह सब्जी मार्केट,राशन दुकान,किराना दुकान,मटन दुकान पर जाकर मास्क वितरण के साथ सोशल डिस्टेंस बनाए रखने की अपील की गई। जन जागरण अभियान पैराडाइज मार्केट, खमतराई बाजार, शिवानंद नगर, श्रीनगर ,खमतराई ,संतोषी नगर, संयासी पारा,गुढ़ियारी इत्यादि जगह पर घूम घूम चलाया गया। इस दौरैन सोमेन चटर्जी के साथ नरेश बाफना,हितेंद्र साहू ,मनोज सारथी ,केशव साहू, जीवन लाल यादव ,रवि तिवारी ,अच्युतराव, रंजीत विश्वकर्मा सहित समस्त कार्यकर्ता उपस्थित थे।

11-08-2020
पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा आदिवासियों के शुभचिंतक नहीं थे : धनंजय ठाकुर

रायपुर। पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा के बयान पर कांग्रेस ने प्रतिकिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पूर्व रमन सरकार में वन मंत्री रहे महेश गागड़ा आदिवासियों के शुभचिंतक कभी नहीं थे। आरएसएस भाजपा ने महेश गागड़ा का इस्तेमाल भोले भाले आदिवासियों के वोट बटोरने के लिए किया। रमन सरकार ने आदिवासी वर्ग को मिले कानूनी अधिकार का हनन किया। उनके जल, जंगल और जमीन पर कब्जा करने की बदनीयती से आदिवासी वर्ग पर अत्याचार किया। आदिवासी वर्ग की शिक्षा दीक्षा, रोजगार, सुरक्षा, स्वास्थ बेहतर भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। उस दौरान विष्णुदेव साय, महेश गागड़ा, केदार कश्यप, रामविचार नेताम ने, रमन सरकार के आदिवासी विरोधी कृत्यों का विरोध नहीं किया।  


धनंजय ने पूर्व मंत्री महेश गागड़ा से पूछा है कि,जब रमन सरकार में निर्दोश आदिवासियों को जेल में बंद किया गया, तब मौन क्यो थे? पांचवी अनुसूची क्षेत्रों को मिले कानूनी अधिकारों को दरकिनार कर ग्रामसभा के अनुमोदन के बिना हजारों आदिवासी से जमीन छीनी गई, तब विरोध क्यों नहीं किया? नक्सली बताकर आदिवासियों के मासूम बच्चों को मुठभेड़ में मार दिया गया, तब महेश गागड़ा ने विरोध क्यों नहीं किया?झलियामारी बालिका गृह में हुई बलात्कार की घटना, मीना खलखो, पेद्दागुलूर, सारकेगुड़ा की घटनाओं पर मौन क्यों थे? बस्तर क्षेत्र के युवाओं को सरकारी नौकरी से वंचित रखा गया, आउटसोर्सिंग से भर्ती कर उनके हक अधिकार को बेचा गया, तब गागड़ा मौन क्यों थे। रमन सरकार के दौरान तेंदूपत्ता संग्राहकों की लाभांश में हेराफेरी की गई,चरणपादुका खरीदने में भ्रष्टाचार किया गया, तब मौन क्यो थे? 5 लाख वनाधिकार पट्टा निरस्त किया गया था, तब कहा थे?

 

 

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