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01-10-2020
भूपेश बघेल ने कृषि विधेयक के विरोध में सांसदों और विधायकों से की चर्चा,राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग से पार्टी विधायक दल की बैठक में सर्वप्रथम हाथरस जा रहे सांसद राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की तीव्र निंदा की। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में केन्द्र सरकार की ओर से पारित कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक सहित औद्योगिक संबंध संहिता 2020 विधेयक के विरोध के संबंध में पार्टी ने सांसदों और सभी विधायकों के साथ चर्चा की गई। चर्चा में सभी मंत्रियों सहित विधायकों ने राज्य में एकमत से उक्त विधेयक का पूरजोर विरोध करने का निर्णय लिया। साथ ही आवश्यक हुआ तो शीतकालीन सत्र के पहले छत्तीसगढ़ में विशेष सत्र बुलाकर विधेयक में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जाने पर भी विचार किया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विधायक दल की बैठक में मंत्रियों व विधायकों ने विचार रखें। बैठक में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया,सांसद दीपक बैज और सांसद केटीएस तुलसी सहित कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने भाग लिया। 
कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि उक्त विधेयकों से किसान बड़े पूंजीपतियों और कॉपोर्रेट घराने के गुलाम हो जाएंगे। वे अपनी उपज को अपनी मर्जी के अनुसार बिक्री नहीं कर पाएंगे। इन विधेयकों से मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने इन विधेयकों को प्रदेश में किसान, मेहनतकश लोगों के हित के विरूद्ध बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की यह नीति गरीब किसान तथा मेहनतकश लोगों के हित में अव्यावहारिक है। यह व्यापारियों के हित में है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके तहत अब अनाज, दलहन-तिलहन तथा प्याज-आलू जैसे सामग्रियों को आवश्यक वस्तु की श्रेणी से हटाया जा रहा है। इससे जमाखोरी और मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा और आम आदमी तथा उपभोक्ताओं को सही दाम पर अब ये सामग्री उपलब्ध नहीं होंगे। इस तरह उक्त विधेयकों से आम आदमी को नही बल्कि बड़े पूंजीपतियों को ही लाभ मिलेगा। इसके तहत पूरे देश के बाजार को खुला कर रहे हैं।
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने औद्योगिक संबंध संहिता 2020 विधेयक के बारे में जानकारी देते हुए इसे श्रमिकों के हित में नहीं होना बताया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि ये विधेयक किसान, गरीब, मजदूर लोगों को लाभ पहुंचाने वाले नहीं, बल्कि इससे कापोर्रेट घराने को अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए मदद मिलने वाली है। ऐसा कानून लागू करने वाले कई देशों में इसके दुष्परिणाम दिखाई देने लगे हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन विधेयक के जरिए अनाज तथा दलहन-तिलहन जैसे आवश्यक वस्तुओं को हटा दिया गया है। इससे कालाबाजारी तथा मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा और आम आदमी को काफी नुकसान होगा। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में किसान सहित हर वर्ग के लोगों की उन्नति के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में विगत सितंबर माह की तुलना में चालू वर्ष के सितंबर माह में राज्य में जीएसटी में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विधायक धनेन्द्र साहू, विधायक सत्यनारायण शर्मा आदि ने चर्चा में भाग लिया और सभी ने एकमत से विरोध करने के लिए अपनी सहमति दी। 

मोहन मरकाम ने विरोध प्रदर्शन की दी विस्तार से जानकारी 
 
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने प्रदेश में एआईसीसी के निर्देशानुसार उक्त विधेयकों के विरोध में प्रदेश में धरना-प्रदर्शन तथा सम्मेलन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर से धरना-प्रदर्शन तथा हस्ताक्षर अभियान शुरू होंगे। इसके तहत प्रदेश में 20 लाख लोगों का हस्ताक्षर होगा। इसी तरह 10 अक्टूबर को राजीव भवन में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यहां से हर ब्लॉक स्तर पर किसानों से जुड़कर अभियान को सफल बनाया जाएगा। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा और रूचिर गर्ग उपस्थित थे। 

उत्तर प्रदेश के घटनाक्रम पर कांग्रेस विधायक दल का निंदा प्रस्ताव  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायक दल की बैठक में निंदा प्रस्ताव रखा। हाथरस में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने जिस तरह से रोका और जिस तरह से दुर्व्यवहार किया, उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ विधायक दल ने एक निंदा प्रस्ताव पारित किया है। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही अत्याचार अनाचार और महिला उत्पीड़न की घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए विधायक दल ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का अलोकतांत्रिक रवैया निंदनीय व अस्वीकार्य है।

01-10-2020
धरमलाल कौशिक और अमर अग्रवाल जाएंगे मरवाही, कार्यकर्ताओं से करेंगे मुलाकात

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और मरवाही चुनाव प्रभारी व पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल मरवाही का संयुक्त दौरा करेंगे।  कौशिक और अग्रवाल कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक दो अक्टूबर की सुबह 9 बजे बिलासपुर से मरवाही के लिए रवाना होंगे। वे वहां कार्यकर्ताओं से चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे।

 

01-10-2020
हाथरस की घटना के विरोध में शहर कांग्रेस ने निकाला कैंडल मार्च,टाउन हॉल गांधी प्रतिमा के समक्ष रखा मौन

रायपुर। उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुइ दर्दनाक घटना के विरोध में शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला। शहर प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने कहा कि कार्यकर्ता घड़ी चौक से हाथों में कैंडल लेकर टाउन हॉल पहुंचे। यहां स्थित गांधी प्रतिमा के सामने कैंडल जलाया। हाथरस की बेटी की आत्मा की शांति के लिए सभी ने दो मिनट का मौन रखा। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि जिस प्रकार लड़की के शव का अमानवीय तरीके से हिन्दू रीति रिवाज के बिना ही अंतिम संस्कार किया गया, यह घोर निंदनीय है। यह कृत्य योगी सरकार के हिन्दुत्व चेहरे को बेनकाब करता है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे ने इस घटना की निंदा की और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय देने की मांग की।

कैंडल मार्च में महापौर एजाज ढेबर, शकुन डहरिया, पंकज शर्मा, उधोराम वर्मा, पंकज मिश्रा, आशा चौहान, सारिक रईस खान, सन्नी अग्रवाल, सद्दाम सोलंकी, विकास बजाज, मेहमूद अली, दिलीप सिंह चौहान, ब्लाक अध्यक्ष प्रशांत ठेंगडी,नवीन चंद्राकर, दाउलाल साहू, कामरान अंसारी, देवकुमार साहू, जी.श्रीनिवास, शब्बीर खान, सोमेन चटर्जी,पार्षद उत्तम साहू, मणीराम साहू, आकाशदीप शर्मा, सुनील भुवाल, माधव साहू, सुंदर जोगी, ममता राय, गंगाबाई यादव, सायरा खान,कल्पना सागर, अविनय दुबे, मुन्ना मिश्रा, कमल धृतलहरे, कमलेश नत्थानी, राजू नायक, कीमत दीप, राकेश नंगाडे, दिवाकर साहू, पंकज सिंह, विष्णु साहू, बाबा मसीह, नवीन केशरवानी, इकलाक कुरैशी, भीम यादव, अभिजित त्रिपाठी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

01-10-2020
राहुल गांधी के साथ हुई धक्का मुक्की से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूंका यूपी के सीएम का पुतला

जांजगीर चाम्पा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा धक्का मुक्की के विरोध में जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.चौलेश्वर चंद्राकर के नेतृत्व में यूपी के मुख्यमंत्री का बाराद्वार चौक में पुतला दहन किया गया। डॉ.चौलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि आज जिस प्रकार से  उत्तरप्रदेश सरकार के पुलिस प्रशासन के द्वारा राहुल,प्रियंका गांधी के साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ऊपर लाठी चार्ज किया गया है उसका तीव्र विरोध कर निंदा करते हैं।  हाथरस की पीड़िता को श्रद्धांजलि अर्पित कर कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी गई। चौलेश्वर चन्द्राकर के साथ रामकुमार शास्त्री,एल्डरमेन नरेश राठौर,तिलेश्वर चन्द्रा,रूपनारायण साहू, भुनेश्वर श्रीवास,संतोष श्रीवास,पुरषोत्तम चन्द्रा,महावीर राठौर,अजित महन्त,राज विवेक,मनोज,भरतलाल साहू आदि शामिल थे।

 

01-10-2020
सांसद सुनील सोनी ने कहा-मजदूरों को मिला तीन सुरक्षा कवच,श्रम कानून में सुधार क्रांतिकारी कदम  

रायपुर। सांसद सुनील सोनी ने प्रधानमंत्री और श्रममंत्री का आभार व्यक्त करते हुए श्रम कानून में किए गए सुधार को क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के हित में लोकसभा और नई दिल्ली में श्रम एवं रोजगार मंत्री से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ प्रदेश के संबंध में छत्तीसगढ़िया श्रमिकों के हितों में श्रम कानूनों में सुझाव और प्रस्ताव दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता हुआ कदम है। सांसद सोनी बताया कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान परिदृष्य को ध्यान में रखते हुए श्रम कानून संहिताओं में राष्ट्रव्यापी उद्योगों को,जिसमें निजी और सार्वजनिक उद्योग शामिल हैं। इस औद्योगिक संबंध संहिता,स्वास्थ्य सुरक्षा संहिता और मजदूरी संहिता में केन्द्रीय क्षेत्राधिकारिता में रखे जाने की मांग की गई थी। इसका मुख्य उद्देष्य राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिकों को मिलने वाले लाभों और श्रम कानूनों के अनुपालन में एकरूपता व श्रम कानून संहिताओं के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के लाभ पूरे देश में श्रमिकों को समान रूप से मिल सके और मजदूर वर्ग भी आत्मनिर्भर बनें।

सांसद सोनी ने कहा कि आजादी के 70 वर्षों के बाद आज देश के किसान साथियों के साथ मजदूर भाईयों को भी न्याय मिला है। इन श्रम कानूनों में सुधार किए जाने से मजदूरों को सुरक्षा कवच के रूप में वेतन सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त हुई है। इसमें 50 से अधिक नए प्रावधान किए गए हैं। इससे प्रत्येक मजदूर को न्यूनतम वेतन प्राप्त होगा और समय पर प्राप्त होगा। पुरूष और महिलाओं को समान वेतन मिलेगा। समस्त मजदूरों को नियुक्ति पत्र मिलेगा। समस्त मजदूरों का प्रतिवर्ष मुफ्त मेडिकल चेकअ‍ॅप होगा। नौकरी छोड़ने पर राज्य बीमा निगम और क्षेत्रीय भविष्य निधि के सदस्यों को तीन माह का आधा वेतन प्राप्त होगा। नौकरी से निकाले जाने पर 15 दिन का वेतन दिया जाएगा। प्रवासी मजदूरों को साल में एक बार प्रवास भत्ता दिया जाएगा। प्रवासी जहां कार्य कर रहे हैं, उन्हें वही राशन मिलेगा। निर्माण मजदूरों के सदस्यों को देश में कहीं भी कार्यरत हों, बीओसी निधि से लाभ प्राप्त होगा। ईएसआईसी के सभी दवाखानों में मुफ्त इलाज किया जाएगा और तो और न्यायालय की ओर से अधिकतम 1 वर्ष के भीतर न्याय प्राप्त होगा।

 

01-10-2020
Video: हाथरस की घटना के विरोध में एनएसयूआई ने योगी सरकार का किया अंतिम संस्कार,इस्तीफे की मांग

रायपुर। एनएसयूआई ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ में उत्तरप्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी रायपुर में प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में योगी सरकार का अंतिम संस्कार कर विरोध जताया गया। उत्तरप्रदेश के हाथरस में दलित लड़की के साथ हुई घटना के विरोध में एनएसयूआई ने यह प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि उत्तरप्रदेश के हाथरस में हुई इस घटना के लिए पूरा देश आक्रोशित है। आज एनएसयूआई ने भी पूरे प्रदेश में योगी सरकार का अंतिम संस्कार कर विरोध दर्ज किया। आकाश शर्मा ने मांग की है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तत्काल इस्तीफा दें। घटना की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों को सजा मिले। बहन को न्याय मिले,यह मांग योगी सरकार और केंद्र सरकार से है।
राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला, कोमल अग्रवाल, जिला अध्यक्ष अमित शर्मा,प्रदेश सचिव हनी बग्गा, अरुणेश मिश्रा, हेमंत पाल, शान मोहम्मद, संचार विभाग प्रमुख तुषार गुहा, प्रवक्ता सौरव सोनकर, जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष कृष्णा सोनकर, विनोद कश्यप, प्रदेश सह सचिव अतुल दुबे, महासचिव राहुल चंद्राकर, संकल्प मिश्रा अजय साहू , जिला सचिव विशाल दुबे, शुभम दुबे, मेहताब हुसैन, विधानसभा अध्यक्ष विकास राजपूत, केशव सिन्हा, मोनू तिवारी, भाविक पंड्या, इंद्रजीत, इला कुरैशी, विशाल मानिकपुरी, रवि ठाकुर,आदित्य निर्मलकर सहित अन्य उपस्थित थे।

 

01-10-2020
मोहन मरकाम ने कहा-हाथरस की बेटी यूपी सरकार की उपेक्षा का शिकार हुई,मुख्यमंत्री इस्तीफा दें

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि हैवानियत के 15 दिन बाद यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आया और उन्होंने एसआईटी का गठन कर दिया। क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री के फोन का इंतजार था? उस बेटी को भाजपा की सरकार ढंग का इलाज तक नहीं दे पाई। क्या मुख्यमंत्री इसके लिए भी प्रधानमंत्री के फोन का इंतजार कर रहे थे? उत्तर प्रदेश की सरकार पर इंसानियत के कत्ल का इल्जाम है।मरकाम ने कहा है कि बृज क्षेत्र, धर्म क्षेत्र में हाथरस में अंतिम संस्कार के धर्म से परिवार को दूर रख भाजपा की सरकार ने अक्षम्य अपराध किया है। एक अनुसूचित जाति की बालिका दरिंदगी के साथ-साथ भाजपा की यूपी सरकार की उपेक्षा का शिकार हुई है। कल दिन भर हाथरस की बेटी के परिवार के साथ सफदरजंग अस्पताल में सभी मृत शरीर की मांग करते रहे, लेकिन मृत शरीर नहीं दिया गया और प्रशासन ने सरकार के इशारे पर जबरन परिवार की गैर मौजदूगी में जिस तरह अंतिम संस्कार किया, उसने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी है।

दरअसल हाथरस की अनुसूचित जाति की बालिका के साथ हुई दरिंदगी के आरोपियों को बचाने के लिए पोर्स्टमार्टम रिपोर्ट में गड़बड़ियों की सूचनाएं भी मिल रही है। क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट में की गई गड़बड़ियों को छिपाने के लिए मृतका के शव को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जलाया गया ?मरकाम ने कहा है कि अब उत्तर प्रदेश की भाजपा की सरकार के मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बिना बेटी को न्याय नहीं मिल सकता। बिना परिवार की सहमति के शव को जबरन जला दिया, तथ्यों को दबा दिया गया, परिवार से अंतिम संस्कार का अधिकार तक छीन लिया, ये कैसी क्रूर सरकार है? हाथरस की बेटी के पिता को जबरदस्ती ले जाया गया। सीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग कराने के नाम पर उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशासन की ओर से दबाव डाला। मृतका के पिता और परिवार जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। किसी से बात करने तक की मनाही है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? अन्याय पर अन्याय हो रहा है। हाथरस की कलंकित घटना में अत्याचार की इंतिहा हो गयी है। हाथरस जैसी वीभत्स घटना बलरामपुर में घटी। लड़की का बलात्कार कर पैर और कमर तोड़ दी गई। आजमगढ़, बागपत, बुलंद शहर में बच्चियों से दरिंदगी हुई।

 

01-10-2020
प्रियंका गांधी ने कहा, मेरी भी 18 साल की बेटी है, ऐसी घटनाओं को सुनने के बाद गुस्सा चढ़ता है

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में बेटियों से बलात्कार की घटनाओं के प्रति सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो हुआ वह अन्याय है और जो सरकार ने किया, वह उससे भी बड़ा अन्याय है। प्रियंका ने ये बातें दिल्ली से हाथरस जाने के दौरान ग्रेटर नोएडा के पास रोके जाने के बाद कही। उन्होंने कहा कि उनकी भी बेटी है, इसलिए एक मां के नाते उन्हें ऐसी घटनाओं से बहुत गुस्सा आता है।आखिर इतना गुस्सा क्यों है? इस सवाल पर प्रियंका ने कहा, 'मेरी 18 साल की बेटी है। मैं महिला हूं। गुस्सा चढ़ता है। आपकी बेटी होती... आप धर्म के रखवाले कहते हैं अपने आप को। कहते हैं हम हिंदू धर्म के रखवाले हैं। हमारे धर्म में कहा लिखा है कि एक पिता को अपनी बेटी की चिता को जलाने से रोक सकते हैं।'कांग्रेस नेता हाथरस में हैवानियत की शिकार हुई युवती का शव रातोंरात गुपचुप तरीके से जला देने का हवाला दे रही थीं।

उन्होंने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार और वहीं के पुलिस-प्रशासन के इस रवैये की कड़ी निंदा की। प्रिंयका ने कहा, 'जो घटना हुई, वह अन्याय है। जो सरकार ने किया वह बहुत बड़ा अन्याय है।'प्रियंका गांधी अपने भाई और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ दिल्ली से हाथरस पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए निकले थे, लेकिन उनके काफिले को ग्रेटर नोएडा में परी चौक के पास रोक लिया गया। वहां प्रशासन के साथ थोड़ी देर मशक्कत करने के बाद प्रिंयका और राहुल कार से उतर गए और पैदल ही हाथरस की ओर बढ़ गए। परी चौक से हाथरस की दूरी करीब 150 किमी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रियंका गांधी और राहुल गांधी इतनी लंबी दूरी तय कर हाथरस कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगी?

 

 

01-10-2020
चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में अमित जोगी ने कहा-कलेक्टर, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की तरह काम कर रहे

रायपुर। मरवाही उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में जमकर हंगामा हुआ। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने मरवाही कलेक्टर को हटाने की मांग की है। इस पर कांग्रेस और जेसीसीजे के बीच विवाद हो गया। अमित जोगी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि कलेक्टर, कांग्रेस जिला अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस ने कलेक्टर के कामकाज को अच्छा बताया है।

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