GLIBS

20-10-2020
अरबी यानी कोचई को कुछ लोग इस्तेमाल करते हैं फलाहार में, पौष्टिक तत्वों से भरपूर सेहत ले लिए फायदेमंद है कोचई

रायपुर। अरबी जिसे छत्तीसगढ़ में कोचई के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि के व्रत में कई लोग खाने में अरबी का इस्तेमाल करते हैं। अरबी की फलाहारी डिश व्रत के समय खाना लाभदायक हो सकता है। अरबी फायदेमंद होती है क्योंकि इससे कई प्रकार के पौष्टिक तत्व और फाइबर भरपूर मात्रा में मिलते हैं।

विधि :
पहले अरबी को कूकर में एक सीटी देकर ऊबाल लें और छीलकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
अब अरबी को हथेलियों से दबाकर थोड़ा चपटा कर लें और उसपर आमचूर, अज्वाइन, मिर्च,  सेंधा नमक छिड़ककर मिलाएं। इसे डीप फ्राइ करें जब तक अरबी गोल्डन ब्राउन कलर की न हो जाएं। फिर निकालकर टिशू पर रख लें और गमर्गगर्म परोसें।

19-10-2020
नाम सुनते ही नाक भौ मत सिकोड़िए, कॉपर मैग्नीशियम पोटेशियम फाइबर व विटामिन्स से भरपूर है कद्दू

रायपुर। औषधीय गुणों के कारण कद्दू को सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है। विटामिन्स, फाइबर, फोलेट, पोटेशियम, कॉपर और मैग्नीशियम के गुणों से भरपूर कद्दू की सब्जी सेहत की कई प्रॉब्लम को दूर करने में मददगार होती है। ये आयरन, ज़िंक, पोटैशियम और मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत है। इसमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है, जिससे पेट हमेशा साफ़ रहता है।  कद्दू के फायदे वजन कम करने, कैंसर की रोकथाम करने, इम्‍यूनिटी बढ़ाने, त्‍वचा को स्‍वस्‍थ रखने, कॉलेस्‍ट्रॉल को कम करने और अनिद्रा जैसी समस्‍याओं का इलाज करने में प्रभावी होते हैं।

कद्दू खाने के फायदे :
- मजबूत इम्यून सिस्टम
कद्दू में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पर्याप्त मात्रा में होते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और आप कई बीमारियों से बचे रहते हैं।

- वजन घटाने में मददगार
इसमें कैलोरी कम और फाइबर की मात्रा अधिक होती है इसलिए इसे खाने से बार-बार भूख नहीं लगती। इससे पेट भरा रहता है और आप ओवरइटिंग नहीं करते, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

-खूबसूरत त्वचा
कद्दू में विटामिन ए, विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन जैसे तत्व होते हैं, जोकि प्राकृतिक रूप से त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए मदद करते हैं। कद्दू खाने ही नहीं बल्कि इसका पैक बनाकर लगाने से भी खूबसूरती भी बढ़ती है।

- दिल को रखे स्वस्थ
इसका सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल सही रहता है, जिसस दिल स्वस्थ रहता है। अगर आप दिल के मरीज भी है तो भी इसका सेवन आपके लिए फायदेमंद है।

- गले के लिए फायदेमंद
इस मौसम में सर्दी-खांसी, जुकाम और गले में खराश की समस्या आम देखने को मिलती है। ऐसे में गर्मा-गर्म कद्दू की सब्जी या इसका सूप पीने से इन सभी परेशानियों से राहत मिलेगी।

-पेट को रखें दरूस्त
कद्दू में डाइटरी फाइबर भरपूर मात्रा में होता है इसलिए इसका सेवन करने से पेट से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती है। साथ ही इससे एसिडिटी और पेट की जलन से भी राहत मिलती है।

- डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद
कद्दू में विटामिन सी पर्याप्‍त मात्रा में होता है। इससे शरीर में इंसुलिन की मात्रा कंट्रोल में रहती है और बढ़ी हुई शुगर की मात्रा भी कम हो जाती है। डायबिटीज रोगियों को हफ्ते में कम से कम 2 बार कद्दू का सेवन करना चाहिए।

-आंखों की रोशनी होती है तेज
विटामिन ए से भरपूर होने के कारण कद्दू की सब्जी का सेवन आंखों के लिए फायदेमंद होता है। एक कप कद्दू का रोजाना सेवन करने से आंखों की रोशनी तेज होती है।

19-10-2020
बेशकीमती इम्पोर्टेड क्रीम की जरूरत ही नहीं पड़ेगी अगर आप रात भर चेहरे पर कच्चा दूध लगाते हैं तो, ट्राई तो कीजिए

रायपुर। कच्चा दूध स्किन के लिए बहुत फायदेमंद है। यदि आप दूध को रातभर के लिए चेहरे पर लगाए रखती हैं, तो यकीन मानिए कि आपको किसी महंगी क्रीम या लोशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। कच्चे दूध में लैक्टिक एसिड होता है। दूध में मौजूद यह तत्व आपकी त्वचा पर मौजूद डेड स्‍किन को एक्सफोलिएट करने में मदद करता है। रात में कच्‍चा दूध लगाकर सोने से सुबह स्‍किन काफी साफ दिखाई देती है। कच्चे दूध में प्रोटीन ,कैल्शियम आदि कई ऐसे गुणकारी तत्व होते हैं जो चेहरे को सुन्दर बनाते हैं।

स्किन पर कच्चा दूध लगाने के फायदे : -
-कच्चा दूध है स्किन टोनर
-कच्चे दूध के फायदे हैं मॉइस्चराइजिंग के लिए
-कचा दूध है फेस क्लींजर
-कच्चे दूध के लाभ करें टैन को दूर
-कच्चे दूध का उपयोग करें फेयरनेस स्किन के लिए
-कच्चे दूध के गुण हैं मुहांसों का इलाज
-कच्चे दूध लगाने के फायदे रोकें बढ़ती उम्र को

19-10-2020
उपवास की फेवरेट डिश सिंघाड़े का हलवा, विटामिन ए,सी और प्रोटीन से युक्त ,नवरात्रि में आप भी ट्राई कीजिए

रायपुर। सिंघाड़े के आटे का हलवा में सिंघाड़े में विटामिन ए, विटामिन सी और प्रोटीन तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ज्यादातर लोग इस हलवे को व्रत के दौरान खाते हैं। सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाना बहुत आसान है। अगर आप भी नवरात्र व्रत हैं तो आपको सिंघाडे का हलवा जरूर पसंद आएगा।

सिंघाड़े के आटे का हलवा बनाने की विधि :
हरी इलाइची का बाहरी छिलका निकल लें और दोनों को दरदरा कूट लें।
एक नॉन स्टिक कढाई में घी गर्म करें अब इसमें सिंघाड़े का आटा डालें और मध्यम आंच पर भूने।
सिंघाड़े के आटे को भूनने में लगभग 7-8 मिनट लगते हैं भून जाने पर यह आटा सुंगधित और सुनहरा हो जाता हैं।
अब इसमें डेढ़ चम्मच कटे बादाम डाले फोइर आधा मिनट और भून लें।
अब भुने सिंघाड़े के आटे में धीरे धीरे करके एक कप गर्म पानी डालें और धीमी आंच पर चलाते हुए पकाएं।
अब इसमें शक्कर और कुटी इलाइची डाले और हलवे के पाक जाने और कढाई के किनारा छोड़ने तक पकाएं।
इस तरह तैयार है सिंघाड़े के आटे का हलवा।
कटे हुए बादाम से गार्निशिंग करके सर्व कर सकती हैं।

18-10-2020
खराब जीवनशैली खानपान या भारी वजन उठाने से होता है साइटिका, जानिए उससे बचने के उपाय

रायपुर। अक्सर लोगो में साइटिका की समस्या देखने को मिलती है। साइटिका नसों में होने वाला ऐसा दर्द है जो कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर पैरों के नीचे तक जाता है। अधिक मेहनत करने या भारी वजन उठाने से यह समस्या होती है। खराब जीवनशैली व खानपान, उठने-बैठने के गलत मुद्रा से भी दर्द हो सकता है। साइटिका एक सनसनी है जो कि आपकी पीठ, नितंबों और पैरों में मध्यम से गंभीर दर्द के रूप में प्रकट हो सकती है।

साइटिका से बचाव :
खड़े होने, चलने और बैठने पर सही आसन बनाए रखें।
ऐसा व्यायाम करें जो एरोबिक फिटनेस और पेट व रीढ़ की हड्डी की मांसपेशियों में ताकत और लचीलापन बनाए रखता है।
कोई भी चीज सही तरीके से उठाने की तकनीक का अभ्यास करें। इसके लिए घुटनों को मोड़कर पीठ को सीधा रखें। ऐसा करने से, तनाव कूल्हे और पैरों पर आ जाता है, पीठ पर नहीं। उस वस्तु को शरीर के पास पकड़ कर रखें। शरीर से जितनी दूर वस्तु रहती है उतना अधिक तनाव पीठ पर पड़ता है।
जब बैठने के लिए कुर्सियों का उपयोग करें तो यह सुनिश्चित करें कि आपकी पीठ अच्छी तरह से टिकी हुई है। ऐसी कुर्सियों का उपयोग करें जो अच्छा बैक सपोर्ट प्रदान करती हैं और बैठने की एक अच्छी स्थिति प्रदान करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। एक लकड़ी का रोल या कॉन्टर्ड कुशन आपकी पीठ के निचले भाग को सपोर्ट प्रदान करने में मदद कर सकता है।
शरीर के वजन को एक स्वस्थ स्तर पर बनाए रखें।

18-10-2020
कामकाजी महिलाएं रासायनिक उत्पादनों से बचिए, घरेलू और प्राकृतिक फेस पैक का इस्तेमाल कर निखारे संवेदनशील त्वचा

रायपुर। त्वचा बहुत अधिक संवेदनशील होती है जो किसी भी रासायनिक उत्पाद के इस्तेमाल से खराब हो सकती है। बेहतर होगा कि आप ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करें जो नेचुरल हो। आज के दौर में ज्यादातर महिलाएं घर के बाहर काम करती हैं तो ऐसे में दिन के त्वचा के लिए वक्त निकलना संभव नहीं होता है। ये कुछ ऐसे फेस-पैक हैं जिन्हें रात में लगाया जा सकता है। इनके इस्तेमाल से आपकी त्वचा निखरी रहेगी।

1. ग्लिसरीन, लेमन और रोज वॉटर को एकसाथ मिला लें। इस मिश्रण को चेहरे और गले पर समान रूप से लगा लें। 10 मिनट तक इससे मसाज करें। लगभग 20 मिनट बाद इसे ठंडे पानी से धो लें।
2. अपने चेहरे को गुलाब जल से हल्का गीला कर लें। उसके बाद ओट मील से स्क्रब कर लें। चेहरा धोने के बाद खीरे की पतली कटी स्लाइसेस को पूरे चेहरे पर रगड़े।
3. मिल्क क्रीम और गुलाब जल को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। इससे पांच मिनट तक अपने चेहरे पर मसाज करें। पांच मिनट तक इसे यूं ही छोड़ दें और बाद में हल्के गुनगुने पानी से चेहरा साफ कर लें।
4. विटामिन ई की कुछ कैप्सूल्स को गुलाब जल के साथ मिला लें। इस मिश्रण से चेहरे पर करीब 10 से 15 मिनट तक मसाज करें।
5. अंडे के सफेद भाग को दही के साथ मिला ले। इस पेस्ट को चेहर पर लगा लें। 15 मिनट यूं ही लगा रहने दें और बाद में पानी से धो लें।

18-10-2020
व्रत के फलाहार के लिए सबकी पसन्द फटाफट तैयार होने वाला विटामिन कैल्शियन ऑयरन फास्फोरस से भरपूर आलू

रायपुर। नवरात्रि शुरू हो चुकी है। इन दिनों भक्त माता के लिए व्रत रखते हैं। ऐसे में अगर आप झटपट बनने वाली फलाहारी के लिए रेसिपी ढूंढ रहे हैं तो आपका रुख आलू की तरफ जरूर जाएगा। आलू मे विटामिन, बी, कैल्शियम, आयरन और फास्फोरस की मात्रा अधिक होती है आलू में बहुत से गुण होते हैं। 

ऐसे बनाए व्रत के लिए आलू :-
-आलू का छिलका उतारकर उसको टुकड़ों में काट लें। 
-अब हरी मिर्च को बारीक काट लें। 
-एक कड़ाही में घी गरम करिए, इसमें कटी हुई हरी मिर्चें डालकर कुछ सेकेंड्स के लिए भूनें। 
-अब आँच को धीमा कर दें और कटे हुए आलू डालें, सेंधा नमक डालकर अच्छे से मिलाएँ। 
-अब 2 -3 मिनट के लिए आलू को मध्यम आँच पर भूनें। 
-अब नीबू का रस डालें, आँच को बंद कर दे। 
-व्रत के आलू को बारीक कटी हुई हरी धनिया से सजाएँ। 
-आप व्रत के आलू को कूटू की पूड़ी या दही के साथ भी सर्व कर सकते हैं।

17-10-2020
ब्लड प्यूरीफायर का तो काम करता ही है साथ ही शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ता है गुणकारी चुकंदर

रायपुर। चुकंदर के फायदे बहुत है। चुकंदर में विटामिन-बी, विटामिन-सी, फॉस्फोरस, कैल्सियम, प्रोटीन और ऐंटिऑक्सीडेंट्स होते हैं। जो शरीर में ब्लड प्यूरिफिकेशन और ऑक्सीजन बढ़ाने का काम करते हैं। वह तरह-तरह के बीमारियों के लिए फायदेमंद है। चुकंदर में पाये जाने वाले पौष्टिक तत्वों के कारण सेहत को अनगिनत फायदे मिलते हैं। दरअसल यह पौष्टिक तो होता ही है, इसे खाने से शरीर में खून की कमी नहीं होती है।

चुकंदर खाने के फायदे :-
-चुकंदर का जूस हाइपरटेंशन और हृदय संबंधी समस्याओं से दूर रखता है। इसके नियमित सेवन करने से चिड़चिड़ापन दूर हो जाता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए यह बहुत गुणकारी होता है।
-चुकंदर का सेवन पेट के लिये अच्छा होता है इसलिए चुकंदर का उपयोग सलाद के रूप में खाने में करना चाहिए है। चुकंदर का सेवन आंतों की सफाई करने में मदद करता है क्योंकि चुकंदर में अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो की आंतों से गन्दगी बाहर निकालने में मदद करता है
-चुकंदर के अंदर विटामिंस और मिनरल्स होते हैं जो आपके स्किन की हेल्थ को बढ़ाते हैं। यह फ्री कॉलेजन प्रोडक्शन को बढ़ाता है और आपकी स्किन को नुकसानदेह किरणों से सुरक्षित रखता है।
-मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को कमर, पेड़ू दर्द एवं अन्य शारीरिक दुर्बलता जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। चुकंदर का नियमित प्रयोग करते रहने से मासिक धर्म के दौरान होने वाला कष्ट नहीं होता है। इस दौरान होने वाली सुस्ती भी दूर रहती है।

17-10-2020
माता को प्रसन्न करने के लिए भक्ति के साथ व्रत का भी महत्व और व्रत के लिए सबकी पसन्द होती है साबूदाने की खिचड़ी

रायपुर। नवरात्रि में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत करना पसंद करते हैं, लेकिन उपवास में फलाहार बहुत जरूरी होता है। साबुदाना खिचड़ी को नवरात्रि व्रत में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। इसमें स्टार्च और कार्बोहाइड की अच्छी मात्रा होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। साबूदाने की खिचड़ी बनाना बेहद आसान है। इसे आप आसानी से बना सकते हैं। 

ऐसे बनाए फलाहारी साबूदाने की खिचड़ी :
-साबूदाना को पानी से साफ करके पानी में एक घंटे के लिए भिगोकर रख दें। ध्यान रहे पानी साबूदाना से तीन सेंटीमिटर ऊपर होना चाहिए। छन्नी में छान लें।
-अब एक मोटे कपड़े पर एक घंटे के लिए फैलाकर छोड़ दें। साबूदाना से पानी पूरी तरह निकल जाना चाहिए, वरना बनाते समय साबूदाना चिपकने लगेगा।
-अब साबूदाना, मूंगफली, सेंधा नमक और मिर्च पाउडर को एक साथ मिलाएं। एक पैन में घी गर्म करें। उसमें जीरा, लाल मिर्च और कढ़ी पत्ते को तड़का लगाएं।
-जब मिर्च हल्के गाढ़े रंग की हो जाए, तो इसमें साबूदाना डालें। हल्की आंच पर पकाएं। थोड़ी देर पका लेने के बाद इसे आंच से उतार लें।
-ऊपर से नींबू का रस डालकर मिलाएं। गार्निशिंग के लिए हरा धनिया और हरी मिर्च का इस्तेमाल करें। सर्व करें।

17-10-2020
शारदीय नवरात्रि स्पेशल : ऐसे बनाएं खीरे का पकौड़ा, टेस्टी भी और सेहत के लिए फायदेमंद भी

रायपुर। शारदीय नवरात्रि आज से यानी शनिवार से शुरू हो चुकी है। नौ दिनों तक भक्त मां की पूजा करते हैं और घर में उनकी स्थापना भी करते हैं। इस दौरान कई भक्त नौ दिनों का व्रत रखते हैं। ऐसे में यदि आपको आलू खाना पसंद नहीं है तो आप खीरे के पकौड़े बनाकर फलाहार कर सकते हैं।  

सामग्री : सिंघाड़े का आटा- 1 कप, खीरा- 2, हरी मिर्च- 2, सेंधा नमक- स्‍वादानुसार, लाल मिर्च पाउडर- 1/2 छोटा चम्‍मच, धनिया पाउडर- 1/2 चम्‍मच, तेल- तलने के लिए।

बनाने का तरीका भी बेहद आसान है। खीरे का पकौड़ा बनाने के लिए सबसे पहले खीरे को कद्दूकस कर लें और इसे निचोड़ कर सारा पानी निकाल दें। क्योंकि सीधे इसे मिलाने से खीरा पानी छोड़ सकता है। इसके बाद एक बाउल में सिंघाड़े का आटा, सेंधा नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, बारीक कटी हुई हरी मिर्च और कद्दूकस किए खीरे को एक साथ मिलाएं और अब बैटक तैयार करके थोड़ा सा पानी मिलाएं। इसके बाद एक कड़ाही को गैस पर रखें और इसमें तेल डालकर गर्म होने दें। इसके बाद पकौड़े बनाने के लिए कड़ाही में बटर डालें। एक बार पलटें और अच्छी तरह से तलने के बाद टिश्यू पेपर पर निकालें। अब आपके पकौड़े तैयार है, आप इन्हें धनिया या पुदीने की चटनी के साथ बनाकर खाए। यह खीरे के पकौड़े आपको ही नहीं आपके बच्‍चों को भी बहुत पसंद आएंगे।

16-10-2020
रूखी त्वचा की समस्या से अधिकांश लोग होते हैं परेशान, स्वस्थ्य व निखरी त्वचा पाने के लिए घरेलू फेस पैक ज्यादा कारगर

रायपुर। त्वचा में रुखा पन आना बहुत से लोगों की समस्या होती है। रूखी त्वचा वाले लोगों को अपनी त्वचा की नमी बरकरार रखने के काफी ध्यान देना पड़ता है। रूखी त्वचा से निजात पाने के लिए लोग बाजार में उपलब्ध कई तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन स्वस्थ और निखरी त्वचा पाने के लिए घर के बने फेस पैक सबसे अच्छे रहते हैं।

रूखी त्वचा के लिए फेस मास्क :
- रूखी त्वचा को नमी की आवश्यकता होती है। इसके लिए आधा कप केला और पपीता, थोड़ी मात्रा में तरबूज और गाजर, गुलाब जल, ग्लीसरीन और आधा चम्मच मलाई को एकसाथ पीस लें। अब चेहरे को धोकर भाप लें और फलों से बनाए गए इस पैक को चेहरे पर लगाकर कुछ देर तक मसाज करें। इसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
- एक पका हुआ केला, दही और थोड़ा शहद लें, इसका अच्छे से पेस्ट बना लें। इसे चहरे पर लगाए और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से धोए। इसे लगाने से आपकी त्वचा में नमी आएगी।
- मक्खन का फेस पैक बनाने के लिए आपको इसमे आधा चम्मच गुलाबजल मिलाना है फिर इसे आप अच्छी तरह चेहरे और गर्दन पर लगाएं। वैसे आप चाहें तो इस मिश्रण को अपने हाथों और पैरों पर भी लगा सकती है 20 मिनट रखने के बाद इसे धोकर साफ कर लें। यह मिश्रण आपकी त्वचा को ग्लोइंग और मुलायम बनाता है।
-ड्राई स्किन को ठीक करने में हल्दी है बहुत ज्यादा लाभकारी। हल्दी, शहद, दही या जैतून के तेल को अच्छी तरह मिक्स कर ले। अब इस बने हुए फेस पैक को अपने चेहरे पे करीब 15-20 तक लगा कर रखें। जब यह अच्छी तरह सूख जाए तो नार्मल पानी से चेहरे को धो लें।
-रूखी व बेजान त्वचा के लिए ग्लिसरीन और गुलाबजल भी अच्छा मास्क है। इसके लिए ग्लिसरीन व गुलाबजल को बराबर मात्रा में मिला लें। रात को सोने से पहले इस मिश्रण को लगाएं और फिर सुबह ठंडे पानी से चेहरा साफ करें। इससे ना सिर्फ त्वचा में नमी बनी रहेगी बल्कि वो सॉफ्ट भी होगी।

16-10-2020
सर्वाइकल पेन सिर्फ बुजुर्गों के लिए ही नहीं बच्चों के लिए भी बड़ी समस्या, राहत पाने के लिए करिए ये उपाय

रायपुर। आजकल बुजुर्गों के साथ-साथ छोटे बच्चे भी प्रभावित हो रहे सर्वाइकल पेन यानि गर्दन का दर्द से। यह समस्या हड्डियों से जुड़ी है, जिसके होने पर कंधों, गर्दन आदि में गंभीर दर्द होता है, जिसे हम सर्वाइकल का दर्द कहते हैं। यह समस्या किसी को भी हो सकती है। आज के दौर में अनियमित दिनचर्या के कारण लगभग हर तीसरे व्यक्ति को सर्वाइकल की परेशानी सहनी पड़ती हैं। गर्दन से शुरू हुआ ये दर्द इग्नोर करते रहने से या दर्द की सामान्य दवाओं के सहारे टाल देने से धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। खराब लाइफस्टाइल में लोग ऑफिस या फिर घर पर ही कुर्सी में गलत ढंग से काफी समय तक बैठे रहना, झुककर काम करना आदि के कारण अधिकतर इस समस्यी का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो समझ लें कि आप सर्वाइकल के शिकार हो गए हैं।

सर्वाइकल पैन से छुटकारा पाने के लिए ध्यान रखें ये बातें :
-बैठते समय अपनी गर्दन को सीधा रखें।
-मुलायम गद्दे की बजाय तख्त में लेटे।
-विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर चीजों को अपना डाइट में करें शामिल।
-स्मोकिंग, कैफीन युक्त चीजों से दूरी बनाएं।
-रोजाना गर्दन से संबंधित एक्सरसाइज जरूर करें।
-लगातार काम करने के बाद हल्का सा भी दर्द हो सिकाई करें।
-ज्यादा प्रॉब्लम होने पर डॉक्टर से जानकारी ले।

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