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मोहन मरकाम ने कहा-हाथरस की बेटी यूपी सरकार की उपेक्षा का शिकार हुई,मुख्यमंत्री इस्तीफा दें

रविशंकर शर्मा  | 01 Oct , 2020 06:25 PM
मोहन मरकाम ने कहा-हाथरस की बेटी यूपी सरकार की उपेक्षा का शिकार हुई,मुख्यमंत्री इस्तीफा दें

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि हैवानियत के 15 दिन बाद यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आया और उन्होंने एसआईटी का गठन कर दिया। क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री के फोन का इंतजार था? उस बेटी को भाजपा की सरकार ढंग का इलाज तक नहीं दे पाई। क्या मुख्यमंत्री इसके लिए भी प्रधानमंत्री के फोन का इंतजार कर रहे थे? उत्तर प्रदेश की सरकार पर इंसानियत के कत्ल का इल्जाम है।मरकाम ने कहा है कि बृज क्षेत्र, धर्म क्षेत्र में हाथरस में अंतिम संस्कार के धर्म से परिवार को दूर रख भाजपा की सरकार ने अक्षम्य अपराध किया है। एक अनुसूचित जाति की बालिका दरिंदगी के साथ-साथ भाजपा की यूपी सरकार की उपेक्षा का शिकार हुई है। कल दिन भर हाथरस की बेटी के परिवार के साथ सफदरजंग अस्पताल में सभी मृत शरीर की मांग करते रहे, लेकिन मृत शरीर नहीं दिया गया और प्रशासन ने सरकार के इशारे पर जबरन परिवार की गैर मौजदूगी में जिस तरह अंतिम संस्कार किया, उसने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी है।

दरअसल हाथरस की अनुसूचित जाति की बालिका के साथ हुई दरिंदगी के आरोपियों को बचाने के लिए पोर्स्टमार्टम रिपोर्ट में गड़बड़ियों की सूचनाएं भी मिल रही है। क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट में की गई गड़बड़ियों को छिपाने के लिए मृतका के शव को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों पर जलाया गया ?मरकाम ने कहा है कि अब उत्तर प्रदेश की भाजपा की सरकार के मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बिना बेटी को न्याय नहीं मिल सकता। बिना परिवार की सहमति के शव को जबरन जला दिया, तथ्यों को दबा दिया गया, परिवार से अंतिम संस्कार का अधिकार तक छीन लिया, ये कैसी क्रूर सरकार है? हाथरस की बेटी के पिता को जबरदस्ती ले जाया गया। सीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग कराने के नाम पर उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशासन की ओर से दबाव डाला। मृतका के पिता और परिवार जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। किसी से बात करने तक की मनाही है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? अन्याय पर अन्याय हो रहा है। हाथरस की कलंकित घटना में अत्याचार की इंतिहा हो गयी है। हाथरस जैसी वीभत्स घटना बलरामपुर में घटी। लड़की का बलात्कार कर पैर और कमर तोड़ दी गई। आजमगढ़, बागपत, बुलंद शहर में बच्चियों से दरिंदगी हुई।

 

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