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कोरोना और बेरोजगारी झेल रहे देश पर महंगाई की मार बर्दाश्त से बाहर: मोहन मरकाम

राहुल चौबे  | 30 Nov , 2020 09:28 PM
कोरोना और बेरोजगारी झेल रहे देश पर महंगाई की मार बर्दाश्त से बाहर: मोहन मरकाम

रायपुर। पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के विरोध में मोदी सरकार की आर्थिक लूट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव तक पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ायें गये और अब पेट्रोल-डीजल के दामों में रोज मोदी सरकार वृद्धि कर रही है,जिससे महंगाई भी बढ़ रही है। बिहार चुनाव खत्म होते ही मोदी सरकार एक सप्ताह से रोज पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देशवासियों से मुनाफाखोरी व जबरन वसूली की हर रोज नई मिसाल पेश कर रही है। पहले तो मोदी सरकार ने कहा था कि पेट्रोल-डीजल के दाम अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ें जायेंगे लेकिन यह दावा भी मोदी सरकार के अन्य दावों की तरह झूठ निकला। पेट्रोल-डीजल के महंगे दामों की मार गरीब आदमी और मध्यम वर्ग झेल रहा है। डीजल महंगा होने के कारण खेती की लागत बढ़ गयी है। किसान के धान का दाम केन्द्र सरकार ठीक से बढ़ाती नहीं और महंगाई बढ़ाती जा रही है। डीजल महंगा होने से परिवहन की लागत बढ़ गयी है। अनाज सब्जी हर वस्तु के दाम बढ़े है। आम उपभोक्ता महंगाई से त्रस्त है। गृहणियों के घर का बजट बिगड़ गया है। रसोई गैस सिलेंडर भी लगातार महंगे होते जा रहे है।

मोहन मरकाम ने कहा है कि 130 करोड़ भारतीय कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। बेरोजगारी के समय में रोजी-रोटी की मार झेल रहे हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और संकट के इस समय में भी जनविरोधी केंद्र की भाजपा सरकार देशवासियों की खून पसीने की कमाई डीजल-पेट्रोल का दाम बढ़ाकर लूटने में लगी है। आज कच्चे तेल की कीमतें पूरी दुनिया में अपने न्यूनतम स्तर पर हैं। उनका लाभ 130 करोड़ देशवासियों को देने की बजाए मोदी सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर निर्दयी तरीके से टैक्स लगाकर मुनाफाखोरी कर रही है। विपदा के समय इस प्रकार पेट्रोल-डीज़ल पर टैक्स लगाकर देशवासियों की गाढ़ी कमाई को लूटना ‘आर्थिक अराजकता’ है। कोरोना महामारी व गंभीर संकट के इस काल में पूरी दुनिया की सरकारें जनता की जेब में पैसा डाल रही हैं, पर मोदी सरकार इसके ठीक विपरीत काम कर रही है। मोहन मरकाम ने मांग की है कि घटे हुए अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों का लाभ आम लोगों को मिलना चाहिए और पेट्रोल-डीजल-एलपीजी गैस की कीमतों को 2004 के स्तर पर लाना चाहिए। मोहन मरकाम ने कहा है कि आज देश का हर एक व्यक्ति कोरोना की महामारी से लड़ रहा है। साथ-साथ बेरोजगारी से लड़ रहा है। 

 

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