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भूपेश बघेल ने कृषि विधेयक के विरोध में सांसदों और विधायकों से की चर्चा,राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा 

रविशंकर शर्मा  | 01 Oct , 2020 11:13 PM
भूपेश बघेल ने कृषि विधेयक के विरोध में सांसदों और विधायकों से की चर्चा,राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग से पार्टी विधायक दल की बैठक में सर्वप्रथम हाथरस जा रहे सांसद राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की तीव्र निंदा की। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में केन्द्र सरकार की ओर से पारित कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक सहित औद्योगिक संबंध संहिता 2020 विधेयक के विरोध के संबंध में पार्टी ने सांसदों और सभी विधायकों के साथ चर्चा की गई। चर्चा में सभी मंत्रियों सहित विधायकों ने राज्य में एकमत से उक्त विधेयक का पूरजोर विरोध करने का निर्णय लिया। साथ ही आवश्यक हुआ तो शीतकालीन सत्र के पहले छत्तीसगढ़ में विशेष सत्र बुलाकर विधेयक में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जाने पर भी विचार किया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विधायक दल की बैठक में मंत्रियों व विधायकों ने विचार रखें। बैठक में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया,सांसद दीपक बैज और सांसद केटीएस तुलसी सहित कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने भाग लिया। 
कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि उक्त विधेयकों से किसान बड़े पूंजीपतियों और कॉपोर्रेट घराने के गुलाम हो जाएंगे। वे अपनी उपज को अपनी मर्जी के अनुसार बिक्री नहीं कर पाएंगे। इन विधेयकों से मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने इन विधेयकों को प्रदेश में किसान, मेहनतकश लोगों के हित के विरूद्ध बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की यह नीति गरीब किसान तथा मेहनतकश लोगों के हित में अव्यावहारिक है। यह व्यापारियों के हित में है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके तहत अब अनाज, दलहन-तिलहन तथा प्याज-आलू जैसे सामग्रियों को आवश्यक वस्तु की श्रेणी से हटाया जा रहा है। इससे जमाखोरी और मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा और आम आदमी तथा उपभोक्ताओं को सही दाम पर अब ये सामग्री उपलब्ध नहीं होंगे। इस तरह उक्त विधेयकों से आम आदमी को नही बल्कि बड़े पूंजीपतियों को ही लाभ मिलेगा। इसके तहत पूरे देश के बाजार को खुला कर रहे हैं।
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने औद्योगिक संबंध संहिता 2020 विधेयक के बारे में जानकारी देते हुए इसे श्रमिकों के हित में नहीं होना बताया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि ये विधेयक किसान, गरीब, मजदूर लोगों को लाभ पहुंचाने वाले नहीं, बल्कि इससे कापोर्रेट घराने को अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए मदद मिलने वाली है। ऐसा कानून लागू करने वाले कई देशों में इसके दुष्परिणाम दिखाई देने लगे हैं। आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन विधेयक के जरिए अनाज तथा दलहन-तिलहन जैसे आवश्यक वस्तुओं को हटा दिया गया है। इससे कालाबाजारी तथा मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा और आम आदमी को काफी नुकसान होगा। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में किसान सहित हर वर्ग के लोगों की उन्नति के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में विगत सितंबर माह की तुलना में चालू वर्ष के सितंबर माह में राज्य में जीएसटी में 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विधायक धनेन्द्र साहू, विधायक सत्यनारायण शर्मा आदि ने चर्चा में भाग लिया और सभी ने एकमत से विरोध करने के लिए अपनी सहमति दी। 

मोहन मरकाम ने विरोध प्रदर्शन की दी विस्तार से जानकारी 
 
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने प्रदेश में एआईसीसी के निर्देशानुसार उक्त विधेयकों के विरोध में प्रदेश में धरना-प्रदर्शन तथा सम्मेलन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर से धरना-प्रदर्शन तथा हस्ताक्षर अभियान शुरू होंगे। इसके तहत प्रदेश में 20 लाख लोगों का हस्ताक्षर होगा। इसी तरह 10 अक्टूबर को राजीव भवन में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यहां से हर ब्लॉक स्तर पर किसानों से जुड़कर अभियान को सफल बनाया जाएगा। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा और रूचिर गर्ग उपस्थित थे। 

उत्तर प्रदेश के घटनाक्रम पर कांग्रेस विधायक दल का निंदा प्रस्ताव  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायक दल की बैठक में निंदा प्रस्ताव रखा। हाथरस में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने जिस तरह से रोका और जिस तरह से दुर्व्यवहार किया, उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ विधायक दल ने एक निंदा प्रस्ताव पारित किया है। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही अत्याचार अनाचार और महिला उत्पीड़न की घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए विधायक दल ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का अलोकतांत्रिक रवैया निंदनीय व अस्वीकार्य है।

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