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शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन आई भारी गिरावट, विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से निकाल रहे पैसा

ग्लिब्स टीम  | 20 Jan , 2022 07:40 PM
164268765961e96cabaf19e8.71167816.jpg शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन आई भारी गिरावट, विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से निकाल रहे पैसा

मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 634 अंक का गोता लगाकर 60,000 अंक के नीचे बंद हुआ। यूरोपीय शेयर बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट के बीच आईटी, ऊर्जा और वित्तीय शेयरों में भारी बिकवाली के साथ बाजार नीचे आया। कारोबारियों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली से भी कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 634.20 अंक यानी 1.06 प्रतिशत लुढ़ककर 59,464.62 पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 181.40 अंक यानी 1.01 प्रतिशत का गोता लगाकर 17,757.00 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में 4.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान में बजाज फिनसर्व रही। इसके अलावा इन्फोसिस, टीसीएस, सन फार्मा, एचसीएल टेक, एचयूएल, डॉ. रेड्डीज, एचडीएफसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज में प्रमुख रूप से गिरावट रही।

दूसरी तरफ,लाभ में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, मारुति और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल हैं। इनमें 4.86 प्रतिशत तक की तेजी रही। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 नुकसान में रहे। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर महंगाई दर को लेकर लगातार बनी चिंता और फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर बढ़ाने की आशंका घरेलू बाजार के लिये प्रमुख चुनौती रही और बाजार लगातार तीसरे दिन लुढ़का।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बांड प्रतिफल बढ़ने से विदेशी निवेशक भारत जैसे बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। कंपनियों के अबतक आये तिमाही परिणाम बाजार को उत्साहित करने में विफल रहे हैं। इसके साथ उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है।’’ रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि बाजार इस समय वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है। घरेलू मोर्चे पर भी कोई राहत नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि अबतक आयी गिरावट बाजार के हिसाब से बेहतर है और उम्मीद है कि निफ्टी 17,600 के स्तर को बरकरार रखेगा। कंपनियों के तिमाही परिणाम के बीच कारोबारियों के लिये उतार-चढ़ाव से निपटना एक बड़ी चुनौती है। हमारी राय है कि लिवाली को सीमित रखें और जबतक बाजार में तेजी नहीं लौटती जोखिम से बचाव के उपाय करें।’’

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